आलीराजपुर जिले में विकास कार्यों के लिए सभी प्रकार की मदद देंगे -सीएम कमलनाथ

विधायक मुकेश पटेल के नेतृत्व में शिष्ट मंडल ने भोपाल में सीएम से की भेंट
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
आदिवासी अंचल के आलीराजपुर जिले में विकास कार्यों के लिए सभी प्रकार की मदद दी जाएगी। प्रदेश की कांग्रेस सरकार आदिवासी क्षेत्रों में सभी प्रकार की सुविधाएं देने के लिए कृत संकल्पित है। आपके जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। यह बात मंगलवार 27  अगस्त को भोपाल में प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल के नेतृत्व में भोपाल गए एक शिष्ट मंडल से मुलाकात के  दौरान कही। सीएम कमलनाथ को शिष्ट  मंडल ने जिले की समस्याओं एवं अन्य विकास  योजनाओं व निर्माण कार्यो से संबंधित ज्ञापन भी सौेंप। इस पर सीएम ने आश्वस्त किया कि वे जिले में सभी प्रकार की योजनाओं और  आपके द्वारा उठाई गई मांगों को पूरा भी करेंगे। शिष्ट मंडल ने जिला न्यायालय भवन कलेक्टर कार्यालय के समीप बनाने, शासकीय महाविद्यालय में सीटों की संख्या बढ़ाने, अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवासीय भत्ता दिए जाने, जिला परिवहन कार्यालय में स्टाफ की पद पूर्ति, जिले में हो रही विद्युत कटौती की समस्या से सीएम को अवगत कराया। 
करीब आधे घंटे तक भोपाल में एनेक्सी में सीएम कक्ष में शिष्ट मंडल से मुलाकात के दौरान जिले के विकास संबंधी अन्य कई विषयों पर भी चर्चा की गई। सीएम कमलनाथ से मुलाकात के पूर्व शिष्ट मंडल ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कृषि मंत्री सचिन यादव, जनजाती कार्य विभाग मंत्री ओमकार सिंह मरकाम व मुख्यमंत्री के सचिव व आलीराजपुर जिले के प्रथम कलेक्टर रहे चंद्रशेखर बोरकर से मुलाकात की और उनके विभागों से संबंधित मांगों के पत्र भी सौंपे।
जिला न्यायालय का नवीन भवन कलेक्टोरेट में बनाया जाए
आलीराजपुर से गए शिष्ट मंडल में विधायक मुकेश पटेल के साथ अभिभाषक संघ के अध्यक्ष जगदीश गुप्ता, वरिष्ठ अभिभाषक प्रकाशचंद्र जैन, योगेंद्र वाणी, राहुल परिहार, विधायक मीडिया प्रभारी आशुतोष पंचोली, युवक कांग्रेस महामंत्री राहुल भयड़िया, विधायक निज सचिव धर्मेंद्र चैहान  आदि ने सबसे पहले कृषि मंत्री सचिन यादव से मुलाकात की। मंत्री यादव को शिष्ट मंडल के सदस्यों ने अवगत कराया कि जिला मुख्यालय पर माननीय हाई कोर्ट ने जिला न्यायालय के लिए नवीन भवन की स्वीकृति दी है जिसे आलीराजपुर नगर से 7 किमी दूर ग्राम खरखड़ी में बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिला मुख्यालय से दूर ग्राम खरखड़ी में  यदि जिला न्यायालय भवन बनता है तो पक्षकारों, अभिभाषकों आदि को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जबकि जिला मुख्यालय पर ही नवीन कलेक्टोरेट के पीछे शासकीय कृषि फार्म के कई एकड़ जमीन अभी जिला प्रशासन के पास उपलब्ध  है। अतः यह जमीन जिला न्यायालय बनाने के लिए दी जानी चाहिए। जिसके लिए कृषि विभाग के पीएस के पास आलीराजपुर कलेक्टर मैडम के द्वारा यह फाईल कृषि विभाग के प्रमुख सचिव को भेजी जा चुकी है। जिस पर स्वीकृति शिघ्र करवाई जाए। इस पर कृषि मंत्री यादव ने उक्त ज्ञापन को विभाग के प्रमुख सचिव के पास भेजने के निर्देश अपने ओएसडी को देते हुए इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
सहायक आयुक्त मंडलोई को हटाने की रखी मांग
जनजाति कार्य मंत्री ओमकारसिंह मरकाम से मुलाकात के दौरान विधायक मुकेश पटेल ने जिले में पदस्थ सहायक आयुक्त मीना मंडलोई की कार्यप्रणाली से असंतोष जताते हुए मंत्रीजी को अवगत कराया कि उक्त महिला अधिकारी के रवैए से पूरे विभाग में असंतोष व्याप्त है। गत दिनों शासन की नीति के अनुसार जिले में कई सालों से पदस्थ अन्य जिले के शिक्षकों का तबादला आदेश जारी हुआ किंतु उन शिक्षकों को रीलिव करने में सहायक आयुक्त मंडलोई ने जानबूझकर विलंब करते हुए रोड़े अटकाए। कई शिक्षकों को रीलिव करने के नाम पर अनुचित तरिके से राशि की मांग की गई। इसकी शिकायत कई शिक्षकों के द्वारा  मुझे की गई है। इसके अलावा सहायक आयुक्त मंडलोई के द्वारा जिले के अनेक हाई स्कूल और  हायर सेकंडरी के प्राचार्यों को दबाव डालकर विद्यालय को प्राप्त आकस्मिक फंड की राशि से अनुपयोगी सामग्री खरीदने के निर्देश दिए गए। जिसके चलते कुक्षी के सप्लायरकर्ता फर्म द्वारा आधी अधूरी सामग्री दी गई और कई स्थानों पर सामग्री  दिए बगैर ही प्राचार्यों ने संबंधित फर्म को चेक भी दे दिए है। जिले में यह गंभीर मामला है। जिसमें सहायक आयुक्त व उनके अधीनस्थ कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका है। जिसकी जांच कराने की मांग विधायक पटेल ने मंत्रीजी से की हैं। मंत्री मरकाम ने सारी शिकायतों को ध्यान से सुनने के बाद विधायक पटेल को आश्वस्त कराया कि शीघ्र ही सहायक आयुक्त को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद विधायक मुकेश पटेल पटल समिति की बैठक में भाग लेने के लिए विधानसभा भवन पहंुचे करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में विधानसभा में रखे जाने वाले प्रश्नों का पटल समिति द्वारा अध्ययन व परीक्षण किया गया। 

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