सेवा का जजबा अल सुबह से देर रात तक जारी रहता है, मुक्त कंठ से आमजन भी देते हुए दुआएं
आलीराजपुर न्यूज। सिटी रिपोर्टर
रिजवान खान
नगर में सामान्य कदकाठी का एक युवक किसी की सेवा के लिए दिन रात एक कर रहा है। सेवा भी ऐसे समय जब हर कोई कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से अपने को सुरक्षित रखने में जुटा है। ऐसे में सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक निरंतर नगरवासियों, व्यवस्थाओं में जुटे कर्मचारियों, पलायन से आने वाले लोगों और हर किसी के एक संदेश पर तत्काल अपनी मदद देने वाले 42 वर्षीय युवा श्री दीपक दीक्षित सेवाभाव की अलग मिसाल के रूप में नजर आ रहे है।
यू तो समाजसेवा के लिए जब भी किसी को याद किया जाता है तो सर्वप्रथम दीपक का नाम सबसे पहले हर किसी की जुबान पर आता है, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर इन दिनों दीपक का सेवाभाव हर किसी को उन्हें दुआएं देने और उनकी प्रशंसा करने से नहीं रोक पा रहा है। फिर चाहे गणमान्यजन हो, आमजन हो, ग्रामीण या पलायन से लौटने वाले अन्जान लोग। वही प्रशासन और लाॅक डाउन की व्यवस्थाओं से जुडे अधिकारी-कर्मचारी हो, सभी इन दिनों बगैर किसी स्वार्थ के दीपक दीक्षित के सेवाभाव की प्रशंसा कर रहे है। दीपक 6 बजे से अपने घर से निकलकर पलायन से लौटने वाले अथवा अन्य निराश्रित लोगों को चाय-बिस्कीट प्रदान करने निकल पडते है। इसके बाद वे निर्धारित समय पर लंच पैकेटों को लेकर गरीब, निराश्रितों और जरूरतमंदों को पहुंचाने का कार्य करते है। यह क्रम रात्रि में भी निरंतर चलता रहता है। इसी दौरान वे पलायन से लौटने वालों की सहायता, किसी जरूरतमंद को कोई स्वास्थ्य संबंधित अथवा अन्य प्रकार के सहयोग की मदद के लिए भी तत्पर रहते है। इतना ही नहीं इस मुश्किल की घडी में किसी जरूरत मंद को दवाएं और अन्य सामग्री घर पर लाकर देने के कार्य को भी वे पूरी निष्ठा से कर रहे है। इस संबंध में सहयोग संस्था अध्यक्ष श्री दीपक दीक्षीत ने बताया कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर लाॅक डाउन के हालात में सेवा ही सबसे बडा कर्म है। वे कहते है कि यह राष्ट्र की सेवा के अनुरूप सेवा है। इसे मैं पूरे सच्चे भाव से करता हूं। मुझे इस तरह से सेवा कार्य करके खुशी मिलती है। वे कहते है कि इस कार्य के दौरान वे स्वयं निर्देशो का पालन करते हुए अन्य लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी भी दे रहे है।
