भाजपा पार्षद सोमानी द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के कलेक्टर ने एसडीएम को दिए आदेश,
सरकारी नदी नाले पर पुलिया निर्माण की अनुमति के एसडीएम के आदेश को भी कलेक्टर ने कर दिया निरस्त,
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने करीब करीब एक माह से चले आ रहे बहुचर्चित शिकायती प्रकरण का निराकरण करते हुए अलीराजपुर के इतिहास का एक ओर कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। हालांकि यह आदेश कलेक्टर गुप्ता को जनसुनवाई में मिली एक शिकायत और उस शिकायत की जांच रिपोर्ट पर आधारित है। किंतु ऐसे निर्णय लेना जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अफसर के लिए इतना सहज व आसान भी नहीं रहता है। हम यहां पर कलेक्टर गुप्ता के आदेश की तारिफ नहीं कर रहे है किंतु जो सच सामने आया और उस सच के आधार पर जो आदेश जारी होना थे उसी की बात जनता के सामने व अलीराजपुर न्यूज पोर्टल के पाठकों के लिए रख रहे है। कलेक्टर सुरभि गुप्ता का यह आदेश यदि सही ढंग से क्रियान्वित हो पाता है तो यह जिले में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। क्रियान्वित हो पाता है यह लिखना इसलिए जरुरी हो गया है कि मामला राजनीति के एक धुरंघर व प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। जिनके बारे में कहा जाता है कि वे कानून के बहुत बड़े जानकार है। अतः यदि उन्हौंने अपनी कानूनी जानकारी से भरे अपने तरकश से किसी तीर को निकाल कर अपने खिलाफ हुए इस आदेश के क्रियान्वयन को रुकवा दिया तो यह कलेक्टर मैडम का आदेश सिर्फ आदेश ही होकर रह सकता है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों की माने तो ऐसा हो पाना वर्तमान की परिस्थितियों में कम संभव है। क्यों कि साक्ष्य व जांच रिपोर्ट पूरी तरह से उनके खिलाफ है। हम बात कर रहे है जिले में भाजपा की राजनीति के ख्यातनाम व वर्तमान में पार्षद औच्छबलाल सोमानी की जिन पर अपनी निजी जमीन पर कालोनी बनाने के दौरान सरकारी नदी नाले की जमीन पर अवैध कब्जा कर अतिक्रमण करने की मय सबूतों के शिकायत जनसुनवाई में की गई थी।
शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच करवाई। जांच के बाद जो रिपोर्ट आई में उसमें सोमानी द्वारा अतिक्रमण करने की पुष्टि हुई। इसी आधार पर कलेक्टर मैडम ने अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए है।
कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने भाजपा पार्षद औच्छबलाल सोमानी द्वारा सोरवा नाका क्षेत्र में नदी नाला के एक ओर बनाई जा रही कालोनी में सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण ही जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे हटाने की विधिवत कार्रवाई करने के आदेश एसडीएम को जारी कर दिए हैं। इस मामले में गत 24 दिसंबर 2019 में मंगलवार जनसुनवाई कार्यक्रम में जागरुक नागरिक मंच के अध्यक्ष व नपा के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सेन द्वारा लिखित षिकायत मय दस्तावेजों के की गई थी। जिसकी जांच कलेक्टर महोदय द्वारा करवाने के बाद जो जांच रिपोर्ट उन्हें मिली उस आधार पर कलेक्टर मैडम ने अतिक्रमण हटाने की विधिवत कार्रवाई करने के लिखित आदेश गत दिवस जारी कर दिए। कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने इस प्रतिनिधि को दी जानकारी में अपने आदेश की पुष्टि की है।
इसके पूर्व जिला मुख्यालय के बीच में बह रही सरकारी नदी के किनारे से लगी हुई सरकारी चरनोई भूमि व ग्रीन बेल्ट की हजारों वर्ग फुट की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच रिपोर्ट एसडीएम ने कलेक्टर को सौंपते हुए करीब 30 हजार वर्ग फुट जमीन पर अवैध अतिक्रमण का खुलासा किया गया था। जिसमें सर्वे नंबर 25 की चरनोई भूमि कुल रकबा 0.134 हेक्टेयर व सर्वे नंबर 33 की भूमि कुल रकबा 0.143 हेक्टेयर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे की जानकारी जांच रिपोर्ट में दी थी। जो कि लगभग 31 हजार वर्ग फुट होती है जिसका बाजार मूल्य करीब 9 करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के आरोप जांच में सत्यापित हुए है कि सोमानी ने तत्कालिन एसडीएम केसी ठाकुर को पूरी तरह फर्जी तथ्यात्मक दस्तावेज व भ्रामक जानकारी देकर सरकारी नदी में निजी व्यय पर पुलिया व रिर्टनिंग वाल निर्माण का आदेश प्राप्त किया था। कानून के जानकारों के अनुसार सोमानी न्यायालय की शरण में भी जाते है तो उन्हें राहत मिलने की संभावना भी कम ही प्रतीत होती दिखाई दे रही है।
