भाजपा सरकार में मंत्री की ही सुनवाई नहीं हो रही तो आम जनता की कौन सुनेगा?

मंत्री नागरसिंह चौहान को अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना-ज्ञापन क्यों देना पड़ रहा- महेश पटेल

खनिज नीलामी से प्रभावित गांवों की जमीन के मुद्दे पर जोबट विधायक सेना पटेल और महेश पटेल ने ग्रामीणों से की रायशुमारी, 

विधानसभा से सड़क तक संघर्ष का ऐलान

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

निज नीलामी से प्रभावित आदिवासी गांवों की जमीन, जल-जंगल-जमीन और किसानों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को जोबट विधायक सेना पटेल एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के नेतृत्व में जोबट एवं उदयगढ़ ब्लॉक के प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों के साथ जोबट विधायक कार्यालय में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद नगर के डाक बंगले में भी प्रभावित ग्रामीणों के साथ चर्चा एवं रायशुमारी की गई।

बैठक में ग्रामीणों ने खनिज नीलामी और जमीन से जुड़े अपने पक्ष को नेताओं के सामने रखा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, बल्कि आदिवासी किसानों की जमीन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।



मंत्री नागर सिंह चौहान की अपनी ही सरकार में सुनवाई नहीं हो रही?”


आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार है, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं और नागर सिंह चौहान स्वयं कैबिनेट मंत्री हैं, तो फिर उन्हें अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना और ज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

उन्होंने कहा कि मंत्री कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना दे रहे हैं और अपनी ही सरकार से मांग कर रहे हैं। अगर एक कैबिनेट मंत्री की बात मुख्यमंत्री और सरकार में नहीं सुनी जा रही है, तो फिर आम आदिवासी, किसान और गरीब की सुनवाई की उम्मीद कैसे की जाए।

महेश पटेल ने कहा कि मंत्री को कलेक्टर के सामने नहीं, कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए। यदि वे वास्तव में जिले को सूखाग्रस्त घोषित करवाना चाहते हैं तो कैबिनेट में प्रस्ताव रखें और मुख्यमंत्री से फैसला करवाएं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सरकार आपकी, मुख्यमंत्री आपके, कैबिनेट आपकी, सांसद-जिला पंचायत,जनपद आपके और प्रशासन भी आपकी सरकार का; फिर धरना किसके खिलाफ और ज्ञापन किसको?” 


“पहले कांग्रेस पर अफवाह फैलाने का आरोप, अब खुद भाजपा नेता धरने पर”

महेश पटेल ने कहा कि कुछ समय पहले भाजपा नेता कांग्रेस पर अफवाह फैलाने और किसानों को गुमराह करने के आरोप लगा रहे थे। लेकिन अब स्थिति यह है कि भाजपा के ही मंत्री और पदाधिकारी अपनी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस इस मुद्दे को पहले से उठा रही थी तब उसे गलत बताया गया, लेकिन अब भाजपा के नेता स्वयं उसी विषय को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। “अगर कांग्रेस गलत थी तो आज भाजपा के मंत्री उसी मुद्दे को लेकर धरने पर क्यों बैठे हैं? जनता इसका जवाब चाहती है।”


छोटी  खट्टली सहित अन्य  ग्रामों की प्रक्रिया वर्षों से चल रही, किसानों को जानकारी कब मिली?”

महेश पटेल ने कहा कि छोटी  खट्टाली सहित प्रभावित क्षेत्रों में खनिज नीलामी की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। जब किसानों को अपनी जमीन प्रभावित होने की जानकारी मिली तो कांग्रेस ने इस विषय को गंभीरता से उठाया और ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जमीन, जल-जंगल-जमीन और उनके अधिकारों से जुड़े विषय में ग्रामीणों की राय और सहमति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से भी स्पष्ट जवाब मांगा कि यदि मामला इतना सामान्य है तो प्रभावित पंचायतों और ग्रामीणों से अभिमत लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी? 



“कलेक्टर से सवाल पूछने वाले मंत्री अब मुख्यमंत्री से जवाब क्यों नहीं मांगते?”

