नानपुर से प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट।
आज महामहिम राज्यपाल महोदय जी के नाम थाना प्रभारी नानापुर को ज्ञापन दिया|ज्ञापन मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर द्वारा आदिवासियों पर किए गए अपमानजनक शब्द, धार जिले के ग्राम गुजरी की नदी में विषैले केमिकल उत्सर्जित होने के कारण मृत जीव जंतु मछलियां को देखकर स्थानीय आदिवासी भाइयों द्वारा शिकायत निराकरण कराने हेतु आदिवासी युवाओं ने जिले के दौरे पर आई मंत्री से ठाकुर जी से मिलकर अपनी बात रखी।
मंत्री उषा ठाकुर जी ने जवाब में आदिवासियों से कहा कि आप ऐसे विचित्र जगह पर क्यों बसे हो तुमने बसने से पहले क्या व्यवस्था देखी? तुमने तकलीफ वाली जगह चुनी, किसी ने नहीं कहा तुम ऐसी जगह आ कर बसों ,संवैधानिक पद पर रहते हुए मंत्री महोदया का उपरोक्त बयान आदिवासी समाज के लिए बहुत ही अपमानजनक और अशोभनीय है।ऐसी टिप्पणी से अप्रत्यक्ष रूप से सिद्ध होता है कि, माननीय मंत्री उषा ठाकुर जी आदिवासियों को प्रदत संवैधानिक गरिमा का सीधे अपमान कर रही है।
ऐसा संपूर्ण आदिवासी समाज मानता है।अतः संपूर्ण आदिवासी समाज मंत्री उषा ठाकुर जी के बयानों से आहत और आक्रोश में है। प्रकृति के सबसे करीब और उसके सानिध्य में रहने वाले आदिवासी जल जंगल जमीन को बचाने एक मंत्री से निवेदन करने गए थे ।
तो इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना वक्तव्य निजी शासकीय और सामाजिक तौर पर स्वीकार नहीं है। मंत्री उषा ठाकुर द्वारा पहले भी आदिवासियों के ऊपर अशोभनीय ने टिप्पणी किए गए हैं।जिससे आदिवासी समाज हमेशा अपमानित महसूस करते रहा है।
जयस परिवार माननीय राज्यपाल महोदय महोदया से निवेदन करता है। उषा ठाकुर जी को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त बर्खास्त करें नहीं तो जयस आंदोलन करेगा जिसके जिम्मेदार शासन-प्रशासन रहेगा।
जयस अध्यक्ष नवल सिंह मंडलोई, मालसिंह तोमार नवलसिंह बघेल महेश चौहान भीलसिंह बघेल मुकेश बघेल सुनील आदी ने थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया एवं जल्द से जल्द मंत्री उषा ठाकुर को बर्खास्त करें और मंत्री पर एट्रोसिटी एक्ट1989 के तहत एफ आई आर हो
Share on WhatsApp

