अभिमन्यु-3 अभियान महिला सुरक्षा एवं समानता की दिशा में आलीराजपुर पुलिस की बड़ी पहल


पुलिस अधीक्षक ने किया छात्र-छात्राओं को संबोधित, महिलाओं का सम्मान ही सशक्त समाज की नींव
आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो
जिले में पुलिस विभाग द्वारा “अभिमन्यु-3” विशेष जन-जागरूकता अभियान 23 सितंबर से चलाया जा रहा है जो आगामी 02 अक्टूबर को समाप्त होगा। इस अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध घटित अपराधों की रोकथाम, घरेलू हिंसा पर नियंत्रण, साइबर अपराधों से सुरक्षा तथा समाज में पुरुषों को भी जागरूक कर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण का निर्माण करना है। सोमवार को स्थानीय पी.जी. कॉलेज के ऑडिटोरियम हॉल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर एसपी रघुवंश कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते किया।

एसपी सिंह ने कहा कि महिला एवं बालिका सुरक्षा के संबंध में छात्र-छात्राओं को बताया गया कि महिलाएं एवं बालिकाएं समाज का आधार हैं और उन्हें सदैव देवी स्वरूपा मानकर उनके सम्मान व सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लिंग अनुपात एवं रूढ़ीवादिता व घटते लिंग अनुपात और भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाकर समाज को संतुलित एवं प्रगतिशील बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। रूढ़ीवादी परंपराओं को त्यागकर महिला एवं पुरुष दोनों को बराबर का सम्मान एवं अवसर प्रदान करने का आह्वान किया। एसपी सिंह ने कहा कि महाभारत के वीर योद्धा अभिमन्यु को गर्भावस्था के दौरान ही चक्रव्यूह भेदन का ज्ञान प्राप्त हुआ था। उसी उदाहरण के माध्यम से समझाया गया कि यदि बचपन से ही बच्चों में शिक्षा, संस्कार और जागरूकता का बीजारोपण किया जाए तो वे भविष्य में सशक्त नागरिक बनकर समाज की रक्षा करेंगे। अतः प्रत्येक छात्र-छात्रा अभिमन्यू बनकर विशेषकर महिला बच्चों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।



  कानूनी प्रावधान एवं हेल्पलाइन नंबर पर उपस्थित विद्यार्थियों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देकर इनके प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया। साइबर अपराध एवं सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर साइबर फिशिंग, फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, वीडियो/फोटो शेयरिंग आदि के खतरों से सावधान रहने एवं सजगता से कार्य करने की अपील की।
. कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा त्रिलोकसिंह पंवार ने भी छात्रों से संवाद करते हुए यातायात नियमों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर महिला थाना प्रभारी मनोरमा सिसोदिया, उनकी प्रधान आरक्षक कला व सुधा, आरक्षक राम एवं वीरेन्द्र  तथा पी.जी. कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मीना सोलंकी सहित प्राध्यापकगण सुरेंद्र सस्तिया,  प्रदीप कनेश, सुरजीत सिंह जाट, महेश जामोद एवं संतोष सूर्यवंशी उपस्थित रहे।

घर की फूट तो जगत की लूट कहावत हुई चरितार्थ

खुदाई में मिले सोने के सिक्कों के बंटवारे के विवाद के चलते मामला हुआ जगजाहिर

सोंडवा पुलिस ने भी लगे हाथ सिक्कों पर की नियत खराब, अब जांच में मामला  

एसपी हंसराजसिंह सिंह ने थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ 

घर की फूट तो जगत की लूट वाली कहावत जिले के सोंडवा कस्बें के एक मामले से चरितार्थ होती हुई दिखाई दी है। मामला भी बेहद दिलचस्प है किंतु इस मामले में कथित तौर पर सोंडवा पुलिसकर्मियों की भी नियत खराब हो गई और पुलिस पर ऐसा आरोप है पुलिस जमीन में गाड़े गए सोने के सिक्के निकाल ले आई। मामले ने तूल पकड़ा और सोंडवा भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपालसिंह खरत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सिक्के वापस करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। पुलिस व प्रशासन के बड़े अफसर थाने पर पहंुचे। फिलहाल इस मामले में एसपी  हंसराजसिंह ने जांच के आदेश देते हुए सोंडवा थाना प्रभारी सहित तीन अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। 



यह है मामला 

जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम बेजड़ा में एक आदिवासी मजदूर परिवार से सोंडवा पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर जमीन में गाड़कर रखे गए सोने के सिक्कें जबरन ले आए व घर की महिलाओं से अभद्र व्यवहार कर कथित तौर पर मारपीट भी की। मजदूर परिवार को गुजरात में मजदूरी के दौरान सोने के सिक्के मिले थे जिसे वे अपने साथ घर ले आए। इस मामले को लेकर सोंडवा भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपालसिंह खरत के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने आंदोलन करते हुए थाने पर प्रदर्शन करते हुए घेराव कर दिया। एसडीएम प्रियांशी भवर और एसडीओपी श्रद्धा सोनकर भी थाने पर पहुंच गई और लोगों को समझाइश दी। जिसके बाद मामले की जांच के निर्देश देते हुए एसपी हंसराजसिंह ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मीयों पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं सिक्के की जप्ती के बाद ही यह पता लग पाएगा की वे किस धातु के है। लेकिन देर शाम होते होते एसपी सिंह ने सोंडवा थाना प्रभारी विजय देवड़ा, प्रधान आरक्षक सुरेश चौहान, आरक्षक राकेश डावर व आरक्षक विजेंद्रसिंह चौहान को निलंबित कर दिया। साथ ही चारों के खिलाफ 379 में मामला भी दर्ज कर लिया गया है।



सिक्के मिलने की यह है कहानी 

सोंडवा थाना थेत्र के ग्राम बेजड़ा निवासी रमकु पति बंशी भयडिय़ा द्वारा आरक्षक राकेश डावर और उसके अन्य तीन साथियों के विरूद्ध चोरी के सिक्के लाने के संबंध में थाना सोंडवा में शिकायत की । शिकायकर्ता रमकु की शिकायत में बताया गया कि आरक्षक राकेश डावर व अन्य तीन साथी जो उसके घर पर 19 जुलाई को सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच आए और उसे घर से बाहर भगाते हुए पैसे मांगने लगे इस दौरान वे हम पुलिस वाले है बोलकर घर के अंदर घुस गए। उन्होंने घर के अंदर जमीन खोदकर उसमें रखे 220 सोने के सिक्के लेकर चले गए। आवेदिका का कहना है कि वह गुजरात मजदूरी करने गई थी उसके साथ उसके जेठ की बहु बाजरी को मिटटी में ये सिक्के मिले थे। जिसे लेकर वे लोग अपने घर ग्राम बेजड़ा आए थे। जबकि 20 सोने के सिक्के जेठ की बहु बाजरी के यहां ले गए थे। इस तरह कुल 240 सिक्के थे जिसे पुलिस कर्मी आकर ले गए जिन्हे हम चेहरे से जानते है। 

घर की फूट तो जगत की लूट

यह मामला दो दिनों से पूरे जिले में चर्चित हो गया है। पुलिस कर्मियों से पूछताछ में ही सही जानकारी मिल सकेगी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि सोने के सिक्के ही है। किंतु फिलहाल के पुलिसकर्मियों ने कहां ले जाकर रख दिए व छुपा दिये यह सारी चीजें पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। इस घटना ने यह कहावत फिर से चरितार्थ हो गई है कि घर की फूट तो जगत की लूट। यदि आदिवासी परिवार राजी बाजी से खुदाई में मिले सिक्कों का आपस में बंटवारा कर लेते तो और बात बाहर नहीं आती तो यह घटना होने की संभावना कम रहती फिर भी लालच जो कराए उसका क्या हो सकता है। यदि सोने के सिक्के सही में है तो फिर यह मामला लाखों में या फिर एक करोड़ से उपर का हो सकता है।



सिक्के की जप्ती के बाद यह पता लगाया जाएगा कि ये सिक्के किस धातु के है। मामले में पुलिस द्वारा गंभीरता से पड़ताल की जा रही है सोंडवा थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सिक्के कहां से लाए गए उसकी जांच भी की जा रही है।

-हंसराजसिंह, एसपी आलीराजपुर.


