मेलें में उमड़ी भीड़, भगवान का हुआ आकर्षक श्रंगार,भण्डारे का हुआ आयोजन
भव्य चल समारोह के साथ जयकारे लगाते हुए निकले भक्त
गिरीराज मोदी सिटी रिपोर्टर
आलीराजपुर न्यूज
रविवार को तेजा दशमी पर्व के अवसर पर बहारपुरा स्थित रामदेव मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मेले का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में गुजरात सहित आसपास के बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल हुए। दोपहर को 12 बजे भगवान रामदेव की आरती उतारी गई। इसके बाद प्रसादी के रूप भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारो की संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। मंदिर में दिनभर भजन कीर्तन के दौर के साथ ही दर्शन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। शाम को नगर के प्रमुख मार्गो से विशाल चल समारोह का आयोजन किया गया जो नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ पुन रामदेव मंदिर पहुंचा।
समाधी पर भी शिश नवाकर लिया आशिर्वाद
तेजा दशमी के अवसर पर रामदेव मंदिर चौराहे पर मेले का आयोजन भी किया गया। मेले में अंचल सहित विभिन्न स्थानों से आए हुए हजारों श्रद्वालुओं ने बाबाराम देव के सम्मुख शिश नवाकर अपनी आस्था प्रकट की व रामदेव पीर से परिवार के सुख.समृद्धि की कामना की। आस्था व उल्लास से भरे माहौल ने पूरे नगर को तेजा दशमी की चहल पहल ने सुबह से लेकर देर रात तक बांधे रखाए हजारों की संख्या में शामिल श्रद्धालुओं ने अनेक प्रकार के धार्मिक अनुष्ठनों व भजन.किर्तन कर धर्म लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर रामदेवजी मंदिर के शिखर पर श्रद्धालुओं द्वारा असंख्य निशान ;झंडिय़ाद्ध परंपरागत तरीके से चड़ाई गई। इस मेले में शामिल श्रद्वालुओं ने सनातन सेवा आश्रम के संस्थापक ब्रम्हलिन महामंडलेश्वर स्वामी नृसिंहानंदजी महाराज की समाधी पर भी शिश नवाकर श्रीफल चढ़ाए तथा सुख समृद्वि की कामना कर आशिर्वाद प्राप्त किया।
अनेक परिवारों ने लगाया भोग
तेजा दशमी के अवसर पर नगर के पंचेश्वर मंदिर में स्थित तेजाजी के मंदिर पर दर्शन पूजन करने के साथ ही श्रीफल व लड्डुओं का भोग लगाया गयाए तेजाजी का पूजन करने के लिए बड़ी संख्या मे श्रद्वालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान भक्तों द्वारा तेल सिंदूर चढ़ाकर नारियल का भोग भी लगाया गया। पूजन अर्चन का दौर शाम तक चलता रहा।
जयकारों से धर्ममय हुआ वातावरण
शाम करीब 6 बजे मंदिर प्रांगण से रामदेव पीर की विशाल सवारी ढोल.ढमाकों व बैंडबाजों के साथ निकली गई। सवारी के आगे.आगे चल रहे युुवा भजनों पर नृत्य करते हुए एवं गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे तथा उम्रदराज लोग जय हो रामादेव पीर के गगनभेदी जयकारों से वातावरण को धर्ममय बना रहे थे। सवारी के मध्य में ब्रम्हलिन स्वामी नृसिंहानंदजी के चित्र को लिए हुए भजन.किर्तन करते हुए चल रहे थे तथा सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणजन अपने साथ में लाए निशान ;झंडियोंद्ध को लहरा कर वातावारण को रामदेव मय बना रहे थे। मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई बाबा की सवारीएनगर के प्रमुख मार्गो का भ्रमण करने के पश्चात पुनरू मंदिर परिसर पर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में शामिल सदस्य नाचते.गाते हुए चल रहे थे।
झांकी रही आकर्षण का केन्द्र
सवारी के अंत में चल रही बाबा रामदेव की विशाल झांकी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र रहीए विद्युत झालरों से सजी झांकी रामदेव पीर के जीवन वृतांत को जीवित कर रही थी। झांकी की झलक देखने के लिए आस.पास के ग्रामीणों की भी भारी भीड़ उमड़ीए झाकी के निर्माण में मंदिर समिति के सदस्यों का सराहनिय योगदान रहा।
तुलादान किया
तेजा दशमी के दौरान रामदेव पीर के अनेक भक्तगणों ने अपने बच्चों का मंदिर के पास विशेष रूप से लगाई गई तराजू में फलए श्रीफलए नुकती आदि से तुलादान कर मंदिर समिति को सामग्री भेंट की। मान्यताओं के अनुसार बाबा राम देव मनौतियों के पूर्ण करते हैए इसी के फल स्वरूप मनौति पूर्ण होने वाले परिवार द्वारा अपने बच्चो का तुलादान किया जाता है। इस दौरान मन्नते पूर्ण होने वाले अनेक श्रद्वालुओं ने भी मंदिर में झंडा निशान चढ़ाकर अपनी धार्मिक मान्यताओं का निर्वहन किया।
हजारों लोगों ने लिया भण्डारे का लाभ
मेले में धार झाबुआ रतलाम पेटलावद थांदला छोटा उदयपुर कवांट नसवाड़ी सहित अनेक स्थानों से हजारों की संख्या में श्रद्वालुगण शामिल हुएए जिनके भोजन के लिए आश्रम समिति द्वारा भण्डारे का आयोजन किया गयाए भण्डारे में हजारों लोगों को दालए चावलए सब्जी पूरी व मिठाई की भोजन प्रसादी करवाई गई। भोजन प्रसादी के लिए मंदिर समिति व श्रद्धालुओं द्वारा हस्तमुक्त दान दिया गया था। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन का विशेष सहयोग सहयोग रहा।




