आजादनगर
नरस्याभरणं रूपं रूपस्याभरणं गुणः। गुणस्याभरणं ज्ञानं ज्ञानस्या भरणं क्षमा , अर्थात क्षमा ही वीरो का आभूषण है आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व आराधना के अंतिम दिवस चंद्रशेखर आजादनगर में जैन समाजनो ने शुक्रवार को सामूहिक संवत्सरी प्रतिक्रमण कर संसार मे 84 लाख जीवो से क्षमा याचना की ओर अपने जीवन को कर्म निर्झरा से मुक्त कराया शनिवार को सुबह 10 बजे स्थानीय सुविधिनाथ जैन मंदिर से भगवान का व तपस्वी का भव्य वरघोड़ा ढोल बाजो के साथ पंचरंगी ध्वजा लेकर समाजनो ने निकाला वरघोड़े में नन्हे मुन्ने बच्चो से लेकर बडे बुजुर्गों ने आपस मे एक दूसरे से चरण स्पर्श कर गले मिलकर 12 माह में बोले चाले अविनय हुआ हो छोटे बड़ो से क्षमायाचना की वरघोड़े में समाजनो ने घर घर भगवान की गहुली कर भगवान को अक्षत से बधाया।
वरघोड़े में महिलाएं बच्चे गरबा नृत्य करते हुए भगवान की जय जयकार करते चल रहे थे वरघोड़ा नगर भृमण के पश्चात पुनः जैन मंदिर पर पहुचा यहां उपाश्रय में सभा में श्रीसंघ के वरिष्ठ वीरेंद्र कुमार जैन ,श्रीसंघ के कोषाध्यक्ष योगेश जैन नवीन अध्यक्ष यशवन्त जैन व महिला परिषद की अध्यक्षा श्रीमती कुसुम जैन ने सभा को सम्बोधित किया व तपस्वी की अनुमोदना की साथ ही अट्ठाई तप करने वाली श्रीमतीअन्तिमबाला बहन का बहुमान श्रीसंघ व महिला परिषद द्वारा किया गया।
इस अवसर पर तपस्वी के पारणा का गीत श्रीमती पूजा सावन जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2019-20 व 2021 में यतीन्द्र ज्ञानपीठ की परीक्षा में पास होने वाले परीक्षार्थी एवं पर्युषण पर्व के दौरान की गई आराधना में बच्चो को प्रमाणपत्र व नगद राशि का वितरण भी किया गया
इस अवसर पर स्वामीवत्सल्य के आजीवन लाभार्थी वीरेंद्र कुमार नानालालजी सालेचा व्होरा परिवार की ओर से रखा गया।
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