महेश पटेल ने कहा कि 25 तारीख को बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी बात रखी। प्रशासन के समक्ष ग्रामीणों की समस्याएं रखी गईं। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री को भी यही चिंता है तो उन्हें मुख्यमंत्री के सामने खड़े होकर जवाब मांगना चाहिए। 

“नागर सिंह चौहान जी, आप कैबिनेट मंत्री हैं। यदि आपमें ताकत है तो कैबिनेट में प्रस्ताव रखिए, मुख्यमंत्री से कहिए कि जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। किसानों को रोजगार और राहत दिलाइए। कलेक्टर के सामने धरना देने से सरकार नहीं बदलती, फैसला मुख्यमंत्री और कैबिनेट को करना है।”


“आदिवासी समाज एक इंच जमीन भी नहीं जाने देगा”

जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि उसकी पहचान, आजीविका और भविष्य है। उन्होंने कहा कि आदिवासी किसानों के पास पहले से ही सीमित जमीन है। ऐसे में जमीन से जुड़े किसी भी प्रकरण में पारदर्शिता और किसानों के अधिकार सर्वाेच्च होने चाहिए। हम अपने आदिवासी समाज की जमीन की लड़ाई विधानसभा में भी लड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरेंगे। किसानों को डरने की जरूरत नहीं है।”


विधानसभा में उठेगा मुद्दा, आदिवासी विधायक मिलकर बनाएंगे रणनीति

सेना महेश पटेल ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में जोबट विधानसभा क्षेत्र में जमीन के स्वामित्व और खनिज नीलामी से प्रभावित क्षेत्रों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विधानसभा में प्रश्न लगाया जाएगा। यदि ग्रामीणों की आवाज को सदन में पर्याप्त महत्व नहीं मिला तो आदिवासी विधायकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मेरा मुख्य मुद्दा रहेगा। मैं अपने समाज को भरोसा दिलाती हूं कि उनकी जमीन और अधिकारों की आवाज विधानसभा में मजबूती से उठाऊंगी।


महेश पटेल का भाजपा नेताओं से सीधा सवाल

महेश पटेल ने कहा कि यदि कांग्रेस द्वारा उठाया जा रहा जमीन का मुद्दा गलत है तो भाजपा नेता लिखित रूप से जवाब दें कि प्रभावित किसानों की जमीन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस पर आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलेगी। यदि हम गलत हैं तो सरकार लिखकर दे कि किसानों की जमीन प्रभावित नहीं होगी। यदि सरकार लिखकर देने को तैयार नहीं है तो फिर सवाल उठना स्वाभाविक है। 


जमीन खरीद-बिक्री और दस्तावेजों की जांच की मांग

महेश पटेल ने क्षेत्र में आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों की खरीद-बिक्री संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, उनके दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस प्रशासन से लेकर न्यायालय तक इस मुद्दे को उठाएगी और आदिवासी किसानों के अधिकारों की कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी।


“भाजपा की सरकार है तो भाजपा के मंत्री ही सरकार के खिलाफ क्यों?”

बैठक में प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं और आगामी आंदोलन को लेकर सुझाव दिए। दोनों स्थानों पर हुई रायशुमारी के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित गांवों में जनसंवाद बढ़ाने और आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही।


किसानों के साथ के कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान का पैदल मार्च

 सिंचाई के लिए नर्मदा परियोजना का पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों के साथ के कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान का पैदल मार्च

 मंत्री चौहान किसानों के साथ पहुंचे कलेक्टर कार्यालय, जमीन पर किसानों के साथ बैठकर कलेक्टर को बताई समस्याएं

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

 जिले में कम वर्षा के चलते उत्पन्न हो रही सिंचाई एवं जल संकट की समस्या को लेकर किसानों ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान के समक्ष अपनी मांगें रखीं। किसानों ने बताया कि जिलेभर में पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलस्तर लगातार कम हो रहा है और खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यक पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों के सामने फसल प्रभावित होने के साथ आर्थिक संकट की स्थिति भी बन रही है।



किसानों ने मंत्री  नागरसिंह चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए नर्मदा सिंचाई परियोजना से आलीराजपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है तथा किसानों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान स्वयं किसानों के साथ पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद मंत्री  चौहान किसानों के साथ जमीन पर बैठ गए और उनकी समस्याओं को कलेक्टर को विस्तार से बताई।कलेक्टर के समक्ष जिले में कम वर्षा एवं जल संकट की स्थिति से अवगत कराया तथा नर्मदा सिंचाई परियोजना से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की मांग रखी। किसानों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में फसलों को बचाने के लिए सिंचाई का पानी बेहद आवश्यक है।