जिले के उमराली में लव जिहाद के चलते एक युवक ही हत्या

पुलिस ने किया दो आरोपियों को गिरफ्तार

जिले में लव जिहाद का पहला मामला- पत्रकार वार्ता में एसपी मनोज सिंह ने किया खुलासा 

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

जिले में लव जिहाद का पहला मामला सामने आया है। जिसमें आरोपी ने एक युवक की हत्या कर लाश नदी में फेंक दी। पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल के बाद इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफतला प्राप्त की है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामला जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत चौकी उमराली के ग्राम वेगलगांव में हुई घटना का है। आलीराजपुर पुलिस महिला संबंधी अपराधों पर बहुत ही तत्परता व संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है। यह खुलासा एसपी मनोज सिंह ने पुलिस कंट्रोल रुम पर रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में किया। 



उल्लेखनीय है कि जिले की उमराली की एक आदिवासी विवाहिता को एक कुक्षी निवासी एक मुस्लिम युवक ने अपने प्रेम जाल में फंसाया फिर महिला का ब्रेन वाश कर उसी के साथ मिलकर उसके पति की चाकूओं व धारदार हथियारों से गोद कर निर्ममता पूर्वक हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। इस हत्याकांड से उमराली क्षेत्र के आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है।

एसपी मनोजसिंह ने किया खुलासा

पत्रकार वार्ता में एसपी मनोजसिंह ने बताया कि जिले के सोंडवा थाना अंतर्गत चौकी उमराली के ग्राम वेगलगांव की अनखड़ नदी में गत 10 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। पुलिस ने शिनाख्त करवाई तो मृतक की पहचान विरेंद्र पिता सरदार भिलाला ग्राम उमराली के रुप में हुई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरु की तो पुलिस को बहुत ही चौंकाने वाली व हैरतअंगेज जानकारी मिली। एसपी मनोजसिंह ने बताया कि मृतक का पीएम सीएचसी सोंडवा में करवाया गया। शार्ट पीएम रिपोर्ट के बाद सोंडवा थाने पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 291/22 धारा 302 में कायम कर विवेचना में लिया गया व अज्ञात  आरोपियों की धरपकड़ हेतु थाने से टीम बनाकर रवाना किया गया। मुखबिर की सूचना मिली की आरोपी इंदौर ग्राम महू में निवासरत है। उक्त टीम द्वारा इंदौर महू सायबर सेल की टीम आलीराजपुर की मदद से जीशान पिता सलीम कुरैशी निवासी कुक्षी की घेराबंदी कर पकड़कर थाना लाकर हिकमतअली से पूछताछ करने पर मृतक विरेंद्र की पत्नि कविता के साथ प्रेम संबंध होना बताया गया साथ ही गत 8 सितंबर को विरेंद्र की हत्या अपने साथी सकील पिता सलीम निवासी कुक्षी तथा विरेंद्र की पत्नि कविता के साथ मिलकर हत्या करना बताया तथा लाश को नदी में फेंककर स्वयं की मोटरसायकिल से कुक्षी जाना बताया। मृतक की पत्नि कविता को धार जिले में अपनी रिश्तेदारी में छोड़ना बताया। इसके बाद पुलिस ने आरोप सकील को कुक्षी से व बताए गए स्थान से कविता को गिरफ्तार कर लिया।

ब्रेन वाश किया 

एसपी मनोजसिंह ने खुलासा किया कि आरोपी ने कविता से प्रेम संबंध बनाकर उसका लगातार ब्रेन वाश किया उसे मस्जिदों में ले गए उससे संबंध भी बनाए व उसका धर्म परिवर्तन भी कराने का प्रयास किया। इसकी जानकारी भी पुलिस को आरंभिक पूछताछ में मिली है। आरोपी के अन्य युवतियों से भी संबंध होने की जानकारी मिली है पुलिस इसकी गहराई से पड़ताल कर रही है जिसमें लव जिहाद से जुड़े और कई तथ्य सामने आ सकते है। 

पुलिस टीम का रहा सराहनीय योगदान 

एसपी मनोजसिंह, एएसपी सेंगर व एसडीओपी श्रद्धा सोनकर के निर्देशन में गठित पुलिस टीम में सोंडवा टीआई शेरसिंह बघेल, उप निरीक्षक गोविंद कटारे, उप निरीक्षक मोनिका मुजाल्दा, प्रधान आरक्षक सुदीप, आरक्षक दिनेश, बलराम, चालक वाजिद महिला आरक्षक लीला ने इस पूरे मामले में गंभीरता से पड़ताल कर उक्त कार्रवाई की। इस मामले में आरोपी जीशान पिता सलीम कुरैशी निवासी कुक्षी, कविता पति विरेंद्र, शकील पिता सलीम, निवासी कुक्षी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 291/22 की धारा 302 भादवि, धारा 201, 120बी, 212, 34 भादवि एवं लह जेहाद में धारा 3-1 क/5 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एवं 3/5 एसटी एक्ट में गिरफ़्तार किया जाकर विवेचना जारी है। 

 

आरक्षक पर हमला करने वाले लिस्टेड गुंडे का शार्ट एनकाउंटर

आरक्षक के सिर पर हमला कर किया था घायल, पत्रकार वार्ता में एसपी ने किया खुलासा

अलीराजपुर न्यूज़ ब्यूरो।

अलीराजपुर पुलिस ने ड्यूटीरत सिपाही गंगाराम पर प्राणघातक हमला करने वाले लिस्टेड गुंडा वीनू उर्फ प्रवीण को घेराबंदी कर शार्ट एनकाउंटर कर हिरासत में लिया। घटना अनुसार 17 सितंबर की रात पुलिस थाना कोतवाली अलीराजपुर में पदस्थ असूचना संकलन आरक्षक गंगाराम सोलंकी और आरक्षक नागरसिंह चेहलुम त्योहार के ताजियों की जानकारी लेने के लिए असाडपुरा क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सोरवा नाका तिराहे पर अलीराजपुर थाना क्षेत्र का गुंडा बदमाश वीनू उर्फ प्रवीण द्वारा आरक्षक क्रमांक-475 गंगाराम के सिर पर प्राणघातक हमला किया। आरक्षक गंगाराम पर हमला कर भागने के दौरान गिरने से वीनू को चोट आई। उसे अस्पताल उपचार हेतु ले जाया गया था इसी दौरान वह डराते थमकाते हुए जिला अस्पताल से पुलिस और अस्पताल स्टॉफ को चकमा देकर भाग निकला।


