राजवाड़ा के राजा को लगाए 56 भोग

आचार्य मंदिर के स्वामी श्री शशिधराचार्यजी महाराज ने उतारी आरती
आशुतोष पंचोली
 आलीराजपुर। ब्यूरो 
नगर के महात्मा गांधी मार्ग पर श्री गणेश उत्सव के दौरान राजवाड़ा के राजा परिवार की ओर से प्रतिदिन रंगारंग आयोजन किए जा रहे हैं। दस दिवसीय उत्सव के आठवें दिन राजवाड़ा के राजा की मूर्ति के सम्मुख पूरे मोहल्ले की ओर से 56 भोग लगाए गए और महाआरती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा व उत्साह से भाग लिया। महाआरती का कार्यक्रम श्री शेषशायी आचार्य मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी 1008 श्रीश्री शशिधराचार्यजी महाराज की निश्रा में संपंन हुआ। स्वयं स्वामीजी ने भगवान श्री गणेश की आरती उतारी। उनके साथ अन्य श्रद्धालुओं ने भी आरती उतारी।

श्रीगणेशजी की सेवा करने से मिलता है तीन चीजों का फल
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में श्री शेषशायी आचार्य मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी 1008 श्रीश्री शशिधराचार्यजी महाराज ने कहा कि श्रीगणेशजी की तीन पत्नियां थी। पहली रीद्धि, दूसरी सिद्धी और तीसरी बुद्धि। जो भगवान श्रीगणेशजी की सेवा करते हैं उन्हें इन तीनों का फल मिलता है। इसके अलावा श्रीगणेशजी के तीन पुत्र है। पहला शुभ, दूसरा लाभ एवं तीसरा क्षमा। इनका फल भी श्री गणेशजी की पूजा व सेवा करने वाले को मिलता है। इसलिए श्री गणेशजी की तन, मन से सेवा करनी चाहिए। 

राजवाड़ा का राजा परिवार श्री गणेश उत्सव समिति के श्रीकांत बाहेती ने नईदुनियालाइव को बताया कि इस साल उत्सव के दौरान पाले से लेकर नीम चैक तक क्षेत्रवासियों को भरपूर सहयोग समिति को मिल रहा है। सभी श्रद्धालुजन प्रतिदिन सायंकालीन आरती के दौरान उत्साह, श्रद्धा, आस्था और पूरे उल्लास के साथ शामिल हो रहे है। दस दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन को सफल बनाने में परिवार के सभी सदस्यों का भरपूर व सराहनीय योगदान मिल रहा हैं। श्री बाहेती ने सभी सदस्यों व सहयोगकर्ताओं का आभार माना हैं।

इनका मिल रहा सहयोगः
राजवाड़ा के राजा परिवार के चेतन बेड़िया, रीतेश नगवाड़िया, अर्पित बेड़िया, अंकित परवाल, मयंक माहेश्वरी, मिलन माहेश्वरी, हरीश बाहेती, मितेष बेड़िया, राजू जोशी, रवि सेन, ओम बेड़िया, अश्विन सोमानी, नीतिन कोठारी, गौरव अगाल, अनूप माहेश्वरी, मनीष मंत्री, सचिन सोमानी सहित आदि सदस्य प्रतिदिन भरपूर सक्रियता से श्रीगणेश उत्सव आयोजन को सफल बनाने में तन, मन व धन से जुटे हुए हुए है। जिसके चलते राजवाड़ा का राजा परिवार का आयोजन पूरे नगर में जनचर्चा के केंद्र में आ चुका हैं।

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