खुशियों की दास्तानं... 90 प्रतिशत कोरोना संक्रमण के बावजूद स्वस्थ्य हुए 30 वर्षीय हरसिंह तोमर, परिवार में छाई खुशियां

 दृढ इच्छा शक्ति और आत्मविश्वास तथा चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल टीम की मेहनत रंग लाई

कोरोना पर भारी पडा जीवन जीने का जज्बा

अलीराजपुर न्यूज ब्यूरो।

 मन मे दृढ इच्छा शक्ति और आत्मविश्वास तथा चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल टीम की मेहनत रंग लाई और 90 प्रतिषत कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने तथा कई दिनों तक कोरेाना से लडाई लडने के बाद ग्राम बडाखेडा कट्ठीवाडा, (जिला अलीराजपुर) निवासी 30 वर्षीय हरसिंह तोमर स्वस्थ्य होकर अपने घर लौटे। स्वस्थ्य होने की खुषी हरसिंह के चेहरे पर साफ नजर आती है। उन्होंने अपनी दृढ इच्छा शक्ति और चिकित्सकों और पेरामेडीकल स्टाॅफ की मेहनत से कोरोना को मात दे दी। शरीर में 90 प्रतिषत कोरोना संक्रमण फैलने के बावजूद जीवन और मृत्यु से कडा संघर्ष करते हुए श्री तोमर ने कोरोना से जंग जीती। लगातार चिकित्सकों और पेरामेडीकल स्टाॅफ की दिन-रात की मेहनत रंग लाई और हरसिंह चेहरे पर मुस्कान लिये अपने घर गए। नया जीवन मिलने की खुषी उनके और परिवार के सदस्यों पर साफ नजर आती है। श्री तोमर को 16 अप्रैल को खांसी और बुखार हुआ। दो-तीन दिनों तक स्थानीय स्तर पर ही दवाई लेते रहे। स्वास्थ्य में कुछ सुधार नहीं होने पर छोटा उदयपुर ( गुजरात ) जाकर इलाज कराया लेकिन फर्क नहीं हुआ। इसके बाद बोडेली ( गुजरात ) जाकर इलाज कराया यहां पता चला कोरोना के लक्षण है। इसी दौरान महाराष्ट्र के सहादा में एक निजी अस्पताल में सीटी स्केन में कोरोना का संक्रमण पाया गया और इलाज प्रारंभ हुआ। यहां 2 मई से 10 मई तक भर्ती रहे लेकिन इस दौरान तक इलाज में करीब 2 से ढाई लाख रूपये खर्च हो चुके थे। लगातार पैसा खर्च होने के बाद भी स्वास्थ्य में कोई फर्क नजर नहीं आने पर सभी के सामने हरसिंह के जीवन को बचाने की फिक्र थी। 


इसी दौरान अलीराजपुर जिला चिकित्सालय के कोविड 19 आइसोलेषन वार्ड के बारे में जानकारी मिली। तत्काल परिजनों ने हरसिंह को अलीराजपुर कोविड आइसोलषन वार्ड में भर्ती कराया। जिस समय श्री तोमर को अलीराजपुर कोविड आइसोलेषन वार्ड में भर्ती कराया गया था तक उनके शरीर में 90 प्रतिषत कोरोना का संक्रमण फैल चुका था। उनका आक्सीजन स्तर भी 70 के करीब ही था। यहां उन्हें तत्काल चिकित्सकों ने इलाज दिया 11 मई से 21 मई तक श्री हरसिंह लगातार आॅक्सीजन पर रहे और 23 मई को वे स्वस्थ्य हुए और उनका आॅक्सीजन स्तर सामान्य स्थिति 97 पर पहुंचा तो परिवारजनों, चिकित्सकों और पैरामेडीकल स्टाॅफ ने राहत की सांस ली। अलीराजपुर में भर्ती रहने के दौरान चिकित्सकों एवं पैरामेडीकल स्टाॅफ ने उन्हें लगातार उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं देते हुए श्री तोमर का हौसला बढाया, जिसका परिणाम यह हुआ कि वे पूरी तरह स्वस्थ्य हो पाए। श्री तोमर एवं उनके परिजन बताते है कि कोविड आइसोलेषन सेन्टर अलीराजपुर की सुविधाएं बहुत अच्छी है। यहां समय पर दवाएं, गर्म पानी, हल्दी वाला दूध, भोजन, चाय-नाष्ते, फल आदि की व्यवस्था मिली। वे बताते है कोविड आइसोलषन वार्ड अलीराजपुर में मिली चिकित्सकीय सुविधाओं, चिकित्सकों एवं पैरामेडीकल स्टाॅफ के सहयोग और लगातार प्रोत्साहन से नया जीवन मिला है। वे बताते है यहां भर्ती रहने के दौरान उन्होंने अपने आत्मविष्वास को कम नहीं होने दिया। यहां के स्टाॅफ ने लगातार आत्मविष्वास बढाया, जिससे मन में सकारात्मक भाव बने रहे, जिससे वे कोरोना पर जीत हासिल कर आज पूरी तरह स्वस्थ्य होकर अपनी परिवार के पास जा रहे है। वे कहते है कोविड आइसोलेषन सेन्टर में जिला प्रषासन अलीराजपुर की व्यवस्थाएं, चिकित्सकों द्वारा किये गये इलाज और आत्मविश्वास से कोरोना पर विजयी प्राप्त करने में खासी मदद की। उन्होंने समस्त जिलेवासियों से आह्वान किया कि कोरोना संबंधित लक्षण महसूस होने पर तत्काल शासकीय फीवर क्लीनिक पर जाए और जांच कराए। कोरोना से डरे नहीं। कोरोना से बचाव के उपाय अपनाए। धैर्य बनाए रखते हुए अपने आत्मविष्वास को बढाए रखे। मास्क जरूर लगाए। अफवाह और भ्रम पर ध्यान नहीं देकर कोरोना का टीका जरूर लगवाए। हरसिंह तोमर को जब अस्पताल से छुट्टी मिली तब सिविल सर्जन डाॅ. केसी गुप्ता, डा. भावेष शाह एवं अन्य चिकित्सकों एवं पैरामेडीकल स्टाॅफ ने विक्ट्री साइन और तालियां बजाकर हरसिंह को घर के लिए विदाई दी। 



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