इस मामले की जांच रिपोर्ट कलेक्टर मैडम तक पहंुचाने वाले वर्तमान एसडीएम विजय मंडलोई सरकारी आदेश के पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध माने जाते है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले चंद दिनों में कलेक्टर महोदया के आदेश का पालन होना तय माना जा रहा है।
अंत में चलते चलते
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पर 50 सालों से सार्वजनिक हित में संचालित हो रही श्रीपवनपुत्र व्यायामशाला के भवन को रातों रात ध्वस्त करने वालों को खुलेआम संरक्षण देने व व्यायामशाला के पुर्ननिर्माण कार्य को रोकने का कृत्य औच्छबलाल सोमानी व उनकी टीम द्वारा करने के बाद ही उनके खिलाफ शिकायतों का यह दौर आरंभ हुआ, जिसकी परिणति उनके द्वारा कब्जाई गई सरकारी भूमि को मुक्त कराने के आदेश तक आ पहंुची है।
इस मामले में गठित जांच दल एसडीएम द्वारा प्रस्तुत सीमांकन रिपोर्ट में औच्छबलाल सोमानी द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर शर्तो का उल्लंघन किया गया था इस वजह से पूर्व में एसडीएम राजस्व द्वारा पुलिया निर्माण का जारी आदेश दिनांक 15/3/18 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है और एसडीएम को विधिवत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देष दिए है।
-सुरभि गुप्ता कलेक्टर।
आलीराजपुर जिला प्रशासन ने तथ्यात्मक शिकायत पर न्यायोचित कदम जनहित व शासन हित में उठाया है। मप्र शासन व जिला प्रशासन को हार्दिक साधुवाद। जिला प्रशासन के इस कदम से जनता में शासन के प्रति विश्वास व निष्ठा बड़ेगी।
-विक्रम सेन शिकायतकर्ता व अध्यक्ष जागरुक नागरिक मंच।
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सरकारी नदी नाले पर पुलिया निर्माण की अनुमति के एसडीएम के आदेश को भी कलेक्टर ने कर दिया निरस्त,
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने करीब करीब एक माह से चले आ रहे बहुचर्चित शिकायती प्रकरण का निराकरण करते हुए अलीराजपुर के इतिहास का एक ओर कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। हालांकि यह आदेश कलेक्टर गुप्ता को जनसुनवाई में मिली एक शिकायत और उस शिकायत की जांच रिपोर्ट पर आधारित है। किंतु ऐसे निर्णय लेना जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अफसर के लिए इतना सहज व आसान भी नहीं रहता है। हम यहां पर कलेक्टर गुप्ता के आदेश की तारिफ नहीं कर रहे है किंतु जो सच सामने आया और उस सच के आधार पर जो आदेश जारी होना थे उसी की बात जनता के सामने व अलीराजपुर न्यूज पोर्टल के पाठकों के लिए रख रहे है। कलेक्टर सुरभि गुप्ता का यह आदेश यदि सही ढंग से क्रियान्वित हो पाता है तो यह जिले में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। क्रियान्वित हो पाता है यह लिखना इसलिए जरुरी हो गया है कि मामला राजनीति के एक धुरंघर व प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। जिनके बारे में कहा जाता है कि वे कानून के बहुत बड़े जानकार है। अतः यदि उन्हौंने अपनी कानूनी जानकारी से भरे अपने तरकश से किसी तीर को निकाल कर अपने खिलाफ हुए इस आदेश के क्रियान्वयन को रुकवा दिया तो यह कलेक्टर मैडम का आदेश सिर्फ आदेश ही होकर रह सकता है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों की माने तो ऐसा हो पाना वर्तमान की परिस्थितियों में कम संभव है। क्यों कि साक्ष्य व जांच रिपोर्ट पूरी तरह से उनके खिलाफ है। हम बात कर रहे है जिले में भाजपा की राजनीति के ख्यातनाम व वर्तमान में पार्षद औच्छबलाल सोमानी की जिन पर अपनी निजी जमीन पर कालोनी बनाने के दौरान सरकारी नदी नाले की जमीन पर अवैध कब्जा कर अतिक्रमण करने की मय सबूतों के शिकायत जनसुनवाई में की गई थी।
शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच करवाई। जांच के बाद जो रिपोर्ट आई में उसमें सोमानी द्वारा अतिक्रमण करने की पुष्टि हुई। इसी आधार पर कलेक्टर मैडम ने अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए है।
कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने भाजपा पार्षद औच्छबलाल सोमानी द्वारा सोरवा नाका क्षेत्र में नदी नाला के एक ओर बनाई जा रही कालोनी में सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण ही जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे हटाने की विधिवत कार्रवाई करने के आदेश एसडीएम को जारी कर दिए हैं। इस मामले में गत 24 दिसंबर 2019 में मंगलवार जनसुनवाई कार्यक्रम में जागरुक नागरिक मंच के अध्यक्ष व नपा के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सेन द्वारा लिखित षिकायत मय दस्तावेजों के की गई थी। जिसकी जांच कलेक्टर महोदय द्वारा करवाने के बाद जो जांच रिपोर्ट उन्हें मिली उस आधार पर कलेक्टर मैडम ने अतिक्रमण हटाने की विधिवत कार्रवाई करने के लिखित आदेश गत दिवस जारी कर दिए। कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने इस प्रतिनिधि को दी जानकारी में अपने आदेश की पुष्टि की है।
इसके पूर्व जिला मुख्यालय के बीच में बह रही सरकारी नदी के किनारे से लगी हुई सरकारी चरनोई भूमि व ग्रीन बेल्ट की हजारों वर्ग फुट की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच रिपोर्ट एसडीएम ने कलेक्टर को सौंपते हुए करीब 30 हजार वर्ग फुट जमीन पर अवैध अतिक्रमण का खुलासा किया गया था। जिसमें सर्वे नंबर 25 की चरनोई भूमि कुल रकबा 0.134 हेक्टेयर व सर्वे नंबर 33 की भूमि कुल रकबा 0.143 हेक्टेयर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे की जानकारी जांच रिपोर्ट में दी थी। जो कि लगभग 31 हजार वर्ग फुट होती है जिसका बाजार मूल्य करीब 9 करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के आरोप जांच में सत्यापित हुए है कि सोमानी ने तत्कालिन एसडीएम केसी ठाकुर को पूरी तरह फर्जी तथ्यात्मक दस्तावेज व भ्रामक जानकारी देकर सरकारी नदी में निजी व्यय पर पुलिया व रिर्टनिंग वाल निर्माण का आदेश प्राप्त किया था। कानून के जानकारों के अनुसार सोमानी न्यायालय की शरण में भी जाते है तो उन्हें राहत मिलने की संभावना भी कम ही प्रतीत होती दिखाई दे रही है।
इस मामले की जांच रिपोर्ट कलेक्टर मैडम तक पहंुचाने वाले वर्तमान एसडीएम विजय मंडलोई सरकारी आदेश के पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध माने जाते है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले चंद दिनों में कलेक्टर महोदया के आदेश का पालन होना तय माना जा रहा है।
अंत में चलते चलते
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पर 50 सालों से सार्वजनिक हित में संचालित हो रही श्रीपवनपुत्र व्यायामशाला के भवन को रातों रात ध्वस्त करने वालों को खुलेआम संरक्षण देने व व्यायामशाला के पुर्ननिर्माण कार्य को रोकने का कृत्य औच्छबलाल सोमानी व उनकी टीम द्वारा करने के बाद ही उनके खिलाफ शिकायतों का यह दौर आरंभ हुआ, जिसकी परिणति उनके द्वारा कब्जाई गई सरकारी भूमि को मुक्त कराने के आदेश तक आ पहंुची है।
इस मामले में गठित जांच दल एसडीएम द्वारा प्रस्तुत सीमांकन रिपोर्ट में औच्छबलाल सोमानी द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर शर्तो का उल्लंघन किया गया था इस वजह से पूर्व में एसडीएम राजस्व द्वारा पुलिया निर्माण का जारी आदेश दिनांक 15/3/18 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है और एसडीएम को विधिवत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देष दिए है।
-सुरभि गुप्ता कलेक्टर।
आलीराजपुर जिला प्रशासन ने तथ्यात्मक शिकायत पर न्यायोचित कदम जनहित व शासन हित में उठाया है। मप्र शासन व जिला प्रशासन को हार्दिक साधुवाद। जिला प्रशासन के इस कदम से जनता में शासन के प्रति विश्वास व निष्ठा बड़ेगी।
-विक्रम सेन शिकायतकर्ता व अध्यक्ष जागरुक नागरिक मंच।