इसी के साथ जिले में अल्पवर्षा के चलते जिले को सूखा प्रभावित/सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग भी रखी, ताकि प्रभावित किसानों को शासन की ओर से आवश्यक राहत एवं सहायता मिल सके।


प्रमुख सचिव से की विस्तृत चर्चा

मंत्री नागरसिंह चौहान ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और प्रशासन के समक्ष उनकी मांगों को प्रमुखता से रखा। इसी के साथ कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने तत्काल विभाग के प्रमुख सचिव से भी दूरभाष पर चर्चा कर जिले के किसानों की समस्या से अवगत करवाया एवं जिले के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करने की बात कही थी।

कलेक्टर नीतू माथुर ने किसानों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान द्वारा संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से चर्चा की थी, जिसपर प्रमुख सचिव महोदय से हमें सकारात्मक निर्देश प्राप्त हुए हैं, हमने प्रक्रिया प्रारंभ कर दी हैं, 3-4 दिनों में पानी छोड़ा जाएगा।

मंत्री  चौहान ने कहा कि मैं खुद किसान हु, किसानों की समस्याओं को समझता हूं, इसलिए किसान भाइयों के साथ पैदल ही कलेक्टर से चर्चा करने आया हूं। 


किसानों ने केबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि प्रशासन एवं शासन स्तर पर उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेते हुए नर्मदा परियोजना का पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा और कम वर्षा से उत्पन्न संकट में किसानों को राहत प्रदान की जाएगी। इस दौरान भाजपा नेता भदू पचाया, मांगीलाल रावत, जयपाल खरत, आजमसिह आवासीय, सुरेश सस्तीया, रिंकेश तंवर, हितेंद्र शर्मा, विकास माहेश्वरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं मौजूद रहे। उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी गोविंदा गुप्ता ने दी।

कई दिनों के बाद नींद से जागा स्थानीय प्रशासन व खनिज विभाग

 अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई जारी, 8 वाहन जब्त

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो कार्यालय 

एक लंबे समय के बाद जिला प्रशासन व खनिज विभाग कुछ दिनों से अचानक हरकत में आया है। जिले में कई समय से अवैध रेत खनन व परिवहन हो रहा है। जिसकी शिकायत कई सामाजिक संगठन आदि जिला प्रशासन को करते आ रहे थे। वही दूसरी ओर मीडिया भी इस मामले को लेकर सक्रिय था किंतु बात जिला प्रशासन व खनिज विभाग की सुस्ती व इस ओर अनदेखी पर आकर अटक जाती थी। क्यों कि कोई कार्रवाई ही इस मामले में नहीं की जा रही थी। किंतु बीते कुछ दिनों से अचानक से प्रशासन हरकत में आया और निरंतर अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने लगा। 9 जून की रात्रि में प्रशासन ने कुल 8 वाहनों को जब्त किया जिसमंें जिले से अवैध रेत खनन कर परिवहन किया जा रहा था।



प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर नीतू माथुर के निर्देशानुसार एवं प्रभारी खनिज अधिकारी तपिश पांडे द्वारा जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शिकायत प्राप्त होने पर दिनांक 09 जून 2026 की रात्रि राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम बेहड़वा मुख्य मार्ग पर कार्रवाई करते हुए रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 डंपर पकड़ कर जब्त किए गए है। खनिज निरीक्षक  सतीश नागले ने बताया कि जिला आलीराजपुर में खनिजों के अवैध परिवहन करते हुए कुल 08 वाहनो को जप्त किये है  जिले में अवैध रेत खनन एवं परिवहन के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।



 अवैध रूप से रेत खनिज का परिवहन करते हुए डंपर क्रमांक जिसमें कि 07 वाहनों कार्यालय कलेक्टर परिसर में खडे किया गया है जबकि एक वाहन थाना नानपुर कि अभिरक्षा में खड़े किये गये हे वाहन के प्रकरण पंजीबद्ध कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किये जायेंगे। 



