कोरोना को हराना है / महुआ से बनाया गया हैंड सैनिटाइजर,

मकसद  /लोगों को संक्रमण से बचाना और ग्रामीणों को रोजगार देना है 
जोबट (हर्षित शर्मा)
एक तरफ देश जहां कोरोना महामारी से परेशान है दूसरी तरफ देश में कुछ स्वदेशी आविष्कार भी हो रहे हैं कहीं कम दाम के पीपीई किट और टेस्टिंग किट बन रहे हैं तो कहीं वेंटिलेटर 
इस बीच मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के उदयगढ में डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के श्री हरि आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह के साथ मिलकर महुवे के फल से हैंड सैनिटाइजर बनाया जा रहा है। जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानको एवं बताई गई सामग्री अनुसार सेनीटाइजर निर्माण किया जा रहा है। मिशन सहायता दल के समन्वयक श्री विजय सोनी ने समूह के सदस्यों को ग्रामीण क्षेत्र में पाए जाने वाले महुआ को एकत्रित कर उसके आसवन विधि से तैयार अर्क द्वारा सैनिटाइजर निर्माण करने की सलाह दी 

220 से ज्यादा बॉटल बना दी है सैनिटाइजर की
समूह  के अध्यक्ष  श्रीमती भारती और उनके पति अमर सिंह ने  यूट्यूब पर भी जाकर महुआ से  सैनिटाइजर निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की इसके बाद समूह के सदस्यों ने कच्ची शराब , फिटकरी तुलसी के  पत्ते,  गर्म जल, ऐसेनस, गुलाब जल एवं रंग द्वारा सैनिटाइजर तैयार किया और उसको खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोती सिंह के माध्यम से जांच करवा कर उसको जीवाणु एवं विषाणु की रोकथाम के लिए उपयोगी पाऐ जाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया। इस प्रकार समूह सदसयो द्वारा अभी तक कुल 220 बांटल जिनमें 200 मिलीमीटर सैनिटाइजर भरा होता है को बाजार में ₹70 की दर पर विक्रय किया  है क्योंकि यही सैनिटाइजर बाजार में 250 से ₹300 की दर पर बेचा जा रहा है। अभी समूह के पास 110 बाटल तैयार बनी हुई है। सेनीटाइजर को बनाने में 60 से ₹65 की लागत आ रही है।
समूह सदस्यों द्वारा अभी तक जनपद पंचायत उदयगढ़ मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक उदयगढ़ चंद्रशेखर आजाद नगर अलीराजपुर चांदपुर शाखा में भिजवाने के साथ साथ बैंक ऑफ बड़ौदा उदयगढ़ एवं नायब तहसीलदार वंदना किराड़े की पहल पर जोबट तहसील में ग्राम स्तर पर कार्यरत चौकीदारों को उपलब्ध करवाया गया है । शिक्षा विभाग के कर्मचारीयो द्वारा भी  सैनिटाइजर  को खरीदा गया है ।
महुवा आदिवासियों की जीविका का साधन 
 इस प्रकार कोरोना संक्रमण की  संभावना के दौरान स्वयं सहायता समूह के सदस्य अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाते हुए जहां रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है क्षेत्र में महुआ फूल आमतौर पर आदिवासियों के लिए शराब बनाने के काम में आता है वनों से समृद्ध अलीराजपुर जिले में महुआ बहुतायत में पाया जाता है महुवा यहां के आदिवासियों की जीविका का साधन भी है यहां के आदिवासी महुवा फुल को एकत्र करते हैं और बाजार में बेचते हैं गहरा पीलापन के लिए हुए महुवा फुल औषधि और देसी शराब बनाने के काम आता है अब आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर जिले में महुआ से हैंड सैनिटाइजर बनाया जा रहा है
अलिराजपुर कलेक्टर सुरभि गुप्ता के निर्देशन में यह सब संभव हुआ
जनपद पंचायत के सीईओ पवन शाह के अनुसार सैनिटाइजर की गुणवत्ता बेहतर है और ग्रामीणों की पहुंच  तक है आने वाले समय में सैनिटाइजर हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण उपयोगी साधन के रूप में नजर आने लगेगा । ऐसे समय में समूह की पहल सराहनीय है डीपीएम शीला शुक्ला के अनुसार विकासखंड अमले एवं समूह सदस्यों की कोशिश सराहनीय है । जिसका परिणाम आने वाले समय में और बेहतर होगे । जिला पंचायत के सीईओ एसके मालवीय के अनुसार अपर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन  मनोज श्रीवास्तव द्वारा महुऐ के माध्यम से सैनिटाइजर बनाने का सुझाव दिया गया था जिसको उन्होंने जिला कलेक्टर श्रीमती सुरभी गुप्ता के संज्ञान में लाया था । कलेक्टर के  निर्देशन में आजीविका मिशन द्वारा उक्त पहल की गई है जिससे बेहतर परिणाम सामने आ रहे है । विकासखंड अमले में दिनेश वसुनिया, नीना राठौर गभूरिया परमार विनीता राठोर का भी सराहनीय योगदान रहा है।   इंदौर संभाग के क्षेत्रीय समन्वय अनिल पवार ने भी समूह के कार्यों को सराहा है ।आने वाले समय में जिला प्रशासन समूह की इस पहल को कैसे आगे बढ़ाता है ।


कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए सैनिटाइजर का उपयोग बहुत जरूरी है महिला स्वयं सहायता समूह  द्वारा सैनिटाइजर बनाया जा रहा है जो हमारे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार भी देगा और साथी- साथ बहुत कम दाम पर उपलब्ध हो रहा है 
सुश्री किरण आंजना
 एसडीएम जोबट
Share on WhatsApp