अग्रणी जिला कार्यालय धार के वरिष्ठ प्रबंधक बलराम बैरागी पहुंचे जोबट मैनेजर व स्टाफ को सुनाई खरी खरी

 बैंक ऑफ इंडिया जोबट के मैनेजर  को खाता धारकों से मांगना पड़ी माफी
मैनेजर साहब ग्राहक है तो आप है
जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट
बैंक ऑफ इंडिया जोबट के मैनेजर मनोज भट्टाचार्य द्वारा आए दिन उपभोक्ताओं से अभद्रता की जा रही थी। इसी को देखते हुए जोबट के उपभोक्ताओं व व्यापारियों, ग्रामीणों आदि के द्वारा बैंक मैनेजर  के खिलाफ वरिष्ठ कार्यालय मे शिकायतें भी दर्ज करवाई थी। 
साथ ही  अनेक समाचार पत्रो"  ने इस पूरे मामले को लेकर  विगत कई दिनों से  प्रमुखता से खबरें भी प्रकाशित कि थी। जिसका असर  देखने को मिला।

 उधर इस पूरे मामले को मध्येनजर रखते हुए बैंक ऑफ इंडिया ऑफिस व अग्रणी जिला कार्यालय धार के वरिष्ठ प्रबंधक बलराम बैरागी सोमवार को बैंक ऑफ इंडिया जोबट पहुंचे और उपभोक्ताओं से बैंक मेनेजर मनोज भट्टाचार्य व स्टाफ के द्वारा अभद्रता आदि की वस्तु स्थिति को जानकर खाताधारकों को आश्वस्त किया।

बैंक ऑफ इंडिया जोबट के उपभोक्ताओं ने वरिष्ठ प्रबंधक बलराम बेरागी को एक स्वर में कहा कि अगर इसी प्रकार की अभद्रता होती रहेगी तो हम सभी इस बैंक आफ इंडिया जोबट से खाते बंद कर अन्य बैंक में खाता खुलवा लेंगे बैंकों की कोई कमी नहीं है हमारा तो इस बैंक से विश्वास था उपभोक्ताओं का कहना था कि कि हम लोग बैंक मे अपमानित होने नहीं आते हैं बैंक में बैंक मेनेजर द्वारा हम  सभी से अभद्रता की जाती है कोई बात पूछने पर खरी खोटी सुनाई जाती है। या तो हमारा खाता बंद कर दो नही तो मेनेजर साहब का व्यवहार सुधार दो

खेर अब देखना यह है की वरिष्ठ प्रबंधक के जोबट पहुंचने के बाद मैनेजर साहब के व्यवहार में कोई परिवर्तन आता है या नहीं मैनेजर साहब ग्राहक से ही बैंक संचालित होती है और आप ग्राहक से ही अभद्रता करते हो उपभोक्ताओं को पुलिस से डंडे खिलौने तक की बात करते रहते हो अपनी भाषा शैली में थोड़ा सुधार करो और अच्छा व्यवहार करो ताकि जोबट की जनता आपको याद करें
वरिष्ठ प्रबंधक से मिलने पत्रकार हर्षित शर्मा आकाश उपाध्याय राजेश डुडवे संजय जैन जयदीप राठौड़ पीयूष जैन हरिश सोनी मोहित जैन अमित वाणी हर्ष अगाल नंदलाल राठौड़ भुरिया राठौड़ हुसेन बोहरा संजय अग्रवाल बबलु जैन बबलु चोहान केसर सिंह गाडरिया छगन निलेश भंवर आदि उपभोक्ता मौजूद थे

बैंक ऑफ इंडिया जोबट के मैनेजर मनोज भट्टाचार्य से परेशान ग्राहकों ने जोबट एसडीएम सुश्री किरण आंजना से की शिकायत

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट
बैंक ऑफ इंडिया की शाखा जोबट का हाल बदहाल बना हुआ है ग्रामीण इलाकों की बैंकों में स्थिति यह है कि यहां उपभोक्ताओं को सुविधा मुहैया कराने की बजाय परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है बैंक ऑफ इंडिया जोबट के मैनेजर मनोज भट्टाचार्य पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए बैंक के उपभोक्ताओं ने मेनेजर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है बकायदा मैनेजर को हटाने संबंधी आवेदन एसडीएम को सौंपा गया एसडीएम के नाम सौपे गए शिकायत पत्र में उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि बैंक आफ इडिंया जोबट के मैनेजर मनोज भट्टाचार्य के द्वारा ग्राहकों से दुर्व्यवहार किया जाता है और उनके साथ अभद्रता की जाती है उपभोक्ताओं ने अपनी शिकायत मैं हवाला दिया है कि संबंधित बैंक मैनेजर के खिलाफ पूर्व में भी शिकायत हो चुकी है मैनेजर पर अपने कार्य के प्रति अनियमितता बरतने का आरोप उपभोक्ताओं की ओर से लगाया जा रहा है अपनी शिकायत में लोगों ने कहा कि जोबट आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और यहां किसानों की संख्या अधिक है ऐसे में किसानों के साथ भी मैनेजर की ओर से दूरव्यवहार किया जाता है इससे किसान भी काफी परेशान है

