आदिवासी अपना जल,जंगल जमीन नही देंगे- महेश पटेल
जोबट से सटी कुक्षी क्षेत्र में सीमेंट फेक्ट्री खोलने के विरोध में नजर आए पटेल
आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।
आदिवासी नेता और आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने बुधवार को धार जिले के कुक्षी के ग्राम खेड़ली में जबरन चुना पत्थर ड्रिल किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा किसी भी कीमत पर आदिवासियों से उनकी जल,जंगल और जमीन को दूर नही होने देंगे उसके लिए कितनी भी बड़ी लड़ाई क्यो नही लड़ना पड़े।श्री पटेल ने कहा उनके जिले आलीराजपुर की जोबट विधानसभा जहॉ से सेना महेश पटेल विधायक है उनके डाबड़ी गाँव को भी इसमें जोड़ने की बात है वे आलीराजपुर हो या धार हो किसी भी जिले के आदिवासियों को बेदखल नही होने देंगे इसके लिए आदिवासी विकास परिषद एक बड़ी रणनीति बनांकर ग्रामीणों की बैठकें करेगी और सभी को एक जुट रहकर चुना पत्थर ड्रिल के पुरजोर विरोध का आव्हान महेश पटेल ने किया है।
महेश पटेल ने प्रेस वार्ता में रोशनी कलेश प्रकरण में राष्ट्रपति से सीबीआई जांच की मांग की
प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा’
आलीराजपुर। मप्र आदिवासी विकास परिषद के उपाध्यक्ष महेश पटेल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता मे प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और देश के महामहिम राष्ट्रपति से रोशनी कलेश की मौत के प्रकरण मे निष्पक्ष एवं सूक्ष्म सीबीआई जांच की मांग की है।
श्री पटेल ने पत्रकार वार्ता मे कहा की मप्र के आदिवासियों पर आए दिन अत्याचार, बलात्कार और हत्याओं की घटना तेज़ी से बढ़ रही हे, प्रदेश सरकार इसको रोकने मे नाकाम साबित हो रही हे, लेकिन आदिवासी की बेटी रौशनी को न्याय दिलाने के लिए हम संघर्ष कर सड़को पर उतरेंगे और न्याय दिलाकर रहेंगे। उन्होंने बताया की गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में अध्ययनरत आलीराजपुर की आदिवासी समाज की होनहार छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। न्याय की मांग को लेकर भोपाल में आयोजित धरना-प्रदर्शन में आदिवासी विकास परिषद की भोपाल शाखा ने महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका निभाई थी । उन्होंने कहा कि जब तक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच नहीं होगी, तब तक सत्य पर से संदेह के बादल नहीं हटेंगे। श्री पटेल ने मृतिका के परिजनों को दो करोड़ रुपये की आर्थिक राहत प्रदान करने की भी मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को संबल मिल सके। परिषद का स्पष्ट मत है कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न है। श्री पटेल ने कहा कि धरना-प्रदर्शन के दौरान जबकि आलीराजपुर विधायक एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री चौहान भोपाल में उपस्थित थे, तब भी उन्होंने आंदोलनरत समाजजनों से संपर्क या सहयोग नहीं किया। परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि मंत्री महोदय द्वारा घटना के कई दिन बाद की गई मुलाकात महज औपचारिकता प्रतीत होती है, जिसे आमजन की भावनाओं को शांत करने का प्रयास माना जा रहा है। पटेल ने दोहराया कि उनका उद्देश्य राजनीतिक विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि एक आदिवासी बेटी को न्याय दिलाना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके विपरीत, धरना-प्रदर्शन में आदिवासी विकास परिषद के साथ जोबट विधायक सेना पटेल ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिसके लिए समाजजनों ने उनका आभार व्यक्त किया।
श्री पटेल ने चेतावनी देते हुवे कहा की यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच एवं पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।






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