पशु पालको का पशु आहार स्टाक भी समाप्त होने की कगार पर
आलीराजपुर/झाबुआ न्यूज
झाबुआ से रहीम शेरानी
इस लाइलाज बीमारी ने पूरी कायनात में कोहराम मचा रखा है। इंसान अपनी सुरक्षा के लिए सारे उपाय ढूंढ रहा है इस संकट की घड़ी में पशुपालक भी चिंतित है। अपने पशुओं के लिये इनके घरों में रखें पशु आहार का स्टॉक भी खत्म हो चुका है। पशु पालक अपने पशुओं को खुले में छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। कई जीव दया प्रेमियों द्वारा पशुओं को आहार दिया जा रहा है लेकिन उनकी पूर्ति होना संभव नहीं है। जगह-जगह पशुओं के झुंड आहार की तलाश में भूखे प्यासे भटक रहे हैं।
हालांकि उन्हें देखकर कई लोग अपने घरों में उपलब्ध अनाज रोटी आदि देकर सेवा में जुटे हैं। इन पशुओं के साथ ही परिंदे भी इस माहौल से अचंभित व भयभीत है रात्रि में उनके चेहेकने चिल्लाने की आवाज भी आने लगी है क्योंकि मानव के बीच में रहने वाले ये मूक प्राणी चारों ओर विरानी देखकर सहम गए हैं। भीड़-भाड़ में भी अपना चुग्गा चुगने लेने वाले कबूतर, गौरैया तथा चिड़िया इस सुनसान माहौल में अपने घोंसलों में बैठे है। कई लोग अपने घर के आगे दाना भी डाल रहे हैं लेकिन नगर के गुजरपाड़ा रोड पर काफी तादाद में मोर और बंदर भी देखे जा सकते हैं।
सामान्य दिनों में उनको दाना पानी के लिए कई लोग अल सुबह ही निकल पड़ते हैं लेकिन इस वक्त उनका हाल जानने वाला कोई नहीं है। शायद इन मूक प्राणियों ने भी ऐसा संकट अपने आयु काल में कभी नहीं देखा होगा भगवान भला करे सबका।

