जैन तीर्थ लक्ष्मणी में नए बने विशाल मंदिर में विधि विधान और धार्मिक क्रियाओं के साथ हुई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा

धर्म ध्वजा लहराई, केशर की खुश्बु से महका लक्ष्मणी, ढोल-नगाडो, शंख, घंटो से गुंजायमान हुआ तीर्थ, जमकर झूमे श्रावक

इस जगत के अंदर राग और द्वेष नहीं होते तो जीव सुखी होते- आचार्य दिव्यानंद सूरीश्वरजी महाराज साहब

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

मो.न. 7909750355 

नगर से 9 किमी दूर स्थित लगभग 2000 वर्ष प्राचीन श्री लक्ष्मणी तीर्थ के जिर्णाेद्धार पश्चात भव्यातिभव्य देव विमान तुल्य जिनालय के महामंगलकारी प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवे दिन रविवार को नूतन जिनालय में सभी जिनबिंब, गुरूमूर्ति, देवी-देवता की पावनकारी प्रतिष्ठा मंत्रोच्चार, विधि विधान और धार्मिक क्रियाओं के साथ सम्पन्न हुई। नूतन जिनालय के शिखर पर जैसे ही धर्म ध्वजा लहराई वैसे ही ढोल-नगाडों, शंख, घंटो, शहनाई की ध्वनि से तीर्थ परिसर गुंजायमान हो गया, तीर्थ परिसर में मौजूद हर व्यक्ति इस पल का साक्षी बनकर स्वयं को गौरवांवित महसूस करता नजर आया। 



इससे पूर्व सौधर्म वृहत्तपागच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य देवेश श्रीमद विजय जयानंद सूरीश्वरीजी मसा एवं आचार्य देवेश दिव्यानंद सूरीश्वर जी महसा आदि श्रमण वृंद एवं श्रमणीवृंद की निश्रा में हर्षाेल्लास के साथ सुबह शुभ मुहुर्त में विभिन्न बोलियों के लाभार्थी परिवार के सदस्य सहित सभी धर्मावलंबी नूतन जिनालय पर पहुंचे। हाथी पर बैठकर लाभार्थी परिवार ने नूतन जिनालय के बाहर तोरण मारा। जिसके पश्चात सभी जिनबिंब, गुरूमूर्ति, देवी-देवता की पावनकारी प्रतिष्ठा मंत्रोच्चार के साथ विधि प्रारंभ हुई, मंदिर के शिखर पर लाभार्थी परिवारों ने धर्म ध्वजा लहराई और गर्भ गृह में परमात्मा मूल नायक भगवान पद्मप्रभु, भगवान महावीर स्वामी, भगवान नेमीनाथजी सहित सभी जिनबिंब, गुरूमूर्ति, देवी-देवता की पावनकारी प्रतिष्ठा धार्मिक क्रियाओं के साथ संपन्न की। 



केशर की खुश्बु से महका लक्ष्मणी, ढोल-नगाडो, शंख, घंटो से गुंजायमान हुआ तीर्थ,

इससे पूर्व लक्ष्मणी तीर्थ परिसर में प्रातरू से मूलनायक भगवान पद्मप्रभु सहित सभी भगवाने, गुरू प्रतिमाओं की पूजा 9 बजे की श्रावक-श्राविकाओं द्वारा की गई, पश्चात प्रतिष्ठा की मंगलकारी विधि प्रारंभ हुई जिसके साक्षी जैन समाज के हजारों श्रावक-श्राविकाएं बने, जो कि गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडू, कर्नाटका, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, सहित देश के विभिन्न प्रांतो और हिस्सों से पहुंचे थे। इस दौरान केशर की खुश्बु से संपूर्ण तीर्थ परिसर महकता, जैसे ही प्रतिष्ठा संपन्न हुई, ढोल-नगाडो, शंख और घंटों की ध्वनि से तीर्थ क्षेत्र गुंजायमान हो गया। इस दौरान सभी श्रावक विशेषकर युवा श्रावक जमकर नृत्य करते नजर आए। सभी श्रावक और श्राविकाओं के चेहरो पर असीम प्रसन्नता का भाव नजर आया।  


इस जगत के अंदर राग द्वेष नहीं होते तो जीव सुखी होते 

प्रतिष्ठा के पश्चात श्री राजेन्द्रसूरिश्वर क्रिया मंडप में समाजजनों ने आचार्य श्री एवं गुरूभगवंतो के समक्ष गुरूवंदन किया। पश्चात व्याख्यान में आचार्य देवेश श्रीमद् विजय दिव्यानंद सूरीश्वर जी महाराज साहब ने कहा कि आज पद्म प्रभु दादा को नूतन जिनालय में विराजित किया गया, जो कि ऐतिहासिक अवसर बना। नब्बे साल बाद प्रतिष्ठा का उदय आया। तीर्थंकर परमात्मा और उनकी आज्ञा, भक्ति और आज्ञा की भक्ति करना है। एकमात्र मानव भव ऐसा है जिसमें हमें प्रभु मिलते है और उनकी आज्ञा का पालन भी मिलता है। भक्तो को सिर्फ ये सोचना चाहिए कि मै कितना भाग्यशाली हूं।



 उन्होने पद्मप्रभु की देह के वर्ण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने कहा कि इस संसार में भटकने का कारण क्या है, व्यक्ति ममता के कारण भटक रहा है, परिभ्रमण का कारण भी ममता ही, जगत को अंधे करने वाली यह ममता राक्षसी है, ये ऐसी है कि अंदर के चक्षु बंद करती है। जो अहं और महं में जी रहा है वो अंधा है। परिवार, बंगला, गाडी, पद, पैसा कितनो पर मेरापना का सिक्का लगाया, ये बंधन आत्मा का। उन्होने कहा कि तीन साल में नूतन जिनालय बनकर तैयार हुआ, प्रतिष्ठा के लिये श्री पद्मप्रभ कल्याणजी जैन श्वेतांबर पब्लिक चेरीटेबल ट्रस्ट एवं श्री राजेन्द्र जयानंद सम्यग योग ट्रस्ट मुंबई द्वारा बहुत मेहनत की गई। तीर्थंकर परमात्मा करूणा के साग र है। प्रभु को मानते हो तो उनकी भावनाओं को पूरी करोगे। 



