पीडीएस पोर्टल में की गई धांधली, अनाज माफिया खा गए गरीबों का राशन,
राशन घोटाला की विधायक पटेल ने सीबीआई और क्राइम बांच से जांच की मांग की
रघु कोठारी/ आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर न्यूज।
आदिवासी अंचल आलीराजपुर जिले में कोरोना के तहत विशेष पैकेज द्वारा प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार द्वारा हजारो क्वींटल गेंहू गरीब आदिवासी किसानों को मुफ्त में देने के लिए भेजा गया था परंतु प्रशासनिक अमले के चालाक अधिकारियों एवं गेंहू माफियाओं की सांठगांठ से लगभग 31 हजार क्वींटल खाद्यान्न की हेराफेरी पीओएस मशीन के द्वारा की गई है। जानकारी अनुसार कोरोना काल में गरीबों को बांटने के लिए पीडीएस की दुकानों में जिले के लिए भेजे गए राशन का डाटा पीडीएस पोर्टल से अधिकारियों, सेल्समेनो व अनामज माफियाओं की मिलीभगत से गायब कर दिया गया है।आदिवासी जिले के गरीबों के लिए विशेष तौर पर भेजे गए राशन आबंटन की हेराफेरी व गड़बड़ी का खुलासा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संचनालय को आंबटन और वितरण में मिले अंतर के बाद हुआ है। आरंभिक तोर पर आलीराजपुर जिले में करीब 31 हजार क्वींटल खाद्यान्न का डाटा गायब होने की सूचना है। इस खुलासे के बाद प्रदेश की शिवराजसिंह सरकार में हड़कंप मच गया है व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। जिसके चलते जिला प्रशासन से भी बहुत जल्द ही आलीराजपुर जिले को आबंटित व वितरित किए गए खाद्यान्न के अंतर के लिए सवाल जवाब किए जाने वाले है। आलीराजपुर सहित प्रदेश 12 अन्य जिलो में भी इस प्रकार से करोड़ो के राशन की हेराफेरी योजनाबद्ध तरीके से की गई है। क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल ने जिले मे हुए राशन घोटाले की सीबीआई और क्राइम ब्रांच से जांच की मांग की है।
विधानसभा में उठाया जाएगा मुददा
जिले के गरीब आदिवासी मजदूर जैसे तैसे मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है। कोरोना महामारी के संकट के समय सरकार ने इन गरीबों के लिए विशेष पैकेज के तहत नि:शुल्क राशन भिजवाया लेकिन जिले में प्रशासन के अधिकारियों, शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के सेल्समेन और अनाज माफियाओं की मिलीभगत से करोड़ो रुपए का राशन घोटाला हुआ है। राशन दुकानों के सेल्समेन अनाज माफियाओं के हाथों की कठपुतली के रुप में काम करते है। इस मामले की सीबीआई और क्राइम ब्रांच से निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो दुध का दुध और पानी का पानी हो जाएगा। गरीबों के हक के अनाज को भ्रष्टाचार की भेंट चढाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, इस मामले को विधानसभा में कांग्रेस पार्टी द्वारा पुरजोर तरीकों से उठाया जाएगा। ये बात विधायक मुकेश पटेल ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कडा आक्रोश जाहिर करते हुए कही।
मुख्यमंत्री जवाबदेह,करवाएं निष्पक्ष जांच
विधायक पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिवराजसिंह सरकार के कार्यकाल में आलीराजपुर जिले में प्रशासन के कुछ अधिकारियों,कर्मचारियों और अनाज माफियाओं ने सांठगांठ कर कोरोना महामारी के दौरान गरीबों के लिए भेजे गए राशन की हेराफेरी कर करोड़ो रुपए का घोटाले को अंजाम दे दिया गया है। गरीबों के लिए नि:शुल्क राशन भेजने का दावा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान बड़े बड़े विज्ञापनों में भी करते दिखाई दिए थे। ऐसे में मेरे जिले के हर गरीब को कोरोना महामारी के संकट काल के दौरान उनके हक का राशन नहीं मिल पाया तो इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जवाबदेह है। उन्हें इस पूरे मामले की सीबीआई क्राइम ब्रांच ईओडब्लयू और लोकायुक्त से निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
लगातार मुद्दा उठायाए लेकिन प्रशासन ने नहीं ली सुध
विधायक पटेल ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान कई ग्रामीणों ने मुझे फोन पर राशन नहीं मिलने की सूचना दी। लॉक डाउन हटने के बाद मैने कई स्थानों पर भ्रमण किया तो कई ग्रामीणों ने बताया कि हमें राशन नहीं मिला है और कई ग्रामीणों ने बताया कि हमें आधा या उससे भी कम राशन दिया गया है। ऐसे में मैने प्रशासन के समक्ष निरन्तर इस मुद्दे को उठाया लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली और अनाज माफियाओं को गरीबों के हक के राशन को ठिकाने लगाने की खुली छूट दे दी गई।
आंदोलन की दी चेतावनी
विधायक पटेल ने कहा कि जिले के गरीब आदिवासी कोरोना महामारी के दौर में विभिन्न प्रकार के संकट का सामना कर रहे है। उन्हें रोजगार और मजदूरी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उन तक उनके हक के राशन का एक एक दाना पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि हर पात्र परिवार और पात्र व्यक्ति को उसके हक का राशन नहीं दिया गया तो कांग्रेस के दोनो विधायक, जिलाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि,हर कार्यकर्ता सड़़क पर उतरकर बडा आंदोलन कर सरकार को जगाएंगे और गरीबों के राशन का महाघोटाला करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई होने तक चरणबद्ध आंदोलन चलाकर गरीब आदिवासियों को राशन का एक एक दाना दिलवाएंगे।
