कोरोना मरीजो को होगा फायदा
कफ को पतला करने के काम आती है। अमेरिका में चल रहा है सोध
चन्द्र शेखर आज़ाद नगर से विशाल वाणी की रिपोर्ट।
शहीद आजाद को जन्म देने वाली इस मिट्टी के बेटे बेटियां कोरोनो काल मे देश हित के लिए अपना श्रेष्ठ देने में जुटे है पहले नगर के प्रतीक जैन ने पीपीई किट को कोरोना मुक्त बंनाने की मशीन बनाई। जिसे डीआरडीओ ने मंजूरी भी दी। नगर के ही नारायणलाल अरोड़ा की बेटी डॉक्टर आयुषी अरोड़ा एमबीबीएस ने लॉक डाउन के बाद तक लगभग 3 माह नगर के सरकारी अस्पताल में इंदौर से आकर सेवा दी ओर कई मरीजो के उपचार में सहायता की।
इसी कड़ी में अब नगर की एक ओर बेटी डॉक्टर नेहा राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल का नाम भी शामिल हो गया है।
दरसल इंडेक्स मेडिकल कालेज इंदौर को कोरोनो मरीजो को ठीक करने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान परिषद (आईसीएमआर) ने डॉक्टर नेहा जायसवाल के एक दवाई के प्रस्ताव को परीक्षण की मंजूरी दे दी है। इसमें जिस ऐसिटाइलसिसिटन दवाई का प्रयोग होगा उसे अमेरिका में कोरोना मरीजो को ठीक करने पर सोध चल रहा है। ओर भारत मे इस दवा के प्रयोग के लिए पहली बार इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज को अनुमति दी गई है। इसका प्रयोग इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुधीर मौर्य, डॉक्टर प्रेम न्याति ओर डॉ.हर्षद शाह के मार्गदर्शन में होगा।
डॉ. मौर्य ने बताया कि कोरोना के तेजी से बढ़ते हुए प्रभाव को देखते हुए 8 जून को इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नेहा जायसवाल ने एक दवाई से इलाज का प्रस्ताव रखा था इसके बाद उक्त दवाई के ट्रायल का प्रस्ताव बना कर क्लिनिकल ट्रॉयल रजिस्ट्रीऑफ इंडिया को भेजा गया जिसे 28 जून को अनुमति मिल गई है।
कफ को पतला करने के काम आती है दवा।
डॉक्टर नेहा जायसवाल ने बताया की यह दवाई कफ को पतला करने के काम मे आती है जिससे की फेफड़ो को संक्रमण से बचाया जा सके। आमतौर पर यह दवा सर्दी और फेफड़ो के संक्रमण को कम करती है। 14 से 28 दिनों तक मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों के मार्गदर्शन में इसका परीक्षण होगा। डॉक्टर नेहा ने बताया कि इस सम्बंध में हमारे देश मे यह पहला रजिस्ट्रेशन हुआ है जबकि अब तक अमेरिका में यह प्रयोग चल रहा है ।
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