पुलिस लाईन में योग व स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो
वर्तमान समय के इस भागमभाग भरे व्यस्त जीवन में हम अपने शरीर व स्वास्थ्य को कैसे अच्छा रखें इस पर हम सभी को प्रतिदिन विचार करना चाहिए। इसके लिए हमें दैनिक दिनचर्या को सुधारना होगा। प्रतिदिन की दिनचर्या में कुछ समय योग व शारीरिक अभ्यास के लिए अनिवार्य रुप से देना होगा। सुबह सवेरे मोबाईल पर टाईम पास करने के बजाए स्वास्थ्य पर ध्यान देकर हमें कसरत करना जरुरी है। तभी हम स्वयं को स्वस्थ्य व फिट रख सकते है।यह बात जिले के पुलिस कप्तान श्री विपुल श्रीवास्तव ने पुलिस लाईन में शनिवार 29 सितंबर की शाम को संपंन योग व स्वास्थ्य जागरुकता शिविर को संबोधित करते हुए कही। एसपी श्रीवास्तव ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरुक होना बहुत आवश्यक हो गया है। जिस प्रकार हम अपनी नौकरी, व्यवसाय काम धंधे के प्रति सजग रहते है उसी प्रकार से हमें अपने शरीर के प्रति भी सजग होकर नित्य व्यायाम का आचरण अपनाना होगा। जिससे दिन भर हमारी दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी।
शिविर में उज्जैन से आई योग प्रशिक्षिका डाॅ लतिका व्यास ने योग के विभिन्न आसनों की जानकारी उपस्थित शिविरार्थियों को देते हुए योग प्रशिक्षण दिया। डॉ लतीका व्यास ने दैनिक दिनचर्या में कैसे व कौन से आहार किस प्रकार लिए जाए इस संबंध में विस्तार से बताया। साथ ही शिविर में उपस्थित पुलिस परिवार के सदस्यों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का निवारण भी किया।शिविर में डॉ वर्षा सोलंकी के द्वारा महिलाओं को होनें वाली शारीरिक बीमारियों को लेकर उपस्थित महिलाओं से रूबरू चर्चा कर उन्हें इनके निदान संबंधी उपचार बताए। डाॅ. मकरानी ने वर्तमान समय में आम होती जा रही बीमारी जैसे डायबीटीज एवं बीपी के कारणों एवं इनके निवारण पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं शिविरार्थियों की जिज्ञासा को दूर किया।
एएसपी श्रीमती सीमा अलावा ने शिविर का संचालन करते हुए बताया कि शिविर में पुलिस कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को एक्सपर्ट के द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता के संबंध में परिचर्चा की गई। जिसमें एक्सपर्ट के द्वारा उपस्थित पुलिस कर्मियों व उनके परिजनों को अपने नियमित दिनचर्या को अनुशासित कर कैसे अपनें शरीर को स्वस्थ्य रखा जाए इसकी उपयोगी जानकारी दी गई। श्रीमती अलावा ने कहा कि योग शिविर के आयोजन का मुख्य उदेश्य वर्तमान समय में अनियंत्रित दिनचर्या के कारण होनें वाले शारीरिक दुष्परिणाम एवं आकस्मिक बीमारियों से होनें वाले शारीरिक नुकसान की कैसे भरपाई की जाए इससे अवगत कराना था। शिविर में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी व उनके परिजन उपस्थित रहे।
एसपी श्रीवास्तव स्वयं जाते है जीम





