131.35 मीटर के लेवल पर ही बने ऐसे हालात,
विधायक पटेल ने किया ककराना का दौरा
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर।ब्यूरो चीफ
नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर में जिले का दूरस्थ पहाड़ी ग्राम ककराना के कई फलिए टापू बन गए है और गांव लगभग 80 फीसद तक डूब चुका है। रविवार को नर्मदा नदी का जल स्तर 135.40 मीटर पर था। जिसकी वजह से ककराना में नर्मदा नदी के तट पर स्थित उंची पहाड़ी जिस पर बने शिव मंदिर व बाबा रामदास की कुटिया से कुछ फुट ही बैक वाटर का पानी पहंुच गया है। जिसकी वजह से यह पहाड़ी तीन ओर से टापू बन गई है। गांव में पानी घुसने का समाचार मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल ने रविवार की दोपहर में ग्राम ककराना पहंुचे और ग्राम का निरीक्षण कर डूब के बाद बने हालात जाने।
विधायक पटेल मोटरबोट से शिव टेकरी तक भी पहंुचे और 110 साल पुराने रियासत कालीन प्राचीन शिव मंदिर बाबा रामदास की कुटिया व पहाड़ी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक को ग्रामीणों ने बताया कि बांध के डूब क्षेत्र के सर्वे के दौरान शिव टेकरी व बाबा रामदास की कुटिया को डूब से मुक्त बताया गया था किंतु यह टेकरी, कुटिया व मंदिर तो 131.40 मीटर तक के लेवल में ही डूब के करीब पहंुच चुकी है। आने वाले दिनों में बांध को 138 मीटर पूर्ण उंचाई तक भरा जाएगा ऐसी स्थिती में ऐतिहासिक शिव मंदिर, कुटिया व शिव टेकरी भी डूब जाएगी। इस पर विधायक पटेल ने मौके पर मौजूद पटवारी योगश धाकरे को निर्देश दिए कि भू अर्जन व पुनर्वास अधिकारी को इस मंदिर के लिए उंची जगह शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करे।
गांव के तीन फलिए बने टापू
मौके पर गए विधायक पटेल को ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से नर्मदा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसी स्थिती में गांव के तीन फलियों पटेल फलिएए हरण बावड़ी फलिया व शिव टेकरी में अंदर तक पानी घुस चुका ह। इस पर विधायक पटेल ने ग्राम में रहने वाले रहवासियों के बारे में जानकारी ली तो पटवारी धाकरे ने बताया कि शासन के निर्देश पर डूब की संभावना को देखते हुए पहले से ही ग्रामीणों को घरों से हटने के निर्देश दे दिए थे और उंचे स्थानों पर ग्रामीणों को भिजवा दिया गया है। हालांकि शासन द्वारा यहां रहने वाले अनेक परिवारों को पूर्व में मुआवजा व जमीन देने की कार्रवाई की जा चुकी है। उसके बावजूद भी कई परिवार नहीं गए है किंतु उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जा चुका है।
रविवार को डेढ़ मीटर बड़ा जल स्तर
ग्रामीणों व पटवारी ने विधायक पटेल को जानकारी दी कि शनिवार से रविवार के दौरान नर्मदा नदी के जल स्तर में करीबन डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को जल स्तर 130 मीटर पर था जो कि शानिवार शाम को 131 मीटर व रात को 131.40 मीटर तक पहंुच गया था। नर्मदा नदी में जल स्तर बढ़ने के पीछे इंदिरा सागरए औंकारेश्वर बांध से पानी छोड़ा जाना और नर्मदा नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा होना बताया जा रहा हैं।
गलत हुआ है सर्वे
