रूपये निकालने को दर दर भटकती बुजुर्ग महिलाएं

132 गाँव की तहसील मै सही तरह से भुगतान नही हो पा रहा है
सोंडवा से सुजीत कुशवाह की रिपोर्ट।
सोडवा तहसील मै लगभग 50  ग्राहक  सेवा केन्द्र तथा  बैक होने के बावजूद बुजुर्ग परेशान हो रहे है अपना ही पैसा बैक से निकालने के लिए भरी दोपहर मायूस होकर इधर उधर दौड़ रहे है    बैक आफ बड़ौदा  शाखा सोडंवा  के ग्राहक सेवा केन्द्र की 21 एजेंसी है अगर एक दिन मै इक्कीस गाँव में तथा छेतरीय  ग्रामीण बैक की चार  ( सोडंवा वालपुर उमराली छकतला ) शाखायें है और करीब 20 सेवा केन्द्र की एजेंसी कार्य रत है तथा दो सहकारी बैक (उमराली तथा छकतला) मै काम कर रहे है लेकिन फिर भी 132 गाँव की तहसील मै सही तरह से भुगतान नही हो पा रहा है   ग्राहक सेवा केन्द्र धारी का आरोप है कि हमैं  बैक  भुगतान के लिए नगद दे  नही रहे है जिसके कारण वह भी सेवा नही दे पा रहे है आखिर किस कारण बैक उन्हे  उनके खातें मै पड़ा पैसा नही दे रही
हालत ये है  बैक आफ बड़ौदा की शाखा  ग्राहक  सेवा केन्द्र को  तीन दिन से कोई भुगतान नही  कर रही है  रोक लगा रखी है सिलौटा सेवा केन्द्र धारक ने कलेक्टर मैडम को भी इसकी सूचना दी है  प्रशासन को चाहिए कि वह सरपंच तथा सचिव और  ग्राहक सेवा केन्द्र और बैंको  के बीच समन्वय बैठाकर पंचायत मै एक एक दिन भुगतान करने की वयवस्था  कर मुख्यालय पर लग रही भीड़ से मुक्ति  पा सकती है  बैंक को तब तक बंद कर देना चाहिए कभी पेमेटं नही कभी लिक फ़ेल जैसी बाते भी बंद हो जायेगी जन धन 
 खाते मै लेन देन न होने के कारण  खाते बंद हो गये है जिसके कारण महिलाएं परेशान हो रही है अगर यह  जागरूकता खाता खोलते समय या अभी पंचायत सचिव के द्वारा गाव गाँव कर दी जाये तो जनता मै पेनिक फैलने पर रोक लग सकतीं हैं और भीड़ इकट्ठी होने पर अंकुश लग सकता है  खाते चालू होने मै 10 से 12 दिन का समय देकर अभी बुजुर्ग महिलाओं को भरी दोपहर मै वापस भेजा जा रहा है जिनके  खाता बंद उनके कागज पंचायत एक  साथ इकटठा कर बैंक मै जमा कराये जिससे गाँव गाव से लोग तहसील मुख्यालय पर न आये गीता भुवान सिंह बलकु नहार  सिह,झिगली भ्रम सिह दूर बाई अमर सिंह सभी दरकली बयडी फलिया को खाते बंद होने के कारण बगैर पैसा लिए 10 किलो मीटर पैदल चलकर वापस जा रहे हैकुल बैक की7 शाखायें तथा 43 सेवा केन्द्र तथा क ई पोस्ट आफिस बैक होने के बावजूद तो निश्चित ही  प्रशासन तथा बैक के बीच समन्वय का अभाव है जो नयी समस्या पैदा कर रहा है 
अगर यू ही भीड़ गाव से आती है तो लाक डाउन का कोई मतलब नही है
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