लाक डाउन के दौर में भी बैंक अफसर खाताधारकों को कर रहे है परेशान
सोंडवा से सुजीत कुशवाह की रिपोर्ट
पूरे देश में कोरोना वाईरस के चलते लाक डाउन चल रहा है। सभी प्रकार की दुकानें आदि बंद है। ऐसी स्थिती में भी बैंक अफसर अपनी अफसरी गरीब खाताधारकों पर झाड़ रहे है और उनसे आधार कार्ड की फोटो कापी मांगी जा रही है। अब दुकानें बंद है तो फोटो कापी कहां कराने जाएंगे खाताधारक। जबकि अपने खाते से राशि निकालने के लिए वे बैंक द्वारा दी गई फोटो युक्त बचत खाता पास बुक लेकर साथ में आए है उसके बावजूद भी बैंक अफसर इतनी सी भी मानवीयता नहीं दिखा रहे है। ऐसा ही एक मामला सोंडवा में आज सामने आया है जब दस किमी पैदल चलकर जब एक महिला अपने खाते से राशि निकालने के आई तो उससे बैंक अफसरों ने आधार कार्ड की फोटो कापी मांगी और बैंक अफसरों से मान मनुहार के बाद भी उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और उसे बिना राशि दिए ही कथित तौर पर लौटा दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार सोंडवा में बैंक आफ बड़ौदा की शाखा से जन-धन खाते से 500 रूपये निकालने के लिए आधार कार्ड की फोटो कापी की मांग की जा रही जबकि लाक डाउन होने के कारण सभी दुकान बंद है। जबकि जिस समय ये खाते खोले गये थे उस समय सभी कागजात दिये गये थे ऐसे मै गरीब खाता धारक से हर बार पैसे निकालते समय आधार कार्ड की मांग करना कहा तक उचित है ।
सोमवार को खजली पति नुरखा उम्र 55 साल निवासी वरली पानी फलिया दरकली की आज 10 किलों मीटर पैदल चलकर पहुंची थी लेकिन वह आधार कार्ड की फोटो कापी कराने के लिए दर दर भटकती रही। खजली बाई ने बताया कि गांव में दुकानें सब बंद है अब फोटो कापी कहां से करवाउ। बैंक वाले परेशान कर रहे है। इस प्रकार बैंक में आधार कार्ड की फोटो कापी की मांग की जाना सरकार के नियमो की आड़ मै परेशान करना है जबकि आधार कार्ड की अनिवार्यता पर भी संशय बना हुआ है। जन-धन खाता खोलते समय पैसा न होने के कारण कम से कम मै और बहुत से खाते( पडने वाले बच्चो के फ्री मै खोले गये थे ऐसे मै वह नियमानुसार लेन देन कैसे कर पायेंगे। मिनिमम बेलेंस कैसे रख पाएंगे। वही क्षेत्रीय ग्रमीण बैक में तो पैसे ही नही रहने के कारण खाता धारक कई किलो मीटर की दूरी से आकर वापस लौट रहे है।
इस मामले में जब बैंक प्रबंधक से हमने उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

