मांगें पूरी नहीं होने पर दी हड़ताल की चेतावनी
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
जिले के बस मालिकों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार 3 अक्टूंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम पर एक ज्ञापन एसडीएम संजीव पांडे को सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मप्र शासन द्वारा गठित किराया बोर्ड की बैठक आमंत्रित कर बढतें डीजल के दामों की समीक्षा कर यात्री बसों का किराया बढ़ाने की मांग की है। बस मालिकों ने शासन से बसों में किराया एक रुपए 40 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित करने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई हैं। उक्त ज्ञापन संभागीय बस एसोसिएशन के आव्हान पर दिया गया। प्रदेश के सभी जिलों में अलग अलग दिनांक को जिला बस एसोसिएशन के द्वारा अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन दिया जाएगा।
बस मालिकों ने अपने ज्ञापन में बताया कि मप्र मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निजी बस मालिक अपनी बसों का संचालन शासन के नियमो के अंर्तगत कर रहे है। परिवहन विभाग मध्यप्रदेश शासन ने डीजल एवं अन्य संसाधनों के बढ़ते दामों की समीक्षा करने हेतु ’किराया बोर्ड’ का गठन कर उसके माध्यम से बैठक कर यात्री किराए का निर्धारण करते हैं। इस किराया बोर्ड में बस ऐसोसिएशन के दो पदाधिकारियों को भी सदस्य के रुप मे आमंत्रित किया जाता है। किंतु गत कई सालों से किराया बोर्ड की बैठक सरकार ने नहीं ली है। वर्तमान में यात्री बसों का किराया 1 रुपए प्रति किलोमीटर है। वर्ष 2015 से आज तक किराए में मात्र 10 पैसे प्रति किलोमीटर की ही नाम मात्र की वृद्धि की गई है। जबकि डीजल का मूल्य 50 रुपए से 74 रुपए तक पहुंच गया है।
बसों का संचालन घाटे का सौदा हो गया
बस मालिकों ने अपने ज्ञापन में बताया कि इसी प्रकार अन्य साधन जैसे टायर, आयल, वेतन भत्तें, बढे हुए टोल टैक्स, परमिट टैक्स विभागीय फीस के बढ़ते दाम, बीमा, नवीन चेसिस के बढते दाम के कारण वाहन का संचालन का खर्च 40 प्रतिषत से अधिक बढ़ गया है। मध्यप्रदेष शासन ने गत 22 अगस्त से मोटरयान कर की दरों में भी वृद्धी कर दी है साथ ही गत सितंबर माह से डीजल पेट्रोल पर वेट कर मे बढ़ोतरी के कारण डीजल करीब साढ़े तीन रूपये और महंगा हो गया है। जिससे मोटर व्यवसाय का वर्तमान आय एवं व्यय का संतुलन अब गडबडा गया है बस मालिकों को निरंतर अपने व्यवसाय में घाटा जा रहा है। ऐसी स्थिति मे बसों का किराया बढाना अति अनिवार्य हो गया है।
बस मालिकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बसों का किराया 1 रुपया 40 पैसा प्रति किलोमीटर एंव न्यूनतम किराया प्रथम 5 किलोमीटर तक 10 रुपए तय किया जाए। ज्ञापन देते समय बस एसोसिएशन के अध्यक्ष पर्वतसिंह राठौर, उपाध्यक्ष राजेश राठौर, सचिव आशुतोष पंचोली, सदस्य रीतेश डावर, अशोक शर्मा छाबड़ा आदि उपस्थित थे। बस मालिकों ने अपने ज्ञापन की प्रति परिवहन मंत्री, प्रमुख सचिव परिवहन व परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश शासन भोपाल को भी भेजी है।
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आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
जिले के बस मालिकों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार 3 अक्टूंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम पर एक ज्ञापन एसडीएम संजीव पांडे को सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मप्र शासन द्वारा गठित किराया बोर्ड की बैठक आमंत्रित कर बढतें डीजल के दामों की समीक्षा कर यात्री बसों का किराया बढ़ाने की मांग की है। बस मालिकों ने शासन से बसों में किराया एक रुपए 40 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित करने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई हैं। उक्त ज्ञापन संभागीय बस एसोसिएशन के आव्हान पर दिया गया। प्रदेश के सभी जिलों में अलग अलग दिनांक को जिला बस एसोसिएशन के द्वारा अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन दिया जाएगा।
बस मालिकों ने अपने ज्ञापन में बताया कि मप्र मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निजी बस मालिक अपनी बसों का संचालन शासन के नियमो के अंर्तगत कर रहे है। परिवहन विभाग मध्यप्रदेश शासन ने डीजल एवं अन्य संसाधनों के बढ़ते दामों की समीक्षा करने हेतु ’किराया बोर्ड’ का गठन कर उसके माध्यम से बैठक कर यात्री किराए का निर्धारण करते हैं। इस किराया बोर्ड में बस ऐसोसिएशन के दो पदाधिकारियों को भी सदस्य के रुप मे आमंत्रित किया जाता है। किंतु गत कई सालों से किराया बोर्ड की बैठक सरकार ने नहीं ली है। वर्तमान में यात्री बसों का किराया 1 रुपए प्रति किलोमीटर है। वर्ष 2015 से आज तक किराए में मात्र 10 पैसे प्रति किलोमीटर की ही नाम मात्र की वृद्धि की गई है। जबकि डीजल का मूल्य 50 रुपए से 74 रुपए तक पहुंच गया है।
बसों का संचालन घाटे का सौदा हो गया
बस मालिकों ने अपने ज्ञापन में बताया कि इसी प्रकार अन्य साधन जैसे टायर, आयल, वेतन भत्तें, बढे हुए टोल टैक्स, परमिट टैक्स विभागीय फीस के बढ़ते दाम, बीमा, नवीन चेसिस के बढते दाम के कारण वाहन का संचालन का खर्च 40 प्रतिषत से अधिक बढ़ गया है। मध्यप्रदेष शासन ने गत 22 अगस्त से मोटरयान कर की दरों में भी वृद्धी कर दी है साथ ही गत सितंबर माह से डीजल पेट्रोल पर वेट कर मे बढ़ोतरी के कारण डीजल करीब साढ़े तीन रूपये और महंगा हो गया है। जिससे मोटर व्यवसाय का वर्तमान आय एवं व्यय का संतुलन अब गडबडा गया है बस मालिकों को निरंतर अपने व्यवसाय में घाटा जा रहा है। ऐसी स्थिति मे बसों का किराया बढाना अति अनिवार्य हो गया है।
बस मालिकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बसों का किराया 1 रुपया 40 पैसा प्रति किलोमीटर एंव न्यूनतम किराया प्रथम 5 किलोमीटर तक 10 रुपए तय किया जाए। ज्ञापन देते समय बस एसोसिएशन के अध्यक्ष पर्वतसिंह राठौर, उपाध्यक्ष राजेश राठौर, सचिव आशुतोष पंचोली, सदस्य रीतेश डावर, अशोक शर्मा छाबड़ा आदि उपस्थित थे। बस मालिकों ने अपने ज्ञापन की प्रति परिवहन मंत्री, प्रमुख सचिव परिवहन व परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश शासन भोपाल को भी भेजी है।