 बदमाश वीनू को पकडने हेतु चारों तरफ से घेराबंदी की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे तथा तत्काल एक ओर से उन्होंने स्वयं एवं दूसरी तरफ से एसडीओपी अलीराजपुर सुश्री श्रृद्धा सोनकर एवं थाना प्रभारी कोतवाली श्री शिवराम तिलोरे एवं पुलिस बल द्वारा वीनू को भयडिया की चौकी एवं दीपा की चौकी की सीमा पर घेराबंदी कर रोकने का प्रयास किया गया। बदमाश वीनू ने स्वयं को चारो तरफ से घिरा देखकर उसने पुलिस अधीक्षक श्री सिंह की तरफ फायर किया जिससे पुलिस अधीक्षक बाल-बाल बचे। बदमाश को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई परन्तु उसके बाद भी उसने पुलिस पर फायर किया जो एसडीओपी अलीराजपुर सुश्री सोनकर की गाडी पर लगा, जिससे वे भी बाल-बाल बचीं। पुलिस को आत्मरक्षार्त बदमाश को पकडने के लिए सर्विस पिस्तोल से फायर करना पडा जो बदमाश वीनू के पैर में लगा। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ कम से कम बल प्रयोग कर गोली चालन कर बदमाश आरोपी वीनू उर्फ प्रवीण को हिरासत में लेकर उपचारार्थ जिला अस्पताल अलीराजपुर भेजा गया। पुलिस आत्मरक्षार्थ बदमाश वीनू पर गोली नहीं चलाती तो पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की जान जा सकती थीं।  


       


बदमाश वीनू उर्फ प्रवीण थाना अलीराजपुर का लिस्टेड गुण्डा बदमाश है जिस पर मारपीट तोडफोड आर्म्स एक्ट, जुआ, आबकारी, अबैध बसूली इत्यादि के पूर्व 09 गंभीर प्रकरण पंजीबध्द है एवं प्रतिवंधात्मक धाराओं के 05 प्रकरण है। मई माह में बदमाश पर रासुका की कार्यवाही भी की गई थी। मई माह के अन्तिम सप्ताह में जेल से रिहा होने के बाद बदमाश का 122 जा.फौ. की कार्यवाही भी की गई थी। बदमाश जुलाई मांह मे जेल से छूटकर अलीराजपुर जिले में वीनू का आतंक है। इसके भय से थाने में रिपोर्ट करने से आम लोग डरते है। प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्यवाही करने हेतु पुलिस लगातार बदमाश वीनू को तलाश रही थी परन्तु वह भागता रहा। शनिवार रात्रि 09.15 बजे के करीब पेट्रोलिंग कर रहे जवान गंगाराम पर प्राणघातक हमला करने की घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस द्वारा वीनू का शार्ट एनकाउंटर कर हिरासत में लिया गया। घायल अवस्था में बदमाश वीनू को जिला चिकित्सालय अलीराजपुर में उपचारार्थ भर्ती किया गया। आरक्षक गंगाराम भी जिला अस्पताल में ईलाज हेतु भर्ती है। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर आरक्षक गंगाराम का हाल जाना। 


फोटो:- 1. बदमाश वीनू उर्फ प्रवीण द्वारा किये गए हमले में घायल आरक्षक गंगाराम। 

2. बदमाश वीनू उर्फ प्रवीण का शार्ट एनकाउंटर स्थल पर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार सिंह एवं अन्य स्टॉफ।

एसपी मनोज सिंह के नेतृत्व में नगर में निकला पुलिस कि फ्लैग मार्च

नगर में त्योहारों को शांति और सद्भाव मनाए नागरिक

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ

जिला मुख्यालय पर शनिवार शाम 6:00 बजे करीब पुलिस कंट्रोल रुम से एसपी मनोज सिंह के नेतृत्व में लेक मार्च निकाला गया फ्लेग मार्च पुलिस कंट्रोल रुम से आरंभ होकर रामदेव मंदिर चौराहा, झंडा चौक, एम जी रोड़ होते हुए बस स्टैंड पहुंचा।।


फ्लेग मार्च में एसपी सिंह सर के अलावा श्रद्धा सोनकर टीआई शिवराम तारोले,प्रधान आरक्षक व बड़ी संख्या में महिला पुलिस व पुलिस जवान साथ में थे। उक्त फ्लैग मार्च नगर में आगामी दिनों में आने वाले रक्षाबंधन, मोहर्रम, जन्माष्टमी आदि पर्व को  देखते हुए निकाला गया। पुलिस ने नागरिकों से शांति व सद्भाव से त्यौहार मनाने की अपील की गई है।


हादसे के बाद मृत बालिका के घर पहुँचे कलेक्टर ओर एसपी

भाइयों को इंग्लिश मीडियम में एडमिशन करवाने की बात कही

माता पिता को विकलांग सहायता के तहत शासकीय सुविधा देने के आदेश

घटना के 7 आरोपी चिन्हित 3 गिरफ्तार

चन्द्र शेखर आजादनगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट

3 दिन पहले ग्राम छोटीपोल के बरझर फाटक पर हुए दर्द नाक हादशे में जान गवाने वाली 8 वर्षीय बालिका कांजी पिता राकेश के घर कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर ओर एसपी मनोज कुमार पहुँचे । ग्राम बडिपोल में  निवासरत राकेश ओर उसकी पत्नी  विकलांग है। कलेक्टर ने दोनों से चर्चा कर उन्हें ढाढस बंधाया ओर विकलांग सहायता के तहत उन्हें नियमानुसार मदद का अस्वाशन दिया।
 साथ ही मृतिका के भाई को इंग्लिश मीडियम स्कूल में उनके माता पिता की अनुमति लेकर एडमिशन के आदेश उपस्थित अधिकारियों के दिये। कलेक्टर के साथ एसडीओपी नीरज नामदेव, एसडीएम किरण आंजना, तहसीलदार जितेंद्र तोमर थाना प्रभारी विजय देवड़ा भी मौजूद थे।


घटना में उन्मादी लोगो ने ड्राइवर को वाहन सहित आग लगा दी थी, जिसमे ड्राइवर मगनसिंग पिता मानसिंग की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार कलेक्टर ओर एसपी जोबट ड्राइवर के निवास पर भी गए ओर शासकीय सुविधा उपलब्ध करवाने की बात कही।


छावनी बना गांव  7 नामजद तीन गिरफ्तार

थाना प्रभारी विजय देवड़ा ने बताया कि लोडिंग वाहन से बालिका की मौत के बाद कुछ लोगो ने ड्राइवर को वाहन सहित जला दिया गया था।  एसपी महोदय के आदेश के बाद धारा 302 के तहत कायमी में 7 लोगो को चिन्हित कर दिया गया था। जिसमें तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं । आरोपी राहुल पिता जुवान सिंह सिंघाड़ भील (24 ) निवासी छोटीपोल भाभर  फलिया,
पांगलिया पिता बूचा सिंघाड़ भील ( 48) निवासी छोटीपोल तड़वी फलिया,
राकेश पिता अकबर भाबर भील उम्र (26) साल निवासी छोटीपोल दीपला फलिया 3 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है।  बाकी आरोपी भी जल्द ही पुलिस की पकड़ में होंगे।



डीआईजी ने किया था मौका मुआयना

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी चन्द्रशेखर ने मौके पर पहोच कर अधिकारियों को आरोपितों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए थे।

फखरी मिनरल्स से चोरी हुआ ट्रेक्टर, मिनरल्स मालिकों ने एएसपी को सौंपा आवेदन

एएसपी सेंगर ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन 

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

आलीराजपुर मिनरल एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सेंगर को पुलिस अधीक्षक महोदय, के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई की फखरी मिनरल एण्ड ग्राइण्डिग इण्डस्ट्रीज से चोरी हुआ ट्रेक्टर मय ट्राली का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई है।


