जिले में खाद का भारी संकट

खाद वितरण केन्द्र पर किसानों की लगी भीड़ 

जयस जिलाध्यक्ष अरविंद कनेश ने कलेक्टर को फोन कर बताई समस्या

आशुतोष पंचोली 

आलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ 

जिले के प्रमुख कस्बें जैसे जोबट, सोंडवा, बोरी, उमराली, नानपुर, चांदपुर, आम्बुआ एवं वालपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह - जगह पर सोसायटियाँ खुलने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। जिससें क्षेत्र के किसान पिछले तीन दिनों से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।



ग्रामीणों किसानों को खाद नहीं मिलने के कारण   सोसायटियों के बाहर भारी भीड़ देखी जा रही है। किसान सुबह से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। उक्त गंभीर समस्याओं की जानकारी जयस जिलाध्यक्ष अरविंद कनेश को परेशान किसानों ने मिलकर अवगत करवाई गईं. अरविन्द कनेश ने तुरंत मौके पर पहुंचकर किसानों से समस्याएं एवं सोसायटी पर लगी भारी भीड़ तथा उनकी स्थिति को देखा और उन्होंने कलेक्टर महोदय को फोन कर  समस्या बताई। कलेक्टर डॉ अभय अरविन्द बेडेकर ने किसानों के हित में समस्याओं दुरस्त करने का आश्वासन दिया है और अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि किसानों को समय पर खाद मुहैया कराई जाए और व्यवस्था को सुधारते हुए सुचारू रूप से खाद वितरण सुनिश्चित किया करने के निर्देश दिए गये हैं।


     जयस संगठन की पहल से  किसानों को राहत मिलने की थोड़ी उम्मीद जगीं है।

मिनी कचरा संग्रह इलैक्ट्रिक रिक्शा खा रही धूल

शासन के रुपयों का दुरूपयोग

आलीराजपुर न्यूज़ के लिए आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट।

जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत को बैटरी चलित कचरा संग्रहण रिक्शा दी गई लेकिन इसको चलाने हेतु ना तो किसी को ट्रेनिंग दी गई और ना ही इसका सही इस्तमाल हो रहा जिससे शासन के लाखो रुपयों का दुरूपयोग हो रहा हे।

आम्बुआ जो कि शहरी आबादी वाला कस्बा जिसमें 20 में से 7 वार्ड शहरी क्षेत्र में आते है जिन वार्डों में साफ सफाई का कार्य सफाई कर्मियों से कराया जाता है अभी वह हाथ ठेला तिपहिया वाहन से कचरा एकत्र कर कस्बे से बाहर फेंकते हैं। कुछ माह पहले पंचायत को एक तिपहिया बैटरी चलित ई-रिक्शा कचरा संग्रहण वाहन मिली है वाहन छोटा होने के कारण  सूखा गीला कचरा किसी होटल या तीन चार घरों से भरा जाता है तो वह पूरा भर सकता है इसके साथ-साथ आम्बुआ की वसाहट उतार-चढ़ाव वाली होने के कारण अधिक वजन लेकर इसका चलना मुश्किल नजर आ रहा है इधर अभी तक इसे चलाने वाला प्रशिक्षित वाहन नहीं चालक नहीं होने से इसे एक तरफ स्वास्थ्य विभाग के सामने एल्बम के पास रख दिया गया है जहां यह धूल खा रहा है लोगों का कहना है कि यदि यह कुछ दिन ऐसे ही पड़ा रहा तो कहीं स्वयं भी कचरे भंगार में तब्दील न हो जाए ।


क्या कहते है जनप्रतिनिधि

इलैक्ट्रिक रिक्शा छोटा होने के कारण कचरा भर जाने पर  लोड नही लेता है जिसके कारण उसका उपयोग नहीं हो रहा है, आंबूआ में एक बड़े कचरा वाहन की जरुरत है।

 रमेश रावत

 सरपंच ग्राम पंचायत आम्बुआ 

जब इलैक्ट्रिक रिक्शा आंबूआ को दिया गया था तब ही मेरे द्वारा जनपद CEO को कहा गया था की आम्बुआ में बड़े कचरा वाहन की जरुरत है लेकिन उसके बाद भी उनके द्वारा यह इलेक्ट्रिक रिक्शा दिया गया जिसका उपयोग नहीं हो रहा हे।

जुवानसिंग रावत

पूर्व सरपंच आम्बुआ 

स्थानीय पत्रकारों द्वारा इस इलेक्ट्रिक रिक्शा के उपयोग नहीं होने को लेकर कुछ माह पहले भी जनपद CEO से चर्चा की गई थी लेकिन आज तक निराकरण नहीं निकला व शासन के लाखो रुपयों का भंगार बन रहा है।

अव्यवस्थाओं का पर्याय बना आम्बुआ स्वास्थय केन्द्र

 जिला चिकित्साधिकारी बने उदासीन

आलीराजपुर न्यूज के लिए आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट।

आंबूआ स्वास्थय केन्द्र इन दिनों अव्यवस्थाओं का पर्याय बना हुआ है जिसके सुधार की कोई उम्मीद दिखाई नही दे रही हे लेकिन अवयवस्थाओ के दौरान जिला चिकित्सा अधिकारी की उदासीनता के कारण समस्या और विकराल होती जा रही है।

डॉक्टरों का आने का समय देरी से व जाने का समय जल्दी 

स्वास्थय केन्द्र पर कर्मचारी 99ः अन्य जगह से आते जाते है जिसके कारण कर्मचारी 9 बजे की बजाय 10 से 11 बजे तक आते है और शाम 5 बजे की जगह 4 बजे या उसके पहले ही निकल जाते हे जिसके कारण मरीजों को घंटो सुबह इंतजार करना पड़ता हे या शाम के वक्त कर्मचारियों ( डाक्टरों) के जल्दी चले जाने के कारण वापसी घर लौटना पड़ता है या अन्य किसी झोलाछाप डॉक्टर के यहा इलाज करवाना पड़ता हे 


लैब इंचार्ज कभी लैब में रहता ही नहीं

मिली जानकारी के अनुसार लैब इंचार्ज बारिया कभी लैब में रहता ही नहीं है व ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों से जांच करने हेतू शुल्क मांगता है ।

मरीजों के साथ होता हे अपमानजनक भाषा का प्रयोग 

ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के साथ ठीक तरीके से बातचीत नहीं होती है उन्हे बहुत सी बार अपमनाजनक भाषा सुनना पड़ती है जिसके कारण ग्रामीण मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के यहां जाना पसंद करते है।


आयुष विभाग के डॉक्टर लिख रहे एल्योपेथिक दवाई

जानकारी के अनुसार आयुष विभाग के डॉक्टर द्वारा एल्योपेथिक दवाई लिखी जा रही हे व दवाई दी भी जा रही है। करोड़ों की लागत से बना अस्पताल, प्रभारी मंत्री द्वारा उदघाटन भी कर दिया गया लेकिन आज तक शुरू नहीं हुआ’ लगभग 1 करोड़ 31 लाख में बना स्वास्थय केंद्र जिसका पिछले दिनों प्रभारी मंत्री द्वारा उदघाटन भी कर दिया गया लेकिन जिला चिकित्सा अधिकारी की उदासीनता के कारण आज तक उक्त स्थान पर शुरू नहीं हो पाया।

