बैंक कर्मी...ये भी है कोरोना वारियर्स, संक्रमण के खतरों के बीच निरन्तर है डटे हुए

करंसी के सतत प्रवाह में भी अपनी सुरक्षा के साथ कार्यरत रहकर ग्रामीण हितग्राहियों को दे रहे है सोशल डिस्टेंसिग का सन्देश
छुट्टियां लिए बिना निरंतर कार्यरत है ये कोरोना योद्धा
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
 कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में एक और जहां  सारे देश के नागरिक और ग्रामीण हर स्तर पर पर अपना-अपना सहयोग दे रहे हैं, वही इस बड़ी लड़ाई  के महत्वपूर्ण मोर्चे पर बैंक कर्मी भी  अपना बड़ा योगदान दे रहे हैं। संक्रमण के बड़े स्रोत नगद करेंसी के बीच कार्यरत रहते हुए ग्रामीणों की निरंतर सेवा कर रहे हैं हैं। 
 ग्राम स्तर की बात करें तो कट् ठीवाड़ा में तीन बैंकों के कार्यालय हैं।  बैंक ऑफ बड़ौदा, नर्मदा धार ग्रामीण बैंक एवं जिला सहकारी बैंक,  इन बैंकों के द्वारा लॉक डाउन पीरियड के दौरान अब तक सैकड़ों हितग्राहियों के खातों में धनराशि जमा करने के साथ में उन खातों से ग्रामीणों को नगद राशि उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे वह अपनी दैनंदिनी आवश्यकताओं की व्यवस्था कर सके और lockdown 2 के दौरान शासन की सुविधाओं का उन्हें लाभ मिल सकें। 
सोशल डिस्टेंसिग का आग्रह इतना ज्यादा है कि बैंकों में हितग्राहियों के चप्पल भी सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते नजर आ रहै है। 

 चित्र--कट् ठीवाड़ा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर लाइन में खड़े हितग्राहियों के स्थानों पर रखे चप्पलों का। 
 बैंक ऑफ बड़ौदा के स्थानीय प्रबंधक अभिषेक इक्का एवं कर्मी योगेश धनोतिया ने बताया की शासन द्वारा जारी की गई ___प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत गरीब ग्रामीणों के जनधन खातों में ₹500 एवं वरिष्ठ नागरिकों के खातों में ₹1000 की राशि जारी की गई है, जिसे उनके  स्टाफ द्वारा अधिकतम कोशिश कर ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभांवित गया है।  बैंक मित्रों (बीसी) द्वारा ग्रामीण अंचल में निरन्तर जाकर हितग्राहियों को उनकी आवश्यक राशि जारी की जा रही है।  इस दौरान बैंक मित्र, ग्रामीणों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन  के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। प्रबंधक एक्का ने बताया कि उच्च कार्यालय के निर्देशों के अनुसार उन्हें अल्टरनेटिव कार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं, किंतु उनके सभी कर्मचारी स्वेच्छा से नियमित कार्यालय जा रहे हैं। उनका मानना है कि  ग्रामीण  हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानियां ना हो इसके चलते उन्होंने किसी तरह की छुट्टियों का आवेदन भी नही दिया है।  बस उनका ध्येय  लॉकडाउन अवधि में गरीब हितग्राहियों को अधिकतम रूप से अपनी सेवाएं उपलब्ध करवाना है जिससे वे अपनी परेशानियों से मुकाबला कर सकें।  

नर्मदा धार ग्रामीण बैंक के प्रबंधक बीएल उपाध्याय एवम  कैशियर मीणा ने बताया की ग्रामीण अंचल से आने वाले वाले ग्रामीण हितग्राहियों पर विशेष फोकस कर रहे हैं, जिससे उन्हें राशि उपलब्ध होने में किसी तरह की परेशानी ना आए एवं उन्हें बैंक की शाखा में बार बार आने की परेशानी ना हो। प्रबंधक उपाध्याय के अनुसार उनके बैंक मित्रों के द्वारा भी ग्रामीण अंचलों में सतत राशि उपलब्ध करवाई जा रही है एवं निरंतर ग्रामीणों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में चेतना भी जगाई जा रही है।  जिला सहकारी बैंक  के स्थानीय प्रबंधक निर्भय सिंह तोमर ने बताया की  lockdown  2 के दौरान विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण अंचलों  से आने वाले हितग्राही हितग्राही परेशान होते हैं,  किंतु वह और उनका स्टाफ उन्हें पूर्णतया संतुष्ट करने की कोशिश करते हैं। निर्धारित समय तक बैंक में आए अधिकतर हितग्राहियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की पूर्ण प्रयास करते हैं। 
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