कुंडवाट हाई स्कूल में समस्याओं से विद्यार्थी परेशान, विधायक पटेल को बताई समस्याएं

विधायक पटेल ने सहायक आयुक्त व बीईओ की लापरवाही के प्रति जताई नाराजगी
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर।ब्यूरो चीफ
जिले के सोंडवा विकासखंड के ग्राम कुंडवाट स्थित शासकीय हाई स्कूल में कई प्रकार की समस्याओं से विद्यार्थीजन बेहद परेशान हैं। स्कूल भवन की छत टपक रही हैैै। स्कूल का बोर्ड ही मुख्य भवन पर नहीं लगा हुआ है। पूरे परिसर में साफ सफाई नहीं है। सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे ही पूरा हाई स्कूल चल रहा है। यहां पर शिक्षकों के कई पद रिक्त पड़े है। आवश्यक दिशा निर्देश व सूचनाएं भी नहीं लिखी गई हैं। जिसके चलते विद्यार्थीजन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने अपनी मनमर्जी से ही पात्र विद्यार्थियों का चयन किए बगैर ही साइकलों का वितरण कर दिया है। इस प्रकार की समस्याएं गुरुवार 29 अगस्त को क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल को ग्राम कुंडवाट के हाई स्कूल पहंुचने पर विद्यार्थियों ने बताई। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षकगण भी कभी स्कूल आते है कभी नहीं आते है इस वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 

विधायक पटेल ने जिम्मेदार अफसरों पर जताई नाराजगी
विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक ने शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसरों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि कुंडवाट हाई स्कूल की सभी समस्याओं का शीघ्रतापूर्वक निराकरण किया जाएगा। विधायक पटेल ने विद्यार्थियों से जानकारी ली कि कब से इस विद्यालय में इस  प्रकार की समस्याएं है। इस पर विद्यार्थियों ने बताया कि नवीन शिक्षा सत्र के समय यहां पर अटैच्ड शिक्षकों को हटा दिया गया है। हालांकि गत शिक्षा सत्र के दौरान भी यहां पर शिक्षकों की कमी थी। विधायक पटेल ने इस मामले में सभी बच्चों को आश्वस्त किया कि इतनी सारी अव्यवस्थाओं के बीच आप लोग पढ़ाई कर रहे है यह अच्छी बात है। मैं विभाग स्तरीय पर इस मामले को उठाउंगा व यहां पर रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी।
बीईओ की लापरवाही हुई उजागर
सोंडवा विकासखंड में पदस्थ बीईओ डीएस सोलंकी की लापरवाही इस पूरे मामले में उजागर हुई है। विधायक पटेल ने बताया कि जब स्कूल में साईन बोर्ड ही लगा हुआ नहीं है तो बाहर से आने वाले अफसरों को कहां से पता चलेगा कि यह स्कूल कौन से ग्राम में है और कहां पर और किस विकासखंड में स्थित है। विधायक पटेल ने जानकारी निकाली की सोंडवा बीईओ इस विद्यालय का निरीक्षण करने कब पहुंचे तो उन्हें विद्यार्थियों ने चैंकाने वाली बात कही। विद्यार्थियों ने कहा कि इस विद्यालय में नवीन शिक्षण सत्र के दौरान एक भी जिम्मेदार अफसर अभी तक यहां पर नहीं पहुंचा है। स्कूल में साइकल वितरण कार्यक्रम की जानकारी बीईओ सोलंकी तक को नहीं है। बाले बाले दो शिक्षकों ने ही अपने हिसाब से साइकलों का वितरण कर दिया। विद्यालय में एसएमडीसी आकस्मिक निधि के फंड का उपयोग भी अनावश्यक कार्यों व खरीदी में करने की शिकायत भी विद्यार्थियों ने विधायक पटेल को बताई। विधायक पटेल ने कहा कि सोंडवा विकासखंड में शिक्षण व्यवस्था को सुधारने की दिशा में इस विकासखंड का नियमित दौरा करेंगे और सहायक आयुक्त व बीईओ को बदलने की कार्रवाई करेंगे। इस दौरान सुरेश बड़दा, दरजी लाछिया, सुनिल बड़दली, श्याम सैंडी, विक्रम भाटिया आदि उपस्थित थे। 


ग्राम बड़दा में एक साल से नलकूप की सामग्री फिटिंग नहीं
 फूलमाल क्षेत्र के ग्राम बड़दा के बयड़ी फलिए में पीएचई विभाग ने एक साल पहले नलकूप खनन कर दिया था किंतु अभी तक नलकूप की सामग्री नहीं लगाई। जिससे ग्रामीणों को नलकूप खनन का लाभ ही नहीं मिल रहा है। यह समस्या गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल को क्षेत्र के दौरे के दौरान ग्राम बड़दा के ग्रामीणों ने बताई। ग्रामीणों ने विधायक को किए गए नलकूप खनन का निरीक्षण भी कराया जिस पर सिर्फ केसींग पाईप ही लगा हुआ था और नलकूप की सामग्री नहीं लगी हुई थी। इस पर विधायक पटेल ने मौके से ही पीएचई के जिम्मेदार अफसर को फोन लगाकर तीन दिनों के भीतर नलकूप की जांच कर वहां पर आवश्यक सामग्री लगाने के निर्देश दिए।


शिक्षक की मौत पर नहीं दी अंत्येष्टि सहायता राशि, 
परिजनों ने की विधायक से शिकायत
सोंडवा विकासखंड के ग्राम छकतला में गत 22-23 अगस्त के दरम्यान जंगल से शिक्षक जय कुमार बामनिया का शव बरामद किया था। जांच में पुलिस को पता चला कि बामनिया ने बिजली के तारों से फंासी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शिक्षक की मौत के बाद सरकारी नियमों के अनुसार अंत्येष्टि सहायता राशि मृत शिक्षक के परिजनों को दी जाना थी किंतु सोंडवा बीईओ व अन्य जिम्मेदार अफसरों ने शिक्षक की मौत के 7 दिनों बाद तक उक्त सहायता राशि नहीं पहंुचाई। यह शिकायत क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल को मृत शिक्षक बामनिया के परिजनों ने गुरुवार को बताई। विधायक पटेल शिक्षक की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके घर पर पहंुचे थे। इस प्रकार की असंवेदनशीलता सोंडवा बीईओ व संस्था के प्राचार्य की उजागर होने पर विधायक पटेल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मौके से ही बीईओ सोलंकी व अन्य जिम्मेदार अफसरों को फोन लगाकर अपना रोष जाहिर किया।  विधायक पटेल ने कहा कि जब शासन के ही इस प्रकार की राशि देने के निर्देश है तो विभाग के जिम्मेदार लोग अभी तक सोये हुए है। इस प्रकार का अमानवीय व असंवेदनशीलता भरा कृत्य शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसरों के द्वारा करने से शिक्षा विभाग बदनाम हो रहा है। विधायक पटेल ने परिजनों को आश्वस्त किया वे यह राशि दिलवाएंगे और दोषी जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी करेंगे। मृत शिक्षक बामनिया के पुत्र राहुल ने विधायक पटेल को बताया कि उनके पिता को गत चार पांच माह से वेतन भी नहीं मिला था जिसके चलते वे मानसिक दबाव में थे और उन्हौंने यह कदम उठा लिया। विधायक पटेल ने परिजनों को ढांढस बंधाया और परिजनों को पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। 
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