मिनरल्स मालिकों ने एएसपी सेंगर से उपरोक्त ट्रेक्टर का पता लगाने व अन्य मांगो के संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु निवेदन किया। एएसपी सेंगर ने सेंगर ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन देते समय ओछबलाल सोमानी, मदनलाल माहेश्वरी, युनुस रियाज, कृष्णकान्त बेडिया, इब्राहीम सेठ मोटरवाला, श्रीकृष्ण गुप्ता, राजु गेहलोत सहीत अन्य मिनरल एसोसिएशन के अन्य  सदस्य उपस्थित थे। यह जानकारी बाहरपुरा युवा मंच के सदस्य व समाजसेवी मुन्ना सेठ बेड़िया ने दी।




जोबट में नए एसडीओपी ने संभाला कार्यभार

जोबट के नए एसडीओपी नीरज नामदेव से लोगो को उम्मीदें

अलीराजपुर न्यूज़।

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट

कई ऐसे पुलिस अधिकारी है जिनको अपनी ईमानदार कार्यशैली के चलते जनता का भरपूर प्यार मिला है, इन्हीं में से एक पुलिस अधिकारी नीरज नामदेव भी है। इनकी पोस्टिंग जोबट के नए एसडीओपी के रूप मे हुई हैं। सीधी से जोबट पहुँचकर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जोबट के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। इसके पूर्व नामदेव सीधी जिले में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थेण् जोबट को डायरेक्ट डीएसपी के रूप में पूर्व में अमृतलाल मीणा और ज्योति ठाकुर मिले थे‌। अब कई वर्षों के बाद जोबट को फिर डायरेक्ट डीएसपी के रूप में नीरज नामदेव मिले हैं। सीधी से स्थानांतरण होकर अब पुलिस विभाग द्वारा उन्हें जोबट एसडीओपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग के लोगों में उनकी छवि एक तेजतर्रार युवा अधिकारी की मानी जाती हैं। डीएसपी नामदेव ‌ मुलतरू जबलपुर के निवासी हैं। वर्ष 2017 में पीएससी से चयनित होकर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी बने।



मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के जोबट अनुभाग को डीएसपी नीरज नामदेव के रूप में एक अच्छा पुलिस अधिकारी मिला हैं। जो अपने विशेष कार्यशैली को लेकर इन दिनों पहचाने जाते हैं


एसडीओपी नीरज नामदेव ने कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर जोर देना अपनी प्राथमिकता बताया है।जोबट एसडीओपी का कार्यभार संभालने के बाद अपने अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों से परिचय लेकर जोबट अनुभाग की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेकर क्षेत्र का भ्रमण भी किया।

एसडीओपी जोबट नीरज नामदेव के पदभार ग्रहण करने के बाद स्वागत और शुभकामनाएं देने कई लोग एसडीओपी कार्यलय पहुंचे।



कौन है डीएसपी नीरज नामदेव


मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 2012 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षा के लिए नीरज नामदेव का चयन उपपुलिस अधीक्षक डीएसपी के पद पर हुआ था। इसके पूर्व नीरज का चयन पटवारीए हॉस्टल अधीक्षकएचार्ज मैन आर्मी बेस वर्कशॉप आगरा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सिवनी आदि जगह भी चयन हुआ था लेकिन नीरज नामदेव का सपना पुलिस सेवा में जाकर पुलिस की छवि सुधारना और जनता की सेवा करना था। इसके लिए वह लगातार परीक्षा की तैयारी में जुटे रहें आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। और 2017 में डीएसपी के पद पर चयन हुआ।


कई वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में भी दिया योगदान


डीएसपी व वर्तमान जोबट एसडीओपी नीरज नामदेव ने लगभग 4 वर्ष तक पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से 2010 तक मध्यप्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक चैनल के लिए जबलपुर जोन में पत्रकारिता करते थे।



फोटो 1 डीएसपी नीरज नामदेव


वालपुर भगोरिए में आदिवासी युवती से छेड़खानी करने वाले, वीडियो बनाकर वायरल करने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफतार

 एसपी मनोजकुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में किया खुलासा,

महिलाओं के साथ दुव्यवहार करने वाले दोषीयों को बख्शा नहीं जाएगा-एसपी सिंह

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

जिले के क्षेत्र प्रसिद्ध वालपुर भगोरिए में गत 12 मार्च शुक्रवार को आदिवासी युवती से छेड़छाड़ व जोर जबरजस्ती करने वाली शर्मनाक घटना घटित हुई थी।  जिसका भगोरिए में आए कुछ युवाओं द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया था। उक्त घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला प्रदेश स्तर पर चर्चित हो गया था वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष महेश पटेल ने इस मामले के दोषियों की पहचान बताने वाले को अपनी ओर से 11 हजार रुपए ईनाम देने की घोषणा भी कर दी थी। घटना के चर्चित होने के बाद से पुलिस प्रशासन दबाव में था वहीं प्रदेश सरकार के लिए भी यह घटना नाक का विषय बनी हुई थी कि किस प्रकार से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा महिला सशक्तिकरण व बेटी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर उनकी ही सरकार में बेटियों के खिलाफ इस प्रकार की शर्मनाक घटना घटित हुई। जिले में घटित इस शर्मनाक घटना के कारण पुलिस प्रशासन बेहद दबाव में था। एसपी मनोज सिंह व कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर दोनों को सोंडवा थाने में कैंप करना पड़ा और तीसरे दिन पुलिस दोषियों को पकड़ने में कामयाब हुई। 



आरोपी हुए गिरफ्तार

इस प्रकार की शर्मनाक घटना पुलिस के लिए चुनौती बनी जिसके चलते पुलिस को सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए रात दिन एक करना पड़ा पुलिस पर बने दबाव के बाद वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों सहित पुलिस ने आदिवासी युवती से जबरजस्ती करने वाले दोषियों को गिरफतार  करने में सफलता प्राप्त की। यह जानकारी एसपी मनोजसिंह ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रुम पर आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। एसपी सिंह ने बताया कि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद तकनीकि टीम व सायबर टीम और अन्य माध्यमों से वीडियों की पतारसी का गंभीरता से प्रयास किया गया। जिसके फलस्वरुप करीब 5 बजे ज्ञात हुआ कि उक्त वीडिया सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम वालपुर के भगोरिए का है एवं इस संबंध में किसी भी पीड़ित पक्ष द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई हैं। जिस पर स्वतः ही संज्ञान लेकर पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश आरंभ की गई। इसके लिए एसडीओपी श्रद्धा सोनकर के नेतृत्व में 5 सदस्यों की टीम का गठन किया गया। टीम के द्वारा एसपी की निगरानी में पतारसी करने पर आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो पाई। गिरफ्तारी शत प्रतिशत हो यह सुनिश्चित करने के लिए 13 मार्च को अलग अलग टीमों द्वारा दबिश दी गई। एसडीओपी श्रद्धा सोनकर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए मुख्य 4 आरोपियों के खिलाफ 354, 354ए एवं 34 में प्रकरण दर्ज किया गया है। एसडीओपी सोनकर ने बताया कि मुख्य आरोपी नरेंद्र पिता सोमला डावर 25 निवासी गणपुर, विशाल पिता कियादिया 18 निवासी गणपुर, दिलीप बुधा वास्केल 30 निवासी गणपुर एवं मुन्ना मांगीलाल भील 30 निवासी गणपुर थाना मनावर जिला धार के रहने वाले हैं। अन्य 11 आरोपी भी नामजद किए गए है। 


