व्यवहारिक जीवन में भी आध्यात्म को अपनाएं दिखावे के लिए आध्यात्म से नहीं जुड़े-स्वामी श्री वेंकटेशाचार्यजी महाराज
अब तक चांदोद में मनाया जाता था पर्व
आलीराजपुर न्यूज डेस्क।
स्थानीय से लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में गुरु पूर्णिमा उत्सव पहली बार पारंपरिक उल्लास के साथ स्वामी श्री वेंकटेशाचार्यजी महाराज की शुभ निश्रा में मनाया गया।अब तक मंदिर का यह पर्व चांदोद(गुजरात) में मनाया जाता था किंतु इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के चलते गुजरात सरकार द्वारा चांदोद मे पूर्णिमा उत्सव मनाने की अनुमति नहीं दिए जाने पर अलीराजपुर में पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इस उत्सव के लिए सभी प्रकार से सोशल डिस्टेंस व अन्य नियमों का पालन श्रद्धालुओं ने किया।मंदिर में सुबह से लेकर 12:00 बजे तक क्रम से भक्तों ने गुरु चरण पूजन कर महाराजश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म निष्ठ बने
इस अवसर पर अपनों उद्बोधन में स्वामी श्री व्यंक्टेशाचार्य जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहां कि सभी भक्त अपने व्यवहारिक जीवन में अध्यात्म से जुड़े दिखावे के लिए आध्यात्म से नहीं जुड़े। गुरु पूर्णिमा उत्सव का महत्त्व बताते हुए स्वामी जी ने कहा कि "ईश्वर को खोजने का माध्यम गुरु है।हमारे शास्त्रों में इस प्रकार की व्यवस्था की गई है कि ईश्वर से जुड़ने, भक्ति, अध्यात्म व धर्म का मार्ग दिखाने का कार्य गुरुजन करते हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा उत्सव का विशेष महत्व है।" स्वामी जी ने कहा कि धर्म के आचरण को जीवन में उतारना बहुत जरुरी है। सभी श्रद्धालु को ईश्वर के प्रति एकाग्र चित्त से ध्यान कर धर्म निष्ट होना चाहिए।इसलिए गुरु पूर्णिमा उत्सव का विशेष महत्व बताया गया है।
3 घंटे तक चले गुरु पूजन में श्री लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में सुबह 8:00 बजे से लेकर 12:00 बजे तक गुरु पूजन एवं पाद पूजन का कार्यक्रम चलता रहा। जिसमें नगर के गणमान्य नागरिकों व मंदिर भक्त मंडल के श्रद्धालुओं ने सपरिवार पहुंचकर गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया। इसी क्रम में मंदिर में क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल,नपा अध्यक्ष सेना पटेल सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी गुरु पूजन किया महाराजश्री ने गुरु पूजन के दौरान सभी श्रद्धालु को तुलसी माला, गमछा पहनाकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का संचालन मंदिर वक्त मंडल के राधेश्याम माहेश्वरी डी साब ने किया। मंदिर भक्त मंडल के कृष्णकांत मंत्री, प्रकाश सोमानी, मदन नगवाड़िया, राधेश्याम नगवाड़िया, राजू थेपड़िया,आदि ने उत्सव में आकर योगदान दिया।
आचार्य मंदिर में भी हुआ पूजन
शेषशायी आचार्य मंदिर में स्वामी श्री शशिधराचार्यजी महाराज की निश्रा में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली गुरु पूर्णिमा प्रसादी कार्यक्रम इस बार नहीं किया गया। भक्तों ने मंदिर में सुबह के समय में आकर पारंपरिक रूप से पूजन कार्य संपन्न किया। इस दौरान स्वामी शशिधराचार्यजी ने सभी को शुभ आशीर्वाद दिया। मंदिर भक्त मंडल के कृष्णकांत कोठारी, सुभाष चंद कोठारी, बालकिशन मोदी, गोपाल गुप्ता, गोपाल बेड़िया, प्रह्लाद बेड़िया आदि सदस्यों ने उत्सव में योगदान दिया।
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