फलेचुन्दडी (बडी नवकारसी) हुई आयोजित

महामंगलकारी प्रतिष्ठा के अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रो से जैन समाजजन, जिले के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न समाजजनों ने भी मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रतिष्ठा के सुअवसर के सहभागी बने। तीर्थ परिसर में श्री भरत चक्रवर्ती भोजन मंडप में फलेचुन्दडी (बडी नवकारसी) हुई आयोजित हुई, जिसमें श्रावक-श्राविकाओं ने नवकारसी एवं स्वामीवात्सल्य का लाभ लिया। कार्यक्रम में जैन श्री संघ अलीराजपुर के सदस्यों सहित सभी समाजजनों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा। 




नर्मदा जयंती के अवसर पर मां नर्मदा को 525 मीटर लंबी चुनरी ओढ़ाई

 ककराना में नर्मदा तट पर हुआ भव्य आयोजन 

आशुतोष पंचोली 

आलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ 

मां नर्मदा जयंती के  अवसर पर ग्राम ककराना स्थित नर्मदा नदी के पावन उत्तरी तट पर भव्य आयोजन संपन्न हुआ। जिसमें मां नर्मदा को नावों के सहारे 525 मीटर की चुनरी ओढ़ाई गई। आयोजन में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां नर्मदा में स्नान कर श्रद्धा पूर्वक नमन किया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर डॉ अभय अरविंद बेडेकर एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने ककराना स्थित मां नर्मदा मंदिर एवं घाट पर नर्मदा जयंती के अवसर पर आयोजित पूजन अर्चना में भाग लिया। इस दौरान 525 मीटर लंबी चुनरी विधि विधान के साथ पूजन अर्चना कर नर्मदा मैया को समर्पित की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कुल 8 नावों के सहारे मां नर्मदा को चुनरी समर्पित की गई। 


इस दौरान कलेक्‍टर डॉ बेडेकर एवं पुलिस अधीक्षक श्री व्यास के साथ उपस्थित जनसमूह ने  विधि-विधान से मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर दीपदान किया ।  जनप्रतिनिधि के  रूप में पूर्व विधायक श्री मुकेश पटेल , भाजपा नेता श्री जयपाल खरत , श्री रितेश डावर , श्री ओम राठौड , अनुविभागीय अधिकारी श्री सीजी गोस्वामी सहित पुलिस दल एवं होने गार्ड के जवान बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्‍टर डॉ बेडेकर ने दिव्यांग युवक से हाथ मिलाकर उससे विकलांग पेंशन की जानकारी ली साथ उसे शासन से प्राप्‍त हो रही अन्‍य योजना की जानकारी ली ।

कल्लाजी जी राठौर का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया

 भव्य शोभायात्रा निकाली गई

आजादनगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट।

 नगर में शिव शक्ति कल्लाजी धाम पर कल्लाजी राठौर का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गादी पति संजय वाणी की अगवानी में दोपहर 12 बजे कल्लाजी धाम से नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकली जिसका नगरवासियों ने फल फूल अर्पण कर  स्वागत किया। इसके बाद शोभायात्रा अंत मे शिव शक्ति कल्लाजी धाम पहुची जहां महा आरती के बाद महा प्रसादी का वितरण किया गया

सिद्धेश्वर हनुमान बाबा की महिमा अपरंपार, शनिवार को हुआ 108 बार श्रंगार

20 सालों से प्रतिवर्ष श्रावण मास में श्रंगार परंपरा का पालन

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ

नगर के मध्य स्थित रियासत कालीन सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर राजवाड़ा में बजरंग भक्त मंडल के सानिध्य मे  प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार इस वर्ष भी श्रावण मास के पावन पर्व पर हनुमान जी की प्रतिमा पर 108 तेल सिंदूर श्रंगार का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ भक्तों के द्वारा किया गया। बजरंग भक्तों का अल सुबह से ही मंदिर में तांता लगा रहा जो निरंतर शाम तक चलता रहा ।!

सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर बजरंग भक्त मंडल के सदस्य केएल सोमानी व महेश बेड़िया ने बताया कि विगत 20 वर्षों से श्रावण मास में हनुमान जी की प्रतिमा पर  108 तेल सिंदूर  श्रंगार बजरंग भक्तों के द्वारा किया जा रहा है। प्रत्येक श्रंगार में तेल सिन्दूर के साथ एक दीपक, श्रीफल, केला की प्रसादी चढ़ाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है‌। 


सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर के पुजारी विट्ठल प्रसाद शर्मा के द्वारा  प्रातः 9 बजे दीप प्रज्वलित कर हनुमान जी को तेल सिंदूर श्रंगार का शुभारंभ किया गया। जिसके पश्चात बजरंग भक्तों के द्वारा निरंतर शाम 5 बजे तक सिंदूर श्रंगार किया जाता रहा। पश्चात शाम को महाआरती कर महाप्रसादी का वितरण किया गया।


स्वप्न में श्रंगार का बाबा ने दिया आदेश 

बजरंग भक्त मंडल के महेश बेड़िया ने बताया कि वर्ष 2002 में राणापुर के परम बजरंग भक्त बंशीलाल जी राठी को स्वप्न आया कि राजवाड़ा हनुमान मंदिर में इस प्रकार से श्रंगार कार्यक्रम करवाना चाहिए जिस पर उन्होंने बात अलीराजपुर में अपने रिश्तेदारों को बताई। तत्पश्चात इस सपने की चर्चा नगर में प्रसारित होने पर अलीराजपुर से मंदिर पुजारी पंडित विठ्ठल प्रसाद शर्मा मंदिर श्रंगार समिति के प्रमुख डॉक्टर हरे कृष्ण शर्मा  (बाबू जी) व अन्य भक्तगण राणापुर पहुंचे और श्री राठी से हनुमान बाबा के संबंध में आते स्वप्न के बारे में जानकारी प्राप्त की।श्री राठी ने अपने स्वप्न की जानकारी विस्तार पूर्वक दी और श्रंगार  किस ढंग से करना है इसकी भी विधि बताई। सन 2002 के पहले सावन मास के श्रंगार कार्यक्रम में श्री राठी भी स्वयं यहां पधारे थे। उसके बाद से ही यहां पर प्रतिवर्ष श्रावण मास में बजरंग बाबा का 108 तेल सिंदूर का श्रंगार होता आ रहा है। अलीराजपुर के प्राचीन सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर में बाबा की मूर्ति पूर्व मुखी होने से यहां मंदिर का विशेष महत्व है, यहां पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं बजरंग बाबा पूर्ण करते हैं।