प्रभारी खनिज अधिकारी एव डिप्टी कलेक्टर  तपिस पांडे ने बताया कि संबंधित वाहन के विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही ओवलोडिंग का प्रकरण भी तैयार किया जा रहा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के अवैध रेत खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। उक्त जानकारी खनिज विभाग द्वारा दी गई।


युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का जंगी प्रदर्शन

नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती घोटालों के खिलाफ युवक कांग्रेस का जनआक्रोश फूटा

 वाटर कैनन चलाकर पुलिस ने रोका, कई नेता गिरफ्तार

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

 देश और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, नीट पेपर लीक, भर्ती घोटालों तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में रविवार को युवक कांग्रेस द्वारा आलीराजपुर में विशाल युवा जनआक्रोश रैली एवं कलेक्टर कार्यालय घेराव का आयोजन किया गया। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष  उदय भानु चिब के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतरे और केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।



युवाओं का जनसैलाब शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ा। प्रशासन ने प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया था। जब प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तथा कई कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए नेताओं में  युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष  उदय भानु  चिब, प्रदेश प्रभारी  सीबी सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष यस घनघोरिया,आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुष्पराज पटेल प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार सोनू वर्मा,  जितेंद्र अजनार, अरविंद पटेल,सुरेश पटेल, लक्की राठौड, तरुण मंडलोई , दिनेश देवका, राजू देहदिया, सहित अनेक कांग्रेसजन शामिल रहे।


इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में है। लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने उनकी मेहनत और सपनों को कुचलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला है।



उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। जब तक युवाओं के साथ हुए इस अन्याय के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक युवक कांग्रेस का आंदोलन पूरे देश में जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए युवक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।



युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र सिंह (यस) घनगोरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश का युवा आज रोजगार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और बेहतर भविष्य की मांग कर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार युवाओं को केवल आश्वासन देने का काम कर रही है। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे भर्ती घोटालों और पेपर लीक मामलों ने युवाओं का विश्वास तोड़ दिया है। अब प्रदेश का युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर चुका है।

युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी सीबी सिंह चौहान ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि युवाओं के अधिकारों की लड़ाई का बड़ा अभियान है। भाजपा सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने में असफल रही है और इसी कारण पूरे प्रदेश में युवाओं में भारी आक्रोश है।

गुजरात युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण बंडोल ने कहा कि देशभर में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता समाप्त हो चुकी है। युवक कांग्रेस देशभर के युवाओं की आवाज बनकर संघर्ष कर रही है।

प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने कहा कि युवाओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को रोजगार, शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।

जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की मोहन यादव सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। कांग्रेस युवाओं की आवाज को दबने नहीं देगी और उनके अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

सांसद अनिता चौहान ने संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं की विस्तार की रखी कई मांगे

 पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल में महाप्रबंधक  सांसदों की बैठक संपन्न

 आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ


पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के मंडल कार्यालय स्थित समिति कक्ष में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक  रामाश्रय पाण्डेय एवं सांसदों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत माननीय जनप्रतिनिधियों के स्वागत से हुई। तत्पश्चात महाप्रबंधक पाण्डेय ने स्वागत उद्बोधन देते हुए पश्चिम रेलवे तथा रतलाम मंडल में संचालित विभिन्न विकासात्मक, संरक्षा एवं यात्री सुविधा संबंधी कार्यों की जानकारी दी। यह बैठक  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री  सावित्री ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में रतलाम संसदीय क्षेत्र की सांसद अनिता चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार व अन्य सुविधाओं का 12 बिंदूओं का मांग पत्र अपने प्रतिनिधि के माध्यम से भिजवाया। मुख्य रुप से आलीराजपुर से अहमदाबाद तक सीधी रेल सेवा एवं छोटाउदयपुर - धार रेलवे लाईन को  पूर्ण करने की मांगे प्रमुख है। 


बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक  अश्वनी कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रतलाम मंडल की उपलब्धियों, संरक्षा एवं सुरक्षा उपायों, यात्री सुविधाओं तथा अधोसंरचनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मंडल में वर्तमान में चल रही प्रमुख परियोजनाओं एवं भविष्य की विकास योजनाओं से भी जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया।