ग्रामीणों ने विधायक पटेल को शिकायत की कि ककराना क्षेत्र में डूब क्षेत्र का गलत सर्वे हुआ है क्यों कि जिस उंचाई तक जो स्थान डूब क्षेत्र के लिए चिन्हित किए गए है वे तो कम लेवल तक जल स्तर बढ़ने पर ही डूब रहे है। शिव टेकरी को तो सर्वे में डूब क्षेत्र से मुक्त बताया गया था जो कि 131.40 मीटर के जल स्तर पर ही डूब गई है। ऐसी स्थिती में ग्राम के अन्य कई मकानए कृषि योग्य जमीनें भी डूब में आ रही है। कई किसानों की खरीफ की फसलें भी 131.40 मीटर की उंचाई में ही डूब में आ चुकी है। दिन प्रतिदिन डूब क्षेत्र में हालात बद से बदतर होती जा रही है।
इस पर विधायक पटेल ने पटवारी धाकरे से जानकारी ली तो उन्हौंने बताया कि इस संबंध में उनके द्वारा कई बार संबंधित वरिष्ठ अफसरों को बताया जा चुका है यहां पर कई स्थानों को गलत सर्वे हुआ है जिसकी वजह से डूब का सही आकलन नहीं हो रहा है। इस पर विधायक पटेल ने नर्मदा घाटी विकास के जिम्मेदार अफसरों व भू अर्जन व पुर्नवास अधिकारी से बात करने की बात ग्रामीणों को कही।
ककराना के पटेल फलिए से मोटरबोट में बैठककर विधायक पटेल व ग्रामीणजन शिव टेकरी पर पहंुचे जहां पर विधायक पटेल ने 110 साल पुराने रियासतकालीन शिव मंदिर में शिवलिंग की पूजा कर जलाभिषेक किया व बाबा रामदास की कुटिया में जाकर उनसे चर्चा की। बाबा ने कुटिया व मंदिर डूबने की चिंता जताई इस पर विधायक ने शिव मंदिर को उंचे स्थान पर शिफ्ट करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य बिहारीलाल डावर, सुमारिया भाई, विजय चैहान, दिनेश प्रजापित सहित बड़ी संख्या में ककराना के ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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विधायक पटेल ने किया ककराना का दौरा
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर।ब्यूरो चीफ
नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर में जिले का दूरस्थ पहाड़ी ग्राम ककराना के कई फलिए टापू बन गए है और गांव लगभग 80 फीसद तक डूब चुका है। रविवार को नर्मदा नदी का जल स्तर 135.40 मीटर पर था। जिसकी वजह से ककराना में नर्मदा नदी के तट पर स्थित उंची पहाड़ी जिस पर बने शिव मंदिर व बाबा रामदास की कुटिया से कुछ फुट ही बैक वाटर का पानी पहंुच गया है। जिसकी वजह से यह पहाड़ी तीन ओर से टापू बन गई है। गांव में पानी घुसने का समाचार मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल ने रविवार की दोपहर में ग्राम ककराना पहंुचे और ग्राम का निरीक्षण कर डूब के बाद बने हालात जाने।
विधायक पटेल मोटरबोट से शिव टेकरी तक भी पहंुचे और 110 साल पुराने रियासत कालीन प्राचीन शिव मंदिर बाबा रामदास की कुटिया व पहाड़ी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक को ग्रामीणों ने बताया कि बांध के डूब क्षेत्र के सर्वे के दौरान शिव टेकरी व बाबा रामदास की कुटिया को डूब से मुक्त बताया गया था किंतु यह टेकरी, कुटिया व मंदिर तो 131.40 मीटर तक के लेवल में ही डूब के करीब पहंुच चुकी है। आने वाले दिनों में बांध को 138 मीटर पूर्ण उंचाई तक भरा जाएगा ऐसी स्थिती में ऐतिहासिक शिव मंदिर, कुटिया व शिव टेकरी भी डूब जाएगी। इस पर विधायक पटेल ने मौके पर मौजूद पटवारी योगश धाकरे को निर्देश दिए कि भू अर्जन व पुनर्वास अधिकारी को इस मंदिर के लिए उंची जगह शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करे।
