फौजी की सेवा निवृति पर जुलुस निकालकर नागरिक अभिनन्दन किया गया

प्रत्येक राष्ट्र भक्त व्यक्ति माँ भारती की सेवा करना चाहता है मगर ऐसा मौका भी नसीब वालों को ही मिलता है 

आलीराजपुर न्यूज के लिए प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट।

!गत दिनों नानपुर (मोरिफलिया ) के   व्यक्ति द्वारा  माँ भारती की रक्षा के बाद फ़ौज से सेवानिवृति पर घर लौटने के बाद गर्म जोशी के साथ स्वागत कर पुरे नगर मे जुलुस निकालकर पंचायत भवन पर नागरिक अभिनन्दन किया गया ! श्री चमारिया मौर्य 22वर्ष की आयु मे सन 2002 मे सेना मे भर्ती हो गया था !श्री मौर्य द्वारा पांच प्रांतो ( पंजाब, जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार ) की सीमाओं पर सेवाए दी गई !सेना मे श्री मौर्य ने 20वर्ष 6माह की नौकरी कर निवृत हुए है !


इस अवसर पर उन्होंने कहा की मैं बहुत भाग्यशाली हूँ जिसे मातृभूमि की सेवा करने का अवसर मिला !उन्होंने भावुक होकर शेर पड़ते हुए कहा की-  *जो भरा नहीं है भाव से, बहती जिसमे रसधार नहीं, वह ह्रदय नहीं पत्थर है, जिसमे स्वदेशी का भाव नहीं है !* अपनी 20वर्षो की सेवा काल का वृतांत सुनाते हुए कहा की ये  राष्ट्र प्रेम का जज्बा था जिसके कारण यह संभव हुआ !विरोधी देश की सेना व आतंकवादियों के नापाक इरादों को एक फौजी को सामना करना पडता है !फौजी का अपना कोई जीवन नहीं होता जबतक सेवा मे है उसे माँ भारती की सेवा करना है !अचानक से आतंकवादियों के हमले के शिकार हो जाते है !


 किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ, मेरी नन्ही सी चिड़िया को महकता छोड़ आया हूँ मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ए भारत माँ, मै अपनी माँ की बाहो को तड़पता छोड़ आया हूँ.
उक्त कविता से पूरा पांडाल भावुक हो गया ! श्री मौर्य के बेटे बेटी MBBS की परीक्षा पास कर आमजन की सेवा करने का संकल्प लिया !इस अवसर पर समरथ मौर्य ने कहा की  एक आदिवासी का पुत्र ठेठ सुदूर ग्रामीण अंचल से माँ भारती की सेवा के लिए गया व सकुशल लोट आया जिसका सम्मान करने मे हमें गर्व हो रहा है !श्री मौर्य को शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया !कार्यक्रम का सफल संचालन उपसरपंच जितेन्द्र वाणी ने किया !


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