आदिवासी भाई बहनों को सुबह से लेकर शाम तक किया जाता है परेशान
ज्ञात रहे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र  के जोबट में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आदिवासी भाई बहनो को सुबह से लेकर शाम तक परेशान किया जाता है ग्रामीणों को हर बार कागजों में कोई ना कोई कमी बताकर टिरका देते हैं  हमारे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले हजारों आदिवासी भाई बहन बैंक ऑफ इंडिया जोबट के नाम से परेशान हैं बेंक इंडिया जोबट के उपभोक्ताओं की शिकायत एसडीएम के नाम से ऊपर गए आवेदन में दर्जनभर उपभोक्ताओं ने स्पष्ट कहा है कि बैंक के मेनेजर का व्यवहार बैंक के कार्य की गरिमा के अनुकूल नहीं है इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मैनेजर के खिलाफ कार्यवाही कि जाई सुनिल खेडे  आकाश उपाध्याय हर्षित शर्मा संजय जैन जयदीप राठौड़ पीयूष जैन राहुल देशला छगन केसर सिंह गाडरिया आदि उपस्थित थे

बैंक मैनेजर रिटायर



कार्यकाल का अनुभव जीवन की सबसे गाढ़ी कमाई,
बैंक को हमेशा परिवार समझा और उसके ग्राहक को भगवान
विशाल वाणी 
चन्द्र शेखर आज़ाद नगर।
 नगर में बीते लगभग दो वर्षों से नर्मदा झाबुआ बैंक में मैनेजर के पद पर सेवा दे रहे श्री पर्वत सिह राठौर  30 अप्रेल को सेवा निवृत्त हो रहे है। श्री राठौड़ 27 जुलाई 1981 से बैंक में अपनी सेवा दे रहे है। प्रथम शाखा कालीदेवी फिर उमरकोट खट्टाली रम्भापुर करवड प्रधान कार्यालय रायपुरिया बदनावर बाग बोरी समोई काकनवानी,डाटासेन्टर मुम्बई, सलकनपुर, आली एव अंत मे भाबरा में अपनी सेवाएं दे।  उन्होंने खेद जताया कि सर्विस के अंतिम कुछ  दिनों में भाबरा में कर्फ्यू चलते  वो बैंक बन्द होने से अपनी सेवा नही दे पाए।
वही उन्होंने ख़ुसी जाहिर की कि भाबरा सहित जहा भी वे रहे उन्होंने अधिक से अधिक लोगो को बैंक की सेवाओं का फायदा दिलवाने के प्रयास किया। उन्होंने बताया कि बैंक की सेवा के कार्यकाल का अनुभव उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सभी सहकर्मी साथियो ने  श्री राठौर को फोन कर सेवा निवर्ती सहित, जीवन पर्यंत स्वस्थ रहने की शुभकामनाएं दीं ।

बैंकों के आगे प्रतिदिन लग रही है भीड

परेशान हो रहे रहवासी
नानपुर से देवेंद्र वाणी शुभम की रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक नानपुर में लगातार शासन द्वारा  विभिन्न  मद की योजनाओं में राशि डाली गई  इस राशी  प्राप्त करने हेतु खाताधारक नानपुर के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बैंकों में आ रहे हैं इसी तरह का नजारा आज नर्मदा ग्रामीण बैंक में देखने को मिला ,स हा यक बैंक प्रबंधक राजीव रंजन और केशियर, अर्पित पांडे ने प्रतिनिधि को बताया कि पिछले 1 सप्ताह से हमारी बैंक में बड़ी संख्या में खाताधारक आ रहे हैं लेकिन हम हमारे सहायक बैंक कर्मी हितेश वरिया और भ्र त्य संयोग से सभी खाताधारकों लाइन लगाकर शारीरिक दूरी बनाकर बैंक में प्रवेश करवा रहे हैं ,और  लेनदेन कर रहे है
और  सभी खाताधारकों से अपील भी  कर रहे है आप  जब भी बैंक में आये शारीरिक दूरी बनाकर इस संकट की घड़ी में आप अपना और अपने साथ खड़े अन्य व्यक्ति के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें  !
इसी तरह बैंक ऑफ इंडिया कियोस्क शाखा के संचालक विक्रम चैहान और ललित गुजराती ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े से हमारे क्यों स्तर पर भी काफी अधिक संख्या में खाताधारक आ रहे हैं लेकिन हम भी लाइन लगाकर शारीरिक दूरी बनाकर  लेन देन की प्रक्रिया कर रहे है साथ ही स्वास्थ के प्रति सजग रहने का और मास्क पहनने के लिए प्रेरित भी कर रहे है !