सिल्वर फाइनेंस ऑफिस में चोरी की वारदात

सिल्वर फाइनेंस के ऑफिस पर मेन गेट की शटर उचका कर घुसे चोर

अलीराजपुर न्यूज़ के लिए

 आजादनगर से विशाल वाणी।

नगर के सबसे व्यस्त मार्ग दाहोद रॉड पर बस स्टैंड के करीब मौजूद सिल्वर फाइनेंस की ऑफिस पर सोमवार -मंगलवार रात्रि के दरमियान चोर मेन गेट की सटर तोड़ कर घुस गए है। हालांकि की अभी चोरी कितने की हुई है यह स्प्ष्ट नही हो सका है पर यह आंकड़ा लाखो रुपये में जा सकता है। पुलिस मौके पर पहुँच कर घटना स्थल की जांच ओर सबूत जुटाने में लग गई है।



गश्त पर सवाल

चोरी के बाद नगर में जम कर चर्चा है कि नगर के सबसे व्यस्त मार्ग से चोरी हो जाना आश्चर्य की बात है। एक बार फिर पुलिस गश्त पर सवालिया निशान लगा रहा है। यदि मुख्य मार्ग पर गस्त सुस्त है, तो नगर के मध्य पुलिस चौकसी की क्या स्थित होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुलिस की दबिश में 18 हजार नगद,चार ताश की गेट ओर 6 के खिलाफ प्रकरण दर्ज

फिर से जुआ- सट्टा शुरू करने की जुगत में मास्टरमाइंड

नगर छोड़ ग्रामीण इलाकों में हुए सक्रिय

एसपी की सख्ती के बाद बीते  सप्ताह से लग गया है अंकुश

अलीराजपुर न्यूज़ के लिए विशाल वाणी की रिपोर्ट।

चन्द्रशेखर आजादनगर

 नगर में बीते कई महीनों से बे- रोकटोक चल रहा सट्टे - जुए का गोरख धंदा बीते सप्ताह जिला पुलिस कप्तान की सख्ती के बाद एकदम से बन्द हो गया। सप्ताह भर बाद अब फिर से इस अवैध धंदे के मास्टरमाइंड  गोरखधंधे को चलाने की  जुगाड़ में जुट गए है।

 पुलिस ने ग्राम खेरियामली में मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर जुआ चालते हुए 6 आरोपितों सहित 18 हजार रुपये नगद बरामद किए है। आरोपितों में एक आजादनगर व 5 गुजरात के निवासी है।

आरोपितों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।


 जिला अधिकारियों के दखल के बाद अंकुश

बीते कई महीनों से बिना किसी रोक टोक के चल रहे इस अवैध धंदे में बीते दिनों पुलिस ने सट्टा चलाते हुए केवल एक स्थानीय व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण पंजीबध्द किया था।  जबकि उसके बाद भी इस धंदे के मास्टरमाइंड पुलिस की नाक के निचे अवैध कारोबार को पुर जोर  चलाते रहे। अब जिला पुलिस कप्तान की सख्ती के बाद लगा अंकुश कब तक रह पाता है यह तो समय ही बताएगा, फिलहाल पुलिस पूरे एक्शन में है। सूचना पर दबिश देकर यह संदेश दे रही है कि जुए सट्टे के अवैध धंदे  को बर्दाश्त नही किया जाएगा ।



 सट्टा जुआ चलाने वालो को बिल्कुल बख्सा नही जाएगा।  पूर्व में एक व्यक्ति के खिलाफ सट्टा चलाते हुए प्रकरण भी पंजीबद्ध किया गया था।वर्तमान में भी 6 के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।विजय देवड़ा थाना प्रभारी आज़ाद नगर।

पुलिस प्रशासन की मनमानी से क्षेत्रिय ग्रामीण रहवासी व व्यापारी गण में आक्रोश

आंबुआ में प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों व दुकानदारों में आक्रोश

आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट।!

अलीराजपुर जिले में कोरोना कर्फ्यू 27 मई की सुबह 06 बजे तक बढ़ाया गया ए लेकिन पिछले 03 दिनों में बारिश व आंधी तूफान आ जाने से जो ग्रामीण इलाके के रहवासी है जिनके या तो मकान कच्चे है या जिनका इस आंधी तूफान में कुछ टूट फुट गया है या जिनके घरों तक जाने वाले रास्ते बारिश में खराब हो जाते है वे बाजार में इन दिनों बरसाती ए सीमेंट सरिया ए खाद बीज या जरूरत की अन्य वस्तु लेने हेतु बाजार में आने को मजबूर है।


ए जब ग्रामीण लोग व्यापारी के दरवाजे पर आकर अपनी गुहार से सामान देने को कहता है तो व्यापारी भी उसकी स्थिति व समस्या को देखते हुए सामान दे देता है लेकिन व्यापारी के सामान देने के समय पुलिस का आ जाना व बिना जरूरत मंद से  वजह जाने बिना कार्यवाही कर देना कही न कही पुलिस की मनमानी है कुछ व्यापारी को आए दिन थाने में ले जाया जा रहा है जो की गलत है पिछले कुछ दिनों में यह भी देखा गया की ग्रामीण इलाके में जिस परिवार में मृत्यु हुई हो वह अंत्येष्टि के लिए सामान लेने आया हो तो उस अंत्येष्टि के सामान देने पर भी व्यापारी को थाने बिठा कर ले गए है आज दिनांक 18 मई को आम्बुआ बाजार में कृषि सामान हेतु ग्रामीण इलाके के कई लोगो को देखा गया जिसका केवल एक ही कारण कल रात को बारिश आ जाना जिससे ग्रामीण जन जरूरत की चीजें लेने निकल पड़ा लेकिन पुलिस प्रसाशन की सख्ती के कारण कई व्यापारी को 188 उल्लघन के नोटिस दिए गए और कुछ को थाने ले जाया गया जिससे ग्रामीण इलाके के लोगो को बिना सामान के घर लौटना पड़ा ए जिससे व्यापारीगण व ग्रामीणों में पुलिस प्रसाशन के लिए रोष है ए आम्बुआ के व्यापारीगण ने माननीय कलेक्टर मेडम व पुलिस अधिक्षक महोदय से निवेदन किया की जरूरतमंदों व कृषि के सामान की  देने हेतु कुछ छूट दी जाए।


चांदपुर पुलिस ने 2 लाख 20 हजार की अवैध शराब पकड़ी

झाबुआ जिले के राणापुर से भरी गई थी शराबमात्र सवा दो लाख की अवैध शराब का पकड़ने का मामला पूरे जिले में चर्चित

आशुतोष पंचोली

अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह पुलिस ने महेंद्रा पीकअप वाहन क्रमांक एमपी11जी0274 से खंडवा बड़ौदा मार्ग पर ग्राम चांदपुर के ही बस स्टेंड से पकड़ी। पीकअप में 160 पेटी बियर होना बताई जा रही है जिसका बाजार का मूल्य 2 लाख 19 हजार रुपए बताया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों दशरथ नायक व सचिन चैधरी को भी मौके से गिरफ्तार किया है। दोनों पकड़े गए आरोपी राणापुर जिला झाबुआ के निवासी है। पुलिस ने आबकारी एक्ट 34-2  में प्रकरण दर्ज कर लिया है। चांदपुर थाना प्रभारी मोहनसिंह डावर ने अलीराजपुर न्यूज को बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बुधवार की सुबह 6.30 बजे करीब उक्त अवैध शराब से भरी पीकअप जब्त की गई हैं। मामले की जानकारी मिलने पर अलीराजपुर की नवागत एसडीओपी सोनकर मैडम भी बुधवार की दोपहर में साड़े 12 बजे करीब चांदपुर थाने पर पहंुची और मामले में थाना प्रभारी से जानकारी प्राप्त की। ऐसी जानकारी मिली है कि एक आरोपी राणापुर क्षेत्र के भाजपा नेता का करीब रिश्तेदार भी है। जिसे छोड़ने के लिए पुलिस पर राजनीतिक दबाव भी बनाया गया है। जिसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। पीकअप में 220 पेटी अवैध शराब थी किंतु पुलिस ने 160 पेटी शराब का मामला दर्ज किया है।



जनचर्चा में आया मामला, उठ रहे है सवाल?

हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई की पूरे जिले व पुलिस विभाग में खूब चर्चा हो रही है। सूत्र बता रहे है कि उक्त शराब झाबुआ जिले के राणापुर की शराब दुकान से भरी गई थी जो कि अलीराजपुर झाबुआ जिले की सीमा के समीप ग्राम ढोलयावढ़ जिला झाबुआ में ही अवैध शराब डालने जा रही थी। जिसे किसी अधिकारी ने अलीराजपुर जिले के शराब सिंडीकेट की सूचना पर जिले की सीमा पर जाकर पकड़ लिया।


 जनचर्चा है कि मामले में रात भर कुछ तोड़ पानी के लिए भी बातचीत हुई बात नहीं बनी तो झाबुआ जिले की सीमा से पीकअप को जिले में लाकर चांदपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। हालांकि पुलिस द्वारा चांदपुर थाना प्रांगण में मामले की जानकारी लेने पहंुचे दो पत्रकारों को बताया गया कि अवैध शराब गुजरात ले जाई जा रही थी। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि राणापुर से गुजरात राज्य की सीमा मात्र 12 किमी करीब ही है ऐसे में मात्र 160 पेटी अवैध शराब भरकर राणापुर के शराब व्यापारी इतनी लंबी रिस्क लेकर पूरा अलीराजपुर जिला क्रास जिसमें राणापुर से चांदपुर की दूरी करीब 78 किमी तय कर गुजरात की ओर शराब बेचने क्यों जाएंगे। इस प्रकार की दो नंबर की अवैध शराब जिसकी मात्र सवा 2 लाख रुपए की कीमत है यह शराब बेचने के लिए क्या इतनी बड़ी रिस्क शराब व्यापारी लेंगे? 

सूत्रों ने बताया कि चांदपुर थाने में जिले के दो तीन वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले को लेकर सवाल जवाब करने भी पहंुचे है। सूत्रों ने यह भी बताया कि गत सप्ताह नानपुर थाना क्षेत्र में  एक डंपर अवैध शराब का पकड़ा गया था जिसमें करीब एक हजार पेटी अवैध शराब थी जिसमें 400 पेटी का ही मामला दर्ज किया और बाकि की 600 पेटी अवैध शराब झाबुआ जिले के मोरमुंडिया अलीराजपुर जिले के जोबट के बीच के एक  शराब व्यापारी के पास पहंुची है। ऐसी जानकारी शराब कारोबार से जुड़े व्यापारी ही दबे स्वर में कानाफूसी कर रहे है। एक अनुविभागीय स्तर के अधिकारी भी इन दिनों वरिष्ठ साहब की आंखों के तारे भी बने हुए है। जो कि इस प्रकार के कामों को करने में महारात रखते है। अंदर खाने की खबर है। 


विवाह में भीड़ एकत्रित करने पर प्रकरण दर्ज’

 पुलिस ने की  कार्रवाई 

उदयगढ़ से राजेश जयंत की रिपोर्ट।

जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए बीते दिनों कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुरभि गुप्ता ने एक आदेश जारी कर विवाहए मृत्यु जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सदस्य सीमा तय की थी । मंगलवार रात्रि  को उदयगढ़ क्षेत्र के ग्राम भांडाखापर में उक्त आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

प्रधान आरक्षक जगन्नाथ चावड़ा ने बताया कि मंगलवार रात्रि 11 बजे के करीब  पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम भांडाखापर मे विवाह कार्यक्रम मे काफी भीड़ है और नाचना गाना चल रहा है।

थाना प्रभारी वीरेंद्र अनारे पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे तो पाया कि ग्राम के ही नानिया पिता लालिया देवल ने अपने पुत्र के विवाह पर नाच का आयोजन किया । वहां एंपलीफायर के द्वारा दो बड़े स्पीकर बॉक्स पर गाने बजा कर 150 के करीब ग्रामीण महिला पुरुष बच्चे एकत्रित होकर नाच गा रहे थे।

पुलिस ने कोरोना का हवाला देते हुए कलेक्टर के आदेश से नानिया देवल को अवगत करवाया और बताया कि यह आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन है। मौजूद भीड़ को समझा.बुझाकर कार्यक्रम तत्काल संपन्न करवाया।


थाना प्रभारी वीरेंद्र अनारे ने बताया कि मामले में मौका स्थल से एंपलीफायर व दो स्पीकर बॉक्स जप्त करने के साथ ही नानिया के विरुद्ध धारा 188ए 279 भादवी एवं 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। क्षेत्र के अन्य लोगों को भी समझाइश दी गई कि वह जहां तक हो सके विवाह कार्यक्रम को टाले अथवा सीमित लोगो के साथ कोविड.19 के नियमों का पालन करते हुए संपन्न करें।

*समझाइश बहुत हुई* *अब कटेगा 1000 का चलान*

दुकान सील करने की भी होगी कार्रवाई

उदयगढ़ से राजेश जयंत की रिपोर्ट।!

वैश्विक महामारी कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और आमजन द्वारा लगातार दी जा रही समझाइश के बाद भी उचित सतर्कता नहीं अपनाए जाने/ नियमों का उल्लंघन करने को देखते हुए अब प्रशासन कड़ी कार्रवाई के मूड में आ चुका है।।


बीते दिनों शांति सुरक्षा समिति की बैठक में इसके संकेत दे दिए गए थे । निगरानी दल द्वारा अवगत करवाए जाने के बाद सोमवार को नायब तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल एवं उनकी टीम ने नगर का आकस्मिक निरीक्षण किया और वस्तुस्थिति को देखा।



उन्होंने पाया कि चालानी कार्रवाई के बाद भी अनेक व्यापारी व अन्य लोग सिर्फ टीम को देखकर ही मास्क लगाने/लगवाने, दूरी बनाने की खानापूर्ति कर रहे हैं।

इस पर नाराजगी जताते हुए नायब तहसीलदार ने निर्भयसिंह पटेल ने निगरानी दल को निर्देश दिए कि दल के कुछ सदस्य गोपनीय निरीक्षण करें, फोटो निकालें और दिखावा पूर्ति करने वाले दुकानदारों, वाहन चालकों के अतिरिक्त सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने वाले लोगों पर ₹1000 की चालानी कार्रवाई करें। इसके बाद भी यदि मास्क सोशल डिस्टेंस सैनिटाइजर के नियमों का उल्लंघन  देखा जाने पर दुकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।


*आदेश का उल्लंघन करने पर IPC की धारा 188 के तहत 6 महीने जेल या फिर 1000 रुपये तक का जुर्माना, या फिर दोनों ही हो सकता है*


क्या कहती है IPC की धारा 188?

IPC की धारा 188 में पब्लिक सर्वेंट के जारी किए गए ऑर्डर को न मानने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान है. इसके मुताबिक, "जो कोई भी जानबूझकर पब्लिक सर्वेंट के आदेश की अवमानना करता है, उसको जेल की सजा या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं."


आदेश का उल्लंघन करने से अगर काम में बाधा आती है, या बाधा आने का खतरा है, या किसी को नुकसान पहुंचता है, तो 1 महीने तक की जेल या फिर 200 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. दोनों सजा भी दी सकती हैं.  

वहीं, अगर आदेश के उल्लंघन की वजह से किसी की जान, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होता है, या फिर दंगे होते हैं, तो ऐसे में 6 महीने तक की जेल और 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है.

