थोक खाद व्यापारियों की कालाबाजारी चरम पर,

प्रशासन की जांच से थर्राए थोक खाद व्यापारी नेताओं की शरण में पहुंचे, 
फुटकर खाद व्यापारियों में असंतोष, खाद नहीं मिलने का लगाया आरोप
रघु कोठारी /आशुतोष पंचोली 
आलीराजपुर न्यूज।
आदिवासी अंचल आलीराजपुर जिले में लंबे समय से यूरिया खाद की कालाबाजारी व तय दाम से अधिक मुल्य पर खाद बेचने के मामले में हो रहे बेसुमार भ्रष्टाचार की गंूज सुनाई दे रही है। जिसके चलते शासन के दिशा निर्देशों को ताक में रखकर जिले के थोक व्यापारियों ने दो गुना भाव में आदिवासी किसानों को खाद बेचकर लाखो रूपयो की अवैध कमाई कर ली है। यह मामला जब मीडिया में वायरल हुआ तो प्रशासन के अमले में भी हड़कंप मचा। जिसके चलते लंबे समय के बाद कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने इस घोटाले के जांच के आदेश दिए है। जांच अंतिम दौर में पहुंचते ही यूरिया खाद के थोक व्यापारियों के चेहरे लटक गए। लाखो रूपए के भ्रष्टाचार की पोल खुलने एवं कानूनी कार्रवाई के डर से ये थोक व्यापारी रात के अंधेेरे में नेताओं के घरो के चक्कर लगाते हुए दिखाई दिए। मात्र हल्का सा सरंक्षण मिलते ही व्यापारियों ने पुन: डबल भाव में यूरिया खाद बेचना प्रारंभ कर दिया। वर्तमान में यूरिया खाद के थोक व्यापारियों की हालत यह है कि वे अपने ही घर में घर के सदस्य जिन्होंने फुटकर व्यापारी का लायसेंस ले रखा है उन्हें घर की घर मे ही सप्लाय बताकर आदिवासी किसानों को लूटने से बाज नहीं आ रहे है।

फुटकर व्यापारी सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन
इधर थोक व्यापारियों की लंबे समय से इस प्रकार की चल रही हिन हरकतो को देखते हुए जिले के सैंकड़ो फुटकर व्यापारियों ने पूरजोर विरोध करते हुए कहा कि कंपनियों के द्वारा प्रदत्त थंब मशीनो की जांच कर थोक व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए एवं दोषी व्यापारियों के थोक यूरिया खाद के लायसेंस निरस्त कर जिले में चल रही किसानों के साथ लूट पाट को समाप्त किया जाए। यदि इसी प्रकार थोक व्यापारियों का गोरख धंधा चलते रहा तो फुटकर व्यापारी सड़क पर उतरकर आंदेलन करेगा और इस शिकायत को आनलाइन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को अपनी मांग को उठाएगा। फुटकर व्यापारियो ने कहा कि जिन थोक व्यापारियों से हमे हमारा हक का यूरिया खाद मिलना चाहिए था वह यूरिया खाद डबल भाव में इन थोक व्यापारियों ने अपने रिकार्ड की खानापूर्ति करते हुए सारा माल नंबर 2 में दोगुना भाव में बेचकर लाखों रूपए से व्यारे न्यारे कर लिए है। शासकीय जांच को दबाने के लिए ये थोक व्यापारी नेताओं का संरक्षण पाकर अपने काले कारनामों को दबाने में जुट गए है। फुटकर व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि बेसुमार दौलत के आसामी ये थोक व्यापारी किसी प्रकार यूरिया खाद के खेल को चलाते रहे और जिले का प्रशासन इनके थोक लायसेंस निरस्त ना कर आंख मूंदकर बैठे रहा तो फुटकर व्यापारी न्याय की गुहार लगाते हुए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।


फुटकर व्यापारियों ने कहा हमे नहीं मिल रहा खाद
जिले के यूरिया खाद फुटकर व्यापारी प्रितेश सराफ, अनीस, ओमप्रकाश सोमानी, राजू बाबुलाल राठौड़,  कुतुबददीन, जुजर ट्रेडर्स, रामलाल भूरालाल राठौड़ सहित उमराली, छकतला, वालपुर, आंबुआ, नानपुर, आजादनगर, जोबट, बोरी आदि के फुटकर खाद व्यापारियों ने बताया कि जिले में थोक के यूरिया खाद व्यापारियों के द्वारा अपने घरो में ही फुटकर के लायसेंस लिए हुए है और वे हमकों खाद देने के बजाय घर में ही खाद खपाकर कमाई कर रहे है ओर हमको खाद नहीं दे रहे जिससे खाद सीजन का लाभ हमे नहीं मिल रहा है। फुटकर व्यापारियों ने बताया कि मीडिया के द्वारा यह मामला पूर्व में उठाया गया था उसके बावजूद थोक व्यापारियों ने राजनीतिक प्रभावशाली नेताओं की शरण लेकर जिला प्रशासन पर दबाव डलवाया और खाद की विक्रय सूची की जांच को प्रभावित करवाया है। हम इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करेंगे।  फुटकर खाद व्यापारियों ने थोक व्यापारियों को आवंटित थंब मशीन की जांच कराने की व खाद विक्रय की ग्राहकों की सूची प्रशासन से सार्वजनिक करने की मांग की।


कलेक्टर की जांच मूल विषय से भटकी
मीडिया द्वारा यह मामला पूर्व में उठाए जाने पर कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने इस मामले में जांच का जिम्मा एसडीएम विजय मंडलोई को सौंपा था। जिनके द्वारा जांच के मामले में सिर्फ ओपचारिकता निभाई गई और जांच का जिम्मा अपने अधिनस्थ कर्मचारियों के  जिम्मे डालकर खुद कंबल ओढ़कर लंबी नींद निकाल रहे है। उन्होंने जांच का जिम्मा १४ कर्मचारियों के जिम्मे कर खुद उदासीन मौड में आ गए।


नेताओं की शरण में जाकर थोक व्यापारी हुए निरंकुश
मिली जानकारी के अनुसार खाद की कालाबाजारी करने व निर्धारित दर 266 रूपए प्रति बेग से अधिक मुल्य पर खाद बेचने का मामला मीडिया में हाइलाइट होने के बाद मामले ने जब कलेक्टर गुप्ता ने जांच के निर्देश दिए तो जांच को प्रभावित करने के लिए थोक व्यापारी सत्ता पक्ष व संगठन के जनप्रतिनिधियों नेताओं की शरण में पहुंचे और अपना बचाव कराने की गुहार लगाई गई। इस पर नेतागण कलेक्टर गुप्ता के पास जा पहुंचे और व्यापारियों का बचाव करने की बात कहीं। सत्ता पक्ष के नेताओं का सरंक्षण मिलने के बाद थोक व्यापारियों के होसले बुलंद हुए और निरंकुश होकर फिर से खाद की बिक्री तय मूल्य से अधिक पर करते हुए जमकर खाद की कालाबाजारी करने में जुट गए। जिससे फुटकर व्यापारियों मे प्रशासन व थोक व्यापारियों के प्रति गहरी निराशा व्याप्त हो गई।

इनका कहना है-
प्रशासन जिले में खाद की कालाबाजारी व निर्धारित मुल्य से अधिक दर पर व्यापारियों द्वारा बेचने के मामले की जांच करवा रहा है जिसमें दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
      -सुरभि गुप्ता, कलेक्टर आलीराजपुर।
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