सेवानिवृत्त एमपी डब्ल्यू ग्राम गुढ़ा में सालों से कर रहा था उपचार,
कलेक्टोरेट में आपदा प्रबंधन की बैठक में छाया रहा मुद्दा
जोबट से हर्षित शर्मा व अलीराजपुर न्यूज डेस्क की रिपोर्ट।
जिले के जोबट अंचल में राजस्व विभाग की टीम ने सेवानिवृत्त एमपीडब्ल्यू सैय्यद सफर अली पिता हसन अली उम्र 74 वर्ष जो कि डाक्टर बनकर कर ग्रामीणों का ईलाज कर रहा था उसे राजस्व विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गत 23 अप्रेल गुरुवार को धर दबोचा था। उसके पास से 32 प्रकार की एक्सपायरी दवाईयां पकड़ी गई थी। उक्त फर्जी डाक्टर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जिस दिन फर्जी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी उस दिन उसके खिलाफ कोई प्रकरण नहीं बनाया गया था। बाद में इस मामले ने तूल पकड़ा और उसके खिलाफ पुलिस ने बीएमओ विजय बघेल की सूचना पर एफआईआर दर्ज कर ली है। सूत्रों के अनुसार आरोपी फर्जी डाक्टर को अभी कोरोना वायरस लाक डाउन के चलते गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उक्त एमपीडब्ल्यू फर्जी डॉक्टर पर जोबट थाने पर अपराध क्रमांक - 151/2020 में मध्यप्रदेश राज्य आयुर्विज्ञान अधिनियम -24 व 420, 188 भादवि की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोबट बीएमओ डा विजय बघेल ने बताया की कुछ इंजेक्शन वह दवाई ऐसे भी मिली है जिनका उपयोग नहीं किया जा सकता है खून रोकने के इंजेक्शन गर्भ गिराने की दवाई गोली आदि भी मिली है। छापामार कार्रवाई के दौरान प्रशासन के अफसरों को ग्रामीणों ने बताया था कि मुर्गी के पंखों से भी घावों का उपचार उक्त फर्जी डाक्टर करता था।
जिला मुख्यालय पर बैठक में छाया मुद्दा
कलेक्टोरेट में शनिवार को जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में सांसद गुमानसिंह डामोर भाग लेने पहंुचे थे। इस बैठक में फर्जी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष वकीलसिंह ठकराला व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष किशोर शाह ने भी जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अफसरों को अवगत कराया। साथ ही पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान ने भी इस मामले में वैधानिक कार्रवाई करने की बात रखी।
गौरतलब है कि उक्त फर्जी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई का समाचार सबसे पहले अलीराजपुर न्यूज पोर्टल पर ही प्रकाशित किया गया था। इसके बाद ही प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम की कार्रवाई की जानकारी सभी को पता चली थी।

