सोमवार के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी
40 फिट लम्बी इन्दौर की शिव झांकी सहित बाहर से आए कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुती
गिरीराज मोदीअलीराजपुर न्यूज सिटी रिपोर्टर।
श्रावण मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर स्थानीय पंचेश्वर महोदव मंदिर से दोपहर 3 बजे भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी निकलेगी। जिसे भव्य रूप देने के लिए पंचेश्वर महादेव मंदिर के भक्तों के द्वारा पिछले 1 माह से जुटे हुए थे। पंचेश्वर महादेव मंदिर की खासियत यह है कि उक्त मंदिर अति प्राचीन होने के साथ ही काफी वर्ष पुराना है बताया जाता है कि कई वर्षो से श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ नगरवासिंयों को हालचाल जानने हेतु नगर भ्रमण पर निकलते है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंदिर भक्तों व शाही सवारी समिति द्वारा भव्य शाही सवारी का आयोजन किया जाता है। शाही सवारी नगर के मुख्य मार्गों पर भ्रमण कर पुन: पंचेश्वर महादेव मंदिर रात्री 9 बजे पहुँचेगी।
ये रहेंगे मुख्य आकर्षक का केंद्र
पंचेश्वर महादेव मंदिर भक्तों व शाही सवारी समिति के सदस्यों ने बताया कि शाही सवारी में सबसे आगे हाथी चलेगा हाथी,पीछे चार घोड़े पर घुड सवार आकर्षक वेश भूषा में ध्वज लेकर चलेंगे। घोडों के पीछे आकर्षक बेंड सुमधुर ध्वनी के साथ चलेगा। बेंड के पीछे भगवान भोलेनाथ का रथ रहेगा। रथ में भगवान भोलेनाथ के साथ चवंर डुलाते हुए मंदिर पुजारी रोहिणी गीरी एवं प्रवीण गीरी साथ में बैठेंगे। रथ के पीछे पुरूषजन भगवान का जयकारा लगाते हुए चलेंगे। वहीं डीजे व 20 ढोलों का फाईटर ढोल समूह भी रहेगा। इसके साथ ही शाही सवारी में भूतों की टोली जिसमें मानव, शिवगण, यति, गन्धर्व,यक्ष, भूत-पिशाच, नन्दी एवं शिवभक्त रहेंगे। वहीं 40 फिट लम्बी इन्दौर की शिव झांकी रहेगी जो अपनी कला का प्रदर्शन करेगी। इसके पीछे महिलाए चलेगी। महिला-पुरुष सभी आकर्षक डे्रस कोड में बेण्ड डी.जे. की धुन पर नाचते थीरकते चलेंगे। जुलूस में वालीपुर धाम के बग्घी में सवार योगेश महाराज सभी को आर्शिवाद देते हुए चलेगें।
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40 फिट लम्बी इन्दौर की शिव झांकी सहित बाहर से आए कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुती
गिरीराज मोदीअलीराजपुर न्यूज सिटी रिपोर्टर।
श्रावण मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर स्थानीय पंचेश्वर महोदव मंदिर से दोपहर 3 बजे भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी निकलेगी। जिसे भव्य रूप देने के लिए पंचेश्वर महादेव मंदिर के भक्तों के द्वारा पिछले 1 माह से जुटे हुए थे। पंचेश्वर महादेव मंदिर की खासियत यह है कि उक्त मंदिर अति प्राचीन होने के साथ ही काफी वर्ष पुराना है बताया जाता है कि कई वर्षो से श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ नगरवासिंयों को हालचाल जानने हेतु नगर भ्रमण पर निकलते है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंदिर भक्तों व शाही सवारी समिति द्वारा भव्य शाही सवारी का आयोजन किया जाता है। शाही सवारी नगर के मुख्य मार्गों पर भ्रमण कर पुन: पंचेश्वर महादेव मंदिर रात्री 9 बजे पहुँचेगी।
ये रहेंगे मुख्य आकर्षक का केंद्र
पंचेश्वर महादेव मंदिर भक्तों व शाही सवारी समिति के सदस्यों ने बताया कि शाही सवारी में सबसे आगे हाथी चलेगा हाथी,पीछे चार घोड़े पर घुड सवार आकर्षक वेश भूषा में ध्वज लेकर चलेंगे। घोडों के पीछे आकर्षक बेंड सुमधुर ध्वनी के साथ चलेगा। बेंड के पीछे भगवान भोलेनाथ का रथ रहेगा। रथ में भगवान भोलेनाथ के साथ चवंर डुलाते हुए मंदिर पुजारी रोहिणी गीरी एवं प्रवीण गीरी साथ में बैठेंगे। रथ के पीछे पुरूषजन भगवान का जयकारा लगाते हुए चलेंगे। वहीं डीजे व 20 ढोलों का फाईटर ढोल समूह भी रहेगा। इसके साथ ही शाही सवारी में भूतों की टोली जिसमें मानव, शिवगण, यति, गन्धर्व,यक्ष, भूत-पिशाच, नन्दी एवं शिवभक्त रहेंगे। वहीं 40 फिट लम्बी इन्दौर की शिव झांकी रहेगी जो अपनी कला का प्रदर्शन करेगी। इसके पीछे महिलाए चलेगी। महिला-पुरुष सभी आकर्षक डे्रस कोड में बेण्ड डी.जे. की धुन पर नाचते थीरकते चलेंगे। जुलूस में वालीपुर धाम के बग्घी में सवार योगेश महाराज सभी को आर्शिवाद देते हुए चलेगें।
