दुर्घटना से बचने का निकाला अनोखा उपाए
आलीराजपुर न्यूज के लिए नानपुर से प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट।
खंडवा बड़ौदा मार्ग स्थित नानपुर से खट्टाली जोबट -झाबुआ मार्ग पर इन दिनों बेतुके नित नए तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं । ऐसे में ठेकेदार और उसके नुमाइंदे आम तरीके से एक चौराहे पर जहां तीन तीन यात्री प्रतीक्षालय बना रहे हैं, वही उनको साइन बोर्ड लगाने के लिए जगह नहीं उपलब्ध होने पर खड़े हरे भरे पेड़ों को उखाड़ कर उन पर साइन बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है ।आम ग्रामीण जन आदिवासी रहवासी के नजरों में यह कतई समझ में नहीं आ रहा है । पेड़ उखाड़ कर एक दिशा सूचक बोर्ड लगाना कहीं से कहीं तक भी शोभा नहीं देता है । बाधा होने पर विधुत विभाग की तर्ज पर कटाई छटाई अनुमति अनुसार ही जायज है । बिना किसी आधार पर 10 किलोमीटर के पूरे मार्ग में एक भी ऐसी जगह नहीं है जहां साइन बोर्ड में कोई पेड़ या कोई पौधा या हरा-भरा वृक्ष बाधा उत्पन्न करता है ।
ऐसे पेड़ या पौधे को हटाना अनुचित भी नहीं है ।
ऐसे में वह सभी लोग मिलकर के पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के प्रति जन जागरूकता और अभियान को लेकर के जो कोशिश कर रहे हैं, उस पर एक गाज गिरती है ऐसे में डीएम साहब को मान्यवर विधायक सहित यहां के इंचार्ज डीएफओ और एसडीएम को जिम्मेदारी निभाना पड़ेगी।
पीडब्ल्यूडी विभाग को भी आगे आना पड़ेगा।जो पूर्व से ही इस मार्ग को लेकर अनदेखी करते हुए आइल डामर का खेल कर लाखों की कमाई कर चुके हैं। जगह-जगह लगे हुए पेड़ को उखाड़ कर के साइन बोर्ड लगाने के लिए इतनी कोशिश करना कहीं ना कहीं हरे-भरे वृक्षों को विनाश के कगार पर ले जाने की कोशिश है।
प्रकृति पुत्र आदिवासी ने अपनी पहचान इन्ही पेड़पौधे,जंगल और जमीन से की है ।
जिसे बेवजह वह नष्ट होते देखना नहीं चाहते ।