आखिर क्यों है  महोदय आंबुआ कर्मचारियों पर मेहरबान’ 

आम्बुआ स्वास्थय केंद्र की अनेक समस्याएं जिसको लेकर अनेक बार पत्रकार संघ आम्बुआ द्वारा सीएमएचओ डा प्रकाश  ढोके से शिकायत की लेकिन उनके द्वारा कभी उस समस्या पर गंभीरता से नहीं लिया गयां। 







टूटा झूलता हुआ बिजली का खम्बा हादसे को दे रहा है न्योता

 विधुत विभाग जान कर बना है अनजान

चन्द्रशेखर आजादनगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट

नगर में बिजली के नए पोल लगे करीब तीन वर्ष बीत  गए है, इन नए बिजली के पोल  से  बिजली की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। जबकि पुराने बिजली के पोल अभी भी ज्यो के त्यों अपने स्थान पर ही खड़े है। विधुत विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि अनेको बार सूचना के बावजूद अभी तक इन पुराने बिजली के पोलो को हटाया नही गया है।



नगर के नए बाजार में  बिजली का एक पुराना पोल आधा टूट कर लटक गया है।
 नया बाजार छेत्र में दो बैंक और कई दुकानें है । यहा प्रतिदिन सेकड़ो लोगो की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में बिजली विभाग की लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे का आमंत्रण दे  सकती है।

तीन साल में भी नही ली सुध

बिजली विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी की लापरवाही से आम जनता की परेशानी और जान का जोखिम दिन ब दिन बड़ता जा रहा है।
बिजली के पुराने तार ओर झूलते  टूटे - फूटे खम्बे कभी भी किसी की जान पर बन आ सकते है। बावजूद इसके सुस्त विभाग इस ओर ध्यान देने को तैयार नही है। पुराने बिजली के पोल ओर तारो पर  जाले ओर गन्दगी भी जमा हो रही है।


रोड निर्माण का काम जारी

नए बाजार में अभी सड़क निर्माण का काम युद्ध स्तर और चल रहा है। बिजली के पुराने पोल बाद में निकाले जाते है तो करोड़ो रूपये की लागत से बनने वाली सड़क पुनः छती ग्रस्त होगी। 
स्थानीय लोगो ने  मांग की है कि पुराने बिजली के पोल को तुरंत हटाया जाए जिससे मोहल्ले  स्वच्छ तो होगा ही साथ ही किसी गम्भीर हादसे की आशंका से भी निजात मिलेगी।

’जोबट से नानपुर मार्ग पर ग्राम मोही में रोड की हालत बेहद ख़राब’

वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के झगड़े में  आम नागरिक परेशान’

आलीराजपुर न्यूज़।

बड़ी खट्टाली से बिलाल खत्री की रिपोर्ट।

यहाँ से दो किलो मीटर की दूरी पर स्थित जोबट नानपुर मार्ग पर ग्राम मोही में पलासदा से मोही तक लगभग 2 किलो मीटर का रोड वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के आपसी विवाद के कारण नही बन रहा है। जिसका ख़ामियाज़ा क्षेत्र की जनता को वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।  रोड निर्माण जोबट से नानपुर मार्ग की स्वीकृति 67 करोड़ रुपए की मध्यप्रदेश शाशन द्वारा एम पी आर डी सी के माध्यम से स्वीकृत हुई थी। उक्त कार्य माह मार्च 2022 तक सम्बंधित ठेकेदार को पूर्ण करना हैए सम्बंधित रोड निर्माण के ठेकेदार द्वारा लगभग 20 किलो मीटर रोड का कार्य एवं पुल पुलिया बना दिए हैए मात्र दो किलो मीटर का रोड बचा है।गत दिनो क्षेत्रीय विधायक श्रीमती सुलोचना रावत ने भी उक्त रोड का अवलोकन किया था।


श्रीमती रावत ने इस सम्बंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई से भेंट कर उक्त महत्वपूर्ण समस्या से अवगत कराया स्थानीय ग्राम पंचायत बडी खट्टाली के जागरुक जनप्रतिनिधि रमेश मेहता ने क्षेत्रीय विधायक श्रीमती सुलोचना रावत से पहल की की लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग के आपसी विवाद के कारण उक्त रोड नही बन रहा है। जबकी जोबट से नानपुर मार्ग पर लम्बे समय से वाहनो का आवागमन इसी मार्ग से हो रहा है।  क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रावत ने बताया की वे शीघ्र ही ज़िला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से भेंट कर जोबट नानपुर मार्ग पर ग्राम मोही में आ रही रोड निर्माण की बाधाओं के सम्बंध में चर्चा करेगी।  एवं ज़िला कलेक्टर से पहल करेगी की लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग की सयूँकत बेठक कर उक्त महत्वपूर्ण समस्या का त्वरित निराकरण करेए श्रीमती रावत ने बताया की  ज़िला कलेक्टर एवं वन विभाग लोक निर्माण विभाग के ज़िला अधिकारियों को ग्राम मोही रोड स्थल पर बुलवाकर मोआयना करवाया जावेगाए एवं अतिशीघ्र उक्त महत्वपूर्ण समस्या का त्वरित निराकरण किया जावेगा। श्रीमती रावत ने बताया की मुझे क्षेत्र के भ्रमण के दोरान क्षेत्रवासियो ने उक्त रोड से आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अवगत कराया हैए मेने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई को उक्त महत्वपूर्ण समस्या से भोपाल में अवगत कराया हैए एवं त्वरित निराकरण की पहल की है।


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ग्राम मोही में रोड निर्माण की भूमि वन विभाग की है वन विभाग द्वारा रोड निर्माण हेतू सम्बंधित भूमि का प्रस्ताव शाशन को प्रेषित किया है स्वीकृति आने के बाद भूमि हस्तांतरण की जावेगी उसके बाद ही कार्य प्रारम्भ होगा

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एम एस चौहान एस डी ओ वन विभाग  जोबट

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जोबट नानपुर मार्ग पर ग्राम मोही में 20 फ़िट पर पूर्व में रोड बना हुआ है जिसपर आवागमन के साधन चल रहे है जो लोक निर्माण विभाग का मार्ग है वर्तमान में रोड निर्माण 35 फ़िट पर बनेगा जिसमें कुछ ज़मीन वन विभाग की है हमारे विभाग का प्रयास है की दोनो विभागों में स्वीकृति के बाद शीघ्र ही रोड निर्माण एम पी आर डी सी द्वारा करवाया जावेगा रोड बन जाने के बाद क्षेत्र वासियो को सुविधा मिलेगी 

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विजय पटेल एस डी ओ लोक निर्माण विभाग जोबट

