बेहरूपये कभी भी नागरिकों की जान का खतरा बन सकते है
आलीराजपुर न्यूज। सिटी रिपोर्टर
गफ्फार खान
कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के साथ साथ भारत भी इससे अछुता नहीं रहा। 22 मार्च से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदेशानुसार भारत के समस्त राज्यों में कोरोना वायरस के खतरनाक संक्रमण को फैलने को रोकने के लिये लोकडाउन कर दिया गया है।
कोरोना वायरस जैसी गंभीर बिमारी से जीवन की रक्षा हो इसको लेकर भारत के समस्त राज्यों में लोकडाउन का जनता द्वारा सख्ती से पालन किया जा रहा है और इस माहमारी बिमारी से बचने के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। अभी दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज ऐरीया में जगह जगह से जमाती लाईन के लोग एकत्रित हुए। जिसमें भारत सरकार से लेकर राज्य सरकारों को भी इस सक्ते में डाल दिया गया।
हर राज्य एवं कस्बे में लोकडाउन का सख्ती से पालन किया जाये और पालन करवाया जाये। मगर आलीराजपुर नगर में देखने में आया है कि लोकडाउन की शक्ति दम तोडते दीख रहीं हैं। चलो हम आपको बताते चले जब से आलीराजपुर में लोकडान सख्ती के साथ शुरू किया गया तभी आलीराजपुर में सेवा भावी संगठनों द्वारा हर गरीब हर भुखे वयक्ति के साथ नगर का सेवाभावी संगठन ने गरीब की भुख की चिंता कर गरीब के स्थान पर ही भोजन पहोच सेवा दी है और दे रहे हैं। वैसे में नगर के अंदर देखने में आया है कि रोज सुबह शाम तीन तीन वयक्ति द्वारा नकली मुस्लिम पहेरवास धार्मिक केसेट बजाकर सर पर टोपी लगाकर बस्ती महोल्लो में मांगने निकल पडते है।
यह लोग भावुक करने के लिए नकली हाथ पैर में फेकचर दिखाने के लिए पटटा बांध कर निकल पडते है। इस में देने वाले भी इतने भावुक हो जाते हैं के वह यह नहीं देखते हैं तीन वयक्तियो में दो अटठे कटठे ऐक व्हील चैयर पर बैठा उस का भी नकली पटटा बांध कर बैठा रखा है। अरे मेरे भावुक आलीराजपुर नगर के नागरिक बंधुआ पहले तो हमे यह समझना चाहिए कि शासन के आदेश का पालन करने के लिए पूरा प्रशासन रोड पर लोगों की जान बचाने के लिए हर प्रयास कर रहा है। क्या इन बेहरुपये मांगने वालो ने मास्क लगा रखा है, क्या यह या आप लोग सेनेटाइजर से लेस हो। क्या इन मांगने वालो में स्वस्थता की गेरेंटी है। कहीं कोई अडाने नहीं आयेगा। यह कोरोना बिमारी जानलेवा वायरस ऐसा है जिसके चलते अपने भी दुर हो जाते हैं। मेरे नागरिक बंधुओं भावुकता छोडीये लोकडाउन का पालन करे और करवाने तके सहयोग करे। अब मैं प्रशासन से पुछना चाहता हूँ कि इन मांगने वालो को खुली छुट दे रखी हैं। क्या इनपर लोकडाउन नहीं लगता। मैने खुद ने बार बार पुलिस को आगाह किया है मगर जगह जगह पुलिस पाइंट के बावजुद इन्हे नहीं रोका जा रहा है। हमारा काम है आगाह करना। हम लिखकर छापकर तथ्य सच्चाई के साथ जो हमारा अधिकार है वह छापकर प्रशासन की आंख खोलते हैं वरना हम से भी कहा जाता है। आवेदन दो हम शिकायत करता नहीं बन सकते हम लोकतंत्र के चौथे स्तंभ वाले है हमारा काम अनदेखी करने वालो को आईना दिखाना है।