गांव के तीन फलिए बने टापू
मौके पर गए विधायक पटेल को ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से नर्मदा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसी स्थिती में गांव के तीन फलियों पटेल फलिएए हरण बावड़ी फलिया व शिव टेकरी में अंदर तक पानी घुस चुका ह। इस पर विधायक पटेल ने ग्राम में रहने वाले रहवासियों के बारे में जानकारी ली तो पटवारी धाकरे ने बताया कि शासन के निर्देश पर डूब की संभावना को देखते हुए पहले से ही ग्रामीणों को घरों से हटने के निर्देश दे दिए थे और उंचे स्थानों पर ग्रामीणों को भिजवा दिया गया है। हालांकि शासन द्वारा यहां रहने वाले अनेक परिवारों को पूर्व में मुआवजा व जमीन देने की कार्रवाई की जा चुकी है। उसके बावजूद भी कई परिवार नहीं गए है किंतु उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जा चुका है।
रविवार को डेढ़ मीटर बड़ा जल स्तर
ग्रामीणों व पटवारी ने विधायक पटेल को जानकारी दी कि शनिवार से रविवार के दौरान नर्मदा नदी के जल स्तर में करीबन डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को जल स्तर 130 मीटर पर था जो कि शानिवार शाम को 131 मीटर व रात को 131.40 मीटर तक पहंुच गया था। नर्मदा नदी में जल स्तर बढ़ने के पीछे इंदिरा सागरए औंकारेश्वर बांध से पानी छोड़ा जाना और नर्मदा नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा होना बताया जा रहा हैं।
गलत हुआ है सर्वे
ग्रामीणों ने विधायक पटेल को शिकायत की कि ककराना क्षेत्र में डूब क्षेत्र का गलत सर्वे हुआ है क्यों कि जिस उंचाई तक जो स्थान डूब क्षेत्र के लिए चिन्हित किए गए है वे तो कम लेवल तक जल स्तर बढ़ने पर ही डूब रहे है। शिव टेकरी को तो सर्वे में डूब क्षेत्र से मुक्त बताया गया था जो कि 131.40 मीटर के जल स्तर पर ही डूब गई है। ऐसी स्थिती में ग्राम के अन्य कई मकानए कृषि योग्य जमीनें भी डूब में आ रही है। कई किसानों की खरीफ की फसलें भी 131.40 मीटर की उंचाई में ही डूब में आ चुकी है। दिन प्रतिदिन डूब क्षेत्र में हालात बद से बदतर होती जा रही है।
इस पर विधायक पटेल ने पटवारी धाकरे से जानकारी ली तो उन्हौंने बताया कि इस संबंध में उनके द्वारा कई बार संबंधित वरिष्ठ अफसरों को बताया जा चुका है यहां पर कई स्थानों को गलत सर्वे हुआ है जिसकी वजह से डूब का सही आकलन नहीं हो रहा है। इस पर विधायक पटेल ने नर्मदा घाटी विकास के जिम्मेदार अफसरों व भू अर्जन व पुर्नवास अधिकारी से बात करने की बात ग्रामीणों को कही।
ककराना के पटेल फलिए से मोटरबोट में बैठककर विधायक पटेल व ग्रामीणजन शिव टेकरी पर पहंुचे जहां पर विधायक पटेल ने 110 साल पुराने रियासतकालीन शिव मंदिर में शिवलिंग की पूजा कर जलाभिषेक किया व बाबा रामदास की कुटिया में जाकर उनसे चर्चा की। बाबा ने कुटिया व मंदिर डूबने की चिंता जताई इस पर विधायक ने शिव मंदिर को उंचे स्थान पर शिफ्ट करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य बिहारीलाल डावर, सुमारिया भाई, विजय चैहान, दिनेश प्रजापित सहित बड़ी संख्या में ककराना के ग्रामीणजन उपस्थित थे।




