निस्काम भाव से किया गया कर्म ही सच्ची भक्ति है-पंडित लोकेशानंद शास्त्री,

 भजनो की धुन पर झुम उठे श्रोताजन, कथा के तीसरे दिन श्रोताओं की उमड़ी भीड़

आशुतोष पंचोली 

अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ 
 मनुष्यों का क्या कर्तव्य है इसका बोध भागवत सुनकर ही होता है। विडंबना ये है कि मृत्यु निश्चित होने के बाद भी हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं। निस्काम भाव से प्रभु का स्मरण करने वाले लोग अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं।प्रभु जब अवतार लेते हैं तो माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य माया को शाश्वत मान लेता है और अपने शरीर को प्रधान मान लेता है। जबकि शरीर नश्वर है।भागवत कथा बताती है कि कर्म ऐसा करो जो निस्काम हो वहीं सच्ची भक्ति है। यह बात नगर के केशव नगर कालोनी में काबरा व नवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा का वाचन करते हुए कथा व्यास पंडित लोकेशानन्द शास्त्री ने कहीं। कथा के दौरान पंडित शास्त्री द्वारा सुनाए गए भजनों पर उपस्थित श्रोताओं ने झुमकर नृत्य किया इस दौरान पुरा पांडाल धर्ममय हो गया। कथा का तीसरा दिन होने से पांडाल में श्रोताओ की भीड़ उमड़ी। अंत में भागवत जी की आरती उतारकर प्रसादी का वितरण किया गया।



भजनो की धुन पर जन प्रतिनिधियों ने किया गरबा रास
कथा के तीसरे दिन. विधायक मुकेश पटेल  जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चौहान,नगर पालिका निवृत्तमान अध्यक्ष सेना पटेल कांग्रेस पूर्व जिला अध्यक्ष राधेश्याम महेश्वरी दिलीप पटेल भी कथा सुनने पहुंचे। इस दौरान व्यास पीठ से कथा वाचक पंडित शास्त्री द्वारा शानदार भजन सुनाए गए। गरबो की प्रस्तुती पर उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने गरबा रास भी किया।अंत में भागवत जी की आरती भी उतारी गई।इसके पूर्व जन प्रतिनिधियों ने कथा वाचक पंडित लोकेशानंद शास्त्री का आशिर्वाद भी लिया।
  
 मनेगा कष्ण जन्म




श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन कथा पांडाल में श्रीकृष्ण जन्म उत्सव का प्रसंग मनाया जाएगा। इस अवसर पर पुरे परिसर को फुग्गे, माखन मटकी और स्वागत द्वार से सजाया जाएगा।कष्ण जन्म प्रसंग के दौरान ढोल डमाकों के साथ बाल कृष्ण को कथा परिसर तक लाया जाएगा।आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा शुभारंभ अवसर से पांडाल में कथा का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रोताजन शामिल हो रहे है।यहां पर आलीराजपुर सहित खटटाली, नानपुर, जोबट व अन्य स्थानों से श्रद्धालुजन कथा सुनने आ रहे है।शुक्रवार को कष्ण जन्म प्रसंग को लेकर विशेष तैयारियां की गई है।  


Share on WhatsApp