आयोग ने पुंलिस महानिदेशक व एसपी से तीन सप्ताह में मांगा प्रतिवेदन
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
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आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम बयड़िया में पुलिस प्रताड़ना से आत्महत्या के मामले को मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान में ले लिया है। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। मानव अधिकार आयोग के द्वारा यह मामला संज्ञान में ले लिए जाने से अब मामला गर्मा गया है। अभी तक पुलिस इस मामले में अपने स्तर से कार्रवाई को अंजाम दे रही थी किंतु मानव अघिकार आयोग के द्वारा यह मामला संज्ञान में लेने से पुलिस महकमे की मुश्किले अब बड़ सकती है। इस मामले में अब पुलिस को गंभीरता से व निष्पक्षता से सही ढंग से जांच करना होगी।
उल्लेखनीय है कि जिले के सोंडवा विकासखंड के ग्राम बयड़िया के ग्रामीणों ने परिजनों के साथ सोमवार 2 सितंबर की सुबह सोंडवा पुलिस थाने पर आकर हंगामा किया था। पिछले दिनों पुलिस चोरी के मामले में एक युवक को पकड़ने गई थी। इस दौरान युवक पास ही बह रही अनखड़ नदी में कूद गया था। तभी से युवक का कोई पता नहीं चल रहा था। परिजनों व पुलिस दोनों की युवक की तलाश कर रहे थे। इसी दरम्यान रविवार 1 सितंबर की रात में युवक के पिता बूटसिंह पिता सिरला ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन पुलिस पर युवक के पिता की फांसी के लिए पुलिस को दोषी ठहरा रहे है। सोंडवा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल व कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल के नेतृत्व में परिजनों ने ग्रामीणों के साथ एसपी विपुल श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग का ज्ञापन सौंपा। पुलिस पर परिजनों को परेशान करने का आरोप है। इसी के चलते पिता ने भी रविवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में मानव अधिकार आयोग ने पुंलिस महानिदेशक मप्र शासन भोपाल एवं पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर विपुल श्रीवास्तव से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। वही इस मामले में एसपी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि आयोग के द्वारा यह मामला संज्ञान में लेने संबंधी मेरे पास कोई सूचना नहीं है एवं न ही इस संबंध में कोई पत्र मिला है। ऐसा हो सकता है कि पत्र आयोग ने जारी किया हो यहां आने में समय लग सकता है।