उदयगढ़ भगौरिया से गुम हुई तीन वर्षीय बालिका को दस्‍तयाब करने में सफलता प्राप्‍त

पुलिस टीम के प्रयास लाए रंग

अलीराजपुर न्यूज़ ब्यूरो!

   जिले के थाना उदयगढ़ क्षैत्रान्‍तर्गत ग्राम आंबी की 3 साल की एक बालिका 26 मार्च शुक्रवार भगोरिया के दिन गुम हो गई थी जिसे पुलिस ने अपने अथक प्रयासों से ढूंढ निकालने में सफलता प्राप्त की है। आज परिजनों को पुलिस ने मासूम बालिका को सौंपा को परिजन भाव विभोर हो गए और सभी ने पुलिस कप्तान सहित पूरी पुलिस टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद व आभार दिया।।


यह था मामला

ग्राम आंबी  निवासी मुकेश के द्वारा उदयगढ़ थाने पर सूचना दी, कि दिनांक 26 मार्च 2021 को उदयगढ भगौरिया हाट देखने के लिये परिवार सहित आया था, जहां से उसकी 3 साल की लडकी उदयगढ़ भगौरिया हाट बाजार से दिन के करीब 3 बजे गुम हो गई। सूचना पर थाना उदयगढ़ में अपराध क्रमांक 68/2021, धारा 363 भादवि का पंजीबद्ध किया गया। 

अलीराजपुर पुलिस के द्वारा उक्‍त घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया गया तथा बालिका की सुरक्षित दस्‍तयाबी हेतु अनुविभगीय अधिकारी पुलिस जोबट श्री दिलीपसिंह बिलवाल के नेतृत्‍व में जिले की 06 पुलिस थानों की पृथक-पृथक टीमें बनाई गई। इन 06 टीमों के द्वारा संपूर्ण जोबट अनुभाग के ग्रामों में एवं सीमावर्ती जिलों के ग्रामों में लगातार बच्‍ची की तलाश हेतु प्रयास किये गये। बच्‍ची की सुरक्षित बरामदगी हेतु अलीराजपुर पुलिस के द्वारा पम्‍पलेट, समाचार पत्रों में प्रकाशन, नगद ईनाम की उदघोषणा, सोशल मीडिया के माध्‍यम से गुम बालिका का फोटो अपलोड किया गया। अलीराजपुर पुलिस की लगातार सक्रियता/सजगता के परिणामस्‍वरूप अन्‍तत: गुम बालिका थाना बोरी के ग्राम कदवाल में होनें की सूचना प्राप्‍त हुई, जिसे ग्राम कदवाल से बरामद कर उसके परिजनों को सुरक्षित सौपा गया। 

पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर विजय भागवानी के द्वारा बताया गया कि गुम बालिका की सुरक्षित बरामदगी को गंभीर चुनौती मानते हुए 06 पुलिस टीमों को प्रथक-प्रथक दस्‍तयाबी हेतु लगाया गया था। पुलिस टीमों के द्वारा दस्‍तयाबी हेतु लगातार गंभीरता से प्रयास किये जाने के परिणामस्‍वरूप बच्‍ची को दस्‍तयाब करने में सफलता प्राप्‍त हुई है, जो कि बच्‍ची के न बोल-बता सकने की स्थिति में होने के कारण बहुत ही चुनौतीपूर्ण था।  

पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर विजय भागवानी के द्वारा गुम बालिका की दस्‍तयाबी में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये थाना प्रभारी उदयगढ उनि वीरेन्‍द्र अनारे, सउनि ललीत बैरागी, प्रआर जगन्‍नाथ चांवडा, प्रआर लक्ष्‍मणसिंह देवडा, कार्यवाहक प्रआर थानसिंह, कार्यवाहक प्रआर आरामसिंह, आर कमल, आर चन्‍दु एवं सैनिक धर्मेन्‍द्र वाणी को पुरस्‍कृत करने की घोषणा की है।

बाजार में धमाल मचा रहे युवक को पीटने पर टीआई लाइन अटैच*

एसपी के फैसले पर हुई क्रिया प्रतिक्रिया, लाइन अटैच के फैसले को बताया गलत,

उदयगढ़ से राजेश जयंत की रिपोर्ट।

शुक्रवार को उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव संपन्न होने के बाद बाजार में धमाल मचा रहे एक युवक की पिटाई टीआई को भारी पड़ गई।!

 एसपी अलीराजपुर ने शुक्रवार शाम को ही वायरल वीडियो को देखने के बाद उदयगढ़ थाना प्रभारी पीएस डामोर को लाइन अटैच कर दिया। गौरतलब है कि वायरल वीडियो में टीआई बाजार में युवक को मारते दिखाई दे रहे हैं मगर इसके पूर्व के सच को उजागर नहीं किया गया और ना ही जिले के पुलिस कप्तान ने उसे जानने की कोशिश की।।


*यह है पूरा सच*

 चाक-चौबंद पुलिस व्यवस्था में शांतिपूर्वक भगोरिया उत्सव संपन्न हो चुका था। अपरान्ह 3:30 बजे के लगभग बस स्टैंड एक चौराहे पर शराब पिया हुआ एक युवक धमाल मचा रहा था। इसी दौरान टीआई पीएस डामोर वहां पहुंचे। उन्होंने युवक को समझाया। यहां तक की हाथ जोड़कर युवक से कहा- त्योहार है, धमाल मत मचा, चुपचाप घर चला जा, मगर नशे में धुत युवक टीआई से ही उलझ पड़ा। उनसे हुज्जत करते हुए गाली गलौज पर उतर आया।शिक्षक से पुलिस सेवा में आए शांत प्रकृति के टीआई पीएस डामोर सार्वजनिक रूप से इस तरह से आखिर क्यों और कब तक अपमान को सहते । 

*प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा*

प्रत्यक्षदर्शी विशाल, राजेश, दीपक आदि ने बताया कि टीआई का गुस्से में आना वाजिब था। वैसे भी 2 दिन पहले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने बदले हुए स्वरूप पर एक इंटरव्यू में कहा था कि कभी-कभी जैसे के संग तथा बनना पड़ता है। ठीक वैसे ही सार्वजनिक रूप से टीआई यदि युवक की अति को चुपचाप सहन कर जाते तो अन्य लोगों में गलत संदेश जाता । पुलिस की क्या इज्जत रह जाती ।


*भाजपा कांग्रेस के पदाधिकारी भी टीआई के पक्ष में*

भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजू मूवेल  ने थाना प्रभारी का पक्ष लेते हुए कहा कि वह अपनी जगह सही थे । युवक धमाल मचा कर लोगों को परेशान कर रहा था तब किसी ने वीडियो नहीं बनाया। टीआई के साथ हुज्जत की तब भी लोग देखते रहे, मगर जैसे ही टीआई ने धमाल कर रहे युवक की धुनाई की तो न सिर्फ वीडियो बन गया बल्कि जुम्मे जुम्मे 4 दिन वाले लोगों ने उसे यूट्यूब पर वायरल भी कर दिया।

भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य रहे मांगीलाल चौहान ने कहा कि अधूरे सच पर टीआई को लाइन अटैच किया जाना गलत हुआ। इससे गलत संदेश गया है।

कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष ज्ञानसिंह मुजाल्दा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक को पूरे सच से अवगत करवाएंगे। धमाल कर रहा युवक टीआई  से बुरा बर्ताव कर सकता है तब समझा जाना चाहिए कि वह आम व्यक्ति के साथ कैसे पेश आ रहा होगा ।

