जिले में कन्या महाविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और मेडिकल कॉलेज खोलने की मुख्यमंत्री से की मांग
अलीराजपुर न्यूज
आत्मनिर्भर मप्र की तर्ज पर आत्मनिर्भर अलीराजपुर की अवधारणा को पूर्ण करने के लिए अलीराजपुर जिले में उल्लेखित विकास कार्यो को गति प्रदान की जाना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि हमारा जिला विकास के मामले में बहुत पिछडा हुआ है। जिले में उच्च शिक्षा के स्तर को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने की सख्त दरकार है इसलिए जिले में कन्या महाविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और मेडिकल कॉलेज अविलंब खोले जाने के आदेश सरकार द्वारा दिए जाने चाहिए और इसकी संपूर्ण व्यवस्था और स्टॉफ की नियुक्ति तुरंत करना चाहिए। ये मांग भोपाल में मंगलवार को आलीराजपुर विधायक मुकेश पटेल और जोबट विधायक कलावती भूरिया ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को दिए पत्र में कही।
विधायकद्वय ने पत्र में बताया कि जिले के सोंडवा, आलीराजपुर, कट्ठीवाडा, चंद्रशेखर आजादनगर, उदयगढ और जोबट के छात्र-छात्राएं कृषि महाविद्यालय नहीं होने से अन्यत्र स्थानों पर अध्ययन हेतु जाते है। जिसके कारण आदिवासी गरीब किसानों को अपने बच्चों को पढाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझा का सामना करना पड रहा है। हमारा जिला आदिवासी क्षेत्र होकर कृषि व मजदूरी पर आधारित है। यदि यहां कृषि महाविद्यालय खोला जाता है तो उन्नत कृषि को बढावा मिलेगा और जिले की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
कन्या महाविद्यालय की सख्त दरकार
विधायकद्वय ने पत्र में लिखा की जिले में अभी तक कन्या महाविद्यालय नहीं खोला गया है। जिसके कारण युवतियों को युवकों के साथ संयुक्त बैठाकर अध्ययन करने में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पडता है। कन्या महाविद्यालय के लिए जिले की जनता द्वारा मांग हमारे समक्ष रखी गई है। उन्होने सरकार से जिले में आगामी शिक्षा सत्र से कन्या महाविद्यालय शुरू करने की मांग की।
मेडिकल कॉलेज खोला जाना अति आवश्यक
विधायकद्वय ने सीएम को लिखे पत्र में बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज खोला जाना अति आवश्यक है। वर्तमान बजट की सूची में आदिवासी क्षेत्र को स्थान नहीं दिए जाने से क्षेत्र की जनता और युवा वर्ग नाखुश है। क्योंकि जिले विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के लिए इंदौर, भोपाल, ग्यालियर, जबलपुर आदि स्थानों पर जाते है। जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पडता है। क्षेत्र की जनता द्वारा लगातार मांग की जा रह है कि जिले में मेडिकल कॉलेज होने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा और मरीजों को इलाज के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पडेगा।
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