नर्मदा बचाओ आंदोलन नेत्री मेघा पाटकर को प्रशासन ने जिले में प्रवेश करने से रोका

डूब क्षेत्र में खाद्यान्न सामग्री का वितरण करने आई थी
सोंडवा से सुजीत कुशवाह की रिपोर्ट 
जिले के नर्मदा नदी के डूब क्षेत्र के ग्रामों में खाद्यान्न सामग्री का वितरण करने के लिए पहंुची नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री व देश की जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता व पर्यावरणविद मेघा पाटकर को प्रशासन ने जिले में प्रवेश करने से रोक दिया। उनके साथ लाई हुई खाद्यान्न सामग्री को प्रशासन ने अवश्यक ही ले लिया और उसे डूब क्षेत्र के ग्रामों में वितरण के लिए तुरंत ही मोटरबोट में रखकर भिजवा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार सोंडवा तहसील क्षेत्र में  कुलबट कवडा चेक पोस्ट पर एक वाहन में कुछ सामान आया जिसे रोक दिया गया। अलीराजपुर जिले में करफ्यू  लगा होने के कारण वाहन को प्रवेश नही दिया गया। जानकारी ली गई तो पता चला कि वाहन में मेघा पाटकर जी डूब क्षेत्र के ग्राम भादल जिला बड़वानी व महाराष्ट्र के  ग्रामों के लोगों के लिए सामग्री लेकर जा रही है। इसकी सूचना कुलवट-कवड़ा चेक पोस्ट पर लगे अमले ने सोंडवा में प्रशासन को दी। तब आनन फानन मै अलीराजपुर एसडीएम विजय मंडलोई, एएसपी बिट्टू सहगल, सोंडवा तहसीलदार निर्भयसिंह पटेल व सोंडवा थाना प्रभारी शेरसिंह बघेल चेक पोस्ट पर पहुंचे और मेघा पाटकर के वाहन से सामग्री उतारकर अपने वाहनों में रखा और ग्राम ककराना ले जाकर नाव से पुलिस प्रशासन ने नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित बड़वानी जिले के ग्रामों व महाराष्ट्र राज्य के ग्राम भादल आदि में खाद्यान्न सामग्री भिजवाई। 
प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि मेघा पाटकर के साथ जो सामग्री थी उसमें 100 लीटर सोयाबिन तेल, 3 क्विंटल आटा लाल मिर्च 75 किलो नमक के पैकेट थे जिनका वितरण उक्त ग्रामों में किया जाना था। प्रशासन ने इसे अपने स्तर से वहां भिजवा कर वितरण करवा दिया किंतु मेघा पाटकर व साथ आए हुए अन्य कार्यकर्ताओं को वहीं जिले की सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया गया। 
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