थोक खाद व्यापारियों के लायसेंस निरस्त करने की होगी कार्रवाई

जिले में लगातार खाद की कालाबाजारी से गरीब किसानों को महंगे दामों में मिल रहा खाद,
आपदा प्रबंध समिति की बैठक में खाद की कालाबाजारी पर उठे सवाल
रघु कोठारी/आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज।
जिले में खरीफ फसल के भरपूर सीजन में आदिवासी अंचल के गरीब किसानों को खाद की कृत्रित किल्लत जहां एक ओर बनी हुई है वही दूसरी ओर जिले के थोक खाद व्यापारियों के द्वारा खाद की कालाबाजारी से गरीब किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस मामले को मीडिया द्वारा गत एक माह से निरंतर उठाए जाने के बाद भी थोक खाद व्यापारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है और फुटकर खाद व्यापारियों को खाद नहीं देते हुए स्वयं ही गरीब किसानों को उंचे दामों पर खाद बेचने का धंधा कर रहे है। इसकी शिकायत सांसद गुमानसिंह डामोर सहित जिला प्रशासन को पहुंचने के बाद सांसद डामोर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कालाबाजारी करने वाले खाद व्यापारियों के लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दे दिए है। अब देखना है कि प्रशासन व कृषि विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है। यह मामला जिला आपदा प्रबंध समिति की बैठक में सोमवार को पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान व जोबट के पूर्व विधायक माधोसिंह डावर दोनों स्वयं भी उठा चुके है। उन्हौंने भी खुले तौर पर बैठक में शिकायत करते हुए कहा कि जिले में खाद किसानों का नहीं मिल रहा है और थोक व्यापारी इसकी कालाबाजारी में लिप्त है। इस पूरे मामले के उठने के बाद अब प्रशासन व संबंधित विभाग इस दिशा में थोक खाद व्यापारियों को नोटिस देकर सवाल जवाब कर उनसे खाद क्रय करने वालों की सूची आदि मांगने की कार्रवाई करने वाला है। साथ ही थंब इंप्रेसन मशीन की जांच भी होगी जिसके माध्यम से थोक खाद व्यापारी खाद विक्रय करने में लगे हुए है।
267 का खाद 420 रुपए तक में बिका
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सोसायटी व थोक खाद व्यापारियों दोनों के द्वारा यूरिया खाद विक्रय किया जाता है। खरीफ फसल के सीजन में इस खाद की मांग अत्यधिक बढ़ने से थोक खाद व्यापारियों ने इसे गाढ़ी कमाई का जरिया बना लिया है। कई फुटकर खाद विक्रेताओं ने नाम ने छापने की शर्त पर अलीराजपुर न्यूज को बताया कि थोक व्यापारियों को खाद 250 रु प्रति बोरी में मिल जाता है। जिसे इन्हें शासन के दिशा निर्देशानुसार 267 रुपए प्रति बोरी में विक्रय करना होता हैैैै किंतु ये खाद की एक बोरी ही फुटकर खाद विक्रेताओं को 320 रुपए तक में देते है ऐसी स्थिती में हमें यह खाद 10 से 15 रुपए प्रति बोरी मुनाफा जोड़कर इसे 335 रुपए तक में बेचते है। कई थोक व्यापारियों ने तो अपने ही घर में फुटकर के लायसेंस भी ले रखे है तो ये उससे भी अधिक कीमत पर इसे विक्रय कर देते है। यह इस धंधे की जमीनी सच्चाई है।
                            

उमराली क्षेत्र में खाद की भयंकर किल्लत
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस साल उमराली-सोंडवा क्षेत्र के किसानों को यूरिया खाद की भयंकर किल्लत बनी हुई हैं। जिसका कारण थोक खाद व्यापारियों ने फुटकर व्यापारियों से लाखों रुपए की एडवांस राशि लेकर भी उन्हें खाद नहीं दिया और खुद ने ही बेच दिया। इसी प्रकार सोसायटी का खाद भी सेल्समेनों ने गरीब आदिवासी किसानों को बहुत कम मात्रा में देते हुए व्यापारियों से सांठगांठ करते हुए बाले बाले उन्हें बेच दिया जिसका नतीजा यह हुआ है कि खाद की इस क्षेत्र में अत्यधिक किल्लत बनी हुई है।
बाहर के व्यापारी को बेच डाला खाद
इस पूरे खेल में थोक खाद व्यापारियों ने जमकर चांदी कूटी है। जब मीडिया के द्वारा यह मामला उठाया गया तो थोक खाद व्यापारियों ने अपना माल फुटकर व्यापारियों को नहीं बेचते हुए बाले बाले कुक्षी,बड़वानी, डही, खट्टाली क्षेत्र के अन्य व्यापारियों व दुकानदारों को 320 से लेकर 350 रुपए तक में सैकड़ों बोरी खाद रातों रात बेंच कर अपने गोदाम खाली कर दिए।ताकि ना रहे बांस व तो नही बचेगी बांसुरी अपने इस धंधे के खेल में तिकड़मी  व्यापारियों ने प्रशासन की जांच से बचने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाकर लाखों रुपए की कमाई कर ली है।थोक खाद व्यापारियों की इस खुली लूट का मामला अब आपदा प्रबंध समिति की बैठक में भी उठ जाने से थोक व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। अब यह देखना गौरतलब होगा कि प्रशासन सांसद डामोर के निर्देश पर आगामी कार्रवाई क्या करता है।

क्या कहते है जिम्मेदारः

मेरे द्वारा जिले में आदिवासी गरीब किसानों को खाद नहीं मिलने व खाद की कालाबाजारी का मुद्दा आपदा प्रबंध की बैठक में उठाया है। इस  पूरे मामले की जांच की मांग भी की है।
- नागरसिंह चौहान पूर्व विधायक अलीराजपुर।

बैठक में प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों को खाद की कालाबाजारी, सोसायटी का खाद व्यापारियों को बेचने के मामले की जांच करने व खाद की कमी को दूर करने के निर्देश दिए है।
- गुमानसिंह डामोर सांसद।
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