 सांसदों एवं उनके प्रतिनिधियों ने रतलाम मंडल द्वारा संरक्षा, सुरक्षा, यात्री सुविधाओं तथा रेलवे अधोसंरचना के विकास हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की। बैठक के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना, डॉ. अंबेडकर नगर, ओंकारेश्वर आमान परिवर्तन कार्य, इंदौर स्टेशन पुनर्विकास परियोजना, रतलाम इंदौर वाया फतेहाबाद मार्ग तथा उज्जैन फतेहाबाद खंड के दोहरीकरण, विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव, ट्रेनों के विस्तार, इंदौर एवं उज्जैन से नई रेल सेवाओं के संचालन तथा यात्री सुविधाओं से जुड़े अन्य विषय प्रमुख रहे।


 सांसदों के इस बैठक में वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने सिंहस्थ से संबंधित रेलवे परियोजनाओं एवं यात्री सुविधाओं के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने हेतु सुझाव दिये गये। महाप्रबंधक पाण्डेय ने सांसदों एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी विषयों एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों एवं मांगों पर नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों को यथाशीघ्र अवगत कराया जाएगा।



बैठक में  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री  सावित्री ठाकुर, माननीय सांसद देवास  महेंद्र सिंह सोलंकी,  सांसद इंदौर  शंकर लालवानी,  सांसद खंडवा  ज्ञानेश्वर पाटिल तथा  सांसद दाहोद  जसवंत सिंह भाभोर उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सांसद मंदसौर  सुधीर गुप्ता, सांसद रतलाम-झाबुआ  अनीता नागर सिंह चौहान, सांसद उज्जैन  अनिल फिरोजिया, सांसद चित्तौड़गढ़  सी.पी. जोशी,  सांसद भोपाल  आलोक शर्मा एवं  राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया। रेल प्रशासन की ओर से महाप्रबंधक  पाण्डेय एवं मंडल रेल प्रबंधक  अश्वनी कुमार के साथ पश्चिम रेलवे मुख्यालय के प्रमुख विभागाध्यक्ष, जिनमें प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (निर्माण), प्रमुख मुख्य इंजीनियर, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक तथा उप महाप्रबंधक (सामान्य) सहित रतलाम मंडल के विभिन्न विभागों के शाखाधिकारी उपस्थित रहे।

12 प्रस्ताव रखें


रतलाम में हुई पश्चिम रेलवे की बैठक को लेकर रतलाम-झाबुआ-आलीराजपुर संसदीय क्षेत्र की सांसद  अनिता नागरसिंह चौहान ने क्षेत्र की रेल सुविधाओं से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पश्चिम रेलवे प्रशासन को भेजते हुए उन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री सांसद हेल्पलाइन प्रभारी गोविंदा गुप्ता ने बताया कि ये सभी सुझाव सांसद श्रीमती अनिता चौहान को संसदीय क्षेत्र के प्रवास के दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से प्राप्त हुए थे, जिसको प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र के रेल विकास, यात्री सुविधाओं एवं नई रेल सेवाओं की मांग उठाई गई है।

सांसद अनिता चौहान ने ये रखे प्रस्ताव -

-बामनिया  रेल्वे स्टेशन जिला झाबुआ में एस.एच. 26 मार्ग पर रेलवे ओवर ब्रीज निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराये जाने के संबंध में

-  दाहोद से पिथमपुर जिला धार नई रेल लाईन के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के संबंध में

- छोटाउदयपुर से पिथमपुर जिला धार नई रेल लाईन के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के संबंध में

- जिला झाबुआ के मेघनगर रेलवे स्टेशन पर गाडी संख्या 22901/02 (बांद्रा-उदयपुर) का स्टॉपवेज के संबंध में।

- गाडी संख्या 69231-32 (उज्जैन-चित्तौडगढ) का नामली रेलवे स्टेशन पर ठहराव

- ग्राम पंचायत मुल्थानिया में रेल्वे कासिंग हेतु अंडर ब्रीज स्वीकृत कराने के संबंध में

- ग्रामीण क्षेत्र में आंडर ब्रिज में जल भराव का निकासी एवं विद्युत व्यवस्था करने के संबंध में