 जय सियाराम


फोटो हनुमान जी की प्रतिमा पर तेल सिंदूर का श्रंगार करते हुए

फोटो हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए श्रद्धालु जन

लोगों को हमेशा मंदिर जाना चाहिए, नशे ने किया हिन्दूस्तान को बर्बाद दहेज प्रथा देश की सबसे बडी बिमारी- पूज्य साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदी

 श्री गो कृपा कथा ने रचा इतिहास, जन सैलाब उमडा

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

लोगों को हमेशा मंदिर जाना चाहिए, मंदिर जाने से व्यक्ति में धर्म के प्रति आस्था बढती है। मनुष्य को अपनी कमाई का 10 प्रतिशत दान देना चाहिए। इसमें से कुछ अंश गो माता की सेवा में दान देना चाहिए। यदि व्यक्ति रूपए का दान नहीं कर सकता है तो उसे गो माता के लिए घास व दवाई का दान करना चाहिए। जो गरीब व्यक्ति गो सेवा का कार्य करता है उसे आर्थिक मदद कर दान करना चाहिए। घर का आंगन कभी कुंवारा नहीं होना चाहिए, पहले लोग अपने विवाह के पूर्व वर-वधू का घर आपस में देखने जाते थे और आंगन को गोबर से लीपकर घर से वैवाहिक कार्यक्रम करते थे, परंतु अब आधुनिकता की होड में लोग मैरिज गार्डन में वैवाहिक कार्यक्रम करते है इसलिए शादिया जल्दी टूटती है। कई बार तो वर-वधू एक दूसरे का घर भी नहीं देखते है, क्योंकि यह शल्य दोष का प्रभाव है। पति-पत्नी व बेटी-बेटियों में राधेकृष्ण जैसा प्रेम होना चाहिए। उक्त अमृत वचन राजवाडा प्रांगण में गो भक्त राठौड समाज द्वारा आयोजित श्री गो कृपा कथा के छठवे और समापन दिवस पर पूज्य साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदीजी ने श्रद्धालुओं को कथा के दौरान खचाखच भरे पांडाल में कही। प्रारंभ में पूज्य दीदी ने गौ माता का पूजन किया।



श्रद्धा दीदी ने कहा कि यदि सामूहिक व सामूदायिक भोज में भोजन के पहले तेरह थाली गो माता को भोग लगाएं तो कभी भोजन कम नहीं पडेगा। कन्यादान सबसे बडा दान है, यदि कन्यादान में गो दान नहीं करे तो फल नहीं मिलता है। यदि वर पक्ष गो दान स्वीकार नहीं करे तो ऐसे लोगों से वैवाहिक रिश्ता करना अच्छा नहीं है। दहेज न तो लेना चाहिए और न ही देना चाहिए। जो दहेज मांगता है वह इस दुनिया में भिखारी के समान है। दहेज आज के युग में बहुत बडी बिमारी है। इस दुनिया में यदि सास-ससूर के पास धन संपत्ति है तो ही बेटा-बहू सेवा करते है, अन्यथा उन्हें उनके हाल पर छोड देते है। 


हमेशा अपने बच्चों को धर्म की शिक्षा देना चाहिए, आजकल के बच्चों को यह भी नहीं मालूम कि राम भगवान और कृष्ण भगवान का जन्म कहा हुआ। हर व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि से लगाव होता है। चाय नशा है और इसको पीने से शरीर में बहुत नुकसान होता है इसलिए हमें इस नशे से दूर रहना चाहिए। कडी चेतावनी लिखी हुई होने के बाद भी लोग तंबाकू गुटखा खाते है, इसी नशे के कारण हिन्दूस्तान आज कमजोर हुआ है। आजकल देश में साजिश के तहत हिन्दू देवी देवताओं को बदनाम किया जा रहा है। नशा करना हो तो ठाकुरजी और गो माता की सेवा का करो।



उन्होने कहा कि मनुष्य को कभी भी तांत्रिक के चक्कर में नहीं पडना चाहिए। हमेशा गाय को ताजी रोटी खिलाना चाहिए, कभी भी गो माता को ठंडी और बासी रोटी नहीं खिलाना चाहिए। घर में तीसरी या चौथी रोटी बनती है वही गाय को सबसे पहले खिलाना चाहिए। गो माता जीवन के साथ साथ मृत्यु को भी सुधारती है, कभी भी घ्रर का जूठन गो माता को नहीं खिलाना चाहिए नहीं तो नरक में भी जगह नहीं मिलती है। कर्ण का अंतिम संस्कार इसलिए ठाकुरजी ने हथेली पर किया क्योंकि देश की भूम पवित्र नहीं थी। कथा के दौरान साध्वी दीदी ने जय जय गो माता जय जय नंदी बाबा, जाकी राही भावना जैसी प्रभु को रखे, जीवन संवारा है मरण शुभ बना देना मै शरण पडा तेरी भव पार लगा देना भजन गए वैसे ही पांडाल में मौजूद श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।



मीडिया प्रभारी कृष्णकान्त बेडिया ने बताया कि आज कथा में सभी महिलाएं चुनरी पहन कर आई थी। पूज्य दीदी आज स्थानीय जैन मंदिर भी पहुंची, जहां जैन समाजजनों ने उनका श्रीफल से बहुमान किया। जैन समाज अध्यक्ष मनीष जैन ने बताया कि साध्वी जी ने मंदिर में देव दर्शन व गुरू दर्शन किए। इस दौरान राठौड समाजजन भी मौजूद थे, जिनका अभिनंदन जैन समाजजनों ने किया। कथा में कार्यक्रम का संचालन राठौड युवा मंच अध्यक्ष कमल राठौड ने किया। आज मंच से राठौड समाज को आगे बढाने व रणछोड राय मंदिर के पुर्ननिर्माण में अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए रामाश्रय परिवार के स्व. हीरालाल जी राठौड को विशेष रूप से याद किया गया। 



मंच पर सात दिन तक पूज्य दीदी के साथ आए अनिल जी वायलिन वादक, रामप्रसाद राव साहब भजन गायक व कालू भाई तबला वादक व पकंज जोशी फोटोग्राफर ने अपनी सेवाएं दी। आरती व्यवस्था, प्रसाद पंडाल व संत निवास व्यवस्था में टीना कमल राठौड, किर्ती राठौड, सलोनी राठौड, मोनिका राठौड, अध्यक्ष ज्योति सुनिल राठौड, सविता कोठारी, कांतिलाल राठौड योगेन्द्र रेडियो, दीपक संतोष राठौड, श्याम राठौड सेन्डी, गौरव अगाल, कुलदीप राठौड का योगदान रहा। मंच पर अतिथि नपाध्यक्ष रितेश डावर, भाजपा के वरिष्ठ नेता भदु भाई पचाया, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष किशोर शाह, समाजसेवी कृष्णकान्त कोठारी, बब्बू सेठ, विरेन्द्र गुप्ता, राजेश राठौड राठौड बस, शिवजी राठौड व परिवार का दीदी ने दुपट्‌टा ओढाकर स्वागत किया। राठौड समाज अध्यक्ष किशनलाल राठौड ने महाराजा कमलेन्द्रसिंह व राजवाडा परिसर उपलब्ध करवाने के लिए नपा उपाध्यक्ष मकू परवाल एवं रमेश चौधरी, सभी मीडियाकर्मियों, भानु बाहेती, प्रसाद समिति व नगर और बाहर से सभी श्रद्धालुओं तथा गो सेवा के लिए दान करने वाले भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। अंत में महाआरती के साथ महाप्रसाद का वितरण हुआ।



राठौड युवा मंच अध्यक्ष कमल राठौड ने बताया कि समापन पर बुधवार को भव्य शोभायात्रा बैंड बाजो व ढोल ढमाको के साथ राजवाडा से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मागों से होते हुए रणछोड राय मंदिर पहुंची, पूज्य दीदी ने बग्घी पर सवार होकर सभी का अभिवादन किया। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण हुआ।   

मां कालिका को लगाया 56 भोग

आजाद नगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट 

नगर के मध्य स्टेट समय से स्थित मां कालिका के अति प्राचीन मंदिर में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी शुक्रवार को छप्पन भोग का आयोजन किया गया। मां कालिका ग्रुप समिति के बैनर तले दीपावली के बाद बीते कई वर्षों से कालिका मां को छप्पन भोग अर्पण कर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है। जिसमे बैठा कर 5 हजार से अधिक लोगो को भर पेट भोजन करवाया जाता था। विगत्त 2 वर्षों से कोरोना के कारण किसी बड़े आयोजन के बजाय माता को छप्पन भोग  अर्पण कर भक्तों में प्रसादी बाटी जा रही है। 

ग्रुप के अध्यक्ष गणेश अरोड़ा, निर्मल जायसवाल ,महेश पाठक ने बताया कि इस वर्ष 100 किलो की प्रसादी पुड़ी , सब्जी दोपहर 12 बजे माता की आरती के बाद भक्तों में बाटी गई। इसके बाद अगले चरण में बेरियर स्थित मां अम्बे के मंदिर में भी, समिति द्वारा 56 भोग का आयोजन किया जाना है। इसके पहले लाभ पाचम पर स्थानीय हनुमान मंदिर एवं साईं मंदिर में भी 56 भोग भगवान को लगाया गया।

विशाल भजन संध्या का आज होगा आयोजन।

नानपुर से प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट।

खाटू श्याम प्रेमियों द्वारा आयोजित विशाल भजन संध्या का कार्यक्रम आज माली मोहल्ला चौक में आयोजित किया जा रहा है । 
जिसमें खरगोन के प्रसिद्ध सावन म्यूजिकल ग्रुप के लोकप्रिय भजन सम्राट शिवम रावल एवं दुर्गा गामड़ के साथ ही नानपुर के ही उभरते भजन गायक श्याम राठौड़ भी अपनी पूरी  टीम के साथ में शानदार प्रस्तुति देंगे ।साथ ही इस अवसर पर बालीपुर धाम से श्री 1008 योगेश जी महाराज भी इस भजन संध्या में उपस्थित रहेंगे ।

इस अवसर पर भगवान श्याम की आकर्षक झांकी बनाई गई है जिसके श्रद्धालुओं द्वारा आज दर्शन वंदन किए जाएंगे ।साथ ही 56 भोग ,पुष्प वर्षा ,अखंड ज्योत के साथ बाबा श्याम का आलोकिक श्रंगार मुख्य आकर्षण  रहेगा।
आयोजन कर्ता करने वाला श्याम और कराने वाला श्याम सहित व्यवस्था स्वरूप रिद्धि सिद्धि ग्रुप रहेगा ।रात्रि 8 बजे से आयोजित इस महा कीर्तन की तैयारी स्वरूप वाटरप्रूफ आकर्षक मंच व पांडाल बनाया गया है ।सभी भक्तजनों को सपरिवार आमंत्रित किया गया है ।जिसमे अलीराजपुर, कुक्षी ,खट्टाली,जोबट, भाबरा ,आम्बुआ सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में खाटू श्याम प्रेमी भक्त जन जुटेंगे ।

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर............... दिनभर चला बाबा हनुमान की भक्ति का दौर, परीसर में किया गया पौंधा रौपण

