एसडीएम राजस्व द्वारा किए गए अवैध कालोनी में व्यपवर्तन की जांच व बेचे गए भूखंडों को शून्य करने की कलेक्टर को हुई शिकायत
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
जिला मुख्यालय पर जिला प्रशासन की नाक के नीचे ही नगर के भूमाफियाओं द्वारा नियमों के विरुद्ध कृषि भूमि पर अवैध कालोनी काट कर भूखंड बेच कर लाखों करोड़ों रुपए बाले बाले कमाने का खेल सीधे तौर पर चल रहा है। साथ ही इस खेल में जिम्मेदार सरकारी अफसरों की मिलीभगत से भू माफिया पूरी तरह से निरंकुश होकर अपना खेल खेल रहे है और आम जनता की मेहनत की कमाई का धन इन भूखंडों को गलत ढंग से विक्रय करवा कर अपना उल्लू साध रहे है। ऐसे ही एक मामले की गंभीर शिकायत मंगलवार को स्थानीय निवासी व भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष दिलीप गुप्ता ने मय सबूतों के कलेक्टर सुरभि गुप्ता को की है। शिकायत में दी गई जानकारी में मय प्रमाण के गुप्ता ने बताया कि कृषि भुमि रामसिंह की चौकी सर्वे नम्बर 857 रकबा 0.56 हैक्टर पर आलीराजपुर नगर के ही अर्पित पिता शांतिलाल राठौड द्वारा अवैध कालोनी काट कर नियमों के विरुद्ध भूखंड बेचे जा रहे है। जिस पर कलेक्टर को कार्यवाही कर भुखण्डों के विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है।अपनी शिकायत में गुप्ता ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अवैध कालोनी का डायवर्सन/व्यपवर्तन करने की जाॅच एवं विक्रय किये गये भुखण्डों को शुन्य करने की मांग भी की हैं। इस मामले की शिकायत होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ चुका है। आगामी दिनों में इस मामले सहित ग्रीन बेल्ट की आरक्षित जमीन पर कालोनी काटने व अवैध रुप से आवासीय डायर्सन कर देने के मामले पर कार्यवाही होना तय माना जा रहा है। हालांकि भु माफियाओं से जुड़े हुए अन्य कई रसूखदार लोग इस मामले को दबाने के लिए प्रयासरत है किंतु अब कलेक्टर सुरभि गुप्ता एक्षन मोड में आ चुकी है। ऐसा प्रशासनिक सूत्रों का कहना है।
क्या है मामलाः
शिकायत कर्ता दिलीप गुप्ता ने मीडिया को जारी अपनी विज्ञप्ति में जानकारी दी कि उन्होंने इस पूरे मामले में अपनी लिखित शिकायत 10 नवंबर मंगलवार को कलेक्टर सुरभि गुप्ता को की है। की गई शिकायत में बताया कि ग्राम रामसिंह की चौकी की कलेक्टर कार्यालय से लगी कृषि भूमि जिसका पटवारी हल्का नंबर 61/17 सर्वे नंबर 857 रकबा 0.56 हैक्टेयर की थी। जिसे राधेश्याम गुप्ता द्वारा अर्पित पिता शांतिलाल राठौड को दिनांक 21.10.2019 को विक्रय किया गया था। इस सम्बंध में पूर्व में भी मेरे द्वारा शिकायत की गई थी कि उक्त भुमि पर अर्पित पिता शांतिलाल राठौड द्वारा अवैध कालोनी का निर्माण कर अवैध तरीके से उक्त कृषि भुमि को भुखण्डों में विभाजीत कर अवैध तरीके से विक्रय किया जा रहा है। उक्त शिकायत की जाॅच तहसीलदार महोदय द्वारा की गई थी जिसमें तहसीलदार महोदय के समक्ष अर्पित पिता शांतिलाल राठौड द्वारा शपथ पत्र के साथ कथन दिया था की उक्त भुमि का मेरे नाम से नामांत्रण होने के पश्चात शासन के नियमानुसार अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही भविष्य में कृषि भुमि का विक्रय करूंगा। किन्तु अर्पित पिता शांतिलाल राठौड द्वारा उक्त सर्वे नम्बर की कृषि भुमि पर अवैध कालोनी का निर्माण कर कृषि भुमि को भुखण्डों में विभाजीत कर विक्रय करना जारी रखा।अर्पित राठौड़ के द्वारा इस प्रकार प्रशासन को दिए शपथ पत्र के बावजूद भी उक्त कालोनी में प्लाटों का विक्रय किया गया।