- खाटूश्याम मंदिर राजस्थान हेतु श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु इन्दौर से रींगस तक नवीन रेल सेवा प्रारंभ कराने के संबंध में

- रतलाम जिले के मोरवानी रेलवे स्टेशन पर गाडी संख्या 59831/32 का स्टॉपवेज के संबंध में

- जिला आलीराजपुर मध्यप्रदेश से अहमदाबाद गुजरात तक दो नवीन रेल गाडियों का संचालन कराने के संबंध में

-रतलाम रेलवे स्टेशन पर कोटा जाने वाली और इन्दौर जाने वाली रेलगाडी एक ही प्लेटफॉम पर खडी रहने के कारण यात्री जल्दबाजी में गलत गाडी में बैठ जाते है, इस कारण इन्हें अलग-अलग प्लेटफार्म पर ठहराव किया जाए

- रतलाम से इन्दौर के लिए प्रातः 07 से 08 बजे के मध्य और इन्दौर से रतलाम के लिए व्हाया फतेहबाद 12 इन्टरसिटी शाम 05 बजे के आस-पास एक नवीन रेलगाडी प्रारंभ किया जाए, जिससे इन्दौर और रतालम की कनेक्टिविटी मिल सके।



आदिवासी अपना जल,जंगल जमीन नही देंगे- महेश पटेल

जोबट से सटी कुक्षी क्षेत्र में सीमेंट फेक्ट्री खोलने के विरोध में नजर आए पटेल

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

आदिवासी नेता और आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने बुधवार को धार जिले के कुक्षी के ग्राम खेड़ली में जबरन चुना पत्थर ड्रिल किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा किसी भी कीमत पर आदिवासियों से उनकी जल,जंगल और जमीन को दूर नही होने देंगे उसके लिए कितनी भी बड़ी लड़ाई क्यो नही लड़ना पड़े।श्री पटेल ने कहा उनके जिले आलीराजपुर की जोबट विधानसभा जहॉ से सेना महेश पटेल विधायक है उनके डाबड़ी गाँव को भी इसमें जोड़ने की बात है वे आलीराजपुर हो या धार हो किसी भी जिले के आदिवासियों को बेदखल नही होने देंगे इसके लिए आदिवासी विकास परिषद एक बड़ी रणनीति बनांकर ग्रामीणों की बैठकें करेगी और सभी को एक जुट रहकर चुना पत्थर ड्रिल के पुरजोर विरोध का आव्हान महेश पटेल ने किया है।




महेश पटेल ने प्रेस वार्ता में रोशनी कलेश प्रकरण में राष्ट्रपति से सीबीआई जांच की मांग की

 प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा’

आलीराजपुर। मप्र आदिवासी विकास परिषद के उपाध्यक्ष महेश पटेल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता मे प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और देश के महामहिम राष्ट्रपति से रोशनी कलेश की मौत के प्रकरण मे निष्पक्ष एवं सूक्ष्म सीबीआई जांच की मांग की है। 


श्री पटेल ने पत्रकार वार्ता मे कहा की मप्र के आदिवासियों पर आए दिन अत्याचार, बलात्कार और हत्याओं की घटना तेज़ी से बढ़ रही हे, प्रदेश सरकार इसको रोकने मे नाकाम साबित हो रही हे, लेकिन आदिवासी की बेटी रौशनी को न्याय दिलाने के लिए हम संघर्ष कर सड़को पर उतरेंगे और न्याय दिलाकर रहेंगे। उन्होंने बताया की गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में अध्ययनरत आलीराजपुर की आदिवासी समाज की होनहार छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। न्याय की मांग को लेकर भोपाल में आयोजित धरना-प्रदर्शन में आदिवासी विकास परिषद की भोपाल शाखा ने महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका निभाई थी । उन्होंने कहा कि जब तक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच नहीं होगी, तब तक सत्य पर से संदेह के बादल नहीं हटेंगे। श्री पटेल ने मृतिका के परिजनों को दो करोड़ रुपये की आर्थिक राहत प्रदान करने की भी मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को संबल मिल सके। परिषद का स्पष्ट मत है कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न है। श्री पटेल ने कहा कि धरना-प्रदर्शन के दौरान जबकि आलीराजपुर विधायक एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री चौहान भोपाल में उपस्थित थे, तब भी उन्होंने आंदोलनरत समाजजनों से संपर्क या सहयोग नहीं किया। परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि मंत्री महोदय द्वारा घटना के कई दिन बाद की गई मुलाकात महज औपचारिकता प्रतीत होती है, जिसे आमजन की भावनाओं को शांत करने का प्रयास माना जा रहा है। पटेल ने दोहराया कि उनका उद्देश्य राजनीतिक विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि एक आदिवासी बेटी को न्याय दिलाना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके विपरीत, धरना-प्रदर्शन में आदिवासी विकास परिषद के साथ जोबट विधायक सेना पटेल ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिसके लिए समाजजनों ने उनका आभार व्यक्त किया।