भगवान हनुमान को चढ़ाया 108 बार चोला, हुआ हनुमान चालीसा का पाठ

 अलीराजपुर न्यूज़ ब्यूरो।

सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर राजवाड़ा में प्रतिवर्षानुसार भगवान हनुमान को 108 सामुहिक चोला श्रंगार का आयोजन मंगलवार को किया गया। यह आयोजन बजरंग भक्त मंडल राजवाड़ा की सानिध्य में किया गया था। जिसमें आलीराजपुर सहित आसपास इलाके से बड़ी संख्या में हनुमान भक्तों ने चोला श्रंगार कार्यक्रम में पहुंचकर लाभ लिया। कार्यक्रम के चलते मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आर्ई। उक्त कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। वही मंदिर परीसर में पौधा रोपण भी किया गया। यह पौधा रोपण अगाल परिवार की और से अपने परिजनों की स्मृती में किया गया।


आरती होने के बाद प्रसादी का वितरण किया
भगवान हनुमान का चोला श्रंगार सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुआ। इसके पूर्व मंदिर के पुजारी विठठलदास शर्मा व डाँ.हरे कृष्ण शर्माने बाबा हनुमान की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलीत कर कार्यक्रम का शुभारंभ द्वारा किया गया। श्रंगार के दौरान भक्तों ने हनुमान जी की प्रतिमा पर तेल सिंदूर का लेप किया। बारी-बारी से भक्तों ने प्रत्येक श्रंगार पर  लडडू,  केला,  नारियल व  तेल का दीपक लगाकर इस पूण्य कार्य का लाभ उठाया। इस अवसर पर सिद्धेश्वर हनुमान भक्त मंडल के सदस्यो के द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। कार्यक्रम के चलते हनुमान भक्तों में काफी उत्साह था। चोला श्रंगार होने के बाद भगवान का श्रंगार किया गया। इस दौरान शिखर पर ध्वजरोहण भी किया गया। आरती होने के बाद प्रसादी का वितरण किया गया।



जीवन मे एक पेड़ सभी को लगाना चाहिए
चोला कार्यक्रम के दौरान दोपहर १ बजे मंदिर परीसर में मन्नालाल अगाल,गोमती बाई अगाल व राधेश्याम अगाल की स्मृती में अगाल परिवार की और से कुल ७ पौधो का रोपण किया गया। इस दौरान समिति सदस्यों व बजरंग भक्तों के सदस्य भी मौजुद थे। अगाल परिवार के द्वारा लगाए गए पोधो में बिल्व पत्र,लाल चंपा,कदम,मधु कामनी के पोधे लगाए गए। पोधा रोपण कार्यक्रम मे शुशीला अगाल, विपिन मुंदडा,रजनी मुंदडा,मनीष अगाल,गोपेश मुंदडा, आशीष अगाल,संतोष थेपडिया,कृष्णकांत सोमानी,आशुतोष पंचोली,हितेंन्द्र शर्मा,मनोज शर्मा,भानु बाहेती,महेंन्द्र टवली,महेश बेडीया, राघव सर्राफ सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजुद थे। इस दौरान शुशीला अगाल ने कहा की पेड़़ जीवन की जरूतर है। हम सभी को अपने जीवन मे एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए। ताकी हमे शुद्ध हवा मिलती रहे। वही मंदिर परिसर मे किए गए पोधा रोपण के रक्षण के लिए टीगार्ड लगाए गए साथ ही पौधों को बडा करने का संकल्प भी अगाल परिवार ने लिया।


आयोजन का यह २१ वा वर्ष
108 चोला श्रंगार का का दौर शाम 6 बजे तक चलता रहा। इसके पश्चात भगवान हनुमान की आरती उतारी गई व प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर से बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरूष शामिल हुए। आरती के पश्चात सिद्धेश्वर हनुमान भक्त मंडल द्वारा सुंदरकांड का आयोजन भी किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में बजरंग भक्त उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि उक्त आयोजन का यह २१ वा वर्ष है। इस मंदिर की खास विशेषता यह है कि यह मंदिर अति प्राचिन होने के साथ ही बाबा की पुर्व मुखी चमत्कारिक प्रतिमा है यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा से जो मन्नते मांगी जाती है बाबा उसे पूरा करते है। कार्यक्रम में पंचमुखी बालकनाथ सुन्दरकांड मंडल के सदस्यों के द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ का वाचन किया गया। उक्त कार्यक्रम की जानकारी मदिर के मिडिया प्रभारी कांतिलाल राठोड ने दी।  

कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए पूरे देश मे एक समय पर होगा गायत्री यज्ञ

 
 बुद्ब पूर्णिमा के दिन अलीराजपुर जिले के 5000 घरों में होगा गायत्री यज्ञ,
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार का आयोजन
आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के द्बारा देश में वैश्विक कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए एक ही दिन में व एक साथ ओर एक ही समय पर चालीस लाख घरों में गायत्री यज्ञ संपन्न किए जाएंगे। जिला समन्वयक संतोष वर्मा ने  बताया कि इन दिनों दुनिया कोरोना महामारी के संकट से जूझ रही है। चारों ओर भई और आशंका का वातावरण बनता जा रहा है। दुनिया के अधिकांश देश कोरोना वायरस की आपदा झेल रहे हैं। 

 इसी श्रंखला में  अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के आह्वान पर अलीराजपुर जिले के 5000 घरों में ग्रहे . ग्रहे गायत्री यज्ञ  26 मई बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्रातः9 से 11बजे तक एक साथ एक समय पर 24 बार गायत्री महामंत्र सेए 5 बार महामृत्युंजय मंत्र सेए 3 बार कोरोना कृमि नाशक मंत्र से आहुति देकर यज्ञ सम्पन्न किये जायेंगे। गे उन्होंने यज्ञीय विज्ञान के आधार पर जानकारी देते हुए बताया कि यज्ञ के द्बारा जो शक्तिशाली तत्त्व वायुमंडल में फैलाये जाते हैंए उनसे हवा में घूमते असंख्यो रोग . कीटाणु सहज ही नष्ट होते हैं।   उसी प्रकार मंत्रोच्चारण से भी एक विशिष्ट प्रकार की ध्वनि तरंगें निकलती हैं और उनका भारी प्रभाव विश्व व्यापी प्रकृति परए सूक्ष्म जगत परए तथा प्राणीयों के स्थूल तथा सूक्ष्म शरीरों पर पड़ता है। इसलिए कोरोना महामारी से बचने का. यज्ञ एक सामूहिक उपाय है।
      जिले के 5000 घरों में गायत्री यज्ञ  शासन. प्रशासन द्बारा निर्धारित कोरोना गाइडलाइन के नियमों के अनुसार प्रत्येक परिजन स्वयं अपने घर में गायत्री यज्ञ संपन्न करेगा। 
गृहे . गृहे गायत्री यज्ञ के प्रभारी अलीराजपुर से बद्री लाल राठौड़ जोबट से श्री शिवराम वर्मा उदयगढ से चंदन पंवार बोरी से श्रीमती सीमा पटेल चन्द्रशेखर आज़ाद नगर से बाबूलाल वाणीए कट्ठीवाडा से खुरबान सिंह तोमर सोण्डवा से रकनसिंह भयडिया और छकतला से  रामलाल तोमर है।

