सुजीत सिंह कुशवाह
सोंडवा।निप्र
कन्या मिडिल स्कूल सोंडवा मैं अध्यनरत छात्राओं के द्वारा अपने स्कूल मैं पढ़ाने वाली शिक्षका का जन्म दिन मनाने का निर्णय लिया। क्योंकि एक वर्ष पहले स्कूल की दयनीय हालत थी कि हर तरफ सिर्फ कबाडा एवं भवन की हालत खराब थी। ग्राउंड नही था, पार्क नहीं था गर्मी में साफ पानी नही मिलता था। लेकिन मात्र 6 माह में ही काया कल्प करके सुर्खियों मैं कन्या मिडिल स्कूल सोंडवा आ गया। जब स्कूल को देखने हेतु दिल्ली से लेकर भोपाल तक की टीम आने लगी। यह सब हुआ सुनीता कुशवाह के कुशल प्रबंधन में इसी तारतम्य में बच्चों तथा स्टाफ के शिक्षकों ने अपनी प्रधान अध्यापक को जन्म दिन मनाने की सरप्राइज पार्टी दी।
26 जनवरी पर जिला मुख्यालय पर कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा के द्वारा सम्मानित किया गया। बच्चों के द्वारा शाला में शिक्षक शिषिका पर पुष्प वर्षा की गयी। अच्छे काम मैं जनसहयोग से कैसे इबारत लिखी जाती है इसका एक उदाहरण हैं कन्या मिडिल स्कूल सोंडवा। सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक का समय स्कूल के लिए दिया हुआ है। आप इस समय मैं कभी भी उन्हें स्कूल मैं ही पाओगे।
शिक्षिका सुनीता कुशवाह का कहना है अभी जन सहयोग के कारण ही अभी कई इबारत लिखी जानी बाकी है। मैं यह किसी पुरस्कार पाने के लिए नहीं कर रही हूँ बच्चो की मुस्कुराहट ही मेरा सबसे बड़ा इनाम है। मेरे लिए सबसे बड़ी निराशा रही कि हमारे स्कूल को हाई स्कूल का दर्जा नही मिला।आगे भी अपने अधिकारीगण , कलेक्टर साहब, ए सी साहब, डी पी सी साहब, बी ई ओ साहब तथा वी आर सी साहब के मार्ग दर्शन मैं काम करती रहूंगी।