राज्यपाल के आने की सूचना के बाद नदी में गंदगी नजर आई अधिकारियों को।

जनता कई सालों से गन्दगी ओर बदबू से त्रस्त 

आजाद नगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट 

अलीराजपुर न्यूज। 

गुरुवार को राज्यपाल मंगू पटेल के आने की खबर से प्रशासन अलर्ट हो गया है।  अचानक नगर परिषद के सीएमओ को बस स्टैंड के पास आजादनगर नदी में गंदगी नजर आई और वर्षो से टूटी पड़ी रैलिंग ओर कचरे से बास मारती नदी को राज्यपाल की नजरों से बचाने के लिए मेट लगा कर पूरी तरह से ढक दिया गया।  इतना ही नही में मेन रोड से आजाद कुटिया मार्ग पर पड़े गड्डो को भी ताबड़ तोड़ भरा गया है।जबकि कई सालों से नगर परिषद सीएमओ  खुद नदी में  कचरा फिकवा कर नदी को दूषित कर रहे है। आलम ये है कि जनता को मारे बदबू के नाक पर रुमाल रख कर बस स्टैंड के करीब वाली नदी से गुजरना पड़ता है ।नगर की सबसे मुख्य कुर्सी पर बैठे प्रभारी सीएमओ को यु तो कभी जनता का दर्द महसूस नही हुआ परंतु  राज्यपाल के आने की सूचना मात्र से नगर के बीच मे पड़े गड्ढे नजर आए और उन्हें ताबड़तोड़  भरवा  दिया गया, जहां कई महीनों से आम जनता हिचकोले खाते गुजर रही थी।


टूटी नदी की रैलिंग

बस स्टैंड के एकदम करीब नदी के पुल की टूटी रैलिंग ओर नदी को मेट लगा कर ढकना बता रहा है कि  जवाबदार अधिकारियों को जनता की कितनी सुध है। जबकि यहाँ से दिन रात   एसडीएम, सीएमओ,  ओर विधायक  गुजरते है। यहां की जनता भी धैर्य साधे बैठी है ओर सुकून महसूस कर रही कि राज्यपाल के आने मात्र से कई महीनों से मुख्य मार्ग पर पड़े गड्ढे  भर गए।नदी की रैलिंग ओर गन्दगी किसी ओर नेता   के आने पर ठीक हो जाएगी। फिलहाल नदी की गन्दगी छुपाने के लिए अधिकारियों ने तोड़ ढूंढ लिया है और नदी को मेट लगा कर ढक दिया है।


आंबुआ ग्राम पंचायत बदहाल, आम जनों को नहीं मिल रही सुविधाएं

ग्राम पंचायत आम्बुआ के खाते में लाखों रुपये होने के बाद भी आमजन को सुविधाएँ नही मिल रही’ 

अलीराजपुर न्यूज़।

आम्बुआ  से गोविंदा  माहेश्वरी की रिपोर्ट

अलीराजपुर जिले की कहने की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत आम्बुआ के खाते में लाखों रुपये पड़े होने के बाद भी आमजन को सुविधाए नही मिल पा रही है जिसके कारण आम्बुआ नगर के लोगो मे आक्रोश है 



 ’सफाई हेतु एक भी व्यवस्थित वाहन नही’ 


कहने को सबसे बड़ी ग्राम पंचायत लेकिन सफाई व कचरे के संग्रहण हेतु आज तक ग्राम पंचायत में एक वाहन नही आ पाया ए पिछले दिनों एक बैटरी वाहन जरूर आया लेकिन वह रखरखाव के कारण धूल खा रहा है जिसका उपयोग पंचायत नही ले पा रही है ।


मेरे द्वारा कई बार ग्राम पंचायत आम्बुआ में सफाई को लेकर शिकायत की गई लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनादियाजाता है।

भरत माहेश्वरी व्यवसाई आंबुआ




 ’02 माह पहले हुए भूमिपूजन के बाद भी आज तक निर्माण कार्य शुरू नही हुए’ 


आम्बुआ नगर में नाली व खरंजा निर्माण हेतु 20 नवंबर 2022 को क्षेत्रीय विधायिका श्रीमती सुलोचना रावत ने भूमिपूजन किये थे लेकिन 02 माह बीत जाने के बाद भी उक्त कार्य शुरू नही हो पाए जो जनचर्चा का विषय है ।


नाली निर्माण के भूमि पूजन को हुए 02 माह हो चुके है लेकिन आज तक कार्य शुरू नही हुआ है जिसके कारण आवास के रहवासियों का आपस मे आए दिन पानी की निकासी को लेकर  विवाद होता रहता है 


नवलसिंग चौहान ; स्थानीय रहवासी द्ध



 ’पूरे नगर में रात में अंधेरा रहता है सुनने वाला कोई नही ए आए दिन स्टेट लाइट नही होने से  लोग परेशान होते है’ 


आम्बुआ नगर में लाइनमेन ओर लाइट दोनों की बहुत समस्या है स्टेट लाइट के समय रहते रखरखाव नही होने से स्टेट लाइट बंद हो जाती है जो समय पर न तो ठीक की जाती है और न ही बदली जाती  है जिससे आए दिन कुछ न कुछ घटनाए होती रहती है ।


कितनी ही बार सरपंच ध् सचिव को स्टेट लाइट के लिए बोल चुके है लेकिन आज तक स्टेट लाइट नही लगी ए भगवान भरोसे पंचायत चल रही है 


सुरेश खण्डेलवाल ; स्थानीय रहवासी द्ध


 ’ग्राम पंचायत सचिव ने 28 जनवरी को कार्यभार संभाला’ 


पिछले दिनों अलीराजपुर जिले में स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव के तबादले इधर से उधर हुए जिसमे आम्बुआ ग्राम पंचायत सचिव का भी हुआ लेकिन करीब 01 माह से ऊपर बीत जाने के बाद भी सचिव ने कार्यभार नही संभाला था जिसके कारण पंचायत स्तर के कार्य मे लोगो को बहुत दिक्कते आई व 26 जनवरी जैसा राष्ट्रीय पर्व बिना पंचायत सचिव के हुआ ।




 ’पंचायत के खाते में लगभग 36 लाख रुपये लेकिन सुविधाए ण्ण्ण्ण्ण्ण्’ 


ग्राम पंचायत आम्बुआ के बैंक ऑफ बड़ोदा के खाते में लगभग 36 लाख रुपये पड़े होने के बाद भी सभी निर्माण कार्य अधूरे ए कुछ शुरू ही नही हो पाए व साफ सफाई व लाइट पर कोई ध्यान  ही नही ।


जनपद पंचायत अलीराजपुर ब्म्व् इन सभी मामलों में क्या कहते है 


सफाई हेतु एक बैटरी वाहन आया है उसको चलाने हेतु ट्रेनिंग करवा देते है जिससे समस्या नही आएगी ए नाली निर्माण का स्टीमेट बन गया है में इंजीनियर को बोल देता हूं जल्द से जल्द काम शुरू हो जाएगा ए नईदुनिया द्वारा बताए गए पॉइंट पर लाइट जल्द से जल्द लगवा देता हूं ए वही 


पंचायत के खाते में लाखों रुपये पड़े होने पर बोले की एक बार मे आम्बुआ पंचायत के रुके हुए सारे कार्य दिखवा लेता हूं उसके बाद उन रखे हुए पेसो का कहा उपयोग करना है ये देखते है 