      गायत्री परिवार के सभी परिजन मिलकर इस महामारी की  आपदा से बचने . बचाने के लिये घर . घर यज्ञ के लिए  भरपूर प्रयास कर मोबाइल से जन सम्पर्क कर  मोबाइल पर ही यज्ञ के ईच्छुक परिजनों  को यज्ञ का प्रशिक्षण दे कर पंजीयन कर रहे है। 
         जिले के जोबट से गायत्री परिवार के वरिष्ठ डॉ शिवनारायण सक्सैना व अलीराजपुर से गायत्री परिवार के ट्रस्टी रणछोड राठौड़ए जगदीश राठौड़ पिपलियावाट वाले ने अलीराजपुर के सभी समाज प्रमुखों से आव्हान किया है कि वे भी इस  कोरोना महामारी से बचाव के लिए अपने समाज के सभी लोगों को अपने घरों में गायत्री यज्ञ कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन करते हुए संपन्न करने के लिए प्रेरित करें।

बजरंगबली एकमात्र ऐसे देवता जिनके पास सिद्धियां वह विधियां दोनों है

 भोरन महादेव भक्त मंडल की ओर से श्री राम कथा का आयोजन

आशुतोष पंचोली

अलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ

अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अश्वर दीन जानकी माता ,,, सिर्फ बजरंगबली ही ऐसे देवता हैं जिनके पास सिद्धियां भी है व विधियां भी है,,बजरंगबली द्वापर युग , त्रेता युग , सतयुग व कलियुग में भी अपने प्रभाव के साथ आज भी  विद्यमान है।राम नाम में वह शक्ति है,जो सिर्फ भक्तों का कल्याण करता है, उक्त प्रवचन अलीराजपुर पंचेश्वर धाम समिति व भोरन भक्त मंडल के तत्वाधान में पंचेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में पर चल रही नौ दिवसीय रामकथा के तीसरे दिवस पर राम चरित्र मानस मे बजरंगबली के गुणों का बखान करते व्यासपीठ पर विराजमान पंडित अरविंद भारद्वाज नागदा वाले ने कहा। 

पंडित श्री भारद्वाज नागदा रामकथा मे आगे कहा कि रामायण का संपूर्ण नाम क्या है रामचरित्र मानस का मतलब मानस का मतलब मानव और राम मतलब परमात्मा है तो मनुष्य भी राम बन सकता है लेकिन एक सीडी है वह है जो सुधर जाएं और उसका अनुकरण करने लगे और उस पर चलने लगे तो मनुष्य में राम बन सकता है मनुष्य और राम में अगर कोई दूरी है तो वह चरित्र की दूरी है यही है राम चरित्र मानस है।

उन्होंने कहा कि आप जहां-जहां राम का कीर्तन होता है वाह-वाह जाकर के आप श्रवण करें और जहां जहां कीर्तन भगवान राम का होता है वहां वहां पर हनुमानजो का पैरा होता है। कथा का धर्म लाभ लेने के लिए पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सेना महेश पटेल ने  पूजा अर्चना कर कथा का लाभ लिया साथ ही महा प्रसादी वितरण पटेल परिवार की ओर से किया गया। कथा का श्रवण करने के लिए सैकड़ों भक्तों ने धर्म का लाभ लिया।

श्री राम कथा का रसपान *पंडित श्री अरविंद जी भारद्वाज (नागदा)  द्वारा प्रतिदिन पंचेश्वर महादेव मंदिर परिसर पर करवाया जा रहा है। कथा के मुख्य यजमान रामकिशन तुकारामजी  राठ़ौड  है। यजमान के द्वार  पोथी व पंडित जी का कुमकुम तिलक पुष्प हार से अभिन्नदन किया।       

 आज कथा के तृतीय दिवस श्रीराम कथा में संगीत के साथ सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां  दी जा रही है। कथा समाप्ति के पश्चात मंच पर गुरु जी के द्वारा अलीराजपुर नापाकी पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सेनाजी पटेल,  कैलाश कमेडीया, गणपत लाल गुप्ता, राजेश जी राठौड़,  किशनलाल राठौड़, पूर्णिमा  व्यास,  ज्योति  गुप्ता का राम नाम पीताम्बर से अभिनंदन किया गया।


पलके ही पलके बिछाएंगे जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे....

 सात दिवसीय भागवत कथा का हुआ समापन,  निकली शोभायात्रा

 श्याम संकीर्तन में भजन गायक मुकेश ढोली के भजनों पर खुब नाचे श्रोता

आशुतोष पंचोली 

अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ 
स्थानीय केशव नगर कालोनी मे काबरा एवं नवाल परिवार की और से आयाजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन सोमवार को शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन कथा वाचक पंडित लोकेशानंद शास्त्री ने भगवान कृष्ण के १६ हजार १०८ विवाह का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि दिव्य ज्ञान से मानव अपने जीवन का कल्याण कर सकता है। ज्ञान के बिना इंसान अपने जीवन के सर्वोच्च स्थान को नहीं प्राप्त कर सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वह धर्म का अनुशरण करे। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि व्यक्ति का आचरण भी उच्च हो। बिना इसके ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं। कथा के छठे दिन रविवार रात्रि को श्याम संकीर्तन कार्यक्रम में भजन मुकेश ढोली इंदौर ने पलके ही पलके बिछाएंगे जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे, दिनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे से सहित अन्य शानदार भजन सुनाए गए। जिस पर उपस्थित श्रोताओं एवं कथा आयोजन समिति के सदस्यों ने खुब नृत्य किया। इस दौरान श्याम दरबार की झांकी सजाकर ज्योत जलाई गई। संकीर्तन का दौर रात 11.30 बजे तक चला। भजन के अंत में कथा में सहयोग करने वाले लोगों का कथावाचक शास्त्री जी और भजन गायक ढोली जी के द्वारा दुपट्टा पहना कर सम्मान किया गया