एसडीएम राजस्व ने अवैध कालोनी कर दिया डायवर्सनः
शिकायत में मुख्य तौर बताया गया कि इस अवैध कालोनी में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा व्यपवर्तन भी कर दिया गया जो कि नियम विरूद्व होकर अवैध है। इस संबंध में नियम यह है कि कालोनाईजर लायसेंस एवं कालोनी विकास की अनुमति व नगर तथा ग्राम निवेश से विधिवत कालोनी का नक्षा अनुमोदित करने के पश्चात ही डायवर्सन किया जा सकता है किंतु एसडीएम राजस्व के द्वारा भू माफियाओं से मिलीभगत व आपसी सांठगांठ करते हुए बेचे गए अवैध भूखंडों का नियम विरुद्ध डायवर्सन भी कर दिया गया है। वर्तमान में भी इस सर्वे नंबर की भूमि पर भुखण्डों का विक्रय किया जा रहा है, जो कि नियम विरूद्व होकर अवैध कालोनाइजर की श्रेणी में आता है। शिकायत में जानकारी दी गई कि अर्पित पिता शांतीलाल राठौड द्वारा दिये गये अपने शपथ पत्र पर कथन का उल्लंघन किया है। जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि अधिकारीयों एवं पटवारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन नही किया है जिससे उक्त अवैध कृत्य करने में भू माफियाओं व जिम्मेदार अफसर इसमें शामिल है। शिकायत कर्ता ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि रामसिंह की चौकी स्थित सर्वे नम्बर 857 रकबा 0.56 हैक्टर पर अर्पित पिता शांतिलाल राठौड द्वारा निर्मित अवैध कालोनी पर कार्यवाही कर भुखण्डों के विक्रय पर तत्काल रोक लगाई जावे तथा विक्रय किये गये भुखण्डों के अवैध व्यपवर्तन को निरस्त कर भुखण्ड के विक्रय को शुन्य किया जावे। साथ ही इस कृत्य में लिप्त सभी जिम्मेदार लोगों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने सख्त कार्यवाही करने का आदेश प्रदान करे।
प्लाट बिकते रहे और जिम्मेदार सोते रहेः
उल्लेखनीय है जिस मामले की शिकायत शिकायतकर्ता दिलीप गुप्ता द्वारा की गई वह जमीन कलेक्टर कार्यालय से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है और जिला पंचायत कार्यालय भवन से एकदम सटी हुई है। इस प्रकार से ऐन जिला प्रशासन की नाक के नीचे ही भूमाफियाओं के द्वारा इतना बड़ा खेल जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत से कर दिया गया है। इस खेल में लाखों रुपए का भ्रष्टाचार भी जमकर हुआ है। जिम्मेदार अफसरों ने मोटी रकम मिलने के बाद इस ओर देखना ही बंद कर दिया और पूरा जिला प्रशासन आंखे मूंद कर बैठा रहा और कलेक्टर कार्यालय के समीप ही भूमाफिया अपनी मनमर्जी से अवैध कालोनी का निर्माण कर प्लाट बेचते रहे। इतने बड़े खेल को बिना आपसी मिलीभगत के अंजाम दिया जाना संभव नहीं है अतः इस मामले की जांच कलेक्टर सुरभि गुप्ता को गंभीरता से करना होगी तो ही दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ पाएगा।
कलेक्टर का वर्जन:
"मुझे इस मामले में लिखित शिकायत मिली है और मैं इसकी गंभीरता से जांच करवा रही हूं।इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।"
-सुरभि गुप्ता, कलेक्टर