श्री पटेल ने चेतावनी देते हुवे कहा की यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच एवं पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान और सांसद अनिता चौहान ने दी जिले को कई सौगातें

मंत्री एवं सांसद के प्रयासों से मिले 75 करोड़ 53 लाख  के रोड - ब्रिज हुए स्वीकृत

ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर मनाई खुशियां 

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान एवं सांसद अनिता चौहान के सतत प्रयासों से अलीराजपुर जिले को विकास की राह में एक ओर महत्वपूर्ण सौगात मिली है। मंत्री एवं सांसद की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले में कई सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। इन कार्यों से ग्रामीण अंचलों में आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और गांवों के विकास को नई गति मिलेगी।


सड़क निर्माण कार्य

विधायक प्रतिनिधि गोविंदा गुप्ता ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के रहवासियों की मांगों एवं आवश्यकताओं के देखते हुए कैबिनेट मंत्री नागरसिंह जी चौहान एवं सांसद अनिता चौहान द्वारा पत्रों के माध्यम से इन मांगों से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को अवगत करवाते हुए इन कार्यों की महत्ता बताई थी। जिसके चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह के माध्यम से 64 करोड़ 64 लाख की 5 सड़को को एवं 10 करोड़ 89 लाख लागत का एक ब्रिज स्वीकृत किया है।

इन विकास कार्यों से ग्राम क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा, गांवों का जिला मुख्यालय एवं प्रमुख बाजारों से सीधा संपर्क, किसानों की कृषि उपज के परिवहन में सुविधा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि, विद्यार्थियों को स्कूलदृकॉलेज तक सुरक्षित पहुंच, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपातकालीन सुविधाओं की आसान उपलब्धता, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने से ग्राम आत्मनिर्भरता बनेगा एवं ग्राम के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।


सड़कों का निर्माण किया जाएगाः-

रॉक्सा से कवठु खंण्डाला मार्ग 12 किमी लागत 25 करोड़

वालपुर से कुकलट छोटी हथवी उन्हाला बोडगांव मार्ग  16 किमी  लागत 35 करोड़

आलीराजपुर मथवाड का छुटा मार्ग (बखतबड) 0.32 किमी  लागत 1 करोड़ 80 हजार

आलीराजपुर सोरवा मार्ग से चिचलगुडा पहुँच मार्ग (रेलवे ओवर ब्रिज के कारण छूटा भाग) 0.90 किमी  लागत 1 करोड़

इंदरसिंह की चौकी पहुँच मार्ग  2.6 किमी  लागत 2 करोड़ 56 लाख

पुल निर्माण कार्य

फूलमाल से फलिया मंदिर मार्ग में आने वाले हिरण नदी पर पुल निर्माण 10 करोड़ 89 लाख जिसके बनने से बरसात के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों का स्थायी समाधान होगा। ग्रामीणों को सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही की सुविधा मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में हर्ष - 

केबिनेट मंत्री नागरसिंह जी चौहान एवं सांसद अनिता जी चौहान के प्रयासों से मिली इस सौगात को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद अलीराजपुर जिला विकास की नई दिशा में अग्रसर होगा और ग्रामीण जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। इन सौगातों की घोषणा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी हर्ष है। ग्राम खट्टाली में ग्रामीणों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करते हुए आलीराजपुर खंडाला 12 किमी मार्ग को डबल पट्टी मार्ग बनाने जाने के लिए 25 करोड़ रुपए स्वीकृत होने पर मंत्री एवं सांसद का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया।