लोन लिया नहीं उसके बावजूद भी आदर्श वाणी समाज सहकारी संस्था कि मिनी बैंक ने थमा दिया दो लाख से ज्यादा का नोटिस,

पीड़ित का कहना...अगर मेंने ऋण लिया हो तो साबित करें संस्था...

मैं अब जाऊंगा न्यायालय और प्रशासन की शरण में

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट

आपने अक्सर सुना होगा या समाचारों मे पड़ा होगा कि कोई व्यक्ति किसी बैंक, या प्राइवेट संस्था के द्वारा लोन लेता है। अगर उक्त समय अवधि में उस व्यक्ति के द्वारा ऋण नही भरा जाता तो संबंधित बैंक या संस्था  के द्वारा उसे नोटिस दिया जाता है कि आप ने जो लोन लिया था उसे भरा जाए। लेकिन जोबट कि आदर्श वाणी सहकारी संस्था ने एक ऐसे व्यक्ति को नोटिस थमा दिया जिसने लोन लिया ही नहीं । मामला यह है कि जोबट के ही वासुदेव वाणी को आदर्श वाणी समाज सहकारी संस्था के द्वारा एक नोटिस जारी किया गया जिसमें दो लाख पांच सौ पेंतीस रूपये ऋण अदा करने नोटिस में दर्शाया गया।



वासुदेव वाणी का साफ कहना है कि मेरे द्वारा लोन नहीं लिया गया उसके बावजूद भी मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। अगर मेरे द्वारा लोन लिया गया है तो संस्था बताएं कि किस माध्यम से मुझे पैसा दिया गया है।

मैं अब इस मामले को लेकर प्रशासन और न्यायालय की शरण में जाने वाला हूं।
अब इसमें देखना यह है कि सहकारी संस्था के जवाबदार अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर किस प्रकार पेश होते हैं। क्या सहकारी संस्था के जबाबदार जोबट की इस आदर्श वाणी संस्था की जांच करेंगे या नहीं |

"हां मुझे जोबट के वासुदेव वाणी के द्वारा शिकायत मिली है जिसकी हमारे जांच दल के द्वारा बहुत जल्द जांच की जाएगी। रिकॉर्ड देखने के बाद पूरी जानकारी और मिलेगी मोटे तौर पर देखा जाए तो संस्था कि कहीं ना कहीं गलती तो है।"
-महेश चंद्र पालीवाल
सहकारी निरीक्षक अलीराजपुर
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