बैंक कर्मी...ये भी है कोरोना वारियर्स, संक्रमण के खतरों के बीच निरन्तर है डटे हुए

करंसी के सतत प्रवाह में भी अपनी सुरक्षा के साथ कार्यरत रहकर ग्रामीण हितग्राहियों को दे रहे है सोशल डिस्टेंसिग का सन्देश
छुट्टियां लिए बिना निरंतर कार्यरत है ये कोरोना योद्धा
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
 कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में एक और जहां  सारे देश के नागरिक और ग्रामीण हर स्तर पर पर अपना-अपना सहयोग दे रहे हैं, वही इस बड़ी लड़ाई  के महत्वपूर्ण मोर्चे पर बैंक कर्मी भी  अपना बड़ा योगदान दे रहे हैं। संक्रमण के बड़े स्रोत नगद करेंसी के बीच कार्यरत रहते हुए ग्रामीणों की निरंतर सेवा कर रहे हैं हैं। 
 ग्राम स्तर की बात करें तो कट् ठीवाड़ा में तीन बैंकों के कार्यालय हैं।  बैंक ऑफ बड़ौदा, नर्मदा धार ग्रामीण बैंक एवं जिला सहकारी बैंक,  इन बैंकों के द्वारा लॉक डाउन पीरियड के दौरान अब तक सैकड़ों हितग्राहियों के खातों में धनराशि जमा करने के साथ में उन खातों से ग्रामीणों को नगद राशि उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे वह अपनी दैनंदिनी आवश्यकताओं की व्यवस्था कर सके और lockdown 2 के दौरान शासन की सुविधाओं का उन्हें लाभ मिल सकें। 
सोशल डिस्टेंसिग का आग्रह इतना ज्यादा है कि बैंकों में हितग्राहियों के चप्पल भी सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते नजर आ रहै है। 

 चित्र--कट् ठीवाड़ा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर लाइन में खड़े हितग्राहियों के स्थानों पर रखे चप्पलों का। 
 बैंक ऑफ बड़ौदा के स्थानीय प्रबंधक अभिषेक इक्का एवं कर्मी योगेश धनोतिया ने बताया की शासन द्वारा जारी की गई ___प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत गरीब ग्रामीणों के जनधन खातों में ₹500 एवं वरिष्ठ नागरिकों के खातों में ₹1000 की राशि जारी की गई है, जिसे उनके  स्टाफ द्वारा अधिकतम कोशिश कर ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभांवित गया है।  बैंक मित्रों (बीसी) द्वारा ग्रामीण अंचल में निरन्तर जाकर हितग्राहियों को उनकी आवश्यक राशि जारी की जा रही है।  इस दौरान बैंक मित्र, ग्रामीणों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन  के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। प्रबंधक एक्का ने बताया कि उच्च कार्यालय के निर्देशों के अनुसार उन्हें अल्टरनेटिव कार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं, किंतु उनके सभी कर्मचारी स्वेच्छा से नियमित कार्यालय जा रहे हैं। उनका मानना है कि  ग्रामीण  हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानियां ना हो इसके चलते उन्होंने किसी तरह की छुट्टियों का आवेदन भी नही दिया है।  बस उनका ध्येय  लॉकडाउन अवधि में गरीब हितग्राहियों को अधिकतम रूप से अपनी सेवाएं उपलब्ध करवाना है जिससे वे अपनी परेशानियों से मुकाबला कर सकें।  

