प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट
अलीराजपूर जिले के शिक्षक इन दिनों दोहरी परेशानियों से जूझ रहे है। एक तरफ कोरोना के टीकाकरण में ग्रामीण क्षेत्रों में ड्यूटी लगा दी गई है। जिसके चलते अधिकांश शिक्षक घर घर दस्तक देकर टीकारण हेतु लोगो को वैक्सीन सेंटर पर भेज रहे है।
इधर राज्य शिक्षा केन्द्र ने गणवेश की राशि दो दिन पूर्व जारी कर दो ही दिन में बच्चों के खाते में डालने के निर्देश दे दिए। फलस्वरूप सैकड़ों शिक्षक इस प्रकार बैंक के बाहर इकट्ठे होकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे है।
समस्या यह है, की राज्य शिक्षा केन्द्र ने 25 जून से इन खातों पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए है, इसलिए राशि जारी करने हेतु इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इधर भारतीय स्टेट बैंक ने जमा किये गए चेक को भी केवाईसी की समस्या बताकर रोक दिए है। फलस्वरूप शिक्षकों को अनेक बार बैंक में आना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है, की जब इन खातों पर रोक लगाकर नई पीएफएमएस व्यवस्था लागू की जा रही है, तो अभी केवाईसी के नाम से इतनी परेशानी क्यों निर्मित की जा रही है। साथ ही केवाईसी ओर चेक भुगतान के लिए अतिरिक्त स्टाफ को क्यों नही लगाया जा रहा है।
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