आदिम जाति कल्याण मंत्री से लेकर जनपद अध्यक्ष तक है महिलाएं
उदयगढ़ से राजेश जयंत।
जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले के शासन प्रशासन में मातृशक्ति की बहुलता तो थी ही प्रदेश मंत्रिमंडल में आदिम जाति कल्याण मंत्री रुप में मीनासिंह कार्यभार संभालना कोरोना जैसे अदृश्य राक्षस के विरुद्ध देवीय शक्तियों का एकजुट होने जैसा है। निःसंदेह यह संकेत है कोरोना पर विजय का।
प्रशासनिक हलके में देखे तो कलेक्टर सुरभि गुप्ता, जोबट अनुभाग मे एसडीएम किरणसिंह अांजना, तहसीलदार वंदना किराडे, कट्ठीवाड़ा तहसीलदार संतुष्टि पाल के नेतृत्व में कोरोना फाइटर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष, महिला एवं बाल विकास, पुलिस आदि विभागों में भी महिलाओं के कंधों पर महत्वपूर्ण जवाबदारी है और वह जमीनी स्तर तक कर्तव्य को निभा रही है।
इसी तरह अलीराजपुर जिला पंचायत में अनीता नागर सिंह चौहान, नगरपालिका मे सेना महेश पटेल, जोबट में विधायक कलावती भूरिया काबिज है। जिले की अन्य नगर पंचायत और जनपद पंचायतों में अधिकांशतः महिलाएं ही नेतृत्व कर रही है।
शिवराज सिंह चौहान की चौथी पारी में आज 5 मंत्रियों ने विभाग संभाले हैं। आदिम जाति कल्याण मंत्री के रूप में मीनासिंह का पदभार ग्रहण करना मातृशक्ति के और अधिक प्रबल होने से जोड़कर देखा जा रहा है। फिल्ड मे भी देखे तो आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एनएम, एएनएम, आशा के रूप में कोरोना से जंग लड़ रही है मातृशक्ति ।