पत्रकारों ने भी कहा गलत हुआ

उदयगढ़ प्रेस क्लब के सैयद अख्तर हुसैन, राजेश जयंत, खलील मंसूरी, गजेंद्रा अरोरा आसिफ शेख आदि ने कहा कि जब से निरीक्षक पी एस डामोर यहां पदस्थ हुए यहां शांति बनी हुई थी और एक बड़े मामले पर वह सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे थे। उन्हें लाइन अटैच किया जाना गलत हुआ हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि निष्पक्ष जांच हो। आधा अधूरा सच वायरल करने वालों पर कार्रवाई हो।

अलीराजपुर न्यूज़ के उदयगढ़ प्रतिनिधि राजेश जयंत के द्वारा इस पूरे मामले की जानकारी व न्यूज़ की लिंक को सीएम व पुलिस मुख्यालय को ट्वीट भी किया गया है

थाना प्रभारी की गैर मोजुदगी में ही हो गई शांति समिति की बैठक

 आम्बुआ पुलिस निभा रही औपचारिकता महज 7 से 8 लोग ही पहुचे बैठक में 

आम्बुआ से गोविंदा माहेश्वरी की रिपोर्ट।
 आम्बुआ नगर में आगामी त्योहार भगोरिया ,होली में शांति बनाए रखने हेतु पुलिस कवायद को लेकर कितनी गंभीर है इसका अंदाजा थाने में  हुई शांति समिति की बैठक से लगाया जा सकता है जिसमे खुद आम्बुआ थाना प्रभारी आम्बुआ में होते हुए बैठक में नही पहुचे।

,बैठक में नगर के सर्व समाज के गणमान्य लोग ,सुरक्षा समिति के पदाधिकारी व पत्रकार बंधु को तवज्जो नही दी गई ,  महज 7 से 8 लोग ही बैठक में पहुचे जिससे आम्बुआ पुलिस ने औपचारिकता पूरी कर ली जबकि 23 मार्च मंगलवार को आम्बुआ का भगोरिया है जिसमे पुलिस प्रशासन  के द्वारा ठोस जमीनी कवायद शुरू नही की गई नहीं किसी प्रकार की कार्यवाही कर व्यापारियों व दुकानदारों से सलाह मशविरा किया गया जिसके चलते ऐन वक्त तक व्यापारियों दुकानदारों में असमंजस की स्थिति बनी रही थी कि मेला कहां लगाना है।।

दो दिन से लापता युवक का शव कुएँ से बरामद, पुलिस जांच मे जुटी ।

 नानपुर से प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट

पीएम के बाद परिजनों को सौपा शव

नानपुर थानांतर्गत ग्राम अजन्दा के युवक विजय पिता भूरसिंग का शव ग्राम जवानिया के कुएँ से बरामद किया गया ।
      प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक 17मार्च को अपने रिश्तेदार के यहां नुक्ते के कार्यक्रम मे सम्मिलित होने गया था , मगर दो दिनों तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाशना आरम्भ किया मगर उसका कोई पता नहीं चला ।18मार्च की देर शाम को ग्रामीणों ने कुएँ मे शव को  देखा , जिसकी सूचना तत्काल नानपुर थाने पर दी गई ।
थाना नानपुर से बिट प्रभारी सुरेंद्र सिँह सिसोदिया द्वारा ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला गया ।जिसपर शव की शिनाख्त विजय के रूप मे की गई ।पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को दी । लगभग शव 40घंटे से अधिक समय तक पानी मे रहने के कारण गल सा गया था ।  पुलिस द्वारा 26/2021मे मर्ग कायम कर धारा 174  के तहत  विवेचना की जा रही है । मृतक की उम्र 18 वर्ष बताई गई है ।बताया जाता है कि मृतक के जेब से दारू की बॉटल पाई गई है ।शव का पी एम करने के  पश्चात् परिजनों को सोंप दिया गया है ।

शादी का झांसा देकर 2 साल तक करता रहा दुष्कर्म

आरोपी ने खुद कलेक्टर मैडम को मेल कर उल्टे युवती पर परेशान करने का लगाया था आरोप,

कलेक्टर ने करवाई जांच हुआ बड़ा खुलासा

अलीराजपुर न्यूज़ की रिपोर्ट।

जिले में एक युवती को शादी का झांसा देकर लगातार 2 साल से शारीरिक संबंध बनाकर दुष्कर्म करने का मामला दो दिनों से बहुत सुर्खियों में है। मामला पुलिस थाने तक पहुंच चुका है और इस मामले में कलेक्टर मैडम के निर्देश पर एसडीएम व प्रभारी तहसीलदार कट्ठीवाड़ा संतुष्टि पाल मैडम के द्वारा जब जांच की गई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं हालांकि दुष्कर्म का जब खुलासा उल्टे आरोपी के द्वारा ही कलेक्टर मैडम को एक मेल भेजने से ही हो पाया है।।


जानिए यह है पूरा मामला:

लोक सेवा जिला प्रबन्धक सपन दित्य गुप्ता पर युवती ने दो साल से लगातार शादी का झांसा देकर कर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का आरोप लगाते हुए आलीराजपुर कोतवाली में धारा 376, धारा 506 व एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है। युवती ने 17 मार्च बुधवार को दोपहर पश्चात कोतवाली थाने पर जाकर प्राथमिकी दर्ज करवाई है।।

पहले हुई दोस्ती,फिर प्यार

प्रभारी तहसीलदार कट्ठीवाड़ा संतुष्टि पाल मैडम ने अलीराजपुर न्यूज़ को बताया कि कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्वाचन विभाग में आउट सोर्स ऑपरेटर के पद पर कार्यरत युवती से  लोक सेवा जिला प्रबन्धक सपन दित्य गुप्ता की दोस्ती दो साल पहले वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी, दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और एक दूसरे के प्रति समर्पण शारीरिक संबंधों में भी बदल गया। तब से ही दोनों के बीच मे शारिरिक सम्बंध स्थापित हो चुके थे। दो सालों के दरमियान दोनों बाहर भी घूमने फिरने भी जाया करते थे। सपन दित्य गुप्ता द्वारा सरकारी आवास पर बुलाकर युवती के साथ अक्सर सम्बन्ध बनाते रहा।

इस पूरे घटनाक्रम का पूरा खुलासा उस वक्त हुआ जब लोक सेवा जिला प्रबन्धक सपन दित्य गुप्ता ने कलेक्टर महोदय को ईमेल के माध्यम से शिकायत करते हुए बताया कि मुझे निर्वाचन आयोग में कार्यरत युवती परेशान कर रही है। कलेक्टर मेडम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम आलीराजपुर को इस पूरे मामले में जाँच पड़ताल के निर्देश दिए।  जब एसडीएम द्वारा जाँच की गई तो वास्तविक घटनाक्रम सामने आया। एसडीएम ने  पूरा घटनाक्रम कलेक्टर महोदय को बताया। सारी जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर मैडम ने तत्काल पीड़ित युवती को प्रभारी तहसीलदार कट्ठीवाड़ा संतुष्टि पाल के ‌साथ थाने भेज कर  प्राथमिकी दर्ज करवाने के निर्देश दिए।।

प्रभारी तहसीलदार संतुष्टि पाल मैडम ने बताया कि आरोपी सपन दिव्य गुप्ता श्योपुर का रहने वाला है और अभी वहीं पर है उसने वही से ही कलेक्टर मैडम को मेल कर युवती द्वारा परेशान करने की जानकारी दी थी हालांकि मामला संदेहास्पद होने से जब हमारे द्वारा जांच की गई तो सच्चाई सामने आ सकी है। पूरा प्रशासन पीड़ित युवती के साथ खड़ा है और हर हाल में आरोपी को गिरफ्तार कर उसे उसके किए की सजा दिलवाई जाएगी।