आलीराजपुर व जोबट न्यायालय ने सुनाई आरोपियों को सजा
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
जिले में दो अलग अलग मामलों में माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय अलीराजपुर के द्वारा पिता की हत्या के एक आरोपी को 5 साल और युवक की हत्या के चार आरोपियों को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय जोबट द्वारा उम्र कैद की सजा सुनाई गई हैं। एक घटना जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सडली की है तो दूसरी घटना आजादनगर-भाबरा थाना क्षेत्र के ग्राम महेंद्रकोठार की हैं।
जिला न्यायालय के सहायक लोक अभियोजन अधिकारी एवं मीडिया सेल प्रभारी एम.एस.वसुनिया ने मीडिया को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि थाना चांदपुर के अपराध क्रमांक 24/18 धारा 302 भादवि के अपराध मंे घटना दिनांक 18/02/18 की करीब रात 08ः30 बजे आरोपी लालु पिता राधु निवासी सडली ने परिवार की बात को लेकर अपने पिता राधु के सिर में बैल गाड़ी का खलनिया (लट्ठ) मार दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत थाना चांदपुर के द्वारा न्यायालय में अभियोगपत्र पेश किया गया। विचारण माननीय न्यायालय श्रीमान लखनलाल गोस्वामी द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय अलीराजपुर के द्वारा अभियोजन साक्षियो के समर्थन के आधार पर आरोपी लालु पिता राधु को धारा 304 भाग-1 भादवि 1860 में 5 वर्ष की सजा व 500 रूपये अर्थदण्ड की सजा दी गई। उक्त प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री विजय गेहलोत ने की।
जोबट अपर सत्र न्यायालय का फैसला-हत्या के 4 आरोपियो को आजीवन कारावास की सजा।
सहा. लोक अभियोजन अधिकारी एवं मीडिया सेल प्रभारी एम.एस.वसुनिया ने बताया कि थाना चन्द्र शेखर आजाद नगर के अपराध क्रमांक 53/13 धारा 294,341,302,147,148,149 भादवि के अपराध मंे घटना वर्ष 2013 में मेहरचंद बरझर बाजार करके अपने गांव महेन्द्र कोठार आ रहा था तो आरोपीगण रूपजी पिता चतरा भील भारतसिहं पिता रूपजी भील, कल्लु पिता रूपजी भील, वरसिंह पिता रूपजी भील सभी निवासीगण कोठार ने मेहरसिंह को पत्थरों से मारपीट की। जिससे मेहरचंद को सिर, कपाल, आॅख, होठ,काॅन पर गंभीर चोटे होने से बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। वहां से उसे अस्पताल भाबरा फिर दाहोद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। थाना चंद्रशेखर आजाद नगर द्वारा अभियोग पत्र जोबट न्यायालय में पेश किया गया। विचारण न्यायालय माननीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय जोबट द्वारा अभियोजन साक्षियो के समर्थन के आधार पर सभी आरोपीगणो को आजीवन कारावास की सजा एवं 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने की सजा दी गई। उक्त प्रकरण की पैरवी उप संचालक (अभियोजन) श्री राजीव गरवाल ने की।