*समझाइश बहुत हुई* *अब कटेगा 1000 का चलान*

दुकान सील करने की भी होगी कार्रवाई

उदयगढ़ से राजेश जयंत की रिपोर्ट।!

वैश्विक महामारी कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और आमजन द्वारा लगातार दी जा रही समझाइश के बाद भी उचित सतर्कता नहीं अपनाए जाने/ नियमों का उल्लंघन करने को देखते हुए अब प्रशासन कड़ी कार्रवाई के मूड में आ चुका है।।


बीते दिनों शांति सुरक्षा समिति की बैठक में इसके संकेत दे दिए गए थे । निगरानी दल द्वारा अवगत करवाए जाने के बाद सोमवार को नायब तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल एवं उनकी टीम ने नगर का आकस्मिक निरीक्षण किया और वस्तुस्थिति को देखा।



उन्होंने पाया कि चालानी कार्रवाई के बाद भी अनेक व्यापारी व अन्य लोग सिर्फ टीम को देखकर ही मास्क लगाने/लगवाने, दूरी बनाने की खानापूर्ति कर रहे हैं।

इस पर नाराजगी जताते हुए नायब तहसीलदार ने निर्भयसिंह पटेल ने निगरानी दल को निर्देश दिए कि दल के कुछ सदस्य गोपनीय निरीक्षण करें, फोटो निकालें और दिखावा पूर्ति करने वाले दुकानदारों, वाहन चालकों के अतिरिक्त सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने वाले लोगों पर ₹1000 की चालानी कार्रवाई करें। इसके बाद भी यदि मास्क सोशल डिस्टेंस सैनिटाइजर के नियमों का उल्लंघन  देखा जाने पर दुकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।


*आदेश का उल्लंघन करने पर IPC की धारा 188 के तहत 6 महीने जेल या फिर 1000 रुपये तक का जुर्माना, या फिर दोनों ही हो सकता है*


क्या कहती है IPC की धारा 188?

IPC की धारा 188 में पब्लिक सर्वेंट के जारी किए गए ऑर्डर को न मानने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान है. इसके मुताबिक, "जो कोई भी जानबूझकर पब्लिक सर्वेंट के आदेश की अवमानना करता है, उसको जेल की सजा या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं."


आदेश का उल्लंघन करने से अगर काम में बाधा आती है, या बाधा आने का खतरा है, या किसी को नुकसान पहुंचता है, तो 1 महीने तक की जेल या फिर 200 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. दोनों सजा भी दी सकती हैं.  

वहीं, अगर आदेश के उल्लंघन की वजह से किसी की जान, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होता है, या फिर दंगे होते हैं, तो ऐसे में 6 महीने तक की जेल और 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है.

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