कलेक्टर के तुगलकी आदेश से ट्रांसपोर्ट व्यवसाई व वाहन चालक परेशान,
सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 9 घंटे तक प्रतिबंध लगने से लगी सैकड़ों वाहनों की कतार
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
जिला प्रशासन द्वारा गत दिवस जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नगर में भारी वाहनों के प्रवेश सिंगल साईड चांदपुर रोड़ से नानपुर रोड़ जाने पर सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक प्रतिबंध के आदेश पर मंगलवार से यातायात पुलिस ने अमल करना आरंभ कर दिया। जिसके चलते मंगलवार से खंडवा बड़ौदा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगना आरंभ हो गई। कलेक्टर शमीमुद्दीन के इस आदेश पर विवाद आरंभ हो गया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाई इस आदेश का पुरजोर विरोध कर रहे है वही भाजपा जिलाध्यक्ष किशोर शाह ने भी इसके विरोध में प्रेस नोट जारी करते हुए कलेक्टर महोदय के इस आदेश की समीक्षा करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि कलेक्टर महोदय के इस आदेश से कही खुशी तो कही गम की स्थिती है। अब यह देखना गौरतलब होगा कि भाजपा जिलाध्यक्ष की आंदोलन की चेतावनी पर जिला प्रशासन इस मामले में अब आगे क्या रुख अपनाता है। वहीं कलेक्टर महोदय ने इस प्रतिनिधि को बताया कि हमने सोच समझकर ही इस आदेश को जनता के हित में लागू किया है।
कलेक्टर महोदय द्वारा दिया गया इस प्रकार का आदेश एक तुगलकी आदेश है। जिसका भारतीय जनता पार्टी पुरजोर विरोध करती है। क्यों कि नगर के बीच से अंतरप्रांतीय खंडवा बड़ौदा राज मार्ग गुजर रहा है। ऐसी स्थिती में 9 घंटे तक इस मार्ग पर से भारी वाहनों के प्रवेश पर एक तरफा प्रतिबंध लगाने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाई और वाहन चालक बेहद परेशान हो रहे है। नगर का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। आज तक 9 घंटे तक भारी वाहनों का प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। कलेक्टर महोदय को अपने द्वारा दिए गए ऐसे आदेश की फिर से समीक्षा करना चाहिए और 9 घंटे के लिए लगाए गए प्रतिबंध पर ढील देते हुए उसके पार्ट रुप में प्रतिबंध लगाना चाहिए। अन्यथा भारतीय जनता पार्टी कलेक्टर के इस आदेश का विरोध जताते हुए आंदोलन करेगी।
यह बात भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष किशोर शाह ने यहां जारी एक प्रेस नोट में कही। भाजपा जिलाध्यक्ष शाह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन का यह तुगलकी आदेश ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए कमर तोड़ने वाला आदेश है। इस आदेश को लागू करने के पहले जिला प्रशासन को इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों का विश्वास में लेना चाहिए था। आदिवासी अंचल के इस क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से सैकड़ों हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। इस आदेश से सीमेंट, सरिया, अनाज, हार्ड वेअर, परचूरन आदि व्यवसाय से जुडे व्यवसाई बुरी तरह से प्रभावित हुए है। जिला प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीतला के साथ विचार करते हुए भारी वाहनों के प्रतिबंध के आदेश की समीक्षा करते हुए इसे पार्ट रुप में लागू करना चाहिए। क्यों कि नगर से गुजर रहे अंतरप्रांतीय राजमार्ग पर फिलहाल बायपास बना हुआ नहीं है जिसके चलते भारी वाहनों को नगर से ही निकलना पड़ रहा है। हालांकि बायपास निर्माण का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है किंतु जब तक बायपास निर्माण व अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं हो जाता तब तक इस प्रकार से निरंतर 9 घंटे तक प्रवेश से प्रतिबंध का व्यापार व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
एक तरफा प्रवेश प्रतिबंध का आदेश तुगलकी
जिलाध्यक्ष शाह ने बताया कि जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध एक तरफा लगाया है। गुजरात के बड़ौदा, छोटाउदयपुर की ओर से आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित किए गए है जबकि कुक्षी-नानपुर की ओर से आने वाले वाहन चांदपुर व गुजरात की ओर चालू रहेंगे। इस प्रकार के हास्यास्पद आदेश से जिला प्रशासन की मंशा उजागर हो रही है। ऐसे आदेश आज तक नहीं दिए गए है। इसके बजाए तो दोनों तरफ से एक समय सीमा निर्धारित करते हुए कुछ घंटों के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध पार्ट लगाया जाता तो जनता व कारोबारियों को भी सुविधा मिलती। जिलाध्यक्ष शाह ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि उनके द्वारा दिए गए इस प्रकार के तुगलकी आदेश की समीक्षा करते हुए इसका समय नहीं घटाया गया तो भाजपा कार्यकर्ता जिला प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से आदंोलन करेंगे और इसका पुरजोर विरोध दर्ज करेंगे।
ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों ने जताया पुरजोर विरोध
जिला प्रशासन के इस आदेश का नगर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों ने भी पुरजोर विरोध दर्ज करवाया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाई मनीष मामा थेपड़िया ने बताया कि सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक 9 घंटे तक चांदपुर की ओर से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से ट्रक मालिक व वाहन चालक स्टाफ आदि बहुत परेशान हो रहे है। मार्ग पर उनके खाने पीने आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। तेज गर्मी में 9 घंटे तक दिनभर खड़े रहने से स्टाफ परेशान हो रहा है व माल मालिक का समय भी व्यर्थ बिगड़ रहा है। जबकि 9 घंटे में ट्रक ट्राले आदि 250 से 300 किमी का रास्ता तय कर लेते हैं। संबंधित पार्टियों को जबरन में ही माल देरी से मिलने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। नगर के अन्य ट्रांसपोर्ट आपरेटर मनीष रामकिशन थेपड़िया, नंदलाल चैधरी, कृष्णकांत थेपड़िया मालवा, रामचंद्र वाघेला आदि ने भी जिला प्रशासन के इस आदेश का विरोध दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन से इस आदेश पर पुर्नविचार करने की मांग की हैं।
जनता के हित में लिया निर्णय
नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध का निर्णय जनता की सुविधा के लिए किया गया है। शाम से लेकर रात के समय में वाहनों के निकलने पर पूरी छूट है। भाजपा की ओर से क्या आरोप लगाए गए है मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
-शमीमुद्दीन कलेक्टर आलीराजपुर।
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सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 9 घंटे तक प्रतिबंध लगने से लगी सैकड़ों वाहनों की कतार
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ
जिला प्रशासन द्वारा गत दिवस जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नगर में भारी वाहनों के प्रवेश सिंगल साईड चांदपुर रोड़ से नानपुर रोड़ जाने पर सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक प्रतिबंध के आदेश पर मंगलवार से यातायात पुलिस ने अमल करना आरंभ कर दिया। जिसके चलते मंगलवार से खंडवा बड़ौदा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगना आरंभ हो गई। कलेक्टर शमीमुद्दीन के इस आदेश पर विवाद आरंभ हो गया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाई इस आदेश का पुरजोर विरोध कर रहे है वही भाजपा जिलाध्यक्ष किशोर शाह ने भी इसके विरोध में प्रेस नोट जारी करते हुए कलेक्टर महोदय के इस आदेश की समीक्षा करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि कलेक्टर महोदय के इस आदेश से कही खुशी तो कही गम की स्थिती है। अब यह देखना गौरतलब होगा कि भाजपा जिलाध्यक्ष की आंदोलन की चेतावनी पर जिला प्रशासन इस मामले में अब आगे क्या रुख अपनाता है। वहीं कलेक्टर महोदय ने इस प्रतिनिधि को बताया कि हमने सोच समझकर ही इस आदेश को जनता के हित में लागू किया है।
कलेक्टर महोदय द्वारा दिया गया इस प्रकार का आदेश एक तुगलकी आदेश है। जिसका भारतीय जनता पार्टी पुरजोर विरोध करती है। क्यों कि नगर के बीच से अंतरप्रांतीय खंडवा बड़ौदा राज मार्ग गुजर रहा है। ऐसी स्थिती में 9 घंटे तक इस मार्ग पर से भारी वाहनों के प्रवेश पर एक तरफा प्रतिबंध लगाने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाई और वाहन चालक बेहद परेशान हो रहे है। नगर का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। आज तक 9 घंटे तक भारी वाहनों का प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। कलेक्टर महोदय को अपने द्वारा दिए गए ऐसे आदेश की फिर से समीक्षा करना चाहिए और 9 घंटे के लिए लगाए गए प्रतिबंध पर ढील देते हुए उसके पार्ट रुप में प्रतिबंध लगाना चाहिए। अन्यथा भारतीय जनता पार्टी कलेक्टर के इस आदेश का विरोध जताते हुए आंदोलन करेगी।
यह बात भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष किशोर शाह ने यहां जारी एक प्रेस नोट में कही। भाजपा जिलाध्यक्ष शाह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन का यह तुगलकी आदेश ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए कमर तोड़ने वाला आदेश है। इस आदेश को लागू करने के पहले जिला प्रशासन को इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों का विश्वास में लेना चाहिए था। आदिवासी अंचल के इस क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से सैकड़ों हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। इस आदेश से सीमेंट, सरिया, अनाज, हार्ड वेअर, परचूरन आदि व्यवसाय से जुडे व्यवसाई बुरी तरह से प्रभावित हुए है। जिला प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीतला के साथ विचार करते हुए भारी वाहनों के प्रतिबंध के आदेश की समीक्षा करते हुए इसे पार्ट रुप में लागू करना चाहिए। क्यों कि नगर से गुजर रहे अंतरप्रांतीय राजमार्ग पर फिलहाल बायपास बना हुआ नहीं है जिसके चलते भारी वाहनों को नगर से ही निकलना पड़ रहा है। हालांकि बायपास निर्माण का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है किंतु जब तक बायपास निर्माण व अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं हो जाता तब तक इस प्रकार से निरंतर 9 घंटे तक प्रवेश से प्रतिबंध का व्यापार व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
एक तरफा प्रवेश प्रतिबंध का आदेश तुगलकी
जिलाध्यक्ष शाह ने बताया कि जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध एक तरफा लगाया है। गुजरात के बड़ौदा, छोटाउदयपुर की ओर से आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित किए गए है जबकि कुक्षी-नानपुर की ओर से आने वाले वाहन चांदपुर व गुजरात की ओर चालू रहेंगे। इस प्रकार के हास्यास्पद आदेश से जिला प्रशासन की मंशा उजागर हो रही है। ऐसे आदेश आज तक नहीं दिए गए है। इसके बजाए तो दोनों तरफ से एक समय सीमा निर्धारित करते हुए कुछ घंटों के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध पार्ट लगाया जाता तो जनता व कारोबारियों को भी सुविधा मिलती। जिलाध्यक्ष शाह ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि उनके द्वारा दिए गए इस प्रकार के तुगलकी आदेश की समीक्षा करते हुए इसका समय नहीं घटाया गया तो भाजपा कार्यकर्ता जिला प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से आदंोलन करेंगे और इसका पुरजोर विरोध दर्ज करेंगे।
ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों ने जताया पुरजोर विरोध
जिला प्रशासन के इस आदेश का नगर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों ने भी पुरजोर विरोध दर्ज करवाया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाई मनीष मामा थेपड़िया ने बताया कि सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक 9 घंटे तक चांदपुर की ओर से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से ट्रक मालिक व वाहन चालक स्टाफ आदि बहुत परेशान हो रहे है। मार्ग पर उनके खाने पीने आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। तेज गर्मी में 9 घंटे तक दिनभर खड़े रहने से स्टाफ परेशान हो रहा है व माल मालिक का समय भी व्यर्थ बिगड़ रहा है। जबकि 9 घंटे में ट्रक ट्राले आदि 250 से 300 किमी का रास्ता तय कर लेते हैं। संबंधित पार्टियों को जबरन में ही माल देरी से मिलने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। नगर के अन्य ट्रांसपोर्ट आपरेटर मनीष रामकिशन थेपड़िया, नंदलाल चैधरी, कृष्णकांत थेपड़िया मालवा, रामचंद्र वाघेला आदि ने भी जिला प्रशासन के इस आदेश का विरोध दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन से इस आदेश पर पुर्नविचार करने की मांग की हैं।
जनता के हित में लिया निर्णय
नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध का निर्णय जनता की सुविधा के लिए किया गया है। शाम से लेकर रात के समय में वाहनों के निकलने पर पूरी छूट है। भाजपा की ओर से क्या आरोप लगाए गए है मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
-शमीमुद्दीन कलेक्टर आलीराजपुर।

