खुदाई में मिले सोने के सिक्कों के बंटवारे के विवाद के चलते मामला हुआ जगजाहिर
सोंडवा पुलिस ने भी लगे हाथ सिक्कों पर की नियत खराब, अब जांच में मामला
एसपी हंसराजसिंह सिंह ने थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
घर की फूट तो जगत की लूट वाली कहावत जिले के सोंडवा कस्बें के एक मामले से चरितार्थ होती हुई दिखाई दी है। मामला भी बेहद दिलचस्प है किंतु इस मामले में कथित तौर पर सोंडवा पुलिसकर्मियों की भी नियत खराब हो गई और पुलिस पर ऐसा आरोप है पुलिस जमीन में गाड़े गए सोने के सिक्के निकाल ले आई। मामले ने तूल पकड़ा और सोंडवा भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपालसिंह खरत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सिक्के वापस करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। पुलिस व प्रशासन के बड़े अफसर थाने पर पहंुचे। फिलहाल इस मामले में एसपी हंसराजसिंह ने जांच के आदेश देते हुए सोंडवा थाना प्रभारी सहित तीन अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
यह है मामला
जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम बेजड़ा में एक आदिवासी मजदूर परिवार से सोंडवा पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर जमीन में गाड़कर रखे गए सोने के सिक्कें जबरन ले आए व घर की महिलाओं से अभद्र व्यवहार कर कथित तौर पर मारपीट भी की। मजदूर परिवार को गुजरात में मजदूरी के दौरान सोने के सिक्के मिले थे जिसे वे अपने साथ घर ले आए। इस मामले को लेकर सोंडवा भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपालसिंह खरत के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने आंदोलन करते हुए थाने पर प्रदर्शन करते हुए घेराव कर दिया। एसडीएम प्रियांशी भवर और एसडीओपी श्रद्धा सोनकर भी थाने पर पहुंच गई और लोगों को समझाइश दी। जिसके बाद मामले की जांच के निर्देश देते हुए एसपी हंसराजसिंह ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मीयों पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं सिक्के की जप्ती के बाद ही यह पता लग पाएगा की वे किस धातु के है। लेकिन देर शाम होते होते एसपी सिंह ने सोंडवा थाना प्रभारी विजय देवड़ा, प्रधान आरक्षक सुरेश चौहान, आरक्षक राकेश डावर व आरक्षक विजेंद्रसिंह चौहान को निलंबित कर दिया। साथ ही चारों के खिलाफ 379 में मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
सिक्के मिलने की यह है कहानी
सोंडवा थाना थेत्र के ग्राम बेजड़ा निवासी रमकु पति बंशी भयडिय़ा द्वारा आरक्षक राकेश डावर और उसके अन्य तीन साथियों के विरूद्ध चोरी के सिक्के लाने के संबंध में थाना सोंडवा में शिकायत की । शिकायकर्ता रमकु की शिकायत में बताया गया कि आरक्षक राकेश डावर व अन्य तीन साथी जो उसके घर पर 19 जुलाई को सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच आए और उसे घर से बाहर भगाते हुए पैसे मांगने लगे इस दौरान वे हम पुलिस वाले है बोलकर घर के अंदर घुस गए। उन्होंने घर के अंदर जमीन खोदकर उसमें रखे 220 सोने के सिक्के लेकर चले गए। आवेदिका का कहना है कि वह गुजरात मजदूरी करने गई थी उसके साथ उसके जेठ की बहु बाजरी को मिटटी में ये सिक्के मिले थे। जिसे लेकर वे लोग अपने घर ग्राम बेजड़ा आए थे। जबकि 20 सोने के सिक्के जेठ की बहु बाजरी के यहां ले गए थे। इस तरह कुल 240 सिक्के थे जिसे पुलिस कर्मी आकर ले गए जिन्हे हम चेहरे से जानते है।
घर की फूट तो जगत की लूट
यह मामला दो दिनों से पूरे जिले में चर्चित हो गया है। पुलिस कर्मियों से पूछताछ में ही सही जानकारी मिल सकेगी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि सोने के सिक्के ही है। किंतु फिलहाल के पुलिसकर्मियों ने कहां ले जाकर रख दिए व छुपा दिये यह सारी चीजें पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। इस घटना ने यह कहावत फिर से चरितार्थ हो गई है कि घर की फूट तो जगत की लूट। यदि आदिवासी परिवार राजी बाजी से खुदाई में मिले सिक्कों का आपस में बंटवारा कर लेते तो और बात बाहर नहीं आती तो यह घटना होने की संभावना कम रहती फिर भी लालच जो कराए उसका क्या हो सकता है। यदि सोने के सिक्के सही में है तो फिर यह मामला लाखों में या फिर एक करोड़ से उपर का हो सकता है।
सिक्के की जप्ती के बाद यह पता लगाया जाएगा कि ये सिक्के किस धातु के है। मामले में पुलिस द्वारा गंभीरता से पड़ताल की जा रही है सोंडवा थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सिक्के कहां से लाए गए उसकी जांच भी की जा रही है।
-हंसराजसिंह, एसपी आलीराजपुर.