मनीष भंवर ; जनपद पंचायत ब्म्व् अलीराजपुर द्ध




 ’कलेक्टर महोदय से अब उम्मीद’ 


आदरणीय कलेक्टर महोदय को समाचार पत्र के माध्यम से स्थानीय ग्राम पंचायत आम्बुआ के रहवासी निवेदन करते है की ’ग्राम पंचायत से लोगो को सिर्फ ये चाहिए रू. प्रतिदिन  पानी एनाली  सफाई ए रोड की सफाई व स्टेट  लाइट’ 


इसके अलावा ग्राम के लोगो को कुछ नही चाहिए लेकिन आदरणीय कलेक्टर महोदय सब कुछ होते हुए भी ग्राम पंचायत आम्बुआ में इन चीजों का अभाव है।


नानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डाक्टर वहिन


नानपुर से प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट

नानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में विगत 8दिवस से डाक्टर वहिन है। जिससे नानपुर ओर आस पास के नानपुर सै लगे गांव के मरीजों को परेशानी होने लगी है वर्तमान में वायरल फीवर और अन्य बिमारीयो के ईलाज के लिएं नानपुर ओर आस पास के ग्रामिण जनो को , अलिराजपुर,दाहोद ओर बड़वानी की और रुख करना पड़ रहा है। पुर्व मै एक महिला डाक्टर ओर ओर एक पुरुष डाक्टर नानपुर अस्पताल में थै महिला डाक्टर की ईलाज मैं लापरवाही, के कारण ग्रामिणो ने कलेक्टर ओर,cmo सै शिकायत कर  हटवाया था और अन्य  डाक्टर का  स्थानांतरण होने से अस्पताल डाक्टर वहिन हो गया। वर्तमान में अस्पताल नर्सो,के सहारे चल रहा है ।अकास्मिक  दूर्घटना होने पर मरीज के परिजन उसका  ईलाज कहां पर करवायेंगे । वर्तमान में  जिम्मेदार डाक्टर  के नही होने से opd मै भी मरीजों की संख्या न के बराबर है।  डाक्टर के न होने से संबंधित स्टाप को भी परेशानियों हो रही हे। गोरतलब है कि नानपुर अलिराजपुर जिले की सबसे बड़ी पंचायत है ईतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र मै एक भी m.b.b.s.s  डाक्टर नही होने से  स्वास्थ्य संबंधित तक़लिफ होने से मरीज एमरजेंसी में कहा जाए। 

C.M.O. डा.प्रकाश जी धोके
नानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक, दो,दिवस मै नवीन डांक्टर की व्यवस्था कर दी जाएगी।

मच्छरों की भरमार, मलेरिया विभाग बना हुआ बीमार......

आंकड़ों पर निर्भर होने से विभाग नही कर पा रहा फोगिंग व दवा वितरण

कट्ठीवाडा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट

बारिश के लगातार न होने और अधिक अंतराल से गिरने के  कारण क्षेत्र में मच्छरों की भरमार हो गई है जिससे वनांचल के ग्रामजनों के साथ ही पालतू जानवरों का रहना मुश्किल हो गया है। किन्तु मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए बनी स्वास्थ विभाग की मलेरिया इकाई आंकड़ों के अभाव में निष्क्रिय बनी हुई है। 

ग्राम भोलवाट, ध्याना, कवछा, काछला, घुट, चिमटा से लगाकर तमाम वनांचल के क्षेत्र में बारिश के कारण हुई घास, पानी के  पोकर और धान के खेतों में भरे गड्ढों के कारण मच्छरों की संख्या ज्यादा ही गई है जो मलेरिया, डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन रही है। ग्रामीण घरों के नजदीक बने पोखरों, खेतों से मच्छर झुंड के झुंड आक्रमण करते है जिससे अंचल में बीमारियां पेर पसार रही है। 

आशा कार्यकर्ताओं पर निर्भर तंत्र____
इस सम्वन्ध में मलेरिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए फोगिंग सबसे कारगर उपाय है किंतु गाइडलाइन के निर्देशों के अनुसार मलेरिया के आंकड़ों पर ही फोगिंग की जाती है और ये आंकड़े आशा कार्यकर्ता पर निर्भर है। यहां पेच यह है कि आशा कार्यकर्ता अधिकतर कम पढ़ीलिखी या पूर्णतः निरक्षर होती है जिससे ग्रामीण बुखार आने पर समीपस्थ निजी चिकित्सक के पास जाकर इलाज करा लेते है जिससे उनका रिकार्ड शासकीय चिकित्सालय में नही रह पाता। इस तरह उनके क्षेत्रों में मलेरिया विभाग फोगिंग, दवाई, किट वितरण नही करता है। 

यहां है मलेरिया, डेंगू के हाईरिस्क झोन____
मलेरिया, डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों के लिए क्षेत्र के कुछ ग्राम हाईरिस्क झोन में बने हुए है। जिला मलेरिया अधिकारी जेएस कनेश ने बताया कि ग्राम जेतपुर व ग्राम मोटी बडाई में विभाग ने फोगिंग कराई है। इसके साथ ही अनेक जगहों पर मच्छरदानी का वितरण हुआ है। पंचायतों को भी हम उनके कहने पर सहयोग करने के लिए दवाई और मशीन का सहयोग करने के लिए तैयार है। 


पशुओं के शरीर पर उभर आता है खून______
ग्राम पंचायत ध्याना के ग्राम भोलवाट के कुँवर सिंह, रमेश, काछला के महेश, रविन्द्र ने बताया कि मच्छरों के झुंड शाम होते ही पालतू पशुओं पर हमला कर देते है। ग्रामीण नीम का धुआं, अगरबत्ती, स्प्रे का छिड़काव करते है किंतु उनके सारे प्रयास विफल हो जाते है। सुबह पशुओं की चमड़ी पर खून की बूंदों को उभरा हुआ देखकर उनकी परेशानी का सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है। 

स्वास्थ्य केंद्र कट्ठीवाडा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई, अगस्त माह की कुल ओपीडी 2395 में से बुखार के 260 मरीज पाए गए जो कि मलेरिया नेगेटिव थे। किंतु स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इससे कई गुना ज्यादा मरीज निजी चिकित्सालयों में उपचार करवाते है जो कि मलेरिया पॉजिटिव भी रहते है किंतु उनका डाटा सरकारी चिकित्सालय पर नही आने से ग्रामों में फोगिंग नही करवाई जाती है। 

भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील कनेश के अनुसार प्रशासन द्वारा बारिश के मौसम में फोगिंग करवाई जानी चाहिए जिससे ग्रामीण मच्छर जनित बीमारियों से बचेंगे और उन्हें उपचार के लिए चिकित्सालयों की और नही जाना पड़ेगा। 



 

अंधेरे के कारण गाँव मे हो रही लगातार चोरियां, ग्रामीण जन हो रहे परेशान


स्थानीय प्रशासन व पंचायत का इस ओर कोई ध्यान नही

आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट।

आम्बुआ में दिन प्रतिदिन लगातार चोरी की वारदातें बढ़ रही है जिसकी सबसे बड़ी वजह है गाँव मे स्ट्रीट लाइट का कई महीनों से बंद होना है। दिन प्रतिदिन क्षेत्र में चोरी के वारदाते सामने आ रही है।

कई बार पंचायत सचिव व पंचायत कर्मी को लाइट बंद होने की शिकायत ग्राम वासी कर चुके है लेकिन पंचायत वालो का इस ओर कोई ध्यान नही है।

आम्बुआ पुलिस विभाग में पदस्थ ए एस आई की मोटरसाइकिल चोरी’ 

बीती रात को चोरों ने नगर में पदस्थ  ए एस आई की मोटरसाइकिल पर धावा बोल दिया। सूत्र बताते है की उक्त मोटरसाइकिल रात करीब 10.30 से 11.30 के बीच ही चोरी हो गई !

शांति समिति की बैठक में भी थाना प्रभारी व तहसीलदार के सामने स्ट्रीट लाइट बंद का उठा था मुद्दा’  

पिछले दिनों ग्राम शांति समिति की बैठक थाना प्रभारी व तहसीलदार ने ली थी जिसमे भी ग्राम आम्बुआ में स्ट्रीट लाइट बंद होने को लेकर नगर के व्यापारियों ने थाना प्रभारी व तहसीलदार से शिकायत कर अतिशीघ्र लाइट लगवाने के आग्रह किया था ।


 ’व्यापारियों ने की कलेक्टर मेडम से विनती’ 


स्थानीय व्यारियो ने समाचार के माध्यम से कलेक्टर मेडम से निवेदन किया की आम्बुआ नगर में लाइट लगवाने हेतु कार्यवाही करे।

आठ माह है शुरू होने का इंतजार... डर है कहीं हो न जाए भंगार

 ट्रांफार्मर के अभाव में नई एक्सरे मशीन अभी तक नही हुई प्रारम्भ, जनता हो रही परेशान

कट्ठीवाडा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट।।
आठ माह से स्वास्थ्य केंद्र पर नई आई डिजिटल एक्सरे मशीन के प्रारम्भ होने का इंतजार जनता द्वारा किया जा रहा है किंतु विद्युत कम्पनी द्वारा ट्रांसफार्मर नही लगाने से मशीन प्रारम्भ नही हो पा रही है। जनता को डर है कहीं लापरवाही के चलते नई एक्सरे मशीन भी भंगार न कर दी जाए। 
ज्ञात हो कि प्रदेश शासन द्वारा गत दिसम्बर 20 में क्षेत्र के समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नई डिजिटल मशीन भिजवाई गई थी। किन्तु प्रशिक्षित स्टाफ और उच्च वोल्टेज के अभाव के चलते मशीन अभी तक प्रारम्भ ही नही हों पाई है ।इस बीच रेडियोलॉजिस्ट नही होने से जिला मुख्यालय पर कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दी जा चुकी है। बता दें कि इससे पूर्व में क्षेत्र में एक एक्सरे मशीन कर्मचारियों और ट्रान्सफार्मर के अभाव में पड़े-पड़े ही भंगार हो गई और शासन को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था। 


जनप्रतिनिधि भी कर चुके प्रयास____
नई एक्सरे मशीन को चालू करने के लिए जनता ने स्थानीय विधायक स्व कलावती भुरिया से लगाकर अलीराजपुर विधायक मुकेश पटेल, कांतिलाल भूरिया, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर को भी सूचित किया किन्तु अभी तक मशीन प्रारम्भ नही हुई है। इस बीच स्थानीय ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर नरेंद्र भयड़िया का स्थानांतरण हो चुका है और नये प्रभारी डॉ पवन देवड़ा बनाए गए है। 

गुजरात जाना पड़ता है ग्रामीणों को_____
खराब सड़कों और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण अक्सर ग्रामीणों को दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। घरों में भी हो जाने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय निवासी सीधे बाहर का ही रुख करते है क्योंकि उन्हें पता है सरकारी अस्पताल से भी बाहर ही जाना पड़ेगा। बाहर आने जाने में ग्रामीन जनों को कई गुना अधिक खर्च करना पड़ता है। 

फंड की व्यवस्था करवाएं हम लगवा देते है ट्रांसफार्मर_____

इस सम्वन्ध में अभी तक मेरे पास  कुछ भी पत्र नही आया है। आपने बताया तो में पता करवाता हूं, वैसे हम पत्र प्राप्त होते ही स्टीमेट बनवा देंगे। स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए तय राशि जमा करवाना होगी। 
----केएस  तड़वाल, कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कम्पनी, अलीराजपुर

जिले में लगातार वर्षा के बाद भी नही मिल पा रहा ग्रामवासी को पानी

कई महीनों से नही हुई ग्राम की सफाई 

आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट

आम्बुआ के पास ही बसे इस छोटे से ग्राम में करीब एक माह से ग्रामवासी को नही मिल पा रहा पानी , स्थानीय रहवासी व सूत्र बताते है की कई दिनों पहले किसी लाइट फाल्ट के कारण पानी की मोटर जल गई थी लेकिन  करीब महीने भर बीत जाने के बाद आज तक उस मोटर को न तो ठीक करवाया गया और न ही पानी की समस्या को दूर करने हेतु कोई विकल्प दिया गया साथ ही साथ स्थानीय रहवासी रमेश गोयल, कमलेश गोयल द्वारा बताया गया की ग्राम की कई महीनों से न तो झाड़ू लगी है और नही नालियां साफ हुई है , साथ ही रात में रहती है स्ट्रीट लाइट बंद जिससे बहुत डर का माहौल रहता है , सरपंच को व मंत्री महोदय को कई बार शिकायत की गई लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही किया गया इस बारे में जब हमारे सवांददाता ने सरपंच व सचिव से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया की ग्रामवासी टेक्स नही देते है तो हम क्या करे ,पंचायत के पास पैसे नही है ऐसा कहकर बचते नजर आए  |


आपको ज्ञात हो की शासन की नल जल योजना के अनुसार इस ग्राम के लिए भी टंकी का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन ग्राम पंचायत बोरझाड़ के द्वारा ग्रामीण जनों की समस्याओं का निराकरण नही निकाला जा रहा है पिछले वर्ष भी कुछ इस प्रकार ही पानी व साफ सफाई की समस्या का पता चलने पर अलीराजपुर न्यूज  ने प्रमुखता के साथ समाचार लगाया था जिस पर तुरंत पानी व सफाई की समस्या का समाधान हुआ था , जनता का पूछना है की कब तक समाचार लगने  का इंतजार करती रहेगी बोरझाड़ पंचायत |


भारतीय स्टेट बैंक की मनमानी से परेशान होते शिक्षक

प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट 

अलीराजपूर जिले के शिक्षक इन दिनों दोहरी परेशानियों से जूझ रहे है। एक तरफ कोरोना के टीकाकरण में ग्रामीण क्षेत्रों में ड्यूटी लगा दी गई है। जिसके चलते अधिकांश शिक्षक घर घर दस्तक देकर टीकारण हेतु लोगो को वैक्सीन सेंटर पर भेज रहे है।


इधर राज्य शिक्षा केन्द्र ने गणवेश की राशि दो दिन पूर्व जारी कर दो ही दिन में बच्चों के खाते में डालने के निर्देश दे दिए। फलस्वरूप सैकड़ों शिक्षक इस प्रकार बैंक के बाहर इकट्ठे होकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे है।

समस्या यह है, की राज्य शिक्षा केन्द्र ने 25 जून से इन खातों पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए है, इसलिए राशि जारी करने हेतु इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इधर भारतीय स्टेट बैंक ने जमा किये गए चेक को भी केवाईसी की समस्या बताकर रोक दिए है। फलस्वरूप शिक्षकों को अनेक बार बैंक में आना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है, की जब इन खातों पर रोक लगाकर नई पीएफएमएस व्यवस्था लागू की जा रही है, तो अभी केवाईसी के नाम से इतनी परेशानी क्यों निर्मित की जा रही है। साथ ही केवाईसी ओर चेक भुगतान के लिए अतिरिक्त स्टाफ को क्यों नही लगाया जा रहा है।

जिले में खोले गए कोविड सेंटरों में क्या कोरोना मरीज का सही इलाज हो रहा है.!!!!

क्या  जांच के आधार पर भर्ती मरीज का उपचार हो रहा.???

क्या है हकीकत ओर क्यो बड़ रहे है मौत के आंकड़े ...

कहा फेल हो रहा है प्रशासन, क्या है सुधार की गुंजाइश पूरी जानकारी...

आजाद नगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट

जिले में कोविड सेंटर खोल कर खानापूर्ति कर रहा है प्रशासन, कोविड सेंटरों में जा रहे लोग  तोड़ रहे है दम। 
क्या जिला स्वास्थ्य अधिकारी कोविड सेंटरों पर भेज रहे मरीजो के बारे में यह जानकारी निकाल रहे है जो प्राइमरी स्टेज पर ही कोविड 19 के मरीज की होनी चाहिए

  • कोरोना पॉजिटिव पेशेंट की कंडीशन का क्रिटारिया क्या है?
  • क्या उन मरीजों की ब्लड की जाँच होती है, जैसे CBC, CRP, URINE ROUTINE, D DIMER, SGPT, S CREATININE,RBS, SUGAR?
  • कोरोना की वजह से शरीर मे कितना इन्फेक्शन हुआ है,, CRP से पता चलता है किडनी मे कुछ हुआ हो कोरोना से S CREATININE से और लिवर मे कुछ हुआ हो SGPT से और कोरोना से शरीर मे खून गाड़ा हुआ हो वो D Dimer की जाँच से पता चलता है,, क्या  बेसिक जांचे Corona की हार पेशेंट की Alirajpur हॉस्पिटल मे होती है,, या in सब मे कुछ बढ़ोतरी होने पर ऑक्सीजन लेवल घटने पर आगे रेफेर किया जाता है?
  • हर कोरोना पेशेंट का अलीराजपुर मे डिजिटल X-RAY होता है जिससे शरूआती लेवल पर निमोनिया का पता चलता है,, जब ज्यादा होता है आप ऑक्सीजन लेवे ल घटा है कहकर  रेफेर कर देते है।

ये बेसिक जांचे है जो हर कोरोना पॉजिटिव की होनी ही चाहिए,किए बिना ही कोविड सेंटरों में ठूस दिया जाता है।जिला स्वास्थ अधिकारी क्या इस बात का जवाब दे सकते है कि क्या उन्होंने जिले भर में निजी क्लिनिक वालो को इस आपात परिस्थितियों में बुला कर कोविड के लक्षणो ओर उसके उपचार के लिए  समझाईस दी है ?  दाहोद प्रशासन ने सबसे पहले यही काम किया था।

यहां अधिकरी ये नही कर सके बल्कि  इसके विपरीत जिले भर में निजी क्लीनिकों पर ताले लगवा दिए।

जंगलों में लगी आग से जनता में बेचैनी, वन अमले के पास आग बुझाने के संसाधनों की कमी

ग्रामीणों की अज्ञानता व शरारती तत्वों से हो रही बेशकीमती जंगलों की क्षति

कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट।

खुली व बेशकीमती हरीभरी प्राकृतिक वन संपदा से भरे कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में गत तीन दिनों से जंगलों में लगी हुई आग से जनता में बेचैनी फैली हुई है। ये आग का दावानल हरे भरे पेड़ों को जलाने के साथ ही नवांकुरित पौध को भी झुलसाकर खत्म कर देती है। आग बुझाने के लिए  स्थानीय वनकर्मियों के पास हौंसला तो है किंतु साधनों के अभाव में आग बुझाने की उनकी कोशिशों पर ही पानी फिर जाता है। स्थानीय ग्रामजनों की अज्ञानता व  शरारती तत्त्वों  के कारण क्षेत्र की समृद्ध वन विरासत को गंभीर क्षति पहुँच रही है।  


प्रति वर्ष मार्च माह में गर्मी के आरंभ होते ही क्षेत्र के वनों में अग्निकांड होने लगते है जो 15 जून के आसपास तक चलते है। लगभग 21000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले समृद्ध वन क्षेत्र में जंगल , समतल और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है जिनमें ग्रामजन भी बसे हुए है। मार्च माह में गर्मियों के आने के साथ ही क्षेत्र की प्रसिद्ध महुआ फसल के आगमन का समय होता है जिसके लिए स्थानीय ग्रामीण जन जंगलों में सूखे पत्तों को समेटकर उनमें आग लगा देते है। ये आग सूखे पत्तों से धीरे-धीरे बढ़कर जंगल के अधिकतम क्षेत्र में फेल जाती है। पहाड़ों पर ऊंचाई तक भी ये आग चली जाती है जो पहाड़ों की पहाडों की चोटी तक पहुंच जाती है। आग लगने का ये सिलसिला चार माह तक चलता है जिसमें बड़ी संख्या में पेड़ पौधे खत्म हो जाते है। 


झाड़ियों से बुझाते है आग

आग लगने की घटना के बारे में पता चलते ही वनकर्मियों का दल आग बुझाने निकलता है तो उनके पास मात्र पानी की बोतल होती है और छोटा धारदार हथियार जिससे वे गीली टहनी काटकर आग बुझाने की कोशिश करते है। हवा का प्रवाह अचानक बढ़ जाए या उनकी और हो जाए तो उनके भी झुलसने की पूरी संभावना होती है। पूर्व में कई बार वनकर्मियों के भी झुलस जाने की घटनाएं हुई है। आग बुझाने के लिए मैदानों तक तो जाना आसान होता है किन्तु अधिकांशतः पहाड़ों पर जाकर आग बुझाना वह भी रात्रि में , वनकर्मियों के लिए खासा चुनोतिभरा हो जाता है। 

कट्ठीवाड़ा वन क्षेत्र के काछला, कोठारमवड़ा, अन्धारझिरी बीटों के साथ ही आजादनगर मार्ग पर स्थित सघन वनों में प्रतिदिन आग लगने की घटनाएं हो रही है जिससे वहां रहने वाले वन्यप्राणीयों की परेशानी बढ़ी है। उनके आवास खत्म होने से प्राकृतिक असंतुलन बढ़ा है। 

जनता की जागरूकता से ही बचाव सम्भव

जंगलों में आग अपराधीक और शरारती तत्वों के कारण ही लगती है। महुआ फसल के लिए पेड़ों के नीचे सफाई करने के लिए भी जो आग लगाते है उससे भी जंगलों में आग लगती है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण शिक्षित युवा, सामाजिक कार्यकर्ता ओं के साथ वे सभी जो इस क्षेत्र में निवासरत है अपने स्तर पर जागरूकता फैलाएं तभी जंगलों के इस दावानल को रोका जा सकेगा। 

तीन दिनों से रात रात भर बुझा रहे है जंगलों की आग

वन परिक्षेत्राधिकारी वाय एस बिलवाल ने बताया कि वे सोमवार से पहाड़ों में लगी आग को बुझाते आ रहे है। आग बुझाने में कभी कभी रात रात भर हो जाती है। पहाड़ों पर लगी आग बुझाने में वनकर्मियों को परेशानी आती है क्योंकि तेज हवाओं के बीच पहाड़ों की ढलान पर केवल झाड़ियों से आग बुझाना खतरों से भरा हो जाता है। 

जोबट में आजाद उद्यान में आयोजनों की अनुमति से जनता हो रही परेशान

 नगर के सबसे व्यस्ततम आजाद उद्यान प्रांगण में सभा कि अनुमति देने की बजाय मंडी प्रांगण या दशहरा मैदान में सभा कि अनुमति  क्यो नही देता जोबट का प्रशासन

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट।

 जोबट नगर के मध्य में सबसे व्यस्ततम मार्ग पर स्थित आजाद उद्यान के यहां आये दिन आयोजित  रेली तथा आमसभा से स्थानीय व्यापारीयों , रहवासियों, छात्र -छात्राओं तथा आम राहगीर को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन स्थानीय प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। या तो नेताओं के दबाव और प्रभाव के कारण एकदम से आयोजन के लिए अनुमति दे दि जाती है। प्रशासन को आम जनता का भी ध्यान रखना चाहिए
  नगर का यह मार्ग आवागमन के लिए  प्रमुख मार्ग है। स्कुल कालेज , तहसील, न्यायालय, नवीन बस स्टेंड, तथा बेकिंग कार्यों के लिए नगर के समस्त व्यापारी और सभी वर्ग के लोगों के लिए एक मात्र बहुउपयोगी मार्ग है। आज़ाद उद्यान के यहां सभा होने से मार्ग  अवरुद्ध होने पर सभी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन को उक्त आयोजनों कि अनुमति यहां नही देना चाहिए। आज़ाद उद्यान की बजाए कालेज ग्राउंड, कृषि उपज मंडी प्रांगण, दशहरा मैदान आदि जगहों पर आराम और अच्छे से आयोजन हो सकते हैं।
ताकि नगर का यह मुख्य मार्ग आम  राहगीर तथा महिला बच्चों तथा व्यापारी के लिए हमेशा सुगमतापूर्वक उपलब्ध व उपयोगी हो सके ।

जिम्मेदार चाहे कोई भी हो उसे सजा दिलवाकर ही रहूंगी..कलावती भूरिया

दुधमुंही बच्ची को देखकर द्रवित हुई विधायक, दस हजार की सहायता निजी तौर पर दी, परिजनों को सहायता दिलवाने का भरोसा दिलाया

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया वहां की सुविधाओं कक जानकारी ली

कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कट्ठीवाड़ा पर गत शुक्रवार को हुए नसबंदी ऑपरेशन के दौरान किंछि पति मगन की  मृत्यु हो जाने पर क्षेत्रीय विधायक कलावती भूरिया ने आक्रोश जाहिर किया व कहा कि इसका जिम्मेदार चाहे कोई भी हो मैं उससे सजा दिलवाकर ही रहूंगी। इसके लिए उग्र आंदोलन की भी आवश्यकता हुई तो वह किया जाएगा।  विधायक ने  मृतका के बच्चों जिसमें से एक दूधमुंही बच्ची भी थी को देख कर कर उन्हें निजी तौर पर ₹10000 की सहायता दी और परिजनों को सरकार से उचित सहायता दिलवाने की बात कही। 

विधायक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया

गौरतलब है कि शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कट्ठीवाड़ा पर एलटीटी शिविर के दौरान ग्राम पंचायत अंबार की 28 वर्षीय महिला कींछि पति मगन की मृत्यु हो गई थी। बताया जाता है की उसकी मृत्यु ऑपरेशन में लापरवाही बरते जाने के कारण ऑपरेशन टेबल पर ही हो गई थी थी, किंतु उसे जिला चिकित्सालय इलाज के लिए ले जाने का बहाना कर आलीराजपुर ले जाया गया ,जहां उससे मृत घोषित किया गया।नसबंदी ऑपरेशन में मृत्यु का समाचार जैसे ग्रामीणों को पता चला क्षेत्र में सनसनी मच गई और मृतका के मायके एवं ससुराल दोनों पक्ष के ग्रामीणों ने थाना थाने पर आकर रोष जाहिर किया एवं दोषी डॉक्टरों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की बात कही। प्रशासनिक हस्तक्षेप से शनिवार सुबह उसका कट्ठीवाड़ा लाकर पीएम किया गया।पीएम के पश्चात ग्रामीण शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर गए जहां पर दोषियों को सजा और परिवार को एक  करोड़ के मुआवजे के लिए धरने पर बैठ गए।ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम एवं सीएमएचओ द्वारा तुरत फुरत दोषी दोषी डॉक्टरों के निलंबन के लिए आयुक्त स्वास्थ्य को पत्र जारी किया गया एवं 20,000 नगद रेड क्रॉस रेड क्रॉस क्रॉस की और ₹50000 स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए। 
अम्बार  स्थित भाई मृतका  के परिजनों के यहां पर सोमवार को विधायक कलावती भूरिया संवेदना व्यक्त करने गई जहां पर उसने उसके पति व दुधमुंही बच्ची के साथ दो छोटी बच्चियों को देखकर द्रवित हो गई एवं उसे ₹10000 की निजी तौर पर सहायता दी |
 

एफ आई आर काटी जानी थी

 विधायक कलावती भूरिया ने बताया कि जब ऑपरेशन में गलती हो जाने के चलते मौत हो गई तो ग्रामीणों की मांग पर एफ आई आर लिखी जाना ही चाहिए थी क्यों नहीं लिखी गई चाहिए थी क्यों नहीं लिखी गई चाहिए थी क्यों नहीं लिखी गई क्यों नहीं लिखी गई मैं इस संबंध में टीआई से चर्चा करूंगी ग्रामीणों की तुरंत सुनवाई होना चाहिए। 


स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं ठीक करें प्रशासन प्रशासन

कलावती भूरिया ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में एलटीटी ऑपरेशन करने के लिए महिलाओं को एकत्रित कर लिया गया किंतु जब हॉस्पिटल में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे तो ऑपरेशन शिविर क्यों लगाया गया लगाया गया इसकी जांच की जानी चाहिए। ऑपरेशन के दौरान जो लापरवाही की गई उसकी भी जांच होना चाहिए और मृतका का पति जब ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था तो उसकी अनुमति के बिना या परिजनों की परिजनों की अनुमति के बिना एलटीटीई ऑपरेशन कैसे कर दिया गया इसकी भी जांच होनी चाहिए।जांच में दोषियों को सजा मिलना जरूरी है साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो तहसील स्तर का है यहां पर आई हुई नई डिजिटल एक्सरे डिजिटल एक्सरे नई डिजिटल एक्सरे डिजिटल एक्सरे मशीन को शीघ्र ही टेक्नीशियन की नियुक्ति कर चालू किया जाए और महिला चिकित्सक नियुक्त किया जाए।

ऐसे चिकित्सक नियुक्त किया जाए जो नियमित तौर पर अपनी सेवाएं हाथ दे सकें।गौरतलब है कि विधायक कलावती भूरिया ने जब स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया दोपहर के समय उस समय मात्र एक वरिष्ठ एएनएम उपस्थित थी, इसके अलावा कोई भी जिम्मेदार चिकित्सक उपस्थित नहीं था जिस पर उन्होंने रोष जाहिर किया उन्होंने रोष जाहिर किया। 

लोन लिया नहीं उसके बावजूद भी आदर्श वाणी समाज सहकारी संस्था कि मिनी बैंक ने थमा दिया दो लाख से ज्यादा का नोटिस,

पीड़ित का कहना...अगर मेंने ऋण लिया हो तो साबित करें संस्था...

मैं अब जाऊंगा न्यायालय और प्रशासन की शरण में

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट

आपने अक्सर सुना होगा या समाचारों मे पड़ा होगा कि कोई व्यक्ति किसी बैंक, या प्राइवेट संस्था के द्वारा लोन लेता है। अगर उक्त समय अवधि में उस व्यक्ति के द्वारा ऋण नही भरा जाता तो संबंधित बैंक या संस्था  के द्वारा उसे नोटिस दिया जाता है कि आप ने जो लोन लिया था उसे भरा जाए। लेकिन जोबट कि आदर्श वाणी सहकारी संस्था ने एक ऐसे व्यक्ति को नोटिस थमा दिया जिसने लोन लिया ही नहीं । मामला यह है कि जोबट के ही वासुदेव वाणी को आदर्श वाणी समाज सहकारी संस्था के द्वारा एक नोटिस जारी किया गया जिसमें दो लाख पांच सौ पेंतीस रूपये ऋण अदा करने नोटिस में दर्शाया गया।



वासुदेव वाणी का साफ कहना है कि मेरे द्वारा लोन नहीं लिया गया उसके बावजूद भी मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। अगर मेरे द्वारा लोन लिया गया है तो संस्था बताएं कि किस माध्यम से मुझे पैसा दिया गया है।

मैं अब इस मामले को लेकर प्रशासन और न्यायालय की शरण में जाने वाला हूं।
अब इसमें देखना यह है कि सहकारी संस्था के जवाबदार अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर किस प्रकार पेश होते हैं। क्या सहकारी संस्था के जबाबदार जोबट की इस आदर्श वाणी संस्था की जांच करेंगे या नहीं |

"हां मुझे जोबट के वासुदेव वाणी के द्वारा शिकायत मिली है जिसकी हमारे जांच दल के द्वारा बहुत जल्द जांच की जाएगी। रिकॉर्ड देखने के बाद पूरी जानकारी और मिलेगी मोटे तौर पर देखा जाए तो संस्था कि कहीं ना कहीं गलती तो है।"
-महेश चंद्र पालीवाल
सहकारी निरीक्षक अलीराजपुर

मुक्तिधाम उत्थान के लेकर युवाओं की अहम बैठक

नगर के मुक्तिधाम में अव्यवस्थाओं को लेकर युवाओं में दिखा आक्रोश

आज शाम 4:00 बजे मुक्तिधाम जोबट में जागरूक युवाओं के द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ ओर परिसर में साफ सफाई कर बेठक में कई ठोस निर्णय लिये जायगे

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट

नगर में लगातार मुक्तिधाम की अव्यवस्थाओं के लेकर चर्चा आम बात रही है ।ऐसे में नगर के युवाओं ने मुक्तिधाम के सौंदर्यीकरण एवं अव्यवस्थाओ के सुधार हेतु  मंगलवार रात्रि को शिवालय प्रांगण में एक अहम बैठक रखी गई थी।बैठक में वर्षो से मुक्तिधाम में हो रही अव्यवस्थाओ ओर अनदेखी के कारण युवाओं में आक्रोश  साफ झलक रहा था ।

बैठक में जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मुक्तिधाम युवा समिति बनाने का निर्णय लिया गया, जिसमे सभी युवा जिम्मेदारी से मुक्तिधाम के उत्थान के लिए तन-मन-धन से कार्य करेगा साथ ही कार्ययोजना तैयार कर जल्द से जल्द इसे मूर्त रूप देगा।बैठक में गजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अगर सभी युवा मिलकर कार्ययोजना के तहत कार्य करेंगे तो मुक्तिधाम को व्यवस्थित करने में ज्यादा समय नही लगेगा । वही मोहित जैन ने कहा कि इस कार्य के लिए युवाओं को आगे आने की सख्त आवश्यकता है ओर युवा ही ये कार्य कर सकता है।बैठक में विशेष रूप से उपस्थित मेवालाल अग्रवाल ने कहा है झोली से प्राप्त राशि बैंक में जमा है जैसी भी आवश्यकता लेंगे उसका उपयोग किया जा सकता है  रूपेश खत्री ने कहां की नगर के युवा काफी समय से इस कार्य को करने के लिए जागरूक है लेकिन यह व्यवस्था युवाओं के हाथ में सौंपी नहीं जा रही है ।अगर इसकी कमान युवाओं को दी जाए तो काफी कुछ सुधार हो सकता है। और हम जोबट के युवा इस कार्य के लिए जागरूक हो चुके है नगर वासियों के सहयोग से बहुत जल्द इसकी दिशा और दशा बदल दी जाएगी |

इसी चरण को आगे बढ़ाते हुए एक मत से आज शाम 4 बजे मुक्तिधाम में पुनः बैठक रखी गई है। जहां हनुमान चालीसा का पाठ ओर परिसर में साफ सफाई भी कि जाएगी।ओर जिसमे किसी कारण बैठक में अनुपस्थित युवा साथी भी आकर अपना सहयोग दे सके व आज होने वाली बैठक में कई ठोस निर्णय भी लिए जायँगे । बैठक में मेवालाल अग्रवाल, गजेंद्र राठौड़, मुकेश आशोरिया, मोहित जैन, रूपेश खत्री, अंतिम सोनी, नितीन जायसवाल, राजेश डुडवे, हर्षित शर्मा, आकाश उपाध्याय, आशीष राठौड़, हर्ष अगाल, तरुण सकुनिया, लाला चौबे, लक्की मालवीय, छोटू सोनी, गौतम ठाकुर, चयन खत्री, राजू सालवी, क्रष्णा राठौड़, शैलेंद्र राठौड़, हर्षराज शर्मा आदि जागरूक युवा उपस्थित थे ।