नर्मदा धार ग्रामीण बैंक के प्रबंधक बीएल उपाध्याय एवम  कैशियर मीणा ने बताया की ग्रामीण अंचल से आने वाले वाले ग्रामीण हितग्राहियों पर विशेष फोकस कर रहे हैं, जिससे उन्हें राशि उपलब्ध होने में किसी तरह की परेशानी ना आए एवं उन्हें बैंक की शाखा में बार बार आने की परेशानी ना हो। प्रबंधक उपाध्याय के अनुसार उनके बैंक मित्रों के द्वारा भी ग्रामीण अंचलों में सतत राशि उपलब्ध करवाई जा रही है एवं निरंतर ग्रामीणों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में चेतना भी जगाई जा रही है।  जिला सहकारी बैंक  के स्थानीय प्रबंधक निर्भय सिंह तोमर ने बताया की  lockdown  2 के दौरान विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण अंचलों  से आने वाले हितग्राही हितग्राही परेशान होते हैं,  किंतु वह और उनका स्टाफ उन्हें पूर्णतया संतुष्ट करने की कोशिश करते हैं। निर्धारित समय तक बैंक में आए अधिकतर हितग्राहियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की पूर्ण प्रयास करते हैं। 

रूपये निकालने को दर दर भटकती बुजुर्ग महिलाएं

132 गाँव की तहसील मै सही तरह से भुगतान नही हो पा रहा है
सोंडवा से सुजीत कुशवाह की रिपोर्ट।
सोडवा तहसील मै लगभग 50  ग्राहक  सेवा केन्द्र तथा  बैक होने के बावजूद बुजुर्ग परेशान हो रहे है अपना ही पैसा बैक से निकालने के लिए भरी दोपहर मायूस होकर इधर उधर दौड़ रहे है    बैक आफ बड़ौदा  शाखा सोडंवा  के ग्राहक सेवा केन्द्र की 21 एजेंसी है अगर एक दिन मै इक्कीस गाँव में तथा छेतरीय  ग्रामीण बैक की चार  ( सोडंवा वालपुर उमराली छकतला ) शाखायें है और करीब 20 सेवा केन्द्र की एजेंसी कार्य रत है तथा दो सहकारी बैक (उमराली तथा छकतला) मै काम कर रहे है लेकिन फिर भी 132 गाँव की तहसील मै सही तरह से भुगतान नही हो पा रहा है   ग्राहक सेवा केन्द्र धारी का आरोप है कि हमैं  बैक  भुगतान के लिए नगद दे  नही रहे है जिसके कारण वह भी सेवा नही दे पा रहे है आखिर किस कारण बैक उन्हे  उनके खातें मै पड़ा पैसा नही दे रही
हालत ये है  बैक आफ बड़ौदा की शाखा  ग्राहक  सेवा केन्द्र को  तीन दिन से कोई भुगतान नही  कर रही है  रोक लगा रखी है सिलौटा सेवा केन्द्र धारक ने कलेक्टर मैडम को भी इसकी सूचना दी है  प्रशासन को चाहिए कि वह सरपंच तथा सचिव और  ग्राहक सेवा केन्द्र और बैंको  के बीच समन्वय बैठाकर पंचायत मै एक एक दिन भुगतान करने की वयवस्था  कर मुख्यालय पर लग रही भीड़ से मुक्ति  पा सकती है  बैंक को तब तक बंद कर देना चाहिए कभी पेमेटं नही कभी लिक फ़ेल जैसी बाते भी बंद हो जायेगी जन धन 
 खाते मै लेन देन न होने के कारण  खाते बंद हो गये है जिसके कारण महिलाएं परेशान हो रही है अगर यह  जागरूकता खाता खोलते समय या अभी पंचायत सचिव के द्वारा गाव गाँव कर दी जाये तो जनता मै पेनिक फैलने पर रोक लग सकतीं हैं और भीड़ इकट्ठी होने पर अंकुश लग सकता है  खाते चालू होने मै 10 से 12 दिन का समय देकर अभी बुजुर्ग महिलाओं को भरी दोपहर मै वापस भेजा जा रहा है जिनके  खाता बंद उनके कागज पंचायत एक  साथ इकटठा कर बैंक मै जमा कराये जिससे गाँव गाव से लोग तहसील मुख्यालय पर न आये गीता भुवान सिंह बलकु नहार  सिह,झिगली भ्रम सिह दूर बाई अमर सिंह सभी दरकली बयडी फलिया को खाते बंद होने के कारण बगैर पैसा लिए 10 किलो मीटर पैदल चलकर वापस जा रहे हैकुल बैक की7 शाखायें तथा 43 सेवा केन्द्र तथा क ई पोस्ट आफिस बैक होने के बावजूद तो निश्चित ही  प्रशासन तथा बैक के बीच समन्वय का अभाव है जो नयी समस्या पैदा कर रहा है 
अगर यू ही भीड़ गाव से आती है तो लाक डाउन का कोई मतलब नही है

