जिले में शिक्षकों व पंचायत सचिवों के अचानक से हुए तबादला आदेश जारी

सहायक आयुक्त कार्यालय से शिक्षकों के प्रशासकीय तबादला आदेश से मचा हड़कंप

कई शिक्षक हुए नेताओं के शरणागत, पंचायत सचिवों में भी नाराजगी
आशुतोष पंचोली
ब्यूरो।। अलीराजपुर न्यूज़
जिले के सरकारी विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक शिक्षिकाओं के तबादला आदेश की सूची गुरुवार को सहायक आयुक्त कार्यालय से जारी हो गई है। जिसमें शिक्षक शिक्षिकाओं के स्वैच्छिक व प्रशासकीय तबादले किए गए है। जिसमें से प्रशासकीय तबादला आदेश से कई शिक्षक शिक्षिकाओं में हड़कंप मच गया है और वे नेताओं के शरणागत होना शुरु हो गए हैं। इसी प्रकार से एक दिन दो दिन पूर्व जिला पंचायत सीईओ मैडम के द्वारा जिले के कुल 43 पंचायत सचिवों को जिले के छह विकासखंडों में इधर से उधर किया गया हैं। सालों से एक ही स्थान पर जमे पंचायत सचिवों में भी इस वजह से हड़कंप की स्थिती है। अपने अपने स्तर से सभी पंचायत सचिव अपना तबादला आदेश रुकवाने में या फिर अपनी मर्जी अनुसार पंचायत में पदस्थापना कराने के लिए सक्रिय हो गए हैं। वैसे सबसे ज्यादा हलचल शिक्षक शिक्षिकाओं में मच गई हैं। तबादला सूची में जमकर राजनीति भी चली है यह सूची देखकर ही पता चल रहा हैं। साथ ही राजनीतिक दबाव से भी सूची को प्रशासन के जिम्मेदारों ने तय किया  है ऐसा आरोप प्रभावित हुए शिक्षक शिक्षिकाएं दबे स्वर में इधर उधर लगा रहे हैं। यह सुगबुगाहट अंदरखाने में भी चल रही है।


प्रशासकीय सूची में चली नेतागिरी
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो प्रशासकीय सूची जारी हुई है उसमें एक पत्र का हवाला दिया गया है जिसमें बताया गया है कि मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन के पत्र दिनांक 24 मार्च 2021 के द्वारा वर्ष 2021-22 हेतु तबादला नीति के अंतर्गत शिक्षकों का तबादला एक संस्था से दूसरी संस्था में समान सामार्थ्य एवं समान वेतनमान में प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से किया जाता है। तबादला आदेश सूची पर आदेश दिनांक 7 अगस्त 2021 दर्ज है जबकि सूची आदेश दिनांक के 4 दिनों बाद जारी की गई हैं। इस सूची से कई शिक्षक शिक्षिकाओं के मंसूबों पर पानी फिर चुका है। अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार किसी विशेष संगठन से जुड़े हुए शिक्षक शिक्षिकाएं इस प्रशासकीय आदेश से ज्यादा प्रभावित हुए लगते हैं इसके अलावा डेढ़ साल के कांग्रेस सरकार के समय भी जो इधर से उधर हुए थे उनके नाम भी इस सूची में है ऐसा बताया जा रहा हैं।

संकुल वार तबादला सूची के आए बंद लिफाफे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार तबादला सूची में बड़ा गेम अंदर अंदर ही किया गया है ऐसा शिक्षक संगठन के लोगों का कहना हैं। मिली जानकारी के अनुसार बीईओ के पास तबादला सूची के बंद लिफाफे पहंुचाए गए और उन्हें संकुलवार भेजने को निर्देश जारी किए थे। जो तबादला सूची भी जारी की गई है वह भी संकुलवार जारी होने की जानकारी सामने आई हैं। इसमें जो गेम किया गया वह एक दो दिन में सामने आ जाएगा क्यों कि जिस प्रकार से तबादले किए गए है उसमें राजनीतिक, आर्थिक लाभ का भी ध्यान रखा गया हैं।

जिम्मेदारों के पास जानकारी नहीं
शिक्षको के तबादला आदेश जारी होने की सूची सोशल मीडिया पर आने के बाद शिक्षक शिक्षिकाओं में जो हलचल मची है उसके बाद से सहायक आयुक्त कार्यालय के स्थापना विभाग के कर्मचारी जितेंद्र चौहान ने अपना मोबाईल बंद कर लिया। सहायक संचालक व बीईओ संजय परवाल से जब इस प्रतिनिधि ने जानकारी चाही तो परवाल ने बताया कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है हमारे पास सूची के जो बंद लिफाफे आए वे हमने संकुल में भिजवा दिए है। इसके अलावा अन्य कई जिम्मेदार कर्मचारी व अफसर भी इस  मामले में अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते रहे। जिले में पहली बार ऐसे गोपनीय तरिके से संकुल के माध्यम से तबादला आदेश भेजे गए है। कई शिक्षक व शिक्षिकाओं को भी यह पता नहीं लग पा रहा है कि उनके नाम तबादला सूची में है या नहीं। जबकि जिले में करीब 4500 हजार शिक्षक शिक्षिकाएं कार्यरत है।  सहायक आयुक्त श्यामवीरसिंह से जब इस मामले में उनके मोबाईल पर संपर्क किया गया तो उन्हौने काल रीसीव नहीं की।

जिला पंचायत सीईओ ने 
पंचायत सचिवों के किए तबादले
दूसरी ओर जिला पंचायत सीईओ ने भी जिले के छह विकासखंडों के कुल 43 पंचायत सचिवों के तबादले भी कर दिए हैं। इसके आदेश भी गत 7 अगस्त को जारी हुए हैं। सूत्र बता रहे है कि जनपद पंचायत सीईओ से मिले पंचायत सचिवों के फीड बैक के आधार पर पंचायत सचिवों के तबादले किए गए है जिसमें से कुछ पंचायत सचिव सालों से एक ही पंचायत में जमें हुए थे। बहरहाल पंचायत सचिवों में भी इस सूची को लेकर नाराजगी बताई जा रही हैं।  

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