बुधवार की दोपहर इंदौर समाचार एवं खट्टाली न्यूज प्रतिनिधी ने ग्राम के बेहद गरीब परिवारों से बातचीत की व स्तिथि का जायजा लिया
बड़ी खट्टाली से बिलाल खत्री
1. श्रीमती लीला पन्नालाल एवं पुत्र लालू पन्नालाल ने बताया की हम बहुत गरीब लोग है तथा मजदूरी करके अपना पेट पाल रहे है तथा मटके बनाकर बेचते है हमारी गरीबी की स्तिथि को देखते हुए क्षेत्रिय विधायक कलावती भुरिया ने स्वेछा अनुदान से 4000 रुपये का चेक मेरे पिता पन्नालाल के नाम से दिया था लेकिन 15 दिन पूर्व पिताजी का अचानक निधन हो गया। हमें अभी तक पैसा नही मिल रहा है।
2. श्रीमती लीलाफकीरा एवं पुत्र धर्मेंद्र फकीरा ने बताया कि हम बहुत गरीब है मटके बनाकर बेचते है। लोककडाउन के बाद कोई भी ग्राहक नही आया है। सारे मटके ग्राहक का इंतजार कर रहे है। आज ग्रामवासियों के विशेष सहयोग से गेहूँ, शक्कर, चावल, दाल, मिर्ची आदी प्राप्त हुई है। जिससे भोजन बनाया है। हमें शासन स्तर से मदद मिलना चाहिए।
3. कवरी पिता कालूरम ने बताया कि मैं कुम्हार मोहल्ले मे निवास करती हूँ। दस वर्ष तक पंचायत मे पंच थी। ऐसी स्तिथि कभी नहीं देखी। आज पूरे परिवार का धंदा बंद है। मैं बीमार रहती हूँ दाहोद से मेरा इलाज चल रहा है लेकिन पाँच दिनो से दवाई बंद है दाहोद दवाई लेने जाने में काफी असुविधा होती है क्यूँकि चारों ओर लोकडाउन है।
4. भील फलियाँ खट्टाली के सरदार पिता नाहर सिंह ने बताया की आजीविका के तहत सायकिल की दुकान है जनता कर्फ्यू के बाद 22 मार्च से आज तक व्यवसाय बंद है शाम को केरम आदि से परिवार का भरण पोषण होता था लेकिन केरम भी बंद हो गया। आज सोसायटी से राशन जरूर प्राप्त हुआ है।
5.राजू ने बताया की मेरी आर्थिक स्तिथि बहुत खराब है रहने को कच्चा टप्पर है। मजदूरी करते थे लेकिन मजदूरी बंद हो गई है शासन स्तर से गरीब परिवारों को मदद मिलना चाहिए।
6. दितलिया ने बताया की उसे शासन से समाजिक सुरक्षा मिलती है। दितलिया व उसकी पत्नी ने बताया की वे लकड़ी बेचकर अपना भरण पोषण करते है, लेकिन 22 मार्च के बाद से लकड़ियाँ भी नहीं बिक रही है।
7. अशोक पिता बुधा ने बताया कि 22 मार्च से जनता कर्फ्यू के बाद काफी परेशनिया हो रही है। मजदूरी बंद है। हमारे मोहल्ले में कई गरीब परिवार है। जिन्हें आज तक राशन की पर्चियाँ नहीं मिली है। साथ ही शीघ्र ही मोहल्ले सर्वे होना चाहिए तथा योग्य व्यक्तियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
8. रामसिंह ने बाताय की वे वाहन चालक है तथा प्रतिदिन गाड़ी चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे लेकिन 22 मार्च के बाद से धंधा बंद है। घर मे ही रह रहे है। बच्चे छोटे छोटे है लोककडाउन के कारण बहुत परेशानी हो रही है।