जिले में उदयगढ़ व आजादनगर को छोड़ कर जिले की सभी बैंक कल से होंगी शुरू

कलेक्टर ने जारी किए आदेश, सिर्फ आंतरिक काम होंगे
आजादनगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट
जिले में एक कोरोना पोसेटिव रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने आजाद नगर और उदयगढ़ को कंटेनमेंट छेत्र घोषित कर दिया है। इसी के चलते कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है कि  उदयगढ़ और आजादनगर (भाभरा) ब्लॉकों को छोड़कर अलीराजपुर जिले की सभी बैंक शाखाएं कल से अपने आंतरिक काम के लिए खुली रहेंगी, साथ ही इन दो स्थानों को छोड़ कर बीसी (बिजनेस मेजेमेंट) को ग्राहकों को भुगतान करने की अनुमति है। शाखाएं आवश्यकता के मामले में अपने बीसी को भुगतान कर सकती हैं। जिले में आजाद नगर और उदयगढ़ ब्लॉक की सभी बैंक  शाखाएँ और बीसी अंक अगले निर्देश तक बंद पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। यह जानकारी एलडीएम अलीराजपुर  सौरभ जैन ने सभी शाखा हेड्स को मेसेज के माध्यम से दी है।

बैंको की मनमानी से परेशान होती जन-धन खाता धारी

लाक डाउन के दौर में भी बैंक अफसर खाताधारकों को कर रहे है परेशान
सोंडवा से सुजीत कुशवाह की रिपोर्ट
पूरे देश में कोरोना वाईरस के चलते लाक डाउन चल रहा है। सभी प्रकार की दुकानें आदि बंद है। ऐसी स्थिती में भी बैंक अफसर अपनी अफसरी गरीब खाताधारकों पर झाड़ रहे है और उनसे आधार कार्ड की फोटो कापी मांगी जा रही है। अब दुकानें बंद है तो फोटो कापी कहां कराने जाएंगे खाताधारक। जबकि अपने खाते से राशि निकालने के लिए वे बैंक द्वारा दी गई फोटो युक्त बचत खाता पास बुक लेकर साथ में आए है उसके बावजूद भी बैंक अफसर इतनी सी भी मानवीयता नहीं दिखा रहे है। ऐसा ही एक मामला सोंडवा में आज सामने आया है जब दस किमी पैदल चलकर जब एक महिला अपने खाते से राशि निकालने के आई तो उससे बैंक अफसरों ने आधार कार्ड की फोटो कापी मांगी और बैंक अफसरों से मान मनुहार के बाद भी उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और उसे बिना राशि दिए ही कथित तौर पर लौटा दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार सोंडवा में बैंक आफ बड़ौदा की शाखा से जन-धन खाते से  500 रूपये निकालने के लिए आधार कार्ड की फोटो कापी की मांग की जा रही  जबकि लाक डाउन होने के कारण  सभी दुकान बंद है।  जबकि जिस समय ये खाते खोले गये थे उस समय सभी कागजात दिये गये थे ऐसे मै गरीब  खाता धारक से हर बार पैसे निकालते समय आधार कार्ड की मांग करना कहा तक उचित है ।

 सोमवार को खजली पति नुरखा उम्र 55 साल निवासी वरली पानी फलिया दरकली की आज 10  किलों मीटर पैदल चलकर पहुंची थी लेकिन वह आधार कार्ड की फोटो कापी कराने के लिए दर दर भटकती रही। खजली बाई ने बताया कि गांव में दुकानें सब बंद है अब फोटो कापी कहां से करवाउ। बैंक वाले परेशान कर रहे है। इस प्रकार बैंक में आधार कार्ड की फोटो कापी की मांग की जाना सरकार के नियमो की आड़ मै परेशान करना है जबकि आधार कार्ड की अनिवार्यता पर भी संशय बना हुआ है।  जन-धन खाता खोलते समय पैसा   न होने के कारण कम से कम मै और बहुत से खाते( पडने वाले बच्चो के  फ्री मै खोले गये थे ऐसे मै वह नियमानुसार लेन देन कैसे कर पायेंगे।  मिनिमम बेलेंस कैसे रख पाएंगे। वही क्षेत्रीय ग्रमीण बैक में  तो पैसे ही नही रहने के कारण  खाता  धारक कई किलो मीटर की दूरी से आकर वापस लौट रहे है।
इस मामले में जब बैंक प्रबंधक से हमने उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।