शासन के रुपयों का दुरूपयोग
आलीराजपुर न्यूज़ के लिए आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट।
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत को बैटरी चलित कचरा संग्रहण रिक्शा दी गई लेकिन इसको चलाने हेतु ना तो किसी को ट्रेनिंग दी गई और ना ही इसका सही इस्तमाल हो रहा जिससे शासन के लाखो रुपयों का दुरूपयोग हो रहा हे।
आम्बुआ जो कि शहरी आबादी वाला कस्बा जिसमें 20 में से 7 वार्ड शहरी क्षेत्र में आते है जिन वार्डों में साफ सफाई का कार्य सफाई कर्मियों से कराया जाता है अभी वह हाथ ठेला तिपहिया वाहन से कचरा एकत्र कर कस्बे से बाहर फेंकते हैं। कुछ माह पहले पंचायत को एक तिपहिया बैटरी चलित ई-रिक्शा कचरा संग्रहण वाहन मिली है वाहन छोटा होने के कारण सूखा गीला कचरा किसी होटल या तीन चार घरों से भरा जाता है तो वह पूरा भर सकता है इसके साथ-साथ आम्बुआ की वसाहट उतार-चढ़ाव वाली होने के कारण अधिक वजन लेकर इसका चलना मुश्किल नजर आ रहा है इधर अभी तक इसे चलाने वाला प्रशिक्षित वाहन नहीं चालक नहीं होने से इसे एक तरफ स्वास्थ्य विभाग के सामने एल्बम के पास रख दिया गया है जहां यह धूल खा रहा है लोगों का कहना है कि यदि यह कुछ दिन ऐसे ही पड़ा रहा तो कहीं स्वयं भी कचरे भंगार में तब्दील न हो जाए ।
क्या कहते है जनप्रतिनिधि
इलैक्ट्रिक रिक्शा छोटा होने के कारण कचरा भर जाने पर लोड नही लेता है जिसके कारण उसका उपयोग नहीं हो रहा है, आंबूआ में एक बड़े कचरा वाहन की जरुरत है।
रमेश रावत
सरपंच ग्राम पंचायत आम्बुआ
जब इलैक्ट्रिक रिक्शा आंबूआ को दिया गया था तब ही मेरे द्वारा जनपद CEO को कहा गया था की आम्बुआ में बड़े कचरा वाहन की जरुरत है लेकिन उसके बाद भी उनके द्वारा यह इलेक्ट्रिक रिक्शा दिया गया जिसका उपयोग नहीं हो रहा हे।
जुवानसिंग रावत
पूर्व सरपंच आम्बुआ
स्थानीय पत्रकारों द्वारा इस इलेक्ट्रिक रिक्शा के उपयोग नहीं होने को लेकर कुछ माह पहले भी जनपद CEO से चर्चा की गई थी लेकिन आज तक निराकरण नहीं निकला व शासन के लाखो रुपयों का भंगार बन रहा है।
Share on WhatsApp