पुलीस उपनिरीक्षक शिवलाल सिंह ने कोरोना से बचाव के लिए हीट गाने पर बनी पैरोडी सुनाई,
गत तीन वर्षों से राष्ट्रीय पर्वों और जनजागृति के लिए शौक से कर रहे गायकी, कट् ठीवाड़ा की आमखुट चौकी पर है पदस्थ
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन के लॉक डाउन की अपील पर कस्बे और ग्रामीण अंचल के लोग अपने-अपने घरों में दुबके हुए है.... कोई टेलीविजन सेट से चिपका हुआ है, तो कोई अपने किसी अन्य कार्य मे लगा हुआ है.....तभी.. अचानक पुलिस सायरन की आवाज आती है। लोगों का ध्यान उस और चला जाता है। पर यह क्या....?
.....पुलिस सायरन की आवाज के बाद अचानक माइक पर लोकप्रिय गाने *परदेशी-परदेशी तू जाना नही, मुझे छोड़ के-दिल तोड़ के* की धुन पर बनी हुई पैरोडी की आवाज आती है।
"तुमसे मिलने को दिल करता है रे बाबा, तुमसे मिलने को दिल करता है कि तर्ज पर... बनी पैरोडी
"'हमको अपने ही घर मे रहना है रे बाबा.. हमको अपने ही घर मे रहना है
कोरोना से हमें नही डरना है....रे बाबा, कोरोना से हमें नही डरना है..
चीन ..देश से, कोरोना बिमारी चली,
मेरे देश की जनता.बीमार हो चली..
इक्कीस फिन का लॉक डाउन है ये
हमें अपने ही घर.. रे बाबा हमें अपने ही घर में..
कितने लोगों की इटली में जाने गई,
अमेरिका में भी कोरोना बिमारी चली,
इस बीमारी को भारत से भगाना है...रे बाबा हमको ...अपने ही घर पे रहना है.. "'
जैसे ही ग्रामीणों, नागरिकों ने पुलिस मोबाईल वाहन से ये गीत सुना, वे अपनी खिड़कियों, बालकनियों और छज्जों पर आकर सुनने लगे। पुलिस वाहन पर आमखुट चौकी प्रभारी और उपनिरीक्षक शिवपाल सिंह इस पैरोडी को गा रहे थे, उनके साथ मे खड़े हुए कट् ठीवाड़ा थाना प्रभारी ईश्वर चौहान व अन्य जवान उनका हौसला बढ़ा रहे थे।
*तीन वर्षों से गा रहे है शिवपाल जी*
आलीराजपुर न्यूज़ से बात करते हुए शिवपाल सिंह ने बताया कि वे गत तीन वर्ष से शौकिया तौर पर गा रहे है। जोबट थाने पर रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय पर्वों व जन जागृति के कार्यों में गायन करते रहे है। इस पैरोडी की रचना उन्होंने खुद की है। उनके पास इस तरह की और भी पैरोडी रचनाएं है। क्षेत्र के ग्रामीण लोकप्रिय हिट गानों पर बनी उनकी पैरोडी रचनाओं को भी गुनगुनाते हुए दिखाई दे रहे है।