 *भगवान की कथा अनंत है जो कभी समाप्त नहीं होती* 
कथा के अंतिम दिन सोमवार को कथा का वाचन करते हुए कथा वाचक पंडित शास्त्री ने कहा सुखदेव जी ने राजा परीक्षित को भागवत महापुराण सात दिन के अंदर सुना कर उन्हें भगवत धाम का अधिकारी बनाया। मरने वाले व्यक्ति को क्या करना चाहिए, इस प्रश्न के उत्तर में सुखदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक भागवत सुनाई। जब तक्षक नाग राजा परीक्षित को डसने आया, उससे पहले राजा परीक्षित भगवान के धाम में मन लगा कर बैठ ग और तक्षक का स्पर्श होने से केवल शरीर नष्ट हुआ आत्मा को कोई कष्ट नहीं। इतना दिव्य ज्ञान  सूतजी महाराज ने ऋषियों को दिया। उन्होंने कहा भागवत महापुराण का सदा श्रवण करना चाहिए, बार-बार करना चाहिए यह भगवान की अनंत कथा है, जो कभी समाप्त नहीं होती है। यह निरंतर चलती रहती है।


 *भगवान कृष्ण ने संसार को सच्ची मित्रता का पढ़ाया पाठ* 
पंडित शास्त्री ने कहा आज मित्रता मात्र स्वार्थ पर आकर टिक गई है, लेकिन मित्रता का संबंध एक ऐसा संबंध है, जिससे बड़ा संबंध ना तो कोई है और ना ही होगा। मित्रता अपने आप में एक परिपूर्ण रिश्ता है, जैसे किसी भी वस्तु के लिए कोई भी स्थान नहीं होता है। उन्होंने भागवत में कृष्ण और सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि स्वयं भगवान कृष्ण ने इस संसार को सच्ची मित्रता का पाठ पढ़ाया है। कृष्ण के राजा होने के बाद भी वर्षों बाद सुदामा को पहचानना और उन्हें अपने समान आदर दिलवाना और प्रेम में चावल खाकर दो लोकों का राजपाठ देना सच्ची मित्रता को इंगित करता है। कथा के आयोजन को लेकर आयोजक रितेश काबरा के द्वारा सभी का सम्मान एवं नगर वासियों का आभार व्यक्त किया गया। माहेश्वरी युवा संगठन के द्वारा आयोजित परिवार गुड्डू काबरा एवं गोपाल नवाल का पुष्प माला पहनाकर सम्मान किया गया।




निस्काम भाव से किया गया कर्म ही सच्ची भक्ति है-पंडित लोकेशानंद शास्त्री,

 भजनो की धुन पर झुम उठे श्रोताजन, कथा के तीसरे दिन श्रोताओं की उमड़ी भीड़

आशुतोष पंचोली 

अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ 
 मनुष्यों का क्या कर्तव्य है इसका बोध भागवत सुनकर ही होता है। विडंबना ये है कि मृत्यु निश्चित होने के बाद भी हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं। निस्काम भाव से प्रभु का स्मरण करने वाले लोग अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं।प्रभु जब अवतार लेते हैं तो माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य माया को शाश्वत मान लेता है और अपने शरीर को प्रधान मान लेता है। जबकि शरीर नश्वर है।भागवत कथा बताती है कि कर्म ऐसा करो जो निस्काम हो वहीं सच्ची भक्ति है। यह बात नगर के केशव नगर कालोनी में काबरा व नवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा का वाचन करते हुए कथा व्यास पंडित लोकेशानन्द शास्त्री ने कहीं। कथा के दौरान पंडित शास्त्री द्वारा सुनाए गए भजनों पर उपस्थित श्रोताओं ने झुमकर नृत्य किया इस दौरान पुरा पांडाल धर्ममय हो गया। कथा का तीसरा दिन होने से पांडाल में श्रोताओ की भीड़ उमड़ी। अंत में भागवत जी की आरती उतारकर प्रसादी का वितरण किया गया।



भजनो की धुन पर जन प्रतिनिधियों ने किया गरबा रास
कथा के तीसरे दिन. विधायक मुकेश पटेल  जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चौहान,नगर पालिका निवृत्तमान अध्यक्ष सेना पटेल कांग्रेस पूर्व जिला अध्यक्ष राधेश्याम महेश्वरी दिलीप पटेल भी कथा सुनने पहुंचे। इस दौरान व्यास पीठ से कथा वाचक पंडित शास्त्री द्वारा शानदार भजन सुनाए गए। गरबो की प्रस्तुती पर उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने गरबा रास भी किया।अंत में भागवत जी की आरती भी उतारी गई।इसके पूर्व जन प्रतिनिधियों ने कथा वाचक पंडित लोकेशानंद शास्त्री का आशिर्वाद भी लिया।
  
 मनेगा कष्ण जन्म




श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन कथा पांडाल में श्रीकृष्ण जन्म उत्सव का प्रसंग मनाया जाएगा। इस अवसर पर पुरे परिसर को फुग्गे, माखन मटकी और स्वागत द्वार से सजाया जाएगा।कष्ण जन्म प्रसंग के दौरान ढोल डमाकों के साथ बाल कृष्ण को कथा परिसर तक लाया जाएगा।आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा शुभारंभ अवसर से पांडाल में कथा का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रोताजन शामिल हो रहे है।यहां पर आलीराजपुर सहित खटटाली, नानपुर, जोबट व अन्य स्थानों से श्रद्धालुजन कथा सुनने आ रहे है।शुक्रवार को कष्ण जन्म प्रसंग को लेकर विशेष तैयारियां की गई है।  


श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ निर्माण क्षेत्र के लिए तासु पवार ने अपने गुल्लक की राशि दान में भेंट की

 तासु पवार ने पेश की अनुकरणीय पहल

आशुतोष पंचोली 
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ 

श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र निर्माण के लिए पूरे देश में चल रहे धन संग्रह अभियान के तहत अलीराजपुर में सहयोग कॉलोनी, अस्पताल मार्ग निवासी छात्रा तासु पिता दिलीप पवार ने भी अपने गुल्लक की राशि मंदिर निर्माण के लिए दान में भेंट की। मिली जानकारी के अनुसार तासु पवार ने इस अभियान की प्रसिद्धि जब सुनी और कॉलोनी में इस अभियान हेतु आयोजित हनुमान चालीसा व संकीर्तन कार्यक्रम में भाग लिया तो स्वप्रेरणा से उसे भी अपनी राशि भेंट करने की इच्छा हुई। तासु ने यह बात अपने पिता को बताई इस पर गुरुवार 21 जनवरी कि सुबह स्थानीय संघ कार्यालय में जाकर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों व संघ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में अपने सखियों के साथ  गुल्लक की 1091 रुपए की राशि भेंट की। जिसमें ₹9 उनके पिता दिलीप पवार ने मिलाकर कुल 11 सो रुपए की राशि भेंट की। 
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि जब इस अभियान में नन्हे-मुन्ने बच्चों व इस प्रकार की छात्राएं अपने गुल्लक की राशि जब भेंट करने को तैयार हो गई है तो निसंदेह यह बहुत अच्छी व अनुकरणीय पहल है अन्य विद्यार्थियों को भी इससे प्रेरणा लेकर इस अभियान में सहयोग करना चाहिए। कक्षा दसवीं में अध्ययनरत तासु पंवार ने बताया कि उसे यह राशि भेंट करने के बाद बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। प्रतिदिन न्यूज़ चैनलों व समाचार पत्र में इस अभियान के बारे में देख सुन व पढ़ भी रही हूं जिससे मुझे भी अपनी राशि इस अभियान के लिए भेंट करने की प्रेरणा मिली।इस दौरान तासु की सखियां सृजति पंचोली व गार्गी शर्मा भी मौजूद थी |

भागवत कथा पर निकला विशाल चल समारोह, चल समारोह में बालीपुर वाले बाबा योगेश जी महाराज भी शामिल हुए

 *भागवत कथा जीवन का कल्याण करती है : पं शास्त्री* 

आशुतोष पंचोली 
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ 
नगर में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव की शुरुआत मंगलवार से केशव नगर में की गई। कथा के प्रथम दिवस एक विशाल चल समारोह निकाला गया चल समारोह रणछोड़राय मंदिर से प्रारंभ हुआ एमजी रोड हॉट गली सिनेमा चौराहा होते हुए केशव नगर स्थित कथा पंडाल पर पहुंचा प्रथम दिवस कथा व्यास ने श्रीमद भागवत कथा के महत्व का वर्णन किया।


कथा प्रारंभ से पहले रितेश काबरा और गोपाल नवाल ने  भागवत जी का पूजन किया। पूजन के बाद वालीपुर के बाबा योगेश जी महाराज ने भागवत की आरती उतारी इसके बाद कथा व्यास पं लोकेशानन्द जी शास्त्री ने भागवत कथा प्रारंभ की शास्त्री ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा ईश्वर का परिपूर्ण स्वरूप है, इसलिए यह दिव्य ग्रंथ है। भागवत ग्रंथ ज्ञान, योग, कर्मयोग, समाज, धर्म व राजनीतिक ज्ञान का मूल स्रोत है। इसलिए एक पल भी ईश्वर चिंतन के बिना नहीं रहना चाहिए। जो आनंद शिव समाधि में मिलता है वही आनंद इस ग्रंथ से मिलता है।


 *गाजे-बाजे के साथ निकला चल समारोह* 
कथा के पहले दिन स्थानीय रणछोड़राय  मंदिर से 2:00 बजे भागवत कथा का चल समारोह का आरंभ हुआ जिसमें बालीपुर के महाराज योगेशजी महाराज और लोकेशानन्द जी शास्त्री पर सवार थे यात्रा के आगे आगे ढोल बैंड ढोल नगाड़े बज रहे थे जिसकी धुन  पर भक्तजन नाचते हुए चल रहे थे समारोह का जगह-जगह स्वागत किया गया यात्रा में समाज जन बारी-बारी से भागवत  को अपने सर पर उठाकर चल रहे थे

 *जन्मों के पुण्यकर्मों से भागवत कथा सुनने का अवसर मिलता* 
श्रीमद भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तहत प्रथम दिन कथा मे प्रवचन देते हुए कहा कि कई जन्मों के पुण्यकर्मों से भागवत कथा सुनने का अवसर मिलता है। कलयुग में यह कथा जीवन का कल्याण करने वाली है। इसके श्रवण मात्र से जीवन सुधर जाता है।उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत की महत्ता बताते हुए कहा कि व्यक्ति को मानव रूपी जीवन मिला है तो इसे व्यर्थ नही गंवाना चाहिए। कुछ समय भगवान के नाम के लिए भी निकालना चाहिए। ब्राह्मणों एवं साधु-संतों का हृदय बहुत कोमल होता है। कभी भी इनका अपमान नही करना चाहिए। उन्होंने उपस्थितजनों से घर में गाय का पालन करने का आह्वान किया। मानसिक भक्ति को श्रेष्ठ बताते हुए उन्होंने भक्त मीरा बाई,  ,  द्वारा की गई भक्ति के प्रसंग सुनाए। कथा स्थल पर विभिन्न झांकियों का भी आयोजन किया जा रहा है।


 भागवत कथा के चल समारोह में जिला पंचायत सदस्य इंदर सिंह चौहान, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष ओच्छबलाल  सोमानी, यतेंद्र सेट भाटी, बब्बू सेठ सहित बड़ी संख्या में माहेश्वरी समाज सहित अन्य समाज के लोग शामिल थे। कथा का समापन सायंकाल 6:00 बजे हुआ तत्पश्चात श्रद्धालुओं को महा प्रसादी वितरित की गई।