कोविड गाईडलाइन, वेक्सिनेशन व संगठनों द्वारा अलग-अलग कार्यक्रम करने की घोषणा से हो रहा संशय |
कट्ठीवाडा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों पर इस बार कोरोना की काली छाया का असर दिखाई दे रहा है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा वैक्सिनेशन में कर्मचारियों की ड्यूटी और संगठनों द्वारा अलग-अलग आयोजन किए जाने से ग्रामीणों में संशय है।
लगातार दूसरे वर्ष कार्यक्रम हुए प्रभावित
सन 2015 से आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज जन उपस्थित होते है। 2015 में क्षेत्र में आदिवासी क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की प्रतिमा की स्थापना की गई थी। इस अवसर पर क्षेत्र और आसपास से बड़ी संख्या में समाज जन एकत्र हुए थे। किन्तु 2016 में समीपस्थ आजादनगर के झोटराडा में प्रधानमंत्री मोदी की सभा के चलते आयोजन निरस्त किया गया। 2017 में आचारसंहिता होने, 18-19 में भारी बारिश और 20 में कोरोना गाइड लाइन के चलते कार्यक्रम निरस्त हुए।
अलग अलग कार्यक्रम करने की घोषणा
जिले में भील सेना संगठन द्वारा आदिवासी दिवस को मनाने के लिए कार्यक्रम बनाए गए है जिसके अंतर्गत वे जोबट विधानसभा के चार ब्लॉक में कार्यक्रम आयोजित करेंगे वहीं अन्य जगहों पर जयस संगठन अपने कार्यक्रम करेगा।
छुट्टी घोषित नही करने पर जताई नाराजगी
नाम न बताने की शर्त पर स्थानीय आदिवासी युवाओं ने बताया कि पूर्व में शिवराज सरकार ने ही 89 ट्राइबल ब्लॉक में आदिवासी दिवस पर छुट्टी घोषित की गई थी किन्तु बाद में बंद कर दी गई। 18 में कमलनाथ सरकार ने प्रारम्भ की थी जिसे शिवराज सरकार ने ऎच्छिक कर दिया। आदिवासी दिवस पर कर्मचारियों की जिला पंचायत द्वारा वेक्सिनेशन के लिए ड्यूटी लगा देने पर भी उन्हीने आक्रोश व